Social Icons

Showing posts with label Laxmikant Pyarelal. Show all posts
Showing posts with label Laxmikant Pyarelal. Show all posts

Sunday, 12 February 2012

अनाड़ी का खेलना -वो सात दिन १९८३

आपको एक गीत सुनवाया था सन १९८३ की मनोरंजक फिल्म 'वो सात दिन' से।
भटक गया, चटक गया वगैरह वगैरह । फिल्म से एक और मनोरंजक गीत सुन
लिया जाये आज। अनिल कपूर इस फिल्म के नायक हैं और किरायेदार की भूमिका
में हैं. पद्मिनी कोल्हापुरे हैं इस फिल्म की नायिका जो कि फिल्म के कथानक अनुसार
मकान मालिक की सुपुत्री है । गीत सामान्य अर्थ वाला है मगर आप इसे असामान्य
अर्थ वाला भी समझ सकते हैं। गायिका हैं आशा भोंसले। ज़ाहिर सी बात है -गीत में
अनाड़ी किसको बोला जा रहा है ये पांचवी फेल बच्चा भी बतला सकता है। अनाड़ी के
साथ जो छोटी उम्र का खिलाडी है उस कलाकार का नाम "मास्टर राजू" है।







गीत के बोल:

फ़रमाइश पर उपलब्ध करवाए जायेंगे

Tuesday, 18 October 2011

बड़े बेवफा हैं ये हुस्न वाले-रूप तेरा मस्ताना १९७२

आज एक गीत स्वतः दिमाग में आया सोचा आपको सुनवा दिया जाये और तो,
संयोगवश ये आपको स्मार्ट इंडियन सुनवा चुके हैं अपने ब्लॉग पर कुछ ही दिन
पहले । इस फिल्म का नाम सुन कर आपको शायद १९६९ की आराधना के किशोर
के गाये गीत की याद अवश्य ही आएगी।

इस गीत में भाव लगभग वही हैं पत्थर के सनम वाले गीत के-'पत्थर के सनम
तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना
'। फर्क इतना है कि वो गीत मजरूह का लिखा
हुआ है और परदे पर मनोज कुमार पर फिल्माया गया है और इस गीत के गीतकार
आनंद बक्षी हैं और इसे परदे पर जीतेंद्र गा रहे हैं। दोनों गीतों में आपको मुमताज़
नामक अभिनेत्री दिखाई देती हैं। ये उस दौर की फिल्म है जिसमें अभिनेत्री मुमताज़
प्रथम श्रेणी कि सफल अभिनेत्रियों कि कतार में शामिल हो चुकी थीं।

गायक दोन ही गीतों के हैं-रफ़ी और संगीत भी दोनों गीतों का संगीतकार जोड़ी
लक्ष्मीकान्य प्यारेलाल ने तैयार किया है। गौर तलब है कि १९६७(पत्थर के सनम )
और १९७२ (रूप तेरा मस्ताना) तक लक्ष्मी प्यारे उसी शैली को बरकरार रख पाने
में सफल रहे। ये फिल्म अलबत्ता ज्यादा नहीं चली मगर फिल्म का ये गीत बेहद
लोकप्रिय हुआ।

गीत को आप निस्संदेह जीतेंद्र पर फिल्माए रफ़ी के सर्वश्रष्ठ गीतों में गिन सकते
हैं। गीत में आपको प्राण और अरुणा ईरानी नाम के कलाकार भी दिखाई देंगे।
प्राण तो स्वाभाविक तौर पर फिल्म के खलनायक ही हैं।



गीत के बोल:


हो ओ ओ ओ ओ ओ

बड़े बेवफा है ये हुस्न वाले
बड़े बेवफा है ये हुस्न वाले
पर तेरी बात कुछ और है

बड़े बेखबर है ये इश्क वाले
पर मेरी बात कुछ और है

बड़े बेवफा है ये हुस्न वाले

मिट गया जिस पे ये हो गए मेहरबान
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
मिट गया जिस पे ये हो गए मेहरबान
हुस्न वालो की है बस यही दास्ता
कैसे कैसे न जाने दीवाने दिल
इन्ही बेवफाओ ने तोड़ डाले

बड़े बेवफा है ये हुस्न वाले

तू कही जानेमन रूठ जाना नही
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
तू कही जानेमन रूठ जाना नही
ज़िक्र तेरा ये तेरा फ़साना नही
भोली भाली है इनकी सूरत मगर
बड़े संगदिल है यह भोले भाले

बड़े बेवफा है ये हुस्न वाले
पर तेरी बात कुछ और है

बड़े बेवफा है ये हुस्न वाले
........................................
Bade bewafa hain ye husn waale-Roop tera mastana १९७२

Saturday, 3 September 2011

क्यों झुकी-झुकी हैं पलकें-छैला बाबू १९६७

फिल्म छैला बाबू से एक मधुर गीत आपको सुनवाया था पहले। अब सुनवाते हैं
एक मधुर युगल गीत जिसमें नायक नायिका की झुकी हुई पलकों के बारे में
प्रश्न कर रहा है। इन्टरनेट की दुनिया जानकारियों के खजाने से भरी पड़ी है। कई
श्रोता और दर्शक ऐसे भी मिलेंगे आपको जिनके पास दुर्लभ जानकारी होती है। ये
बात और है कि इन दुर्लभ जानकारियों को जगह जगह से इकठ्ठा कर के कुछ चंपुओं
ने सारा श्रेय लेने के लिए कुछ वेबसाइट बना मारी हैं जिन्हें देख के ऐसा लगता है
मानो उन्होंने पैदा होते साथ ही पी एच डी कर मारी हो. इनमें से अधिकतर चंपुओं
की साईट आंग्ल भाषा में है।

गीत और फिल्म के बारे में चर्चा कि जाए। यू ट्यूब पर गीत के नीचे दो कमेन्ट लिखे
हैं जिनसे ये पता चलता है कि इस फिल्म के नायक वही हैं-सलीम जावेद की जोड़ी वाले
सलीम. गौरतलब है पिछले गीत में फिल्म के दुसरे नायक थे-सुबिराज। इस गीत में
सलीम के साथ नायिका हैं जेब रहमान। फिल्म के निर्माता नवसारी निवासी हैं और वहां
के एक सिनेमा के मालिक हैं जैसा कि एक कमेन्ट में उल्लेख है। जहाँगीर टॉकीज़ या
भारत सिनेमा बनवाया था नौशेरवां बारिया ने। सन १९५६ में फिल्म गणेश महिमा से
इसका व्यवसाय शुरू हुआ। जैसा कि विकी के लिंक पर कांतिभाई ने उल्लेख किया है-
गायक मोहम्मद रफ़ी ने इसके स्टेज पर एक लाइव शो भी किया सन १९५७ में जिसमें
उन्होंने प्यासा फिल्म जो कि उस समय रिलीज़ नहीं हुई थी, का एक गीत गा कर वहां
के श्रोताओं को अचंभित किया था। इस सिनेमा को बरसों तक रूसी और नवल नामक
दो भाइयों ने चलाया।

नेट पर उपलब्ध जानकारियों में फिल्म के निर्माता की जगह लिखा मिलेगा-आर. एच.
मुल्लन प्रोडक्शंस । अब ये आप खोजिये कि इस फिल्म का असली निर्माता कौन है ?

