जैसा कि आपको कुछ पोस्ट पहले बतलाया था कि फिल्म नगीना १९८६ की एक
सुपर हिट फिल्म है. इस फिल्म के गीत भी बज बज के जनता को याद से हो
गए. इस फिल्म से निर्देशक हरमेश मल्होत्रा भी काफी चर्चा में आ गए.
फिल्म का अगला गीत है मोहम्मद अज़ीज़ और अनुराधा पौडवाल की आवाजों में.
ऋषि कपूर के लिए अमूमन सभी संगीतकार किशोर कुमार या रफ़ी की आवाज़
में गीत रिकोर्ड करते रहे. इस फिल्म के पदार्पण तक तो किशोर कुमार मौजूद
थे. फिल्म निर्देशक या संगीतकार की पसंद पर गाने मोहम्मद अज़ीज़ से गवाए
गए. मोहम्मद अज़ीज़ रफ़ी के क्लोन कहे जाते हैं. वैसे अगर आप हरमेश की
निर्देशित फिल्मों पर नज़र दौडाएं तो पाएंगे उन्हें रफ़ी की आवाज़ ज्यादा पसंद
रही. फिल्म बेटी से सन १९६९ में बतौर निर्देशक अपना कैरियर शुरू करने वाले
हरमेश ने अभी तक लगभग २५ से ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया है .
लक्ष्मी प्यारे खेमे में पहले जगह मिली शब्बीर कुमार को फिर आये अज़ीज़.
अज़ीज़ की सुरों पर पकड़ बेहतर होने की वजह से उन्हें ज्यादा मौके मिले.
गीत में काफी उछल कूद भी है और एक जगह पर नायक नायिका ऐसे भाग रहे
हैं जैसे १०० मीटर की दौड का अभ्यास कर रहे हों. इस गीत में भी आपको ऋषि
एक बढ़िया सा स्वेटर पहने नज़र आयेंगे. उन्हें जम्मू कश्मीर का पर्यटन विभाग
अपना ब्रांड अम्बैसेडर आसानी से बना सकता था.
तूने बेचैन इतना ज़्यादा किया
मैं तेरा हो गया मैने वादा किया
दिल ने मजबूर इतना ज़्यादा किया
मैं तेरी हो गई मैने वादा किया
तूने बेचैन इतना ज़्यादा किया
मैं तेरा हो गया मैने वादा किया
दिल ने मजबूर इतना ज़्यादा किया
मैं तेरी हो गई मैने वादा किया
तूने बेचैन इतना ज़्यादा किया
लग रहा है मुझे तेरे सर की कसम
अपनी पहली मोहब्बत नहीं ये सनम
हाँ मिले और बिछड़े कई बार हम
फिर से मिलने का हमने वादा किया
मैं तेरी हो गई मैने वादा किया
रात ढलती नहीं दिन गुज़रता नहीं
मेरा दिल कब तुझे याद करता नहीं
आहें भरने से जी मेरा भरता नहीं
फ़ैसला मैने ये सीधा सादा किया
मैं तेरा हो गया मैने वादा किया
कांच की तूने चूड़ी बलम तोड़ दी
लाज की शर्म की हर कसम तोड़ दी
नींद तो लूट ली जान क्यों छोड़ दी
काम तेरी निगाहों ने आधा किया
मैं तेरा हो गया मैने वादा किया
तूने बेचैन इतना ज़्यादा किया
मैं तेरा हो गया मैने वादा किया
दिल ने मजबूर इतना ज़्यादा किया
मैं तेरी हो गई मैने वादा किया
..........................................
Toone bechain itna zyada kiya-Nagina 1986
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Tuesday, 30 August 2011
Saturday, 27 August 2011
भूली बिसरी प्रेम कहानी-नगीना १९८६
नाग नागिन और पुनर्जन्म की अवधारणा की कहानी पर बनी फिल्म नगीना
श्रीदेवी के कैरियर की महत्वपूर्ण फिल्म है जिसने उन्हें बुलंदियों के शिखर पर
कायम रहने में मदद की. फिल्म का शीर्षक गीत बेहद लोकप्रिय हुआ जो
लता मंगेशकर की आवाज़ में है. उसके अलावा जिस गीत ने संगीत प्रेमियों
को आनंदित किया वो है प्रस्तुत गीत अनुराधा पौडवाल की आवाज़ में.
फिल्म के गीत आनंद बक्षी के लिखे हुए हैं और संगीत है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
का. फिल्म के इस गीत को आप " हौन्टिंग सोंग्स" की श्रेणी में रख सकते हैं.
आपने शायद ही कभी गौर फ़रमाया होगा कि हिंदी फिल्म महिला भूतों की कहानी
पर ज्यादा बना करती है. उन बिरली फिल्मों में से एक है-नीलकमल.
