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Sunday, 12 February 2012

अनाड़ी का खेलना -वो सात दिन १९८३

आपको एक गीत सुनवाया था सन १९८३ की मनोरंजक फिल्म 'वो सात दिन' से।
भटक गया, चटक गया वगैरह वगैरह । फिल्म से एक और मनोरंजक गीत सुन
लिया जाये आज। अनिल कपूर इस फिल्म के नायक हैं और किरायेदार की भूमिका
में हैं. पद्मिनी कोल्हापुरे हैं इस फिल्म की नायिका जो कि फिल्म के कथानक अनुसार
मकान मालिक की सुपुत्री है । गीत सामान्य अर्थ वाला है मगर आप इसे असामान्य
अर्थ वाला भी समझ सकते हैं। गायिका हैं आशा भोंसले। ज़ाहिर सी बात है -गीत में
अनाड़ी किसको बोला जा रहा है ये पांचवी फेल बच्चा भी बतला सकता है। अनाड़ी के
साथ जो छोटी उम्र का खिलाडी है उस कलाकार का नाम "मास्टर राजू" है।







गीत के बोल:

फ़रमाइश पर उपलब्ध करवाए जायेंगे

Saturday, 8 October 2011

सुरमई अंखियों में-सदमा १९८३

जैसे आदमी की ज़िन्दगी में कई पड़ाव आते हैं वैसे ही किसी भी उद्योग
के जीवन काल में भी कई पड़ाव आते हैं। हिंदी सिनेमा में दूसरी भाषा की
फिल्मों को हिंदी में डब करके दिखाने का चलन ८० के दशक के पहले तक
नहीं के बराबर था। जो फ़िल्में सफल हो जातीं उन्हें हिंदी में भी बनाया जाता।
ज़रूरी नहीं कि बाद में बनने वाली फिल्म सफल ही हो।

सन १९८३ में एक मर्मस्पर्शी फिल्म आई सदमा जिसे पहले तमिल भाषा
में मून्दरम पिराई के नाम से बनाया गया था। इसे बाद में हिंदी में भी बनाया
गया। फिल्म के दोनों संस्करण में कमल हासन और श्रीदेवी नायक-नायिका हैं।
फिल्म नायिका श्रीदेवी के कैरियर में अहम् स्थान रखती है।

फिल्म के संगीत ने तहलका मचाया। आज आपको इसी फिल्म से येसुदास
का गाया हुआ एक गीत सुनवा रहे हैं। गीत के तमिल भाई का लिंक भी दिया
है जिससे आप दोनों गीतों का आनंद उठा सकें। तमिल वर्ज़न थोड़ा तेज़ है।
हिंदी गीत के लिए बोल लिखे हैं गुलज़ार ने और संगीत तैयार किया है
इल्या राजा ने।



Moondraam pirai - Kanne kalaimaane - Ilaiyaraaja

गीत के बोल:

सुरमयी अंखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे
सुरमयी अंखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे
निंदिया के उड़ते पाखी रे, अंखियों में आ जा साथी रे

रा री रा रू ओ रा री रूम
रा री रा रू ओ रा री रूम

सुरमयी अंखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे

सच्चा कोई सपना दे जा
मुझको कोई अपना दे जा
अनजाना सा मगर कुछ पहचाना सा
हल्का फुल्का शबनमी
रेशम से भी रेशमी

सुरमयी अंखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे
निंदिया के उड़ते पाखी रे, अंखियों में आ जा साथी रे

रा री रा रू ओ रा री रूम
रा री रा रू ओ रा री रूम

रात के रथ पर जाने वाले
नींद का रस बरसाने वाले
इतना कर दे के मेरी ऑंखें भर दे
आँखों में बसता रहे, सपना ये हँसता रहे

सुरमयी अंखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे
निंदिया के उड़ते पाखी रे, अंखियों में आ जा साथी रे

रा री रा रू ओ रा री रूम
रा री रा रू ओ रा री रूम
रा री रा रू ओ रा री रूम
रा री रा रू ओ रा री रूम
..............................................
Surmayi ankhiyon mein-Sadma 1983