एक दिलचस्प बात और बताते चलें आपको. फिल्म के निर्देशक के. परवेज़ हैं जिन्होंने
अपना नाम बाद में कल्पतरु रख लिया और कई परिवारिक फ़िल्में बनाई ८० के दशक
में. उनकी अधिकांश फिल्मों में आपको लक्ष्मी प्यारे का संगीत मिलेगा.




गीत के बोल:

क्यों झुकी-झुकी हैं पलकें
क्यों झुकी-झुकी हैं पलकें मेरी जाँ ये बात क्या है
क्यों झुकी-झुकी हैं पलकें मेरी जाँ ये बात क्या है
मेरे दिल मैं कैसे कह दूँ मुझे प्यार हो गया है
क्यों झुकी-झुकी हैं पलकें

ये घटा भी आज हम पर मोती लुटा रही है
हमें देख कर कली भी सर को झुका रही है
मेरे दिल की बात सुनने ये हवा भी आ रही है
ये गगन भी देखता है देखे तो हर्ज क्या है

क्यों झुकी-झुकी हैं पलकें मेरी जाँ ये बात क्या है
मेरे दिल मैं कैसे कह दूँ मुझे प्यार हो गया है
क्यों झुकी-झुकी हैं पलकें

ये शरम न हमसे कीजे हम भी तो हैं तुम्हारे
किरनों से माँग भर दें कर दो अगर इशारे
दिल गा रहा है नग़मा बस में नहीं हमारे
मौसम भी झूमता है झूमें तो हर्ज क्या है
मेरे दिल मैं कैसे कह दूँ मुझे प्यार हो गया है

क्यों झुकी-झुकी हैं पलकें मेरी जाँ ये बात क्या है
मेरे दिल मैं कैसे कह दूँ मुझे प्यार हो गया है
क्यों झुकी-झुकी हैं पलकें
........................................
Kyun jhuki jhuki hai palken-Chhaila Babu 1967

Tuesday, 30 August 2011

तूने बेचैन इतना ज़्यादा किया-नगीना १९८६

जैसा कि आपको कुछ पोस्ट पहले बतलाया था कि फिल्म नगीना १९८६ की एक

सुपर हिट फिल्म है. इस फिल्म के गीत भी बज बज के जनता को याद से हो

गए. इस फिल्म से निर्देशक हरमेश मल्होत्रा भी काफी चर्चा में आ गए.



फिल्म का अगला गीत है मोहम्मद अज़ीज़ और अनुराधा पौडवाल की आवाजों में.

ऋषि कपूर के लिए अमूमन सभी संगीतकार किशोर कुमार या रफ़ी की आवाज़

में गीत रिकोर्ड करते रहे. इस फिल्म के पदार्पण तक तो किशोर कुमार मौजूद

थे. फिल्म निर्देशक या संगीतकार की पसंद पर गाने मोहम्मद अज़ीज़ से गवाए

गए. मोहम्मद अज़ीज़ रफ़ी के क्लोन कहे जाते हैं. वैसे अगर आप हरमेश की

निर्देशित फिल्मों पर नज़र दौडाएं तो पाएंगे उन्हें रफ़ी की आवाज़ ज्यादा पसंद

रही. फिल्म बेटी से सन १९६९ में बतौर निर्देशक अपना कैरियर शुरू करने वाले

हरमेश ने अभी तक लगभग २५ से ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया है .

लक्ष्मी प्यारे खेमे में पहले जगह मिली शब्बीर कुमार को फिर आये अज़ीज़.

अज़ीज़ की सुरों पर पकड़ बेहतर होने की वजह से उन्हें ज्यादा मौके मिले.



गीत में काफी उछल कूद भी है और एक जगह पर नायक नायिका ऐसे भाग रहे

हैं जैसे १०० मीटर की दौड का अभ्यास कर रहे हों. इस गीत में भी आपको ऋषि

एक बढ़िया सा स्वेटर पहने नज़र आयेंगे. उन्हें जम्मू कश्मीर का पर्यटन विभाग

अपना ब्रांड अम्बैसेडर आसानी से बना सकता था.











तूने बेचैन इतना ज़्यादा किया

मैं तेरा हो गया मैने वादा किया

दिल ने मजबूर इतना ज़्यादा किया

मैं तेरी हो गई मैने वादा किया



तूने बेचैन इतना ज़्यादा किया

मैं तेरा हो गया मैने वादा किया

दिल ने मजबूर इतना ज़्यादा किया

मैं तेरी हो गई मैने वादा किया



तूने बेचैन इतना ज़्यादा किया



लग रहा है मुझे तेरे सर की कसम

अपनी पहली मोहब्बत नहीं ये सनम

हाँ मिले और बिछड़े कई बार हम

फिर से मिलने का हमने वादा किया

मैं तेरी हो गई मैने वादा किया



रात ढलती नहीं दिन गुज़रता नहीं

मेरा दिल कब तुझे याद करता नहीं

आहें भरने से जी मेरा भरता नहीं

फ़ैसला मैने ये सीधा सादा किया

मैं तेरा हो गया मैने वादा किया



कांच की तूने चूड़ी बलम तोड़ दी

लाज की शर्म की हर कसम तोड़ दी

नींद तो लूट ली जान क्यों छोड़ दी

काम तेरी निगाहों ने आधा किया

मैं तेरा हो गया मैने वादा किया



तूने बेचैन इतना ज़्यादा किया

मैं तेरा हो गया मैने वादा किया

दिल ने मजबूर इतना ज़्यादा किया

मैं तेरी हो गई मैने वादा किया

..........................................

Toone bechain itna zyada kiya-Nagina 1986

Sunday, 28 August 2011

चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे -दोस्ती १९६४

आज आपको बढ़िया ऑंखें धुलाई वाला सामान दिखाते हैं और सुनवाते हैं। फिल्म

दोस्ती के सभी गीत लगभग दिल को झंझोड़ने वाले हैं। निस्संदेह, सोना पिघला

के शब्दों, धुन और गायकी पर मढ़ दिया गया सा प्रतीत होता है।



फिल्म दोस्ती के सभी गीत सुपर हिट की श्रेणी में आते हैं सिवाए लता मंगेशकर

के गाये गीत के।



गीत हर सिचुऐशन पर फिट होने वाला है-चाहे आप इसे दोस्ती के लिए उपयोग

कर लें, चाहे प्रेमिका के लिए या फिर सर्वशक्तिमान कि आराधना के लिए। बस ईश्वर

की आराधना के लिए इसमें से 'यार' शब्द को हटा के दूसरा फिट करना पड़ेगा।

वैसे भी सयाने कहते हैं-दोस्ती करना है तो ईश्वर से करो।



आदमी जब नितांत अकेला होता है या हो जाता है तो केवल ईश्वर उसके साथ होता है।

बस उसे पहचान नहीं पाता मनुष्य। वो किस रूप में और कहाँ आ जाये, उसकी माया

वो ही जाने।







गीत के बोल:



चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे

फिर भी कभी अब नाम को तेरे

आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा



चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे

फिर भी कभी अब नाम को तेरे

आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा



देख मुझे सब है पता

सुनता है तू मन की सदा

देख मुझे सब है पता

सुनता है तू मन की सदा

मितवा,

मेरे यार तुझको बार बार

आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा



चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे

फिर भी कभी अब नाम को तेरे

आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा



चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे



दर्द भी तू चैन भी तू

दरस भी तू नैन भी तू

दर्द भी तू चैन भी तू

दरस भी तू नैन भी तू

मितवा

मेरे यार तुझको बार बार

आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा



चाहूँगा मैं तुझे साँझ सवेरे

फिर भी कभी अब नाम को तेरे

आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा

आवाज़ मैं न दूँगा, आवाज़ मैं न दूँगा



...........................................

Chahoonga main tujhe sanjh savere-Dosti 1964

Saturday, 27 August 2011

भूली बिसरी प्रेम कहानी-नगीना १९८६

नाग नागिन और पुनर्जन्म की अवधारणा की कहानी पर बनी फिल्म नगीना

श्रीदेवी के कैरियर की महत्वपूर्ण फिल्म है जिसने उन्हें बुलंदियों के शिखर पर

कायम रहने में मदद की. फिल्म का शीर्षक गीत बेहद लोकप्रिय हुआ जो

लता मंगेशकर की आवाज़ में है. उसके अलावा जिस गीत ने संगीत प्रेमियों

को आनंदित किया वो है प्रस्तुत गीत अनुराधा पौडवाल की आवाज़ में.



फिल्म के गीत आनंद बक्षी के लिखे हुए हैं और संगीत है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल

का. फिल्म के इस गीत को आप " हौन्टिंग सोंग्स" की श्रेणी में रख सकते हैं.

आपने शायद ही कभी गौर फ़रमाया होगा कि हिंदी फिल्म महिला भूतों की कहानी

पर ज्यादा बना करती है. उन बिरली फिल्मों में से एक है-नीलकमल.









भूली बिसरी प्रेम कहानी

भूली बिसरी प्रेम कहानी

फिर आई

फिर आई एक याद पुरानी

भूली बिसरी प्रेम कहानी

फिर आई एक याद पुरानी

भूली बिसरी प्रेम कहानी

भूली बिसरी



आने का वादा किया ओ ओ ओ

आने का वादा किया

वादा तोड़ दिया नहीं आए पिया

आने का वादा किया

वादा तोड़ दिया नहीं आए पिया

ओ ओ ओ

भूल गए तुम प्रेम कहानी

भूल गए तुम प्रेम कहानी

फिर आई एक याद पुरानी



भूली बिसरी प्रेम कहानी

फिर आई एक याद पुरानी

भूली बिसरी प्रेम कहानी

भूली बिसरी



मैने तो प्यार किया ओ ओ ओ

मैने तो प्यार किया

ऐतबार किया इंतज़ार किया

मैने तो प्यार किया

ऐतबार किया इंतज़ार किया

ओ ओ ओ

तुमने किया क्या दिलवर जानी

तुमने किया क्या दिलवर जानी

फिर आई एक याद पुरानी



भूली बिसरी प्रेम कहानी

फिर आई एक याद पुरानी

भूली बिसरी प्रेम कहानी

भूली बिसरी



हारी मैं कर के जतन हो हो हो

हारी मैं कर के जतन

मेरे बिछड़े सजन कब होगा मिलन

हारी मैं कर के जतन

मेरे बिछड़े सजन कब होगा मिलन

हो ओ ओ

लंबी जुदाई रुत मस्तानी

लंबी जुदाई रुत मस्तानी

फिर आई एक याद पुरानी



भूली बिसरी प्रेम कहानी

फिर आई एक याद पुरानी

भूली बिसरी प्रेम कहानी

फिर आई एक याद पुरानी

भूली बिसरी प्रेम कहानी

भूली बिसरी

................................

Bhooli bisri prem kahani-Nagina 1986

Thursday, 25 August 2011

तेरे प्यार ने मुझे गम दिया -छैला बाबू १९६७

गीत सुनकर ऐसा लगता ही नहीं है कि ये सन १९६७ की फिल्म से होगा।

ध्वनियाँ इसकी कुछ पुराने युग की प्रतीत होती हैं। सन १९६७ तक हिंदी

फिल्म संगीत में शोरगुल का आगमन हो चुका था। ये मधुर गीत भी एक

अनजान सी फिल्म से है। धन्यवाद यू ट्यूब का जिसकी बदौलत ऐसी

गुमनाम सी फिल्मों के मधुर गीत भी देखने - सुनने को मिल जाते हैं।



गीत है सन १९६७ की फिल्म छैला बाबू से। इसका संगीत तैयार किया है

लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने। गीत असद भोपाली की कलम से निकला है।

गीत में जो नायिका हैं उनका नाम नाज़/ज़ेब रहमान है, हीरो को आप

पहचानिये। एक क्लू देते हैं आपको-नायक एक चरित्र अभिनेता के रूप में

ज्यादा प्रसिद्ध हुए हैं।









geet ke bol:



तेरे प्यार ने मुझे गम दिया तेरे गम की उम्र दराज़ हो

तेरे प्यार ने मुझे गम दिया तेरे गम की उम्र दराज़ हो

वो ज़माना आये खुदा करे मेरे प्यार पर तुझे नाज़ हो



तेरे प्यार ने



मेरा प्यार लूटने वाले जा तू तमाम उम्र जवान रहे

मेरा प्यार लूटने वाले जा तू तमाम उम्र जवान रहे

तेरी जिंदगी में बहार हो,

तेरी जिंदगी में बहार हो मेरी जिंदगी में खिजां रहे

मेरे साथ हो मेरी बेबसी तेरे साथ नगमों का साज़ हो



तेरे प्यार ने मुझे गम दिया तेरे गम की उम्र दराज़ हो

तेरे प्यार ने



कहीं और चल मेरे दिल यहाँ कभी लौट कर नहीं आयेंगे

कहीं और चल मेरे दिल यहाँ कभी लौट कर नहीं आयेंगे

मिली दिल लगाने की वो सजा

मिली दिल लगाने की वो सजा कभी भी दिल न लगाएंगे

उसे क्या पता की वफ़ा है क्या, जिसे बेवफाई पर नाज़ हो



तेरे प्यार ने मुझे गम दिया तेरे गम की उम्र दराज़ हो

वो ज़माना आये खुदा करे मेरे प्यार पर तुझे नाज़ हो



तेरे प्यार ने



....................................

Tere pyar ne mujhe gham diya-Chhaila Babu 1967

Wednesday, 17 August 2011

मेरी बहना दीवानी है-अँधा कानून १९८३

१३ अगस्त को एक पोस्ट ज़रूर आनी चाहिए थी वो थी रक्षा बंधन स्पेशल। अब

प्रस्तुत है। गीत है फिल्म अंधा कानून से जो सन १९८३ की फिल्म है। फिल्म

में दक्षिण और उत्तर भारत के महानायक दोनों मौजूद हैं और उनके साथ हेमा

मालिनी और माधवी नायिकाएं हैं। प्रस्तुत गीत फिल्माया गया है रजनीकांत और

हेमा मालिनी पर जिन्होनें इस फिल्म में भाई बहन की भूमिकाएं निभाई हैं ।



गीत ख़ासा लोकप्रिय रहा फिल्म के बाकी गीतों की तरह। लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने

सन १९८३ की कई हिट फिल्मों में संगीत दिया और ये भी कहा जा सकता है कि

उनकी सन १९८३ की फिल्मों के गीत सुपर हिट रहे। फिल्म में हेमा की भूमिका एक

पुलिस इन्स्पेक्टर की है।







गीत के बोल:





मेरी बहना

हो मेरी बहना दीवानी है

मेरी बहना दीवानी है

पर वो समझती है

सबसे वो सयानी है

मेरा भैया

हो मेरा भैया दीवाना है

पर वो समझता है

सबसे वो सयाना है

मेरी बहना

हो मेरा भैया



रक्षा करे भगवन तुम्हारी

रक्षा करे भगवन तुम्हारी

तुमसे है हर बात हमारी

डर मत बहना बांध दे राखी

उस रब पर सब छोड़ दे बाकी

दुनिया आनी जानी है



मेरी बहना दीवानी है

पर वो समझती है

सबसे वो सयानी है

मेरा भैया

हो मेरी बहना



राखी का त्यौहार मनाएं

राखी का त्यौहार मनाएं

आओ झूमें नाचें गायें

आओ झूमें नाचें गायें

याद वो आई रात अँधेरी

एक बहन थी और भी मेरी

उसका बाकी क़र्ज़ है मुझ पर

उसका बदला फ़र्ज़ है मुझ पर

जिसकी ये कहानी है



मेरी बहना दीवानी है

पर वो समझती है

सबसे वो सयानी है

मेरा भैया दीवाना है

पर वो समझता है

सबसे वो सयाना है

मेरी बहना

हो मेरा भैया

...............................

Meri behna deewani hai-Andha Kanoon 1983

Tuesday, 2 August 2011

चंपा चमेली-गाय और गोरी १९७३

फिल्म गाय और गोरी से एक गीत और सुनवाते हैं आपको। ये फिल्माया
गया है जया भादुड़ी और साथी कलाकारों पर। गीत लता मंगेशकर की आवाज़
में है और ऊंचे सुर से शुरू होता है। नटखटिया अंदाज़ वाला ये गीत एक
बैलगाडी में बैठ के गाया जा रहा है । गीत में रामू और श्यामू नामक दो
बैल भी अभिनय कर रहे हैं।




गीत के बोल:

चंपा चमेली काहे सहेली
हम निकली अकेली
रुत ऐसी जैसे कोई पहेली
पांव में पायल होंठों पे राग
भाग भाग भाग
भाग भाग भाग भाग
भाग मेरे रामू
जाग मेरे श्यामू
भाग मेरे रामू जाग मेरे श्यामू
चल जल्दी से चल
लंबी डगर छोटी उमर
अनमोल हर एक पल
चल चल चल चल
भाग मेरे रामू जाग मेरे श्यामू
चल जल्दी से चल
लंबी डगर छोटी उमर
अनमोल हर एक पल
चल चल चल चल
भाग मेरे रामू जाग मेरे श्यामू

ऐसे न चल हौले हौले
लंबा सफर गिन डोले , डोले
ऐसे न चल हौले हौले
लंबा सफर गिन डोले
घूंघट न खोले गोरी शर्माए हाय
रस्ते में किसी से नज़र न लड़ जाए
हो अम्बर पे बादल धरती पे आग
भाग भाग भाग भाग
भाग मेरे रामू
जाग मेरे श्यामू
चल जल्दी से चल
लंबी डगर छोटी उमर
अनमोल हर एक पल
चल चल चल
भाग मेरे रामू जाग मेरे श्यामू

पीछे शहर गांव आगे
दैया री दैया डर लागे, लागे
पीछे शहर गांव आगे
दैया री दैया डर लागे
रूप के चोरों की है ये नगरिया
मेले से मैं लायी मलमल की चुनरिया
हो, मुखड़े पे झूमे जुल्फों के नाग
भाग भाग भाग भाग
भाग मेरे रामू
जाग मेरे श्यामू
चल जल्दी से चल
लंबी डगर छोटी उमर
अनमोल हर एक पल
चल चल चल
भाग मेरे रामू जाग मेरे श्यामू
.............................
Champa chameli-Gaai aur gori 1973

गोरी ओ गोरी प्रेम कर ले-गाय और गोरी १९७३

आइये एक गीत सुनें फिल्म गाय और गोरी से। गीत किशोर कुमार की
आवाज़ में है, गीत आनंद बक्षी का है और संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
का। शत्रुघ्न सिन्हा और 'पता नहीं कौन कौन' पर गीत फिल्माया गया है।

गीत में क्या हो रहा है, क्यूँ हो रहा है देख के पता लगाइए।




गीत के बोल:


गोरी ओ गोरी प्रेम कर ले
ऐसा प्रेमी फिर ना मिलेगा
गोरी ओ गोरी प्रेम कर ले
ऐसा प्रेमी फिर ना मिलेगा
आ तेरे बालों में ये फूल लगा दूँ
के ऐसा फूल फिर ना खिलेगा

गोरी ओ गोरी

जब तेरे दिल से, हाँ
जब तेरे दिल से, हो
जब तेरे दिल से मेरा दिल टकराएगा
जब तेरे दिल से मेरा दिल टकराएगा
तेरी क़सम बस मज़ा आ जाएगा
डोलेगी धरती
डोलेगी धरती और अम्बर हिलेगा


गोरी ओ गोरी
फिर न कहना आवाज़ न दी
प्रेम कर ले
ऐसा प्रेमी फिर ना मिलेगा
गोरी ओ गोरी

बातें करेंगे मुलाक़ाते करेंगे हाँ
बातें करेंगे हाँ
बातें करेंगे हम चुपके-चुपके
बातें करेंगे हम चुपके-चुपके
चोरी-चोरी मिलेंगे दुनिया से छुप के
किसी को भी
किसी को भी कुछ पता ना चलेगा
ऐसा प्रेमी फिर ना मिलेगा

गोरी ओ गोरी
फिर न कहना आवाज़ न दी
प्रेम कर ले
ऐसा प्रेमी फिर ना मिलेगा
आ तेरे बालों में ये फूल लगा दूँ
के ऐसा फूल फिर ना खिलेगा
गोरी ओ गोरी प्रेम कर ले
ऐसा प्रेमी फिर ना मिलेगा
गोरी ओ गोरी
................................
Gori o gori-Gaai aur gori 1973

Sunday, 17 July 2011

हम कश्मकश-ए-ग़म से गुज़र-फ्री लव १९७४

आपको एक हिट गीत सुनवाया था महेंद्र कपूर की आवाज़ में फिल्म
फ्री लव से. अब सुनिए लता मंगेशकर की आवाज़ में एक कम सुना
गया गीत. योगिता बाली के ऊपर इसे फिल्माया गया है. ज्यादा दारू
पीने के बाद जो ऐंठन होती है उसका बखूबी प्रस्तुतीकरण किया है
नायिका ने. पुरुष कलाकारों की भीड़ में मैं केवल चश्मा पहने हुए
जानकीदास को पहचान पा रहा हूँ. बाकियों को आप पहचानिये और
मेरा भी ज्ञान वर्धन कीजिये.




गीत के बोल:

हम कश्मकश-ए-ग़म से गुज़र क्यों नहीं जाते
मरना तो बहरहाल है मर क्यों नहीं जाते
हम कश्मकश-ए-ग़म से गुज़र क्यों नहीं जाते
मरना तो बहरहाल है मर क्यों नहीं जाते

हम कश्मकश-ए-ग़म से गुज़र क्यों नहीं जाते

ये वक़्त के हाथों में चमकते हुए ख़ंज़र
ये वक़्त के हाथों में चमकते हुए ख़ंज़र
इक साथ कलेजे में उतर क्यों नहीं जाते

हम कश्मकश-ए-ग़म से गुज़र क्यों नहीं जाते

बहके हुए क़दमों पे ये साँसों के जनाज़े
बहके हुए क़दमों पे ये साँसों के जनाज़े
आख़िर किसी मंज़िल पे ठहर क्यों नहीं जाते

हम कश्मकश-ए-ग़म से गुज़र क्यों नहीं जाते

सोचा ही नहीं था कभी यह हाल भी होगा
सोचा ही नहीं था कभी यह हाल भी होगा
हम अपनी ही तस्वीर से डर क्यों नहीं जाते

हम कश्मकश-ए-ग़म से गुज़र क्यों नहीं जाते
मरना तो बहरहाल है मर क्यों नहीं जाते

हम कश्मकश-ए-ग़म से गुज़र क्यों नहीं जाते
हम कश्मकश-ए-ग़म से....
..........................................
Ham kashmakash-e-gham se guzar-Free Love 1974

Saturday, 16 July 2011

रोज़ शाम आती थी-इम्तिहान १९७४

अभिनेत्री नूतन और तनूजा का कैरियर साठ के और सत्तर के दशक में
साथ साथ चला. नूतन ने तो जल्दी ही अपना ऊंचा मुकाम हासिल कर
लिया फिल्म जगत में मगर तनूजा को काफी संघर्ष के बावजूद, (यहाँ
संघर्ष का तात्पर्य अभिनय कला से हैं न कि फ़िल्में पाने के लिए संघर्ष
से) वो स्थान नहीं मिल पाया की उनकी किसी एक फिल्म को दर्शक
याद करें. प्रस्तुत गीत लिया गया है फिल्म इम्तिहान से जो सन १९७४
की फिल्म है. मजरूह के आकर्षक बोलों को स्वर दिया है लता मंगेशकर
ने. फिल्म में संगीत है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का. इस गीत में विनोद खन्ना
ने बेहतर अभिनय किया है. नायिका के कपडे कुछ अजीब से लगेंगे आपको
सन ७० के आस पास और बाद में कुछ एक फ़िल्में ऐसी आयीं जिनमें
नायकों और नायिकाओं की पोशाकें कुतूहल का विषय हुआ करती थीं.

गीत में कैमरे के साथ एक फ़िल्टर लगाया गया है जिससे सुनहरी धूप वाले
समय को भी शाम बना दिया गया है. ये करिश्मा पकड़ में आ जाता है
गीत के बीच में, जहाँ आधी धूप आधी छांव वाली कहानी दिखाई देती है.
ये होता है अन्तर शुरू होते समय. ऐसे कारनामे विडियो का मज़ा किरकिरा
कर देते हैं.




गीत के बोल:

ला ला ला ला ला ला ला ला ला
रोज़ शाम आती थी मगर ऐसी न थी
रोज़ रोज़ घटा छाती थी मगर ऐसी न थी
रोज़ शाम आती थी मगर ऐसी न थी
रोज़ रोज़ घटा छाती थी मगर ऐसी न थी
ये आज मेरी ज़िन्दगी में कौन आ गया
रोज़ शाम आती थी मगर ऐसी न थी
रोज़ रोज़ घटा छाती थी मगर ऐसी न थी

डाली में ये किसका हाथ करे इशारे बुलाए मुझे
झूमती चंचल हवा छूके तन गुदगुदाए मुझे
हौले हौले धीरे धीरे कोई गीत मुझको सुनाए
प्रीत मन में जगाए
खुली आँख सपने दिखाए
दिखाए दिखाए दिखाए
खुली आँख सपने दिखाए

ये आज मेरी ज़िन्दगी में कौन आ गया
रोज़ शाम आती थी मगर ऐसी न थी
रोज़ रोज़ घटा छाती थी मगर ऐसी न थी

अरमानों का रंग है जहाँ पलकें उठाती हूँ मैं
हँस हँस के है देखती जो भी मूरत बनाती हूँ मैं
जैसे कोई मोहे छेड़े दिल खो और भी जाती हूँ मैं
जगमगाती हूँ मैं
दीवानी हुई जाती हूँ मैं
दीवानी दीवानी दीवानी
दीवानी हुई जाती हूँ मैं

ये आज मेरी ज़िन्दगी में कौन आ गया
रोज़ शाम आती थी मगर ऐसी न थी
रोज़ रोज़ घटा छाती थी मगर ऐसी न थी
....................................
Roz shaam aati thi-Imtihaan 1974

Thursday, 14 July 2011

काम लेते नहीं बन्दूक से-कच्चे धागे १९७३

फिल्म कच्चे धागे का एक अलोकप्रिय लेकिन कर्णप्रिय सीमाओं के
भीतर बना हुआ गीत सुनवा रहे हैं आज. इसमें आप विनोद खन्ना को
देखेंगे मधुबाला के जैसी दिखने वाली नायिका सोना के साथ जो परदे
पर नाचती हुई गीत गा रही हैं.

डाकुओं पर बनी फिल्म में मुजरा या वैसा कोई गीत अवश्य ही
मिलता है. आजकल इसका नाम आईटम सोंग हो गया है जैसा कि
आपने देखा फिल्म चाइना गीत में-छम्मा छम्मा . फर्क इतना
आया है कि पहले ये गाने कम प्रसिद्द तारिकाओं को दिए जाते थे
अब नामी गिरामी नायिकाओं को.




गीत के बोल :


आ आ आ आ आ आ आ आ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हा आ आ आ आ आ आ आ

जा रे जा ओ दीवाने तू क्या जाने
अनजाने
बात करते हैं,
रे बात करते हैं जब माशूक से
काम लेते नहीं बन्दूक से
बात करते हैं जब माशूक से
काम लेते नहीं बन्दूक से

जा रे जा ओ दीवाने तू क्या जाने
अनजाने
बात करते हैं,
रे बात करते हैं जब माशूक से
काम लेते नहीं बन्दूक से
बात करते हैं जब माशूक से
काम लेते नहीं बन्दूक से

गोरी गोरी मोरी कलाई न मरोड़ो रे
रंगी बेरंगी मेरी चूड़ियाँ न तोड़ो रे
गोरी गोरी ओ हो हो,
कलाई मोरी ओ हो हो,
गोरी गोरी मोरी कलाई न मरोड़ो रे
रंगी बेरंगी मेरी चूड़ियाँ न तोड़ो रे
ओ हो हो,
कर मुझ से मोहब्बत लडाई न कर
चोट लग जाए
रे चोट लग जाए न भूल चूक से
काम लेते नहीं बन्दूक से

बात करते हैं जब माशूक से
काम लेते नहीं बन्दूक से

आशिक की हलकी सी एक मुस्कान से
माशूक मारे जाते हैं जान से
आशिक की हलकी सी एक मुस्कान से
माशूक मारे जाते हैं जान से
हो हो हो
कोई जी में बसा हो तो फिर जी में
हूक उठती है
रे हूक उठती है कोयल की कूक से
काम लेते नहीं बन्दूक से

बात करते हैं जब माशूक से
काम लेते नहीं बन्दूक से

आ आ आ आ आ आ आ आ

आँखों आँखों में मज़ा लेते हैं प्यार का
सर को झुका के दिल मांगते हैं यार का
आँखों आँखों में मज़ा लेते हैं प्यार का
सर को झुका के दिल मांगते हैं यार का
हो हो हो
जिद न कर सितमगर तू है बेखबर
टूट जाते हैं
रे टूट जाते हैं दिल इस सलूक से
काम लेते नहीं बन्दूक से

बात करते हैं जब माशूक से
काम लेते नहीं बन्दूक से
..........................
Kaam lete nahin bandook se-Kachche Dhaage 1973

मारा ठुमका बदल गयी चाल -क्रांति १९८१

आपको ठुमकेदार गीत सुनवाते हैं एक. फिल्म का नाम है क्रांति.
अपने समय की बड़ी हिट फिल्म थी ये. गीत भी इसके सुपर हिट
थे. गीत फिल्माया गया है परवीन बोबी पर. गीत लिखा है प्रसिद्द
गीतकार संतोष आनंद ने जिनकी पहचान देश भक्ति गीतों के लिए
ज्यादा है. उन्होंने मनोज कुमार की फिल्मों में ही गीत ज्यादा लिखे
हैं.

गीत में दिखने वाले कुछ और कलाकारों के नाम इस प्रकार से हैं-
प्रदीप कुमार, धीरज कुमार, शशिकला और टॉम आल्टर. बाकी के
अगर मैं पहचान पाता तो फिल्म जगत वाले मुझे ऑनररी पी एच डी
दे देते ना.




गीत के बोल:

पिला दे साकी मिला के हमको
शराब आधी गुलाब आधा, हिक
मिलेगा रोज ये हश्र तुम्हें भी
हजाब आधा सबाब आधा

मारा ठुमका, आ
मारा ठुमका बदल गयी चाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा

मारा ठुमका बदल गयी चाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल, हिक
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा

मैं चिड़ी रे चिड़ी देख मैं तो उडी
मैं चिड़ी रे चिड़ी देख मैं तो उडी
अपने बाबुल की मैं तो अकेली कुडी
आशियाना बना ले मुझे घर में बसा ले
आशियाना बना ले मुझे घर में बसा ले
मेरा क्या है मैं जा के मुडी न मुडी
मुडी न मुडी, मुडी न मुडी
मार डालूंगी खुद को संभाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा

मारा ठुमका, आ
मारा ठुमका बदल गयी चाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा

कोई आये भी न कोई जाए भी ना
कोई आये भी न कोई जाए भी ना
आज से अपना नाटक शुरू हो गया
पहले लैला मरेगी फिर मजनू मरेगा
पहले लैला मरेगी फिर मजनू मरेगा
फिर दोनों को जिंदा किया जायेगा,
किया जायेगा, किया जायेगा
नीला अम्बर मैं कर दूँगी लाल मितवा
देखो देखो रे हमरा कमाल मितवा
.................................
Maara thumka-Kranti 1981

Wednesday, 22 June 2011

चूड़ियाँ बाज़ार से मंगवा दे-सुहाना सफ़र १९७०

फ़िल्मी गीतों की कई श्रेणियां हैं-चूड़ी हिट, बिंदी हिट, कंगना हिट,
घाघरा हिट, चोली हिट, परदेसी हिट, विदेशी हिट इत्यादि ।
हमारे एक मित्र को श्रेणियां बनाने का बड़ा शौक है। दो श्रेणी वे
बनाते, दो हम उन्हें मुफ्त में सुझा देते, कभी वे खुश होते तो
कभी वे सुनकर सर खुजाते। इसको यूँ पढ़ें-कभी वे सर पीटते
कभी हम। उसका किस्सा फिर कभी।

आइये आपको एक बहुत दिन से ना सुना एक गीत सुनवाते हैं
जिसमें नायिका नायक से चूड़ियाँ लाने की फरमाइश कर रही है।
उसके बाद बैयाँ पकड़ने का आकर्षक ऑफर भी दिया जा रहा है।

होली का अवसर है और इसमें हुडदंग, डांस, शोरगुल और गीत के
बोल सभी का मिश्रण है। कुल मिला कर ये फ़िल्मी मसालेदार खिचड़ी
सुनने में स्वादिष्ट सी है।



गीत के बोल:

चूड़ियाँ बाज़ार से मंगवा दे रे पहले सैयां
पकड़ फिर बैयाँ
पकड़ फिर बैयाँ, ओ
पकड़ फिर बैयाँ

चूड़ियाँ बाज़ार से मंगवा दे रे पहले सैयां
पकड़ फिर बैयाँ
पकड़ फिर बैयाँ, ओ
पकड़ फिर बैयाँ

रेशमी सलवार तो दिलवा दे रे पहले सैयां
पकड़ फिर बैयाँ
पकड़ फिर बैयाँ, हो

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

गोरे मुखड़े से गोरी सरका दे
हा आ आ आ
गोरे मुखड़े से गोरी सरका दे
चुनर रंग लेने दे
कच्चा रंग है उतार जायेगा
नज़र रंग लेने दे
जो उतरे ना फिर अंग से
मोहे रंग दे ऐसे रंग से
प्यार ज़रा गुलाल में मिला ले हो पहले सैयां
पकड़ फिर बैयाँ
पकड़ फिर बैयाँ, ओ
पकड़ फिर बैयाँ

चूड़ियाँ बाज़ार से मंगवा दे रे पहले सैयां
पकड़ फिर बैयाँ
पकड़ फिर बैयाँ, हो

माने बात जो तू एक मेरी
हा आ आ आ आ
माने बात जो तू एक मेरी
मैं मानूं सौ बातें
तेरे कदमें में डाल दूं ला के
ज़माने की सौगातें
पहले ले दे मुझको घाघरा
फिर ले चल मुझे आगरा

ताजमहल की सैर तो करवा दे रे पहले सैयां
पकड़ फिर बैयाँ
पकड़ फिर बैयाँ, ओ
पकड़ फिर बैयाँ

चूड़ियाँ बाज़ार से मंगवा दे रे पहले सैयां
पकड़ फिर बैयाँ
पकड़ फिर बैयाँ, हो
............................
Choodiyan bazaar se-Suhana Safar 1970

Wednesday, 15 June 2011

उड़ के पवन के...रुक जा ऐ हवा-शागिर्द १९६७

एक मधुर गीत सुनवाते हैं आपको लता मंगेशकर
की आवाज़ में। मजरूह सुल्तानपुरी के लिखे गीत की
तर्ज़ बनाई है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने।

सायरा बानो और जॉय मुखर्जी पर फिल्माया गया ये गीत
आपको फिल्म शागिर्द में देखने को मिलेगा। कर्णप्रिय होने के
साथ साथ दर्शनीय गीत है और इसका आकर्षण पक्षियों की
आवाजें प्रचुर मात्र में सुनाई देती हैं जो इसे खूबसूरत बनाती हैं।

अल्हड, मस्त बोल और अदाओं वाला ये गीत रात्रि के वक़्त सुनने
में सबसे ज्यादा आनंद देता है।



गीत के बोल:


हो ओ ओ ओ
रुक जा, रुक जा, रुक जा

उड़ के पवन के रंग चलूंगी
मैं भी तिहारे संग चलूंगी

रुक जा ऐ हवा, थम जा ऐ बहार
रुक जा ऐ हवा, थम जा ऐ बहार


उड़ के पवन के रंग चलूंगी
मैं भी तिहारे संग चलूंगी

रुक जा ऐ हवा, थम जा ऐ बहार
रुक जा ऐ हवा, थम जा ऐ बहार


परबत परबत तेरी महक है
लट मेरी भी दूर तलक है
देखो रे डाली डाली
देखो रे डाली डाली
खिली मेरे तन की लाली
हो ओ ओ ओ ओ ओ रुक जा
जो तू है वोही मैं हूँ

रुक जा ऐ हवा, थम जा ऐ बहार
रुक जा ऐ हवा, थम जा ऐ बहार

झरना दर्पण ले के निहारे
बूंदों का गहना तन पे संवारे
लहरें झूला झुलायें
लहरें झूला झुलायें
मेरे लिए गीत गएँ
हो ओ ओ ओ ओ ओ रुक जा
पनघट की, मैं हूँ गोरी

रुक जा ऐ हवा, थम जा ऐ बहार
रुक जा, जा ऐ हवा, थम जा ऐ बहार

हो ओ ओ, हो ओ ओ

देख ज़रा सा तू मुझे छू के
पग बजते हैं बिन घुँघरू के
जो तेरी ताल में है
जो तेरी ताल में है
वही मेरी चाल में है
हो ओ ओ ओ ओ ओ रुक जा
मैं हिरनिया, मैं चकोरी

रुक जा ऐ हवा, थम जा ऐ बहार

उड़ के पवन के रंग चलूंगी
मैं भी तिहारे संग चलूंगी

रुक जा ऐ हवा, थम जा ऐ बहार
रुक जा ऐ हवा, थम जा ऐ बहार
...........................
Ud ke pawan ke...ruk ja ae hawa-Shagird 1967

Monday, 6 June 2011

फूल बन जाऊँगा-प्यार किये जा १९६६

राजेंद्र कृष्ण का गीत और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का संगीत ? और तो और
शशि कपूर पर महेंद्र कपूर की आवाज़। कुछ अटपटा कोम्बिनाशन है ना।
जो भी हो, ये गीत बढ़िया बन पड़ा है और खासा लोकप्रिय हुआ था। साथ
में आवाज़ है लता मंगेशकर की। शशि के साथ जो खाते पीते घर की
अभिनेत्री हैं उनका नाम है-राजश्री, ये दक्षिण भारत की अभिनेत्री हैं। इस
फिल्म में दो बड़े नामी हास्य कलाकार मौजूद हैं-महमूद और किशोर कुमार।
किशोर कुमार तो फिल्म में नायक हैं और उनकी जोड़ी जमाई गई है कल्पना
के साथ। सभी अभिनेत्रियाँ इस फिल्म की सेहतमंद और तंदुरुस्त हैं।



गीत के बोल:

फूल बन जाऊँगा शर्त ये है मगर
फूल बन जाऊँगा शर्त ये है मगर
अपनी जुल्फों में मुझको सजा लीजिये
अपनी जुल्फों में मुझको सजा लीजिये
ख्वाब बन जाऊंगी शर्त ये है मगर
ख्वाब बन जाऊंगी शर्त ये है मगर
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये

कभी कभी सोचूं की तुम मेरे क्या हो
कभी कभी सोचूं की तुम मेरे क्या हो
दर्द हो दिल का, आ आ आ आ आ आ आ
दर्द हो दिल का या तुम दवा हो
दर्द बान जाऊँगा शर्त ये है मगर
दर्द बान जाऊँगा शर्त ये है मगर
दर्द-ए-दिल की मुझी से दवा लीजिये
दर्द-ए-दिल की मुझी से दवा लीजिये
ख्वाब बन जाऊंगी शर्त ये है मगर
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये

आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ
तुमने चाह था अफसाना मैं बन गया
तुमने चाह था अफसाना मैं बन गया
बैठे बिथ्लाये दीवाना मैं बन गया
होश में लूंगी, शर्त ये है मगर
होश में लूंगी, शर्त ये है मगर
इक सिवा मेरे सब कुछ भुला दीजिये
इक सिवा मेरे सब कुछ भुला दीजिये
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये

दुनिया में मेरी जो तुम ही ना आते
दुनिया में मेरी जो तुम ही ना आते
गीत हमारे ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
गीत हमारे सितारे ना गाते
गीत बन जाऊँगा शर्त ये है मगर
गीत बन जाऊँगा शर्त ये है मगर
अपने कानों में मुझको जगह दीजिये
अपने कानों में मुझको जगह दीजिये
ख्वाब बन जाऊंगी शर्त ये है मगर
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये
अपनी आँखों में मुझको बसा लीजिये

फूल बन जाऊँगा शर्त ये है मगर
अपनी जुल्फों में मुझको सजा लीजिये
अपनी जुल्फों में मुझको सजा लीजिये

................................
Phool ban jaoonga-Pyar kiye ja 1966

काली घटा छाई-काली घटा १९७९

जब भी कोई अमिताभ की फिल्म का गाना याद आता है तो साथ ही
साथ शशि कपूर की फिल्म का भी कोई गीत याद आ जाता है। अब
आपको सुनवाते हैं शशि कपूर और रेखा अभिनीत सन १९७९ की फिल्म
काली घटा से एक गीत। ये गीत फिल्म में एकल और युगल दोनों संस्करण
में उपलब्ध है। आज आपको सुनवा रहे हैं लता मंगेशकर का एकल गीत
जो रेखा पर फिल्माया गया है। आवाज़ लता की है, बोल आनंद बक्षी के
और संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का।



गीत के बोल:

काली घटा छाई प्रेम रुत आई
आई आई आई आई तेरी याद आई
काली घटा छाई प्रेम रुत आई
आई आई आई आई तेरी याद आई
तुझे ढूंढें मेरे नैन
नहीं नींद नहीं चैन

काली घटा छाई प्रेम रुत आई

यूँ ही नहीं चली आयीं बहारें
फूल यूँ ही नहीं खिले
यूँ ही नहीं चली आयीं बहारें
फूल यूँ ही नहीं खिले

कुछ तो है कारण
इतने युगों से
दो प्रेमी नहीं मिले
छोटा सा जीवन
लम्बी जुदाई

काली घटा छाई प्रेम रुत आई
आई आई आई आई तेरी याद आई
काली घटा छाई प्रेम रुत आई
आई आई आई आई तेरी याद आई
तुझे ढूंढें मेरे नैन
नहीं नींद नहीं चैन

काली घटा छाई प्रेम रुत आई
आई आई आई आई तेरी याद आई

.......................................
Kali ghata chhayi(solo)-Kali ghata 1979

Thursday, 2 June 2011

वो जब याद आए, बहुत याद आए-पारसमणि १९६३

मधुर गीतों की श्रृंखला में अगला युगल गीत पेश है फिल्म
पारसमणि से। १९६३ की फिल्म पारसमणि संगीतकार
लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की पदार्पण फिल्म है। इस फिल्म के
संगीत ने ज़बरदस्त खलबली मचाई और इससे ऐलान
हुआ कि आगे आने वाले कई सालों तक ये संगीतकार जोड़ी
हिंदी फिल्म संगीत क्षेत्र में अपने झंडे गाड़ने वाली है।
असद भोपाली के बोलों पर आवाज़ दी है लता और रफ़ी ने।
सन १९६३ में लता और रफ़ी के कई अविस्मरणीय युगल गीत
बने जो आगे प्रस्तुत करेंगे हम इस ब्लॉग पर। फिलहाल इस
गीत का आनंद उठाते हैं। उस दौर में बहुत कम ही रंगीन
फ़िल्में बनी थीं, या बनती तो आधी श्वेत-श्याम, आधी रंगीन
होतीं। प्रस्तुत गीत रंगीन है। परदे पर महिपाल और
गीतांजलि नामक कलाकार हैं जो ज़्यादातर पौराणिक और
धार्मिक फिल्मों में ही देखे गये।




गीत के बोल:


वो जब याद आए, बहुत याद आए
वो जब याद आए, बहुत याद आए
गम-ए-जिन्दगी के अँधेरे में हमने,
चिराग-ए-मुहब्बत के जलाए बुझाए

वो जब याद आए, बहुत याद आए

आहटे जाग उठीं, रास्ते हँस दिए,
थाम कर दिल उठे, हम किसी के लिए
कई बार ऐसा भी धोखा हुआ है,
चले आ रहे हैं वो नजरें झुकाए

वो जब याद आए, बहुत याद आए

वो जब याद आए, बहुत याद आए
गम-ए-जिन्दगी के अँधेरे में हमने,
चिराग-ए-मुहब्बत के जलाए बुझाए

वो जब याद आए, बहुत याद आए

दिल सुलगने लगा, अश्क बहने लगे
जाने क्या क्या हमें लोग कहने लगे
मगर रोते रोते हँसी आ गई है
ख्यालों में आ के वो जब मुस्कुराये

वो जुदा क्या हुए, जिन्दगी खो गई
शम्मा जलती रही रोशनी खो गई
बहुत कोशिशें कीं मगर दिल ना बहला
कई साज छेड़े, कई गीत गाए

वो जब याद आए, बहुत याद आए
वो जब याद आए, बहुत याद आए
....................................
Wo jab aad aaye-Parasmani 1963

Wednesday, 25 May 2011

एक तेरा साथ हमको दो जहाँ से-वापस १९६९

आपको एक मधुर गीत सुनवाते हैं सन १९६९ की फिल्म से। कुछ कुछ
बाजू से विलायती फिल्मों के कुरता पाजामा पहने किरदार से दिख रहे और
और सामने से घरेलू युवक की तरह दिखने वाले युवक के साथ हिंदी फिल्मों
में उल्कापिंड सी आयीं और और ज़ल्द ही गायब हो जाने वाली अभिनेत्री
अलका हैं।

गीत लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसकी धुन बनाई है संगीतकार
जोड़ी लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल ने। गीत उत्तम कोटि का युगल गीत है और
इसको आपने एक आध बार ज़रूर सुना होगा। अब चलते चलते एक चुटकी
ली जाये-गीत गेट समय नायक कुछ खोया खोया सा कुछ ढूंढ रहा है और
गीत ख़त्म होने के बाद नायक के चेहरे के भावों में कुछ क्रूरता सी दिखाई
देने लगती है जैसे वो अगले दृश्य में नायिका का गला दबाने की तैयारी
कर रहा हो।







गीत के बोल:

एक तेरा साथ
एक तेरा साथ हमको दो जहाँ से प्यारा है
तू है तो हर सहारा है
ना मिले संसार
ना मिले संसार तेरा प्यार तो हमारा है
ना मिले संसार
ना मिले संसार तेरा प्यार तो हमारा है
तू है तो हर सहारा है

एक तेरा साथ हमको दो जहाँ से प्यारा है
एक तेरा साथ

हम अकेले हैं शहनाईयाँ चुप हैं तो कँगना बोलता है
तू जो चलती है छोटे से आँगन में चमन सा डोलता है
आज घर हमने
आज घर हमने मिलन के रंग से सँवारा है
तू है तो हर सहारा है

ना मिले संसार तेरा प्यार तो हमारा है
ना मिले संसार

देख आँचल में चाँदनी रुत के, नज़ारे भर गये है
नैन से तेरे इस माँग में जैसे, सितारे भर गये है
प्यार ने इस रात
प्यार ने इस रात को आकाश से उतारा है
तू है तो हर सहारा है

एक तेरा साथ हमको दो जहाँ से प्यारा है
एक तेरा साथ

तेरे प्यार कि दौलत मिली हमको
तो जीना रास आया
तू नहीं आई के आस्मां चल कर
ज़मीन के पास आया
हमको उल्फत ने
हमको उल्फत ने तेरी आवाज़ से पुकारा है
तू है तो हर सहारा है

एक तेरा साथ
एक तेरा साथ हमको दो जहाँ से प्यारा है
तू है तो हर सहारा है

ना मिले संसार
ना मिले संसार तेरा प्यार तो हमारा है

एक तेरा साथ
.........................
Ek tera saath-Wapas 1969
 
 
www.lyrics2nd.blogspot.com