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Monday, 22 July 2013

धक्कम धक्का हुआ-कामयाब १९८४

गीतों में विज्ञान के प्रयोग पर चर्चा हो जाए. एक शब्द है-बल .कोई भी कार्य
करने के समय इसकी याद अवश्य आती है. यहाँ तात्पर्य रस्सी में पड़े
बल से कतई नहीं है जी और न ही बल-प्रयोग से . व्हाट एन आईडिया सर जी

धक्का मुक्की करना-इसमें बल का प्रयोग होता है. इस गीत को सुन लीजिए
आपको भौतिकी के सिद्धांत याद आना शुरू हो जायेंगे.

फिल्म का नाम है कामयाब . ये जब रिलीज़ हुयी थी तब उस समय चूने पुते
पोस्टरों पर लिखा होता था-काम्याब, जिसे पढ़ कर सहज ही अनुमान हो जाता था
कि कामयाब होने के लिए पढाई लिखाई की ज़रूरत नहीं वरन माथे पर चमकते
सितारे होना आवश्यक है. जनाब इस फिल्म का निर्देशन काफी पढ़े लिखे निर्देशक
ने किया था जो नाम के आगे अपनी बी. ए. की डिग्री लगाते थे.

प्यार पक्का करने के लिए किसी मजबूत जोड़ वाले चिपकाऊ पदार्थ की ज़रूरत नहीं
धक्का मुक्की से भी ये पक्का हो सकता है.

क्या गीत है, वाह. ऑंखें हरी हो जाती हैं ऐसे गीत देख कर. दो चोटी वाली
नायिकाएं, नारियल के पेड़, हरे भरे खेत.

नायिका शायद संगीतकार से प्रेरित है. उसने भी गहनों का काफी वजन लाद रखा है.
उम्मीद है संगीतकार को आप पहचान ही गए होंगे. गायक गायिका हैं-आशा और किशोर.

मोटे चश्मे वाले कृपया अपना चश्मा लगा कर वीडियो देखने अन्यथा ऐसा महसूस होगा
कि सरसों से भरी और राई से भरी बोरियां उछल रही हों. 



गीत के बोल:

धक्कम धक्का हुआ
प्यार बड़ा पक्का हुआ
धक्कम धक्का हुआ
प्यार बड़ा पक्का हुआ
....................

Dhakkam dhakka hua-Kaamyab 1984

Monday, 30 January 2012

कोमल मधुर चतुर -कैदी १९८४

आज आपको बप्पी दा का कम्पोज़ किया एक गीत सुनवाने का मन कर रहा था
अपनी सूची देखने पर पता चला आप सुन चुके हैं एक बार फिल्म कैदी का गीत
कोई बात नहीं इस फिल्म का दूसरा गीत सुन लेते हैं । गीतकार इन्दीवर को इस
गीत में साहित्यिक शब्द प्रयोग करने के लिए काफी जगह मिली है।

बप्पी लहरी को वर्तमान पीढ़ी "डर्टी पिक्चर" के संगीत निर्देशक के रूप में
पहचानती है। चलिए एक बार फिर से स्वर्ण युक्त(तकरीबन ९-१० किलो)
संगीत निर्देशक के सोने की झंकार वाला संगीत श्रोताओं को एक बार फिर से
सुनने को मिला।

नायक नायिका हैं जीतेंद्र और माधवी। गायक गायिका हैं-किशोर और लता।
नायक जीतेंद्र को चुस्त दुरुस्त रखने में ३०+ का जितना हाथ है उतना ऐसे
फुर्तीले नृत्य वाले गीतों को भी हाथ है। इसको हम कैलोरी जलाने वाला गीत
कह सकते हैं। इसको देख कर आपकी आँखों की भी अच्छी कसरत हो जावेगी।



गीत के बोल:

कोमल मधुर चतुर चपल तेरा हर अंग
सर्वांग सुंदरी
कोमल मधुर चतुर चपल तेरा हर अंग
सर्वांग सुंदरी
स्वर्ग के लोक से आई तेरे लिए
तू भी आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ

कोमल मधुर चतुर चपल तेरा हर अंग
सर्वांग सुंदरी

तन तेरा मन्दिरम मन तेरा सुन्दरम
अर्पणं तुझपे है जीवनं यौवनम
तन तेरा मन्दिरम मन तेरा सुन्दरम
अर्पणं तुझपे है जीवनं यौवनम
नैन को नैन से प्राण को प्राण से तू मिला
आ आ आ आ आ आ आ आ आ

कोमल मधुर चतुर चपल तेरा हर अंग
सर्वांग सुंदरी

जब भी लूं मैं जनम तू बने वल्लभं
जप किये ताप किये तब मिले दर्शनं
जब भी लूं मैं जनम तू बने वल्लभं
जप किये ताप किये तब मिले दर्शनं
ये हमारा मिलन देगा धरती को
नाम एक नया

कोमल मधुर चतुर चपल तेरा हर अंग
सर्वांग सुंदरी
स्वर्ग के लोक से आई तेरे लिए
तू भी आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ

कोमल मधुर चतुर चपल तेरा हर अंग
सर्वांग सुंदरी
.............................
Komal madhur chatur-Qaidi 1984

Tuesday, 18 October 2011

बड़े बेवफा हैं ये हुस्न वाले-रूप तेरा मस्ताना १९७२

आज एक गीत स्वतः दिमाग में आया सोचा आपको सुनवा दिया जाये और तो,
संयोगवश ये आपको स्मार्ट इंडियन सुनवा चुके हैं अपने ब्लॉग पर कुछ ही दिन
पहले । इस फिल्म का नाम सुन कर आपको शायद १९६९ की आराधना के किशोर
के गाये गीत की याद अवश्य ही आएगी।

इस गीत में भाव लगभग वही हैं पत्थर के सनम वाले गीत के-'पत्थर के सनम
तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना
'। फर्क इतना है कि वो गीत मजरूह का लिखा
हुआ है और परदे पर मनोज कुमार पर फिल्माया गया है और इस गीत के गीतकार
आनंद बक्षी हैं और इसे परदे पर जीतेंद्र गा रहे हैं। दोनों गीतों में आपको मुमताज़
नामक अभिनेत्री दिखाई देती हैं। ये उस दौर की फिल्म है जिसमें अभिनेत्री मुमताज़
प्रथम श्रेणी कि सफल अभिनेत्रियों कि कतार में शामिल हो चुकी थीं।

गायक दोन ही गीतों के हैं-रफ़ी और संगीत भी दोनों गीतों का संगीतकार जोड़ी
लक्ष्मीकान्य प्यारेलाल ने तैयार किया है। गौर तलब है कि १९६७(पत्थर के सनम )
और १९७२ (रूप तेरा मस्ताना) तक लक्ष्मी प्यारे उसी शैली को बरकरार रख पाने
में सफल रहे। ये फिल्म अलबत्ता ज्यादा नहीं चली मगर फिल्म का ये गीत बेहद
लोकप्रिय हुआ।

गीत को आप निस्संदेह जीतेंद्र पर फिल्माए रफ़ी के सर्वश्रष्ठ गीतों में गिन सकते
हैं। गीत में आपको प्राण और अरुणा ईरानी नाम के कलाकार भी दिखाई देंगे।
प्राण तो स्वाभाविक तौर पर फिल्म के खलनायक ही हैं।



गीत के बोल:


हो ओ ओ ओ ओ ओ

बड़े बेवफा है ये हुस्न वाले
बड़े बेवफा है ये हुस्न वाले
पर तेरी बात कुछ और है

बड़े बेखबर है ये इश्क वाले
पर मेरी बात कुछ और है

बड़े बेवफा है ये हुस्न वाले

मिट गया जिस पे ये हो गए मेहरबान
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
मिट गया जिस पे ये हो गए मेहरबान
हुस्न वालो की है बस यही दास्ता
कैसे कैसे न जाने दीवाने दिल
इन्ही बेवफाओ ने तोड़ डाले

बड़े बेवफा है ये हुस्न वाले

तू कही जानेमन रूठ जाना नही
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
तू कही जानेमन रूठ जाना नही
ज़िक्र तेरा ये तेरा फ़साना नही
भोली भाली है इनकी सूरत मगर
बड़े संगदिल है यह भोले भाले

बड़े बेवफा है ये हुस्न वाले
पर तेरी बात कुछ और है

बड़े बेवफा है ये हुस्न वाले
........................................
Bade bewafa hain ye husn waale-Roop tera mastana १९७२

Wednesday, 10 August 2011

अटका अटका दिल मेरा-होशियार १९८४

बिना विवरण के भी एक गीत सुन लीजिए आज। ये होशियार सा गीत

है फिल्म होशियार से। कैलोरी कैसे कम की जाये इस गीत से सीख सकते

हैं आप.







गीत के बोल:



अगर आप वाकई इस गीत को सुन रहे हैं तो बोलों के लिए

लिए चटका(कमेन्ट) लगा दें एक

.................................

Atka atka dil mera-Hoshiyar 1984

Sunday, 10 July 2011

चोली तेरे तन पर-होशियार १९८४

सेब सौ रूपये किलो हैं आजकल ? मीडिया का बस चले तो दो सौ
रूपये भी बिकवा दे. किसी एक जगह कोई चीज़ महंगी मिलने लगती
है तो चैनल वाले उसका ढोल पीट पीट कर पूरे देश को बतला देते हैं .
इस प्रचार का मकसद क्या है समझ नहीं आता, इतना ज़रूर होता है
कि बाकी सब जगह उस चीज़ का भाव दूसरे दिन से बढ़ जाता है.

यू -ट्यूब पर गीत में जिस फल को जनता सेब के रूप में पहचान
रही है, मुझे तो वो संतरा या मौसंबी नज़र आ रही है. अगर वाकई
सेब है तो किसी पीलिया ग्रस्त बगीचे के होंगे.

दक्षिण भारत की कुछ ८० के दशक की फिल्मों से ये ट्रेंड शुरू हुआ
जिसमें कुछ तो सब्जी फल उछलते हैं, कुछ नायक नायिकाएं. ये भी
एक दक्षिण भारत में निर्मित फिल्म है जिसमें नायक जीतेंद्र के साथ
मीनाक्षी शेषाद्री हैं. इस फिल्म के निर्देशक हैं-के. राघवेन्द्र राव(बी. ऐ.)
और फिल्म का नाम है होशियार. सन १९८४ में ये फिल्म रिलीज़ हुई थी.
काफी होशियारी से ये फिल्म बनायीं गयी थी जिसने कम समय में ही
निर्माण की लागत वसूल ली.



गीत के बोल:

चोली तेरे तन पर, तन पर कसी कसी
रहती है तू मन में, मन में बसी बसी

जाए न असर तेरी आँखों का
उतरे न ज़हर तेरी बातों का
जाए न असर तेरी आँखों का
उतरे न ज़हर तेरी बातों का
ज़िन्दगी डसी डसी डसी डसी

तेरे तेरे मुख पर मुख पर हंसी हसनी
तेरी छबि दिल में दिल में बसी बसी
घेरा है मुझे तेरी राहों में
जकड़ा है मुझे तेरी बाँहों ने
घेरा है मुझे तेरी राहों में
जकड़ा है मुझे तेरी बाँहों ने
जवानी हंसी हंसी हंसी हंसी

चोली तेरे तन पर, तन पर कसी कसी
आ आ आ आ आ
...............................
Choli tere tan par-Hoshiyar 1984

Saturday, 28 May 2011

तेरे लिए मैंने जनम लिया-सिंहासन १९८६

आपको इसी श्रेणी से अगला गीत सुनवाते हैं फिल्म सिंहासन से। अंग्रेजी
में इस फिल्म का नाम सिंघासन पढने में आता है। अब थोड़ी सी बी ऐ से
बी. एड. तो हो ही जाती है ना जी नाम रखने में। ढेर सारे कलाकारों को
रोज़गार देने वाला ये पर्ववारण प्रेमी गीत भी एक आकर्षक धुन में बंधा है।
नृत्य भी इसका मनोरंजक है। आनंद उठाइए किशोर कुमार और दक्षिण
भारत की नामचीन और बढ़िया गायिका पी. सुशीला के युगल गीत का जिसे
फिल्माया गया है जीतेंद्र और जया प्रदा पर। संगीत एक बार फिर से वही,
जी हाँ, बप्पी लहरी का है और बोल इन्दीवर के हैं। इस गीत में नायक और
नायिका ने फुगडी वाला पुराना खेल भी खेला है।



गीत के बोल:

हा आ आ आ, हा आ आ आ आ आ

छूम नाना छूम, छूम नाना छूम
छूम नाना छूम, छूम नाना छूम

हो हो हो हो हो, हा हा हा हा
हा आ आ आ आ, हा आ आ आ

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया

महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा
महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा

लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया

हो हो हो हो, ला ला ला ला
हा हा हा हा, ला ला ला ला

बिन मांगे खुद को ही तोहफे में तुझको दे दूं
दुःख तेरा, तेरी बला सर पर अपने ले लूं

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

बिन मांगे खुद को ही तोहफे में तुझको दे दूं
दुःख तेरा, तेरी बला सर पर अपने ले लूं
दुश्मन हो दुनिया सारी तोड़ेंगे हम ना यारी
दुश्मन हो दुनिया सारी तोड़ेंगे हम ना यारी

लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया

झूम ताना झूम, झूम ताना झूम
झूम ताना झूम, झूम ताना झूम

जीने को जैसे पवन तू मुझे ऐसे ज़रूरी
तेरे बिना रह ना सकूं, सह ना सकूं तेरी दूरी

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

जीने को जैसे पवन तू मुझे ऐसे ज़रूरी
तेरे बिना रह ना सकूं, सह ना सकूं तेरी दूरी
हर साथ मैंने छोड़, हर हाथ मैंने छोड़ा

लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा

लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए

छूम छूम छूम, छूम नाना छूम
झूम झूम झूम, झूम नाना झूम
..............................
Tere liye maine janam liya-Singhasan 1986

Friday, 27 May 2011

चांदनी रात ये सनम-कैदी १९८४

आइये बी. ए. , बी. एस. सी., ऍम, ए. योग्यता धारक निर्माता निर्देशकों
के दौर में वापस चला जाये। दक्षिण भारतीय निर्माता निर्देशक शैक्षणिक
योग्यता के मामले में उत्तर भारतीय भाइयों से बहुत आगे हैं। उनको अपने
नाम के साथ योग्यता लिखने में कोई परहेज़ नहीं है। उस दौर की फिल्मों
में जीतेंद्र, कदर खान या उनके संवाद, इन्दीवर के गीत और बप्पी लहरी
का संगीत आवश्यक तत्त्व जैसे हुआ करते थे। जीतेंद्र के साथ तकरीबन
१० दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों ने काम किया। उनमें से एक हैं माधवी
अपनी समकालीनों की तरह वे भी नृत्य कला में प्रवीण हैं। प्रस्तुत गीत
में नाग-नागिन डांस जैसा मसाला आप देख पाएंगे। काफी रोमांटिक किस्म
का गीत है। रोमांस के बाकी अर्थ भी आप सोच सकते हैं इस गीत को देख
कर। खैर, ये गीत अपनी आकर्षक धुन की वजह से बहुत ज्यादा बजा था।
आशा भोंसले और किशोर कुमार इस गीत के पार्श्व गायक हैं। इन्दीवर
के गीत में भी आपको उनकी छाप कहीं ना कहीं अवश्य मिल जाएगी।
उनका शब्दों का चयन एक स्वचालित प्रक्रिया जैसा था।



गीत के बोल:

चांदनी
चांदनी रात ये सनम
नहीं प्रेमियों को जन्नत से कम

चांदनी
चांदनी रात ये सनम
नहीं प्रेमियों को जन्नत से कम

आओ जी भर के प्यार करो
कोई देखे तो देखने दो

चांदनी
चांदनी रात ये सनम
नहीं प्रेमियों को जन्नत से कम

आओ जी भर के प्यार करो
कोई देखे तो देखने दो

आ जा, आ जा, हो हो हो, आ हा हा हा
जिनमें जान है, जिनमें दिल है
उन सबके अन्दर है प्यार
जिनमें जान है, जिनमें दिल है
उन सबके अन्दर है प्यार
हम क्या तुम क्या, प्यार में डूबा
सारा ये संसार
हम क्या तुम क्या, प्यार में डूबा
सारा ये संसार

चांदनी
चांदनी रात ये सनम
नहीं प्रेमियों को जन्नत से कम

आओ जी भर के प्यार करो
कोई देखे तो देखने दो

आ जा, आ जा, हो हो हो, आ हा हा हा

तारों के फेरे करती है धरती
धरती के फेरे चंदा
तारों के फेरे करती है धरती
धरती के फेरे चंदा
तेरे मिलन की चाह में घूमे
मेरा प्राण पतंगा
तेरे मिलन की चाह में घूमे
मेरा प्राण पतंगा

चांदनी
चांदनी रात ये सनम
नहीं प्रेमियों को जन्नत से कम

आओ जी भर के प्यार करो
कोई देखे तो देखने दो

आ जा, आ जा, हो हो हो, आ हा हा हा
..........................................
Chandni raat ye sanam-Qaidi 1984

Tuesday, 12 April 2011

जो गुज़र रही है मुझपर-मेरे हुज़ूर १९६८

सन १९६७ वाले पिछले गीत के सुरीले प्यानो ने एक और सुरीले
गीत की याद ताज़ा करवा दी। उल्लेखनीय है कि ये गीत एक साल बाद
यानि कि १९६८ में प्रकट हुआ। इस गीत में प्यानो के उस्ताद शंकर
जयकिशन का जादू है। संगीतकार जोड़ी शंकर जयकिशन ने प्यानो
का बहुत इस्तेमाल किया है अपने गीतों में। ये भी ऐसा ही एक गीत
है जिसमें गीत का कद कलाकारों के अभिनय से बड़ा प्रतीत होगा
आपको। ये मेरा एक पसंदीदा गीत है। गीत परदे पर गा रहे हैं
राजकुमार। गीत के बोल और कलाकारों के हाव भाव से आप
अचम्भे में पढ़ जायेंगे कि ख़ुशी का इज़हार हो रहा है या दुःख का।
इस भाव को भांपने के लिए आपको ये फिल्म देखनी पड़ेगी। वैसे
अगर आप माला सिन्हा का चेहरा ध्यान से देखेंगे तो कुछ कुछ
समझ पाएंगे कि क्या माजरा है।

हसरत जयपुरी के लिखे बोलों में प्राण फूंके हैं मोहम्मद रफ़ी ने
संगीतकार शंकर जयकिशन के इशारों पर।

..........................



गीत के बोल:

हा आ आ , हा आ आ आ

जो गुज़र रही है मुझपर उसे कैसे मैं बताऊँ
जो गुज़र रही है मुझपर उसे कैसे मैं बताऊँ
वो ख़ुशी मिली है मुझको, मैं ख़ुशी से मर ना जाऊं
वो ख़ुशी मिली है मुझको, मैं ख़ुशी से मर ना जाऊं

मेरे दिल की धडकनों का ये पयाम तुमको पहुंचे
मैं तुम्हारा हमनशीन हूँ ये सलाम तुमको पहुंचे
उसे बंदगी मैं समझूं जो तुम्हारे काम आऊँ

वो ख़ुशी मिली है मुझको, मैं ख़ुशी से मर ना जाऊं
हाँ, जो गुज़र रही है मुझपर उसे कैसे मैं बताऊँ

मेरे दिल की महफिलों में वो मुकाम है तुम्हारा
के खुदा के बाद लब पर, बस नाम है तुम्हारा
मेरी आरजू यही है, मैं तुम्हारे गीत गाऊँ

वो ख़ुशी मिली है मुझको, मैं ख़ुशी से मर ना जाऊं
हाँ, जो गुज़र रही है मुझपर उसे कैसे मैं बताऊँ

.......................................
Jo guzar rahi hai mujhpar-Mere huzoor 1968

Saturday, 22 January 2011

मोहे लागी रे-सुहाग रात १९६८

शुरू के ४-५ सेकंड तक ये गीत वी. शांताराम के स्कूल की उपज लगता है
उसके बाद थोड़ी देर के लिए शुद्ध बम्बैया फ़िल्मी हो जाता है। ऐसी स्विचिंग
गीत में चलती रहती है। तेज गति के गीत पर नृत्य भी काफी तेज़ वाला है।


गीत फिल्माया गया है राजश्री और जीतेंद्र पर। इन्दीवर के लिखे और लता
के गाये इस गीत के संगीतकार हैं कल्याणजी आनंदजी । इस फिल्म के गीत
काफी बजे हैं और २-३ गीत अभी भी चलन में हैं जिनको हम आगे सुनेंगे।
फिलहाल इस मोहक नृत्य वाले गीत का आनंद उठाइए।



गीत के बोल:

मोहे लागी रे
मोहे लागी रे लागी रे लागी
जुल्मी उमरिया संवरिया
हाय हाय
सवारिय मैं गिर गिर जाऊं
सवारिय मैं गिर गिर जाऊं

मोहे रोको रे
मोहे रोको रे रोको रे रोको
हो गई बावरिया सांवरिया
ऊई
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं

लागे जबसे ये नैन
गया जियरा का चैन
हाय, तबसे ये नैना ना लागे
लागे जबसे ये नैन
गया जियरा का चैन
हाय, तबसे ये नैना ना लागे
बहकी बहकी है चाल
है अभी से ये हाल
जाने क्या होगा क्या होगा आगे
जाने क्या होगा क्या होगा आगे

मो पे डारो ना
मो पे डारो ना डारो ना डारो
ऐसी नजरिया सांवरिया
हाय
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं

देखो आई बाहर
उसपे तेरा ये प्यार
कैसे अपने जिया को सम्भालूँ
देखो आई बाहर
उसपे तेरा ये प्यार
कैसे अपने जिया को सम्भालूँ

माना लाखों में एक
पर तू ऐसे ना देख
ठहरो आँचल में नैना छुपा लूं
ठहरो आँचल में नैना छुपा लूं
हाय देखे रे
हाय देखे रे देखे रे देखे
सारी नगरिया सांवरिया
दिया
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं

तेरा मेरा ये मेल
कई सदियों का खेल
तू है काया तो मैं तेरी छाया
तेरा मेरा ये मेल
कई सदियों का खेल
तू है काया तो मैं तेरी छाया

ओ बहारों के फूल मुझको जाना ना भूल
चली आऊंगी जब भी बुलाया
मैं तो प्यासी रे
मैं तो प्यासी रे प्यासी रे प्यासी
प्रीत की बदरिया सांवरिया

सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं

मोहे लागी रे लागी रे लागी
जुल्मी उमरिया संवरिया
हा हा हा
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं
......................................
Mohe laagi re laagi re-Suhag Raat 1968

Wednesday, 19 January 2011

हमने जो देखे सपने-परिवार १९६७

फिल्म बंदिनी के गीत से एक मधुर गीत और याद आया.
हालाँकि इसे ब्लॉग पर शामिल किया जा चूका है मगर
रिवीज़न करते हुए इसे एक बार और सुन लेते हैं.
बाकी का विवरण इधर है-फिल्म परिवार का गीत




गाने के बोल:

हमने जो देखे सपने
हमने जो देखे सपने,
सच हो गए वो अपने
ओ मेरे साजना दिन आ गए हैं प्यार के
मेरे साजना दिन आ गए करार के

हम ने जो देखे सपने,
सच हो गए वो अपने
हो मेरे साजना

ऐसे ही सदा सजधज के मेरी
आँखों में रहो जवान तुम
ऐसे ही सदा सजधज के मेरी
आँखों में रहो जवां तुम
मैं साया बन के साथ चलूँ
मैं साया बन के साथ चलूँ
मुझे ले चलो जहाँ तुम

हमने जो देखे सपने,
सच हो गए वो अपने
हो मेरे साजना

हम जनम जनम के साथी हैं
पूजा है प्रीत हमारी
हम जनम जनम के साथी हैं
पूजा है प्रीत हमारी
इस जनम भी तुमको पा ही लिया
इस जनम भी तुमको पा ही लिया
मैं हो गई तुम्हारी

हमने जो देखे सपने,
सच हो गए वो अपने
हो मेरे साजना दिन आ गए हैं प्यार के
मेरे साजना दिन आ गए करार के
हमने जो देखे सपने,
सच हो गए वो अपने
हो मेरे साजन
.............................
Hamne jo dekhe sapne-Parivar 1967

Wednesday, 24 November 2010

एक बात कहूं मैं सजना-कर्मयोगी १९७८

रीना रॉय का नाम काफी लोग भूल चुके हैं सिवा उन लोगों के
जो रीना के ज़बरदस्त फैन हैं। एक गीत सुनवाते हैं आपको
लता मंगेशकर का गाया हुआ जो रीना रॉय पर फिल्माया गया
है फिल्म कर्मयोगी में। इस फिल्म में उनके साथ नायक हैं
जीतेंद्र। ये गीत मुझे बहुत पसंद है। इसका विडियो देखें या
ना देखें गीत की मधुरता पर कोई फर्क नहीं पढने वाला। अलबत्ता
रीना रॉय की खूबसूरत मुस्कान देखने के लिए आपको ये गीत
अवश्य देखना पड़ेगा। और नहीं देख्नेगे तो जितनी तबियत से
रीना रॉय फैन ने इस विडियो को अपलोड किया है उसका दिल
भी दुखेगा ना।

मैं तो बस इतना बताना चाह रहा था की रीना रॉय को गायिका
लता मंगेशकर के कुछ बहुत बढ़िया गीत मिले परदे पर।
आपको कालीचरण का 'जा रे जा ओ हरजाई' तो याद होगा ही,
या फिर जे पी दत्ता की ग़ुलामी का "मेरे पी को पवन" याद कीजिये।

संगीत तैयार किया है कल्याणजी आनंदजी ने और इसके बोल
लिखे हैं वर्मा मालिक ने। अब ना कहियेगा कि कल्याणजी आनंदजी
ने केवल इन्दीवर के साथ ही काम किया है।



गीत के बोल:

एक बात कहूं मैं सजना
एक बात कहूं मैं सजना
तुझको मैं समझ के अपना

दिल चाहे मेरा तेरे संग रहना
दिल चाहे मेरा तेरे संग रहना
रहना
ये बात किसीसे ना कहना, ना कहना
ये बात किसीसे ना कहना

एक बात कहूं मैं सजना

बिन सोचे बिन समझे
मैं तो हो गई तेरे बस में
हो ओ, हो गई तेरे बस में
देखो तेरी मेरी एक बात है जो
हाँ ये बात रहे आपस में
जिन नैनों ने तुझको चाह
आज मिले वो नैना
ये बात किसीसे ना कहना, ना कहना
ये बात किसीसे ना कहना

एक बात कहूं मैं सजना

तेरी याद से, तेरे प्यार से
मेरी धड़कन ने कर ली सगाई
हो ओ, धड़कन ने कर ली सगाई
तुझे पा लिया, अपना लिया
मुझे ना समझना परायी
चाहती हूँ जीवन भर मैं
तेरे सपनों में रहना
ये बात किसीसे ना कहना, ना कहना
ये बात किसीसे ना कहना

एक बात कहूं मैं सजना
तुझको मैं समझ के अपना
दिल चाहे मेरा तेरे संग रहना, रहना
ये बात किसीसे ना कहना, ना कहना
ये बात किसीसे ना कहना

एक बात कहूं मैं सजना

Tuesday, 23 November 2010

ओ मेरी जान-जानी दुश्मन १९७९

जम्पिंग जैक साहब का एक गीत और सुना जाए। थोडा तेज़ गति वाला ये
गीत कसा हुआ है फिल्मांकन में। फिल्म जानी दुश्मन के लगभग सारे गीत
देखने लायक हैं। इस गीत में भी उनकी जम्पिंग न्यूनतम है। लोग खामखाँ
उनके नाम के साथ जम्पिंग शब्द लगा देते हैं।

किशोर कुमार के साथ गीत गा रही हैं अनुराधा पौडवाल। संगीतकार जोड़ी
लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने समय के साथ चलते हुए नए गायक, गायिकाओं को
अवसर दिया और उनकी ये स्ट्राटेजी सफल भी रही। अनुराधा पौडवाल के
कैरियर के पहले कुछ गीतों में से एक है ये।

परदे पर आपको जीतेंद्र और नीतू सिंह की जोड़ी दिखाई देगी जो पेड़ों के इर्द गिर्द
डांस डॉयरेक्टर के इशारों पर नाच रहे हैं।



गीत के बोल:

ओ हो हो हो हो हो
हो हो हो हे हे हे

ओ मेरी जान
बोल मेरी जान
अरे ओ मेरी जान
बोल मेरी जान
तेरी आँखों ने क्या जादू किया
मैं भी गया मेरा दिल भी गया

ओ मेरी जान
बोल मेरी जान
ओ मेरी जान
बोल मेरी जान
तू नीदों में सपने पिरो गया
उस दिन से मुझे कुछ हो गया

ओ मेरी जान
बोल मेरी जान
अरे ओ मेरी जान
बोल मेरी जान
तेरी आँखों ने क्या जादू किया
मैं भी गया मेरा दिल भी गया

प्यार जो किया तो भुलाना ना मुझे
छोड़ जाना ना मुझे तडपाना ना मुझे

ना छोड़ना मुझे, तडपाना ना मुझे
प्यार जो किया तो भुलाना ना मुझे
छोड़ जाना ना मुझे तडपाना ना मुझे

मेरे प्यार को है तेरा आसरा
आबाद तुझसे है मेरा जहान

ओ मेरी जान
बोल मेरी जान
ओ मेरी जान
बोल मेरी जान
तू नीदों में सपने पिरो गया
उस दिन से मुझे कुछ हो गया

हर घडी अब मुझे यही काम है
तेरी याद है या तेरा नाम है

या तेरी याद है या तेरा नाम है
हर घडी अब मुझे यही काम है
तेरी याद है या तेरा नाम है

तेरे मिलने से धड़कन ने अंगडाई ली
दिल की तमन्ना हुई है जवान

ओ मेरी जान
बोल मेरी जान
अरे ओ मेरी जान
बोल मेरी जान
तेरी आँखों ने क्या जादू किया
मैं भी गया मेरा दिल भी गया

खुल गए ज़िन्दगी के नए रास्ते
तू मेरे वास्ते, मैं तेरे वास्ते

तू मेरे वास्ते, मैं तेरे वास्ते
खुल गए ज़िन्दगी के नए रास्ते
तू मेरे वास्ते, मैं तेरे वास्ते

है मोहब्बत के मालिक तेरा शुक्रिया
समझो अगर मेरे दिल की जुबां

ओ मेरी जान
बोल मेरी जान
ओ मेरी जान
बोल मेरी जान
तू नीदों में सपने पिरो गया
तेरी आँखों ने क्या जादू किया
मैं भी गया मेरा दिल भी गया

Monday, 22 November 2010

तेरे हाथों में पहना के चूड़ियाँ -जानी दुश्मन १९७९

एक सुपर डुपर हिट गीत सुना जाए। आप सोच रहे होंगे किसी
काली पीली फिल्म से होगा। नहीं जी, ये तो रंगीन युग वाला है जी।
शादी स्पेशल युग(९० का दशक) के बहुत पहले बना हुआ है जी ये तो।
१९७९ की फिल्म जानी दुश्मन में ये गीत है। सुनते ही आपको याद
आएगा की इसको खूब बजते सुना था जगह जगह। दूरदर्शन के
चित्रहार पर भी इसे खूब देखा गया था। उस समय एक ही तो गीत वाला
कार्यक्रम हुआ करता था-चित्रहार। उसेक अलावा विडियो गीत देखने का
कोई जरिया नहीं हुआ करता था। गीत अच्छी खासी कसरत करवा देता
है, सितारों की भीड़ जो है इसमें। राज कुमार कोहली निर्देशित फिल्म
में काफी भव्य सेट इस्तेमाल किये गए थे। इस गीत के फिल्मांकन में
सबसे ज्यादा व्यय हुआ होगा। इस गीत में 'जम्पिंग जैक' साहब ने जो
वस्त्र पहन रखे हैं उनकी नक़ल काफी देखने को मिली थी फिल्म के
रिलीज़ के कुछ समय बाद। एक बात तो तय है कि इस गीत में जीतू
भाई ने अपनी ट्रेड मार्क जम्पिंग बहुत कम की है ।

गीत में आपको जो कलाकार दिखाई देंगे उनके नाम इस प्रकार से हैं-
जीतेंद्र, नीतू सिंह, बिंदिया गोस्वामी, और सारिका।



गीत के बोल:

तेरे हाथों में पहना के चूड़ियाँ, ओ चूड़ियाँ
हाथों में पहना के चूड़ियाँ
ओ तेरे हाथों में पहना के चूड़ियाँ
के मौज बंजारा ले गया, हाय
के मौज बंजारा ले गया, ले गया

तेरे हाथों में पहना के चूड़ियाँ

तूने दिल तक तो मेरा ले लिया, ओ ले लिया
दिल तक तो मेरा ले लिया
तूने दिल तक तो मेरा ले लिया
के वो क्या बेचारा ले गया, हाय
के वो क्या बेचारा ले गया, ले गया
तूने दिल तक तो मेरा ले लिया

मेरे सामने ही कोई बेगाना
मेरे सामने ही कोई बेगाना
के रूप का नज़ारा ले गया, हाय
के रूप का नज़ारा ले गया ले गया

तू जलता है क्यों रे दीवाने
दीवाने,
तू जलता है क्यों रे दीवाने
के वो क्या तुम्हारा ले गया, हाय
के वो क्या तुम्हारा ले गया, ले गया

तेरे हाथों में पहना के चूड़ियाँ

हो, इसे मेरे ही तू नाम लगा दे
इसे मेरे ही तू नाम लगा दे
जवानी तेरे किस काम की
इसे मेरे ही तू नाम लगा दे
जवानी तेरे किस काम की

दिल लेगा मेरा कोई दिलवाला
दिल लेगा मेरा कोई दिलवाला
ये बात नहीं तेरे बस की, बस की
आज हुस्न का जलवा दे-दे
आज हुस्न का जलवा दे-दे
तो कल से मैं तौबा कर लूं हाय
तो कल से मैं तौबा कर लूं, कर लूं
आज हुस्न का जलवा दे-दे
साल सत्रह संभाला इसे मैंने
ओ मैंने
साल सत्रह संभाला इसे मैंने
रे ऐसे कैसे तुझे सौंप दूं, हाय
ऐसे कैसे तुझे सौंप दूं , सौंप दूं

तेरे हाथों में पहना के चूड़ियाँ

तेरे होंठों से लिपट जाऊं सजनी
मैं सुर्खी का रंग बन के हाय
तेरे होंठों से लिपट जाऊं सजनी
मैं सुर्खी का रंग बन के
तेरे जैसे कई
तेरे जैसे कई लुट गए कुंवारे
पायल मेरी जब छनके जब छनके,
जब छनके
गोरा रंग ना किसी का होवे
गोरा रंग ना किसी का होवे
के सारा जग बैरी हो जाए
सारा जग बैरी हो जाए, हो जाए
सारे जग से निपट लूं अकेली, अकेली
सारे जग से निपट लूं अकेली
के पहले तू जो मेरा हो जाए, हाय
के पहले तू जो मेरा हो जाए, हो जाए

छोडो झगडे मिला लो दिल को
छोडो झगडे मिला लो दिल को
रहो ना ऐसे तन-तन के, हाय
ना रहो ऐसे तन तन के, तन तन के
तेरे घर में उजाला कर दे
तेरे घर में उजाला कर दे
तू ले जा इसे दूल्हा बन के हाय
तू ले जा इसे दुल्हन बन के
दूल्हा बन के
 
 
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