Wednesday, 17 August 2011

मेरी बहना दीवानी है-अँधा कानून १९८३

१३ अगस्त को एक पोस्ट ज़रूर आनी चाहिए थी वो थी रक्षा बंधन स्पेशल। अब

प्रस्तुत है। गीत है फिल्म अंधा कानून से जो सन १९८३ की फिल्म है। फिल्म

में दक्षिण और उत्तर भारत के महानायक दोनों मौजूद हैं और उनके साथ हेमा

मालिनी और माधवी नायिकाएं हैं। प्रस्तुत गीत फिल्माया गया है रजनीकांत और

हेमा मालिनी पर जिन्होनें इस फिल्म में भाई बहन की भूमिकाएं निभाई हैं ।



गीत ख़ासा लोकप्रिय रहा फिल्म के बाकी गीतों की तरह। लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने

सन १९८३ की कई हिट फिल्मों में संगीत दिया और ये भी कहा जा सकता है कि

उनकी सन १९८३ की फिल्मों के गीत सुपर हिट रहे। फिल्म में हेमा की भूमिका एक

पुलिस इन्स्पेक्टर की है।







गीत के बोल:





मेरी बहना

हो मेरी बहना दीवानी है

मेरी बहना दीवानी है

पर वो समझती है

सबसे वो सयानी है

मेरा भैया

हो मेरा भैया दीवाना है

पर वो समझता है

सबसे वो सयाना है

मेरी बहना

हो मेरा भैया



रक्षा करे भगवन तुम्हारी

रक्षा करे भगवन तुम्हारी

तुमसे है हर बात हमारी

डर मत बहना बांध दे राखी

उस रब पर सब छोड़ दे बाकी

दुनिया आनी जानी है



मेरी बहना दीवानी है

पर वो समझती है

सबसे वो सयानी है

मेरा भैया

हो मेरी बहना



राखी का त्यौहार मनाएं

राखी का त्यौहार मनाएं

आओ झूमें नाचें गायें

आओ झूमें नाचें गायें

याद वो आई रात अँधेरी

एक बहन थी और भी मेरी

उसका बाकी क़र्ज़ है मुझ पर

उसका बदला फ़र्ज़ है मुझ पर

जिसकी ये कहानी है



मेरी बहना दीवानी है

पर वो समझती है

सबसे वो सयानी है

मेरा भैया दीवाना है

पर वो समझता है

सबसे वो सयाना है

मेरी बहना

हो मेरा भैया

...............................

Meri behna deewani hai-Andha Kanoon 1983

Tuesday, 2 August 2011

तू क्या जाने तुझ में क्या है-हादसा १९८३

अब आपको सुनवाते हैं एक और हिट फिल्म से एक हिट गीत जो
किशोर कुमार की आवाज़ में है। फिल्म का शीर्षक गीत ज़रूर अमित कुमार
यानि किशोर कुमार के पुत्र की आवाज़ में है। ये कुछ उन बिरली फिल्मों
में से है जिसमें पिता पुत्र दोनों की आवाजों में गीत मौजूद हैं। प्रस्तुत
गीत फिल्माया गया है फिरोज खान के छोटे भाई अकबर खान और रंजीता
पर। अकबर संजय खान से छोटे हैं। उनकी संगीत की समझ काफी अच्छी है ।
फिल्म में कल्याणजी आनंदजी की सेवाएं ली गयीं और उन्होंने कतई निराश
नहीं किया और एक से बढ़ कर एक गीत बनाये फिल्म के लिए। नायक
एक गैराज में मिस्त्री है इसलिए एक विशेष क़िस्म का खटारा वाहन इस गीत
में आप देखेंगे। लड़की पटाने के लिए उपयुक्त गीत है ये। इसमें उपमाओं और
दावों का अतिरेक सा है। मनचली भाषा में ऐसे गीतों को कहते है-फुल्तू पुटास
गीत। गीत लिखा है एम् जी हशमत साहब ने।



अरे तू क्या जाने तुझमें क्या है
तेरी मोहब्बत मेरा खुदा है
हुस्न क़यामत चाल क़यामत
गाल पे बिखरे बाल क़यामत
चलती फिरती आफत हो तुम
आफत पे दिल मेरा फ़िदा है
तू है ज़मीन पर सूनी है जन्नत
कौन करे अब उससे मोहब्बत
खुदा परेशां तुझको बना के
हुस्न खुदाई तुझमें बसा के कर
फिर न बनेगी तुझसी हसीना
सारा हुस्न तो तुझमें भरा है


तेरी शक्ल जब उसने बनाई
प्यार की खुशबू हवा में आई
झूम उठे सब नशे में बादल
नशे में मैं भी तो हो गया पागल
झूमें नशे में चाँद और तारे
मेरी तरह तेरे प्यार के मारे
सूरज के दिल में आग है तेरी
इश्क में तेरे वो भी जला है

हाथ में तेरा हाथ रहे तो
दुनिया से टकरा सकता हूँ
नोच के सूरज चंद सितारे
इस धरती पे ला सकता हूँ
दूर न होना दिल को लगा के
रख दूंगा वरना दुनिया जला के
तेरे बिना मैं जी न सकूंगा
तेरी मोहब्बत मेरा खुदा है

अरे तू क्या जाने तुझमें क्या है
तेरी मोहब्बत मेरा खुदा है
तेरी मोहब्बत मेरा खुदा है
तेरी मोहब्बत मेरा खुदा है
तेरी मोहब्बत मेरा खुदा है
तेरी मोहब्बत मेरा खुदा है
.............................
Too kya jaane tujh mein kya hai-Haadsa 1983

Saturday, 16 July 2011

मैं भोली हसीना -वो जो हसीना १९८३

प्यार वो खूबसूरत एहसास है कि उसका असर सभी उम्र वालों
पर बराबर होता है. बस ग्राम और किलोग्राम का फर्क हो जाता है.
सबका इसे ज़ाहिर करने का तरीका जुदा होता है. अंतरमुखी व्यक्ति
इसे अपने शांत अंदाज़ में व्यक्त करता है और बहिर्मुखी व्यक्ति ढोल
ढमाके के साथ . अब एक जवान लड़की पूरी उछल कूद कर के इसे
कैसे बतला सकती है इस गीत के ज़रिये बताया गया है. गीत नैचुरल
लगता है और इसमें बिलकुल फ्री स्टाइल स्नान और नृत्य किया गया
है. व्याकुलता मिश्रित छटपटाहट किसे कहते हैं देखिये इस गीत में.
रंजीता और प्रेमा नारायण इसमें प्रमुख कलाकार हैं.

लता मंगेशकर की आवाज़ है, गौहर कानपुरी के बोल हैं और राम-लक्ष्मण
का संगीत है.




गीत के बोल:

मैं भोली हसीना
बनी जो नगीना
कहीं की रही न हाय
होय रब्बा मुझे क्या हो गया
हुआ क्या हसीना
मेरा बचपन खो गया

मैं भोली हसीना
बनी जो नगीना
कहीं की रही न हाय
होय रब्बा मुझे क्या हो गया
हुआ क्या हसीना
मेरा बचपन खो गया

धक् धक् धक् धडके जिगर
पल पल पल फडके नज़र
धक् धक् धक् धडके जिगर
पल पल पल फडके नज़र
पग पग पर लगता है डर
डर से कहीं जाऊं न मर

नींद नहीं नैना कटत नहीं रैना
पडत नहीं चाइना हाय
होय रब्बा मुझे क्या हो गया
हुआ क्या हसीना
मेरा बचपन खो गया

छोटा लगे दिन लंबी लगे रात
पहले तो न थी ऐसी कोई बात
छोटा लगे दिन लंबी लगे रात
पहले तो न थी ऐसी कोई बात
बैरी हुआ दिल तौबा दिल की जात
ऐसे मौके पे छोड़ा मेरा साथ

मैं बेला चमेली थी सब की सहेली
फिरूं अब अकेली हाय
होय रब्बा मुझे क्या हो गया
हुआ क्या हसीना
मेरा बचपन खो गया

मैं भोली हसीना
बनी जो नगीना
कहीं की रही न हाय
होय रब्बा मुझे क्या हो गया
हुआ क्या हसीना
मेरा बचपन खो गया
......................................................
Main bholi haseena-Woh jo haseena 1983

Monday, 16 May 2011

मैं भी हूँ यहाँ - कौन कैसे १९८३

आपको एक गीत सुनवाया था पहले फिल्म स्वयंवर का।
फ़िल्मी गीत कभी कभी कुछ ध्वनि विशेष की वजह
से कुछ जीव जंतुओं की याद ताज़ा करवा देते हैं।
आइये एक और ऐसा ही गीत और सुनवाया जाये। आपने
कुत्ते के छोटे पिल्ले को "काईं काएं क्यों क्यों" की ध्वनियाँ
अवश्य निकलते सुना होगा, विशेषकर तब, जब वे किसी
परेशानी में होते हैं या जब बच्चे उनको पत्थर मार दिया करते हैं।

प्रस्तुत गीत में "आ", "ऊ" की ध्वनियों पे गौर करें तो
आपको कुछ समानता सुनाई पड़ेगी। बहरहाल गीत कर्णप्रिय
है और इस पर किया जा रहा नृत्य भी काफी उत्तेजक है।
फिल्म का नाम है "कौन कैसे", जिसमे परेशान से दिखाई
देने वाले नायक हैं दीपक पराशर और नाचने वाली नायिका
का नाम है अनीता राज। गुलशन बावरा के लिखे गीत की तर्ज़
बनाई है राहुल देव बर्मन ने।



गीत के बोल:

मैं भी हूँ यहाँ तू भी है यहाँ
मैं भी हूँ यहाँ तू भी है यहाँ
हो फिर क्यूँ रहे इस तरह प्यार में दूरियां
जाता है कहाँ
वो ना मिलेगा कहीं जो मिलेगा यहाँ
ऊ ऊ

मैं भी हूँ यहाँ तू भी है यहाँ
हो फिर क्यूँ रहे इस तरह प्यार में दूरियां
जाता है कहाँ
वो ना मिलेगा कहीं जो मिलेगा यहाँ
आ आ आ

बात करो जो पास आ के
निगाहों को मिला के
तो फिर कुछ मज़ा है
बात करो जो पास आ के
निगाहों को मिला के
तो फिर कुछ मज़ा है
दोस्त रहे जो यूँ अकेले
ना खेल कोई खेले
तो जीने में क्या है
जुल्फों के साये में
आ लूट ले मस्तियाँ
आ आ आ

मैं भी हूँ यहाँ तू भी है यहाँ
हो फिर क्यूँ रहे इस तरह प्यार में दूरियां
जाता है कहाँ
वो ना मिलेगा कहीं जो मिलेगा यहाँ
ऊ ऊ

मैं भी हूँ ला ला ला ला ला ला

खूब निभेगी तेरी मेरी
तो फिर कैसी देरी
मुझे आजमा ले
ला ला ला ला ला ला ला ला ला

खूब निभेगी तेरी मेरी
तो फिर कैसी देरी
मुझे आजमा ले
जीत उसी की हुई यारा
के जो भी दिल हारा
ये बाज़ी लगा ले
तीर-ए-नज़र यूँ चला के
चला है कहाँ
आ आओ

मैं भी हूँ यहाँ तू भी है यहाँ
मैं भी हूँ यहाँ तू भी है यहाँ
हो फिर क्यूँ रहे इस तरह प्यार में दूरियां
जाता है कहाँ
वो ना मिलेगा कहीं जो मिलेगा यहाँ
.......................................................................
Main bhi hoon yahan-Kaun Kaise 1983

Wednesday, 2 February 2011

बागों में खिले हैं कैसे कैसे फुलवा-शुभकामना १९८३

आपको फिल्म सितारा के दो गीत सुनवाए। उम्मीद है
पसंद आये होंगे। अब सुनिए एक कम सुना हुआ कर्णप्रिय
गीत जो कम देखी गई फिल्म शुभकामना से है। इसे
आशा भोंसले और एस पी बालसुब्रमण्यम ने गाया है।
फिल्म में रति अग्निहोत्री और राकेश रोशन की जोड़ी
है। उत्पल दत्त के अलावा इस फिल्म के कलाकारों के
अभिनय पर ज्यादा दिमाग खर्च करने की आवश्यकता
नहीं पड़ेगी, अगर आप फिल्म देखना चाहें तो। गीत
अलबत्ता फिल्म के सुनने लायक हैं और ऐसा लगता है
एक बार फिर संगीतकार की मेहनत बेकार हुई। फिल्म
हिट होती है तो जनता गाने भी सुन लेती है। राकेश रोशन
की हंसी शायद फिल्म उद्योग की सबसे खिसियानी हंसियों
में से एक है। गीत की शुरुआत में केवल यही एक चीज़
खटकती है। बोल अनजान के हैं वही "खाई के पान बनारस"
गीत को लिखने वाले । एक बिल्ली अलसाई सी म्याऊँ बोले
तो जो आवाज़ आएगी कुछ वैसे ही अंदाज़ में इस गीत के
शब्द "गाये", "आये" वगैरह गाये गए हैं।



गीत के बोल:

बागों में खिले हैं कैसे कैसे फुलवा
बुलबुल क्यूँ नहीं गाये

गाना वो चाहे जो होंठों पे ना आये
बुलबुल कैसे गाये

Wednesday, 15 December 2010

चाँद के पास जो सितारा है-स्वीकार किया मैंने १९८३

उषा खन्ना के संगीत खजाने से एक मधुर युगल गीत
सुनवाते हैं आपको। लता और किशोर का गाया युगल
गीत फुर्सत के क्षणों में बनाया गया सा लगता है। कवि
एक कदम आगे बढ़ गया है और चाँद को छोड़ कर उसके
पास के सितारे पर नज़र गड़ा ली और उसको हसीं
बताने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ये बात तो पते की है
की जब कोई व्यक्ति खुश होता है तो उसको आस पास
की दुनिया खुशनुमा दिखाई देने लगती है और जब किसी
से इश्क हो जाए तो सब जगह प्यार मोहब्बत का माहौल
नज़र आता है।

सन १९८३ का वर्ष काफी समृद्ध रहा फिल्म संगीत के मामले
मामले में। ये गीत मुझे पिछली पोस्ट पढ़ कर ध्यान में आया।
८० के दशक में गायक, गीतकार, संगीतकार, फिल्म के नायक
नायिका और जो छोट गए हों वे सब, बड़े बड़े दिग्गज मौजूद थे
और ये एक संधि काल जैसा था पुराने युग और ९० के दशक में
आने वाले नए युग का। इस दौर में कई नई प्रतिभाओं का आगमन
हुआ तो कुछ स्थापित गायक और कलाकार हमसे बिछड़ भी गए।

गीत फिल्माया गया है शबाना आज़मी और विनोद मेहरा पर
जिनकी जोड़ी आपको शायद ही किसी और फिल्म में देखने को
मिले। 'स्वीकार किया मैंने' का एक गीत आप सुन चुके है पहले




गीत के बोल:


चाँद के पास जो
चाँद के पास जो सितारा है
वो सितारा हसीं लगता है

जब से तुम हो मेरी निगाहों में
जब से तुम हो मेरी निगाहों में
हर नज़ारा हसीं लगता है
हर नज़ारा हसीं लगता है

चाँद के पास जो सितारा है।

ज़िन्दगी दो दिलों की चाहत है
ज़िन्दगी दो दिलों की चाहत है

ज़िन्दगी दो दिलों की चाहत है
हर ख़ुशी प्यार की अमानत है
प्यार के पास जो
प्यार के पास जो सहारा है
वो सहारा हसीं लगता है
वो सहारा हसीं लगता है

चाँद के पास जो सितारा है

रात तन्हाईयों की दुश्मन है
रात तन्हाईयों की दुश्मन है

रात तन्हाईयों की दुश्मन है
हर सफ़र हमसफ़र से रोशन है

मौज के पास जो
मौज के पास जो किनारा है
वो किनारा हसीं लगता है
वो किनारा हसीं लगता है

चाँद के पास जो सितारा है

आज की रात है मुरादों की
आज की रात है मुरादों की

आज की रात है मुरादों की
रौशनी है नए इरादों की

शमा के पास जो
शमा के पास जो शरारा है
वो शरारा हसीं लगता है
वो शरारा हसीं लगता है

चाँद के पास जो सितारा है
चाँद के पास जो सितारा है
वो सितारा हसीं लगता है
वो सितारा हसीं लगता है
...........................
Chand ke paas jo sitara hai-Sweekar Kiya Maine 1983

तू मेरा हीरो है-हीरो १९८३

हीरो फिल्म से एक गीत इधर है -लम्बी जुदाई । अब अगला गीत सुनिए जो एक
सुपर हिट गीत है। जैकी श्रोफ की बतौर हीरो पहली फिल्म और फिल्म का नाम
भी हीरो। सुभाष घई की फिल्म बहुत लोकप्रिय है और इसका संगीत भी बहुत
बजा है। जो गीत आपको सुनवाया जा रहा है वो एक बेहद सफल गीत है और
इस गीत से मनहर उधास का नाम एक बार फिर लोगों की जुबान पर चढ़ गया।
साथ में उनके अनुराधा पौडवाल गा रही है। गीत जैकी के साथ मीनाक्षी शेषाद्री
पर फिल्माया गया है और युवा प्रेमी इसे मन लगा के देखा करते हैं।




गीत के बोल:


मेरा जानम मेरा साजन मेरा साजन मेरा बालम
मेरा बालम मेरा मजनू मेरा मजनू मेरा रांझा
जानू
तू मेरा जानू है, तू मेरा दिलबर है
तू मेरा जानू है, तू मेरा दिलबर है
मेरी प्रेम कहानी का तू हीरो है

पर प्रेमग्रंथ के पन्नो पर
अपनी तकदीर तो जीरो है, हो ओ ओ ओ ओ
तू मेरा जानू है, तू मेरा दिलबर है
मेरी प्रेम कहानी का तू हीरो है

पर प्रेमग्रंथ के पन्नो पर
अपनी तकदीर तो जीरो है, हो ओ ओ ओ ओ

दिलवालों में न कोई अमीर होता है
न गरीब होता है

किसी किसी को यह प्यार नसीब होता है
किसी किसी को यह प्यार नसीब होता है

दिल की दुनिया से दुनिया दूर होती है
दिल करीब होता है
कोई कोई ऐसा खुशनसीब होता है
कोई कोई ऐसा खुशनसीब होता है

तेरी बातें तू ही जाने
मैं तो बस इतना जानूं
जानू ,जानू ,जानू
तू मेरा जानू है, तू मेरा दिलबर है
मेरी प्रेम कहानी का तू हीरो है
पर प्रेमग्रंथ के पन्नो पर
अपनी तकदीर तो जीरो है, हो ओ ओ ओ ओ
आ आ आ आ आ


प्रेमी के हाथों में प्रेमलकीर होती है
तहरीर होती है
नहीं नहीं आँखों में तस्वीर होती है
प्यार वो करते है जिनकी तकदीर होती है
जागीर होती है

कुछ भी हो लेकिन रांझे की हीर होती है
कुछ भी हो लेकिन रांझे की हीर होती है

यह सब किस्से हैं पुराने
मैं तो बस इतना जानूं
के प्रेमग्रंथ के पन्नो पर
अपनी तकदीर तो जेरो है, हो

पर प्रेमग्रंथ के पन्नो पर
तू मेरा हीरो है, ओ
आ, आ आ आ, आ आ, आ आ
कितना काफी है तू मुझे
प्यार करता है, इकरार करता है

याद तुझे एक पल में दिल सौ बार करता है

देखे कौन जुदा हमको
दिलदार करता है, इनकार करता है

प्यार कहाँ लोगों का इंतज़ार करता है

तेरी बातें तू ही जाने
मैं तो बस इतना जानूं
जानू जानू जानू जानू
जानू जानू जानू जानू जानू

मैं तेरा जानू हूँ, तू मेरी दिलबर है
मैं तेरा जानू हूँ, तू मेरी दिलबर है

पर प्रेमग्रंथ के पन्नो पर
तू मेरा हीरो है, हो

मैं तेरा जानू हूँ, तू मेरी दिलबर है
मैं तेरा जानू हूँ, तू मेरी दिलबर है
मैं तेरा जानू हूँ, तू मेरी दिलबर है
................................................................
Too mera janu hai, too mera hero hai-Hero 1983

Tuesday, 7 December 2010

नीले नीले अम्बर पर २ -कलाकार १९८३

आपने इस गीत का किशोर वाला तर्जुमा सुन लिया है। अब सुनिए
साधना सरगम की आवाज़ में यही गीत। गायिका साधना सरगम
कल्याणजी भाई की ही खोज है और बहुत प्रतिभावान हैं।



इसका दक्षिण भारतीय भाई इधर है , जो एस पी बालसुब्रमन्यम की
आवाज़ में है। ये फिल्म सन १९८२ में आई थी और इसमें संगीत
इल्या राजा का है। इल्या राजा दक्षिण में बहुत बड़ा नाम है और
उनके संगीत के सभी कायल हैं। हम भी हैं भाई। याद है ना फिल्म
सदमा-श्रीदेवी वाली जिसके हिंदी बोल गुलज़ार के लिखे हुए हैं।



हिंदी गीत के बोल:

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जाए

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये

हो, ऊँचे ऊँचे पर्वत जब चूमते है अम्बर को
प्यासा प्यासा अम्बर जब चूमता है सागर को
ऊँचे ऊँचे पर्वत जब चूमते है अम्बर को
प्यासा प्यासा अम्बर जब चूमता है सागर को

प्यार से कसने को बाहों में बसने को
दिल मेरा ललचाये कोई तो आ जाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जाए

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये

हो, ठंडे ठंडे झोंके जब बालों को सहलायें
तपती तपती किरणें जब गालों को छू जायें
ठंडे ठंडे झोंके जब बालों को सहलायें
तपती तपती किरणें जब गालों को छू जायें

साँसों की गरमी को हाथों की नरमी को
दिल मेरा तरसाए कोई तो छू जाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जाए

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये

हे, छम छम करता सावन बूंदों के बाण चलाए
सतरंगी बरसातों में जब तन मन भीगा जाए
छम छम करता सावन बूंदों के बाण चलाए
सतरंगी बरसातों में जब तन मन भीगा जाए

प्यार में नहाने को डूब ही जाने को
दिल मेरा तडपाये ख्वाब जगा जाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जए

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जाए
......................................................
Neele neele ambar par-Kalakaar 1983

Saturday, 4 December 2010

दिलवर जानिया अब तो आ जा-सुन मेरी लैला १९८३

सन १९८३ का ही एक गीत और सुनवाते हैं आपको जो जगह
जगह बजता सुनाई देता था। राज किरण और दीपिका चिखलिया
पर फिल्माए गए इस गीत को गाया है अनजान से गायकों ने।
जैसा हुलिया राजकिरण ने इस गीत में बनाया हुआ है उसकी
नक़ल आज भी देखने को मिल जाएगी। चटक काले कपडे
और सफ़ेद जूते। आज सुबह ही एक नवयुवक को ऐसे गेट-अप
में देखा था।

महेंद्र देहलवी के बोलों को संगीत दिया है राम-लक्ष्मण ने।
गायक हैं बेहरोज़ चटर्जी और उदित नारायण । एक बात
ज़रूर कहना चाहूँगा दीपिका के ऊपर बेहरोज़ की आवाज़
जंचती है क्यूंकि दोनों की आवाज़ में काफी समानता है।




गीत के बोल:
हो ओ ओ , आ आ आ
हो ओ ओ , आ आ आ
दिलवर जानिया अब तो आ जा
ओ दिलवर जानिया अब तो आ जा
इस दिल ने पुकारा है
तू मेरा सहारा है

दिलवर जानिया अब तो आ जा
ओ दिलवर जानिया अब तो आ जा
इस दिल ने पुकारा है
तू मेरा सहारा है

दिलवर जानिया अब तो आ जा
ओ दिलवर जानिया अब तो आ जा

कब तलक मेरी नज़रों को तरसाएगा
दूर कब तक रहेगा बता दे मुझे

हो ओ ओ , आ आ आ आ आ

लब पे जान आ गई और आँखों में दम
एक झलक अपनी आ के दिखा दे मुझे

दिलवर जानिया अब तो आ जा
ओ दिलवर जानिया अब तो आ जा
इस दिल ने पुकारा है
तू मेरा सहारा है

दिलवर जानिया अब तो आ जा
ओ दिलवर जानिया अब तो आ जा

रु रु रु रु रु रु
रु रु रु रु रु रु
आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ

मेरे होठों को फिर प्यार के गीत दे
मेरे हाथों में फिर प्यार का साज़ दे

हो ओ ओ , आ आ आ आ आ

ढूंढता फिर रहा हूँ तुझे दर बदर
किस गली में है तू मुझको आवाज़ दे

दिलवर जानिया अब तो आ जा
ओ दिलवर जानिया अब तो आ जा

हो ओ ओ , आ आ आ
हो ओ ओ , आ आ आ
हो ओ ओ , आ आ आ

लग जा गले से ऐ तन्हाई-वो जो हसीना

लग जा गले-इस थीम पर आपको एक मधुर गीत सुनवाया
अब सुनिए पुरुष आवाज़ में रंगीन युग से एक निवेदन।
निवेदन नायिका के बजाये तन्हाई से किया जा रहा है।
गीत है फिल्म वो जो हसीना से जिसके दो गीत आपको
सुनवाए जा चुके हैं। इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती और
रंजीता नायक-नायिका की भूमिकाओं में हैं। रवीन्द्र रावल
के लिखे बोलों को सुर में ढाला है राम-लक्ष्मण (विजय पाटिल)
ने। आवाजें है नितिन मुकेश और उषा मंगेशकर की।

नितिन मुकेश का गाया ये गीत हर समय की युवा पीढ़ी को
भाता रहा है। सरल से शब्दों में दिल की व्यथा कह दी गई
है। गीत की सबसे दमदार पंक्ति है-आग से मैंने प्यास बुझाई !
gईट का विडियो उपलब्ध नहीं है और जिस महाशय ने इस
गीत पर स्लाइड शो बनाया है उसे देख के लगता है कि ये गीत
डिप्रेशन के शिकार लोगों को ज्यादा पसंद आता है।



गीत के बोल:

लग जा गले से ऐ तन्हाई
लग जा गले से ऐ तन्हाई

प्यार मेरा निकला हरजाई
प्यार मेरा निकला हरजाई

लग जा गले से ऐ तन्हाई
प्यार मेरा निकला हरजाई
प्यार मेरा निकला हरजाई

मैं भी रो रो के दूँगी दुहाई
मैं भी रो रो के दूँगी दुहाई

कैसे करूं मैं किसी से गिला
दुनिया में होती तो मिलती वफ़ा
हो, कैसे करूं मैं किसी से गिला
दुनिया में होती तो मिलती वफ़ा

मुझको मोहब्बत रास ना आई
मुझको मोहब्बत रास ना आई
प्यार मेरा निकला हरजाई
प्यार मेरा निकला हरजाई

मैं भी रो रो के दूँगी दुहाई
मैं भी रो रो के दूँगी दुहाई

तू ही बता ऐ मेरी ज़िन्दगी
पहले कहाँ थी ये दीवानगी
हो, तू ही बता ऐ मेरी ज़िन्दगी
पहले कहाँ थी ये दीवानगी

आग से मैंने प्यास बुझाई
आग से मैंने प्यास बुझाई
प्यार मेरा निकला हरजाई
प्यार मेरा निकला हरजाई

मैं भी रो रो के दूँगी दुहाई
मैं भी रो रो के दूँगी दुहाई

Sunday, 21 November 2010

सासू तीरथ ससुरा तीरथ-सौतन १९८३

आपने तरह तरह के तीर्थ स्थलों के बारे में सुना होगा और गए भी
होंगे शायद कुछ जगहों पर। हिंदी फिल्मों में कुछ अलग तीरथ भी
मिला। राजेश खन्ना और टीना मुनीम पर फिल्माया गया रोचक
और मनोरंजक गीत देखिये सावन कुमार टाक की फिल्म सौतन से।
वैसे भी राजेश खन्ना पर फिल्माए गए अधिकतर गीत जीवंत लगते हैं।
ये एक हिट फिल्म है और शायद राजेश खन्ना की सबसे सफल
फिल्मों में से एक। सावन कुमार टाक ने बहुतेरे फ़िल्मी गीत लिखे हैं।
उनके कई गीत सुन कर लगता है जैसे वे कोई पेशेवर फ़िल्मी गीतकार हों।
तुकबंदी के मामले में वे कहीं कहीं आनंद बक्षी से होड़ करते नज़र आते हैं।




गीत के बोल:

अरे सासू तीरथ, अरे ससुरा तीरथ
सासू तीरथ, ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
अरे दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है

सासू तीरथ, ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
अरे दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है

बीबी जब रूठे तो याद आती है साली
बीबी जब रूठे तो याद आती है साली
साली जीजा को प्यारी है, वो गोरी हो या काली
लेकिन अपनी किस्मत में तो साला है ना साली है
अरे चारों धाम घरवाली है
चारों धाम घरवाली है

अरे सासू तीरथ, अरे ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
अरे दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है

बीबी तो अच्छी वो होती जो नखरे वाली
बीबी तो अच्छी वो होती जो नखरे वाली
दूजों से प्यारी लगती है देती है जब जब गाली
त्वाडी तो सानू पता नहीं
त्वाडी तो सानू पता नहीं
पर साडी ते मखणा वाली है
अरे चारों धाम घरवाली है
चारों धाम घरवाली है

अरे सासू तीरथ, अरे ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
ae दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है

बोलो घरवाली की जय
बोलो मखणा वाली की जय
बोलो अपनी भी,.......नहीं नहीं नहीं
घरवाली की......जय
 
 
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