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी
आने का वादा किया ओ ओ ओ
आने का वादा किया
वादा तोड़ दिया नहीं आए पिया
आने का वादा किया
वादा तोड़ दिया नहीं आए पिया
ओ ओ ओ
भूल गए तुम प्रेम कहानी
भूल गए तुम प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी
मैने तो प्यार किया ओ ओ ओ
मैने तो प्यार किया
ऐतबार किया इंतज़ार किया
मैने तो प्यार किया
ऐतबार किया इंतज़ार किया
ओ ओ ओ
तुमने किया क्या दिलवर जानी
तुमने किया क्या दिलवर जानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी
हारी मैं कर के जतन हो हो हो
हारी मैं कर के जतन
मेरे बिछड़े सजन कब होगा मिलन
हारी मैं कर के जतन
मेरे बिछड़े सजन कब होगा मिलन
हो ओ ओ
लंबी जुदाई रुत मस्तानी
लंबी जुदाई रुत मस्तानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी
................................
Bhooli bisri prem kahani-Nagina 1986
श्रीदेवी के कैरियर की महत्वपूर्ण फिल्म है जिसने उन्हें बुलंदियों के शिखर पर
कायम रहने में मदद की. फिल्म का शीर्षक गीत बेहद लोकप्रिय हुआ जो
लता मंगेशकर की आवाज़ में है. उसके अलावा जिस गीत ने संगीत प्रेमियों
को आनंदित किया वो है प्रस्तुत गीत अनुराधा पौडवाल की आवाज़ में.
फिल्म के गीत आनंद बक्षी के लिखे हुए हैं और संगीत है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
का. फिल्म के इस गीत को आप " हौन्टिंग सोंग्स" की श्रेणी में रख सकते हैं.
आपने शायद ही कभी गौर फ़रमाया होगा कि हिंदी फिल्म महिला भूतों की कहानी
पर ज्यादा बना करती है. उन बिरली फिल्मों में से एक है-नीलकमल.
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी
आने का वादा किया ओ ओ ओ
आने का वादा किया
वादा तोड़ दिया नहीं आए पिया
आने का वादा किया
वादा तोड़ दिया नहीं आए पिया
ओ ओ ओ
भूल गए तुम प्रेम कहानी
भूल गए तुम प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी
मैने तो प्यार किया ओ ओ ओ
मैने तो प्यार किया
ऐतबार किया इंतज़ार किया
मैने तो प्यार किया
ऐतबार किया इंतज़ार किया
ओ ओ ओ
तुमने किया क्या दिलवर जानी
तुमने किया क्या दिलवर जानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी
हारी मैं कर के जतन हो हो हो
हारी मैं कर के जतन
मेरे बिछड़े सजन कब होगा मिलन
हारी मैं कर के जतन
मेरे बिछड़े सजन कब होगा मिलन
हो ओ ओ
लंबी जुदाई रुत मस्तानी
लंबी जुदाई रुत मस्तानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी
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Bhooli bisri prem kahani-Nagina 1986
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Rishi Kapoor,
Sridevi
Monday, 30 May 2011
नज़र ने नज़र से क्या कहा-सल्तनत १९८६
जूही चावला के गीत के लिए एक फ़रमाइश आई। बहुत दिन हुए उनको
परदे पर देखे। आइये उनकी पदार्पण फिल्म से एक गीत सुना जाये।
जूही चावला कि गिनती भी प्रतिभाशाली और संजीदा कलाकारों में
होती है। गीत में आपको दिखलाई देंगे जूही के साथ एक और नवोदित
कलाकार करण कपूर। शशि कपूर के पुत्र करण इस फिल्म के
पहले तक बॉम्बे डाईंग के बुश्शर्ट के विज्ञापन में दिखा करते थे।
माँ के रंग वाले लेकिन पिता के जैसे नैन-नक्श वाले करण की किस्मत
शायद पिता की तरह बुलंद नहीं रही और वे ज्यादा फिल्मों में आगे दिखाई
नहीं दिए। सल्तनत एक बहुसितारा फिल्म है जो फ्लॉप हो गई थी।
प्रस्तिउट गीत गा रह हैं सुरेश वाडकर और साधना सरगम। हसन
कमाल के लिखे बोलोंबोल की धुन तैयार की है कल्याणजी आनंदजी ने।
गीत के बोल:
नज़र ने नज़र से क्या कहा
मेरी जान मेरी जान ये बता
हो, नज़र ने नज़र से क्या कहा
मेरी जान मेरी जान ये बता
हो ओ ओ, कहूं क्या नज़र ने क्या कहा
आती है मुझको हया
जो है मेरे दिल में
वही तेरे दिल
एक बार कह दे तू
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
ना ना
नज़र ने नज़र से क्या कहा
आती है मुझको हया
हो ओ ओ, जागे हैं अरमान जान ले जाने जान
अजी जानूं ना
हो जागे हैं अरमान जान ले जाने जान
जानूं ना
कर ले एक एहसान मान ले जाने जान
मानूं ना
पहले वफ़ा का इकरार कर ले
हाज़िर है फिर मेरी जान
हाँ हाँ हाँ हाँ
नज़र ने नज़र से क्या कहा
मेरी जान मेरी जान ये बता
हो ओ ओ, कहूं क्या नज़र ने क्या कहा
आती है मुझको हया
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
वादा कर ये हाथ आज से छूटे ना
ना छूटेगा
हो, वादा कर ये हाथ आज से छूटे ना
ना छूटेगा
साथ रहे दिन रात साथ ये छूटे ना
ना छूटेगा
उल्फत में तेरी चाहत में तेरी
ठुकरा दूं सारा जहाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ
नज़र ने नज़र से क्या कहा
मेरी जान मेरी जान ये बता
हो ओ ओ, कहूं क्या नज़र ने क्या कहा
आती है मुझको हया
जो है मेरे दिल में
वही तेरे दिल
एक बार कह दे तू
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ho, ला ला ला ला ला ला
.....................................
Nazar ne nazar se kya kaha-Sultanat 1986
परदे पर देखे। आइये उनकी पदार्पण फिल्म से एक गीत सुना जाये।
जूही चावला कि गिनती भी प्रतिभाशाली और संजीदा कलाकारों में
होती है। गीत में आपको दिखलाई देंगे जूही के साथ एक और नवोदित
कलाकार करण कपूर। शशि कपूर के पुत्र करण इस फिल्म के
पहले तक बॉम्बे डाईंग के बुश्शर्ट के विज्ञापन में दिखा करते थे।
माँ के रंग वाले लेकिन पिता के जैसे नैन-नक्श वाले करण की किस्मत
शायद पिता की तरह बुलंद नहीं रही और वे ज्यादा फिल्मों में आगे दिखाई
नहीं दिए। सल्तनत एक बहुसितारा फिल्म है जो फ्लॉप हो गई थी।
प्रस्तिउट गीत गा रह हैं सुरेश वाडकर और साधना सरगम। हसन
कमाल के लिखे बोलोंबोल की धुन तैयार की है कल्याणजी आनंदजी ने।
गीत के बोल:
नज़र ने नज़र से क्या कहा
मेरी जान मेरी जान ये बता
हो, नज़र ने नज़र से क्या कहा
मेरी जान मेरी जान ये बता
हो ओ ओ, कहूं क्या नज़र ने क्या कहा
आती है मुझको हया
जो है मेरे दिल में
वही तेरे दिल
एक बार कह दे तू
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
ना ना
नज़र ने नज़र से क्या कहा
आती है मुझको हया
हो ओ ओ, जागे हैं अरमान जान ले जाने जान
अजी जानूं ना
हो जागे हैं अरमान जान ले जाने जान
जानूं ना
कर ले एक एहसान मान ले जाने जान
मानूं ना
पहले वफ़ा का इकरार कर ले
हाज़िर है फिर मेरी जान
हाँ हाँ हाँ हाँ
नज़र ने नज़र से क्या कहा
मेरी जान मेरी जान ये बता
हो ओ ओ, कहूं क्या नज़र ने क्या कहा
आती है मुझको हया
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
वादा कर ये हाथ आज से छूटे ना
ना छूटेगा
हो, वादा कर ये हाथ आज से छूटे ना
ना छूटेगा
साथ रहे दिन रात साथ ये छूटे ना
ना छूटेगा
उल्फत में तेरी चाहत में तेरी
ठुकरा दूं सारा जहाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ
नज़र ने नज़र से क्या कहा
मेरी जान मेरी जान ये बता
हो ओ ओ, कहूं क्या नज़र ने क्या कहा
आती है मुझको हया
जो है मेरे दिल में
वही तेरे दिल
एक बार कह दे तू
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ho, ला ला ला ला ला ला
.....................................
Nazar ne nazar se kya kaha-Sultanat 1986
Saturday, 28 May 2011
तेरे लिए मैंने जनम लिया-सिंहासन १९८६
आपको इसी श्रेणी से अगला गीत सुनवाते हैं फिल्म सिंहासन से। अंग्रेजी
में इस फिल्म का नाम सिंघासन पढने में आता है। अब थोड़ी सी बी ऐ से
बी. एड. तो हो ही जाती है ना जी नाम रखने में। ढेर सारे कलाकारों को
रोज़गार देने वाला ये पर्ववारण प्रेमी गीत भी एक आकर्षक धुन में बंधा है।
नृत्य भी इसका मनोरंजक है। आनंद उठाइए किशोर कुमार और दक्षिण
भारत की नामचीन और बढ़िया गायिका पी. सुशीला के युगल गीत का जिसे
फिल्माया गया है जीतेंद्र और जया प्रदा पर। संगीत एक बार फिर से वही,
जी हाँ, बप्पी लहरी का है और बोल इन्दीवर के हैं। इस गीत में नायक और
नायिका ने फुगडी वाला पुराना खेल भी खेला है।
गीत के बोल:
हा आ आ आ, हा आ आ आ आ आ
छूम नाना छूम, छूम नाना छूम
छूम नाना छूम, छूम नाना छूम
हो हो हो हो हो, हा हा हा हा
हा आ आ आ आ, हा आ आ आ
तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा
महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा
लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
हो हो हो हो, ला ला ला ला
हा हा हा हा, ला ला ला ला
बिन मांगे खुद को ही तोहफे में तुझको दे दूं
दुःख तेरा, तेरी बला सर पर अपने ले लूं
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
बिन मांगे खुद को ही तोहफे में तुझको दे दूं
दुःख तेरा, तेरी बला सर पर अपने ले लूं
दुश्मन हो दुनिया सारी तोड़ेंगे हम ना यारी
दुश्मन हो दुनिया सारी तोड़ेंगे हम ना यारी
लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
झूम ताना झूम, झूम ताना झूम
झूम ताना झूम, झूम ताना झूम
जीने को जैसे पवन तू मुझे ऐसे ज़रूरी
तेरे बिना रह ना सकूं, सह ना सकूं तेरी दूरी
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
जीने को जैसे पवन तू मुझे ऐसे ज़रूरी
तेरे बिना रह ना सकूं, सह ना सकूं तेरी दूरी
हर साथ मैंने छोड़, हर हाथ मैंने छोड़ा
लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा
लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए
छूम छूम छूम, छूम नाना छूम
झूम झूम झूम, झूम नाना झूम
..............................
Tere liye maine janam liya-Singhasan 1986
में इस फिल्म का नाम सिंघासन पढने में आता है। अब थोड़ी सी बी ऐ से
बी. एड. तो हो ही जाती है ना जी नाम रखने में। ढेर सारे कलाकारों को
रोज़गार देने वाला ये पर्ववारण प्रेमी गीत भी एक आकर्षक धुन में बंधा है।
नृत्य भी इसका मनोरंजक है। आनंद उठाइए किशोर कुमार और दक्षिण
भारत की नामचीन और बढ़िया गायिका पी. सुशीला के युगल गीत का जिसे
फिल्माया गया है जीतेंद्र और जया प्रदा पर। संगीत एक बार फिर से वही,
जी हाँ, बप्पी लहरी का है और बोल इन्दीवर के हैं। इस गीत में नायक और
नायिका ने फुगडी वाला पुराना खेल भी खेला है।
गीत के बोल:
हा आ आ आ, हा आ आ आ आ आ
छूम नाना छूम, छूम नाना छूम
छूम नाना छूम, छूम नाना छूम
हो हो हो हो हो, हा हा हा हा
हा आ आ आ आ, हा आ आ आ
तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा
महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा
लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
हो हो हो हो, ला ला ला ला
हा हा हा हा, ला ला ला ला
बिन मांगे खुद को ही तोहफे में तुझको दे दूं
दुःख तेरा, तेरी बला सर पर अपने ले लूं
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
बिन मांगे खुद को ही तोहफे में तुझको दे दूं
दुःख तेरा, तेरी बला सर पर अपने ले लूं
दुश्मन हो दुनिया सारी तोड़ेंगे हम ना यारी
दुश्मन हो दुनिया सारी तोड़ेंगे हम ना यारी
लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
झूम ताना झूम, झूम ताना झूम
झूम ताना झूम, झूम ताना झूम
जीने को जैसे पवन तू मुझे ऐसे ज़रूरी
तेरे बिना रह ना सकूं, सह ना सकूं तेरी दूरी
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
जीने को जैसे पवन तू मुझे ऐसे ज़रूरी
तेरे बिना रह ना सकूं, सह ना सकूं तेरी दूरी
हर साथ मैंने छोड़, हर हाथ मैंने छोड़ा
लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा
लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए
छूम छूम छूम, छूम नाना छूम
झूम झूम झूम, झूम नाना झूम
..............................
Tere liye maine janam liya-Singhasan 1986
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1986,
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Jeetendra,
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Singhasan
Tuesday, 12 April 2011
देखो ये कौन आया-सवेरे वाली गाडी १९८६
सन १९८६ के कम गाने इस ब्लॉग पर शामिल हुए हैं अभी तक।
जो गीत मुझे पसंद हैं सन ८६ के उनमे से एक और प्रस्तुत है
आज आपके लिए। फिल्म भले ना चली हो, इसके गाने मुझे
ज़रूर हौंट करते रहते हैं। ये एक युगल गीत है सुरेश वाडकर
और आशा भोंसले की आवाज़ में। मेरे ख्याल से आर. डी. बर्मन
ने सुरेश वाडकर की आवाज़ का और संगीतकारों की तुलना में
बेहतर इस्तेमाल किया है। सनी देवल और पूनम ढिल्लों पर
फिल्माए गाये इस गीत में एक आवाज़ और भी है जो गीत के
शुरू में है जिसके बारे में मैं ये सुनिश्चित नहीं कर पाया की ये
एस. जानकी की आवाज़ है या चित्रा की। दोनों ही दक्षिण भारत
की नामचीन गायिकाएं हैं। उल्लेखनीय है कि इस फिल्म में इन
दोनों गायिकाओं ने एक भी गीत नहीं गाया है।
अगर ये फिल्म राजस्थानी पृष्ठभूमि पर बनी है तो यही बात खटकने
वाली है कि इसमें दक्षिण भारतीय सी सुनाई पढने वाली आवाजों
का प्रयोग पार्श्व में क्यूँ किया गया है। हालाँकि ये शिकायत आगे
सुनाई देने वाले मधुर गीत के बाद लगभग ख़त्म सी हो जाती है।
गाने में तोते का होना ज़रूरी था या नहीं ये आप निश्चित कीजिये ।
गीत के बोल:
देखो ये कौन आया
देखो ये कौन आया
मुझको उड़ा लाया
मुझको उड़ा लाया
देखो ये कौन आया
देखो ये कौन आया
मेरी सदा पे भूल के रास्ता
ऐ दिल ये कौन आया
मुझको उड़ा लाया
मुझको उड़ा लाया
किसकी सदा पे झोंका हवा का
मुझको उड़ा लाया
देखो ये कौन आया
हा आ आ आ आ आ
मुझको उड़ा लाया
मेरे वीराने को किसने सजा दिया
हाँ, मेरे वीराने को किसने सजा दिया
रौनक ज़रा देखो
ओ,रौनक ज़रा देखो
कुछ तो नहीं है
क्या जाने तुमको कैसा नशा छाया
देखो ये कौन आया
देखो ये कौन आया
बातें बनाते हो क्यूँ सच्चे झूठे
हाँ, बातें बनाते हो क्यूँ सच्चे झूठे
सपने दिखाते हो
सपने दिखाते हो
हो, फिर से तो कहना
मैंने सुना नहीं क्या तुमने फ़रमाया
मुझको उड़ा लाया
हा आ आ आ आ आ
मुझको उड़ा लाया
आ मेरी बाँहों में बैठा हूँ कबसे
हाँ, आ मेरी बाँहों में बैठा हूँ कबसे
मैं तेरी राहों में
हो मैं तेरी राहों में
जलते हुए भी जबसे पड़ा है
दिल पे तेरा साया
देखो ये कौन आया
ओ,देखो ये कौन आया
मेरी सदा पे भूल के रास्ता
ऐ दिल ये कौन आया
मुझको उड़ा लाया
हो ओ ओ ओ ओ ओ
मुझको उड़ा लाया
किसकी सदा पे झोंका हवा का
मुझको उड़ा लाया
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
जो गीत मुझे पसंद हैं सन ८६ के उनमे से एक और प्रस्तुत है
आज आपके लिए। फिल्म भले ना चली हो, इसके गाने मुझे
ज़रूर हौंट करते रहते हैं। ये एक युगल गीत है सुरेश वाडकर
और आशा भोंसले की आवाज़ में। मेरे ख्याल से आर. डी. बर्मन
ने सुरेश वाडकर की आवाज़ का और संगीतकारों की तुलना में
बेहतर इस्तेमाल किया है। सनी देवल और पूनम ढिल्लों पर
फिल्माए गाये इस गीत में एक आवाज़ और भी है जो गीत के
शुरू में है जिसके बारे में मैं ये सुनिश्चित नहीं कर पाया की ये
एस. जानकी की आवाज़ है या चित्रा की। दोनों ही दक्षिण भारत
की नामचीन गायिकाएं हैं। उल्लेखनीय है कि इस फिल्म में इन
दोनों गायिकाओं ने एक भी गीत नहीं गाया है।
अगर ये फिल्म राजस्थानी पृष्ठभूमि पर बनी है तो यही बात खटकने
वाली है कि इसमें दक्षिण भारतीय सी सुनाई पढने वाली आवाजों
का प्रयोग पार्श्व में क्यूँ किया गया है। हालाँकि ये शिकायत आगे
सुनाई देने वाले मधुर गीत के बाद लगभग ख़त्म सी हो जाती है।
गाने में तोते का होना ज़रूरी था या नहीं ये आप निश्चित कीजिये ।
गीत के बोल:
देखो ये कौन आया
देखो ये कौन आया
मुझको उड़ा लाया
मुझको उड़ा लाया
देखो ये कौन आया
देखो ये कौन आया
मेरी सदा पे भूल के रास्ता
ऐ दिल ये कौन आया
मुझको उड़ा लाया
मुझको उड़ा लाया
किसकी सदा पे झोंका हवा का
मुझको उड़ा लाया
देखो ये कौन आया
हा आ आ आ आ आ
मुझको उड़ा लाया
मेरे वीराने को किसने सजा दिया
हाँ, मेरे वीराने को किसने सजा दिया
रौनक ज़रा देखो
ओ,रौनक ज़रा देखो
कुछ तो नहीं है
क्या जाने तुमको कैसा नशा छाया
देखो ये कौन आया
देखो ये कौन आया
बातें बनाते हो क्यूँ सच्चे झूठे
हाँ, बातें बनाते हो क्यूँ सच्चे झूठे
सपने दिखाते हो
सपने दिखाते हो
हो, फिर से तो कहना
मैंने सुना नहीं क्या तुमने फ़रमाया
मुझको उड़ा लाया
हा आ आ आ आ आ
मुझको उड़ा लाया
आ मेरी बाँहों में बैठा हूँ कबसे
हाँ, आ मेरी बाँहों में बैठा हूँ कबसे
मैं तेरी राहों में
हो मैं तेरी राहों में
जलते हुए भी जबसे पड़ा है
दिल पे तेरा साया
देखो ये कौन आया
ओ,देखो ये कौन आया
मेरी सदा पे भूल के रास्ता
ऐ दिल ये कौन आया
मुझको उड़ा लाया
हो ओ ओ ओ ओ ओ
मुझको उड़ा लाया
किसकी सदा पे झोंका हवा का
मुझको उड़ा लाया
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
Monday, 11 April 2011
पीना हराम है ना पिलाना हराम है-चमेली की शादी १९८६
मार्च के महीने के अंत में दारू(विलायती, देसी) के ठेके अपने अंतिम
चरण में होते हैं। स्टॉक ख़त्म करने के चक्कर में पुराने ठेकेदार अपना
माल सस्ती दरों में भी बेच दिया करते हैं। उस समय तो साहब
दारुडियों का ये हाल होता है-पाँचों उँगलियाँ घी में, पैर चूल्हे में और
सर कढ़ाई में। कुछ कुछ लोग तो इस हिसाब से सेवन करते हैं मानो
एक साल की क़सर निकाल रहे हों।
आज आपको एक किशोर कुमार का गाया हुआ एक मस्त गीत सुनवाते
हैं, होली की क़सर जो निकालनी है। गीत फिल्म का निर्देशन बासु चटर्जी ने।
एक घासलेटी सी प्रेम कहानी जो हमारे इर्द गिर्द अक्सर सुनाई देती है अलग
अलग डेंसिटी में, उसका जीवंत और वास्तविक चित्रण इस फिल्म में है और
चाहे फिल्म समीक्षक इसको कोई भी दर्ज़ा प्रदान करें, इसे सिनेमा इतिहास
की सर्वाधिक मनोरंजक फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म का निर्देशन बासु
चटर्जी ने किया है।
इस फिल्म के पहलुओं पर काफ़ी चर्चा होना बाकी है। पढ़ते रहिये ये ब्लॉग।
पर अनिल कपूर के अलावा जो अन्य कलाकार हैं उनके नाम हैं-हुमा खान
और अनु कपूर। गायक कलाकार हैं-अलका याग्निक और किशोर कुमार ।
गीत के बोल:
पीना हराम है ना पिलाना हराम है
पीना हराम ना पिलाना हराम है
पीने के बाद प्यारे
लडखडाना , लडखडाना
हाँ लडखडाना हराम है
हाँ,पीना हराम है ना पिलाना हराम है
पीना हराम ना पिलाना हराम है
पीने के बाद प्यारे
लडखडाना , बहक जाना
डगमगाना हराम है
नशा,
नशा देखा लाल पानी में देखा अनूठा
नशा देखा लाल पानी में देखा अनूठा
पी के दो घूँट गला घोंट दो ग़मों का
घोंट दो गला
पीने के बाद नज़र आये ना धोखा
खुल जाये भेद दोस्तों दुश्मनों का
तू ही मेरा जिगरी यार है
तुझको जिसपे इतना प्यार है
प्यार ये दिल के आर पार है
दिल तुझपे लट्टू
आंख वही है नाक वही है
बाल वही है चाल वही है
हाँ तू नटवरलाल वही है
मेरा यार नट्टू, निखट्टू
मस्ती है जाम है
हाँ मस्ती है जाम है
हाँ कितना आराम है
हाँ मस्ती है जाम है
हाँ कितना आराम है
पीने के बाद प्यारे
तडफडाना, तिलमिलाना
छटपटाना हराम है
पीना हराम ना पिलाना हराम है
पीने के बाद प्यारे
तडफडाना, तडफडाना
तडफडाना हराम है
हो, जो पीना है तो प्यार के जाम पीना
जो पीना है तो प्यार के जाम पीना
नशा जिसका मरके भी उतरे कभी ना
क्या बात कही
जो ले डूबे तुझको वो पीना क्या पीना
बेहोश हो के भी जीना क्या जीना
सुबह भुला दे शाम भुला दे
दुनिया का हर काम भुला दे
क्या होगा अंजाम भुला दे
जाम का ये जादू
नाम बदल के दे जो झांसा
झांसे से कितनों को फांसा
आखिर उल्टा पढ़ गया पासा
बना तमाशा तू
मय क्यूँ बदनाम है
क्यूँ क्यूँ
हाँ, मय क्यूँ बदनाम है
क्यूँ पीना इलज़ाम है
हाँ, मय क्यूँ बदनाम है
क्यूँ पीना इलज़ाम है
पीने के बाद प्यारे
हडबड़ाना, गड़बढ़ाना
बडबडाना हराम है
पीना हराम ना पिलाना हराम है
पीने के बाद प्यारे
लडखडाना, ऐ तडफडाना
हो बडबडाना हराम है
चरण में होते हैं। स्टॉक ख़त्म करने के चक्कर में पुराने ठेकेदार अपना
माल सस्ती दरों में भी बेच दिया करते हैं। उस समय तो साहब
दारुडियों का ये हाल होता है-पाँचों उँगलियाँ घी में, पैर चूल्हे में और
सर कढ़ाई में। कुछ कुछ लोग तो इस हिसाब से सेवन करते हैं मानो
एक साल की क़सर निकाल रहे हों।
आज आपको एक किशोर कुमार का गाया हुआ एक मस्त गीत सुनवाते
हैं, होली की क़सर जो निकालनी है। गीत फिल्म का निर्देशन बासु चटर्जी ने।
एक घासलेटी सी प्रेम कहानी जो हमारे इर्द गिर्द अक्सर सुनाई देती है अलग
अलग डेंसिटी में, उसका जीवंत और वास्तविक चित्रण इस फिल्म में है और
चाहे फिल्म समीक्षक इसको कोई भी दर्ज़ा प्रदान करें, इसे सिनेमा इतिहास
की सर्वाधिक मनोरंजक फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म का निर्देशन बासु
चटर्जी ने किया है।
इस फिल्म के पहलुओं पर काफ़ी चर्चा होना बाकी है। पढ़ते रहिये ये ब्लॉग।
पर अनिल कपूर के अलावा जो अन्य कलाकार हैं उनके नाम हैं-हुमा खान
और अनु कपूर। गायक कलाकार हैं-अलका याग्निक और किशोर कुमार ।
गीत के बोल:
पीना हराम है ना पिलाना हराम है
पीना हराम ना पिलाना हराम है
पीने के बाद प्यारे
लडखडाना , लडखडाना
हाँ लडखडाना हराम है
हाँ,पीना हराम है ना पिलाना हराम है
पीना हराम ना पिलाना हराम है
पीने के बाद प्यारे
लडखडाना , बहक जाना
डगमगाना हराम है
नशा,
नशा देखा लाल पानी में देखा अनूठा
नशा देखा लाल पानी में देखा अनूठा
पी के दो घूँट गला घोंट दो ग़मों का
घोंट दो गला
पीने के बाद नज़र आये ना धोखा
खुल जाये भेद दोस्तों दुश्मनों का
तू ही मेरा जिगरी यार है
तुझको जिसपे इतना प्यार है
प्यार ये दिल के आर पार है
दिल तुझपे लट्टू
आंख वही है नाक वही है
बाल वही है चाल वही है
हाँ तू नटवरलाल वही है
मेरा यार नट्टू, निखट्टू
मस्ती है जाम है
हाँ मस्ती है जाम है
हाँ कितना आराम है
हाँ मस्ती है जाम है
हाँ कितना आराम है
पीने के बाद प्यारे
तडफडाना, तिलमिलाना
छटपटाना हराम है
पीना हराम ना पिलाना हराम है
पीने के बाद प्यारे
तडफडाना, तडफडाना
तडफडाना हराम है
हो, जो पीना है तो प्यार के जाम पीना
जो पीना है तो प्यार के जाम पीना
नशा जिसका मरके भी उतरे कभी ना
क्या बात कही
जो ले डूबे तुझको वो पीना क्या पीना
बेहोश हो के भी जीना क्या जीना
सुबह भुला दे शाम भुला दे
दुनिया का हर काम भुला दे
क्या होगा अंजाम भुला दे
जाम का ये जादू
नाम बदल के दे जो झांसा
झांसे से कितनों को फांसा
आखिर उल्टा पढ़ गया पासा
बना तमाशा तू
मय क्यूँ बदनाम है
क्यूँ क्यूँ
हाँ, मय क्यूँ बदनाम है
क्यूँ पीना इलज़ाम है
हाँ, मय क्यूँ बदनाम है
क्यूँ पीना इलज़ाम है
पीने के बाद प्यारे
हडबड़ाना, गड़बढ़ाना
बडबडाना हराम है
पीना हराम ना पिलाना हराम है
पीने के बाद प्यारे
लडखडाना, ऐ तडफडाना
हो बडबडाना हराम है
Wednesday, 19 January 2011
छल्ला-लौंग दा लश्कारा १९८६
गुरदास मान(ਗੁਰਦਾਸ ਮਾਨ) पंजाबी संगीत में नामी हस्ती हैं। उनके साथ
परदे पर आपको हिंदी सिनेमा की एक बड़ी हस्ती भी दिखेगी-राज बब्बर।
आज सुनिए युगों पुराना पंजाबी लोक गीत-छल्ला। इसको समय समय
पर कई कलाकाओं ने अपने अंदाज़ में गाया है। फिल्म में संगीत
जगजीत सिंह का है,जी हाँ वही-प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक।
गीत के बोल:
हो जावो नी कोई मोर लियावो,
नी मेरे नाल गया आज्ज लड़ के,
ओह अल्लाह करे जे आ जावे सोहना,
देवां जान कदमा विच धर के
हो छल्ला बेरी ओये बूर ऐ, वे वतन माहि दा
दूर ऐ, वे जाना पहले
पूर ऐ, वे गल सुन छल्लेया
छोरा, वे काहदा ला अई झोरा
ओ छल्ला खूह ते धरिये, छल्ला खूह ते धरिये
छल्ला खूह ते धरिये, वे गल्लां मूह ते करिए,
वे सच्चे रब तों डरिये, वे गल सुन छल्लेया
ढोला, वे रब्ब तों साद अई ओहला.
ओ छल्ला कालियां मर्चां होए ,
ओ छल्ला कालियां मर्चां
छल्ला कालियां मर्चां
छल्ला कालियां मर्चां, वे मोहरा पी के
मर्सां, वे सिरे तेरे चढ्सन,
वे गल सुन छल्लेया ,
ढोल वे साद के कीट अई कोला
हो छल्ला नौ नौ खेवे,
हो छल्ला नौ नौ खेवे
छल्ला नौ नौ खेवे
छल्ला नौ नौ खेवे वे पुत्तर मिठड़े मेवे,
वे अल्लाह सभ नु देवे,
वे गल सुन छल्लेया
कांवां , वे मांवां ठंडियाँ छांवां
हो छल्ला कण दियां डंडियाँ होए,
हो छल्ला कण दियां डंडियाँ
छल्ला कण दियां डंडियाँ
छल्ला कण दियां डंडियाँ
छल्ला कण दियां डंडियाँ , वे सारे पिंड विच भंडियाँ,
वे गल्लां छज्ज पा छंदियाँ,
वे गल सुन छल्लेया
ढोल, वे साड के कीत अई कोला.
ओ छल्ला गल दी वे गानी,
छल्ला गल दी गानी
छल्ला गल दी गानी
छल्ला गल दी गानी वे तुर गए दिलं दे जानी
वे मेरी दुखन दी कहानी, वे आ के सुन जा
ढोल वे तेत्तों साद अई ओला
ओ छल्ला पाया आई गहणे होए,
ओ छल्ला पाया आई गहणे
छल्ला पाया आई गहणे
छल्ला पाया आई गहणे
छल्ला पाया आई गहणे, वे सजन वेली ना रहणे
वे दुःख ते जिंदड़ी दे सहने, वे गल सुन छल्या
ढोल वे कहदा पाणा अई रौला
इसके बोल में सुधार करने में मेरी मदद करें।
...........................................
Chhalla(Gurdaas Maan)-Laung da lishkara 1986
परदे पर आपको हिंदी सिनेमा की एक बड़ी हस्ती भी दिखेगी-राज बब्बर।
आज सुनिए युगों पुराना पंजाबी लोक गीत-छल्ला। इसको समय समय
पर कई कलाकाओं ने अपने अंदाज़ में गाया है। फिल्म में संगीत
जगजीत सिंह का है,जी हाँ वही-प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक।
गीत के बोल:
हो जावो नी कोई मोर लियावो,
नी मेरे नाल गया आज्ज लड़ के,
ओह अल्लाह करे जे आ जावे सोहना,
देवां जान कदमा विच धर के
हो छल्ला बेरी ओये बूर ऐ, वे वतन माहि दा
दूर ऐ, वे जाना पहले
पूर ऐ, वे गल सुन छल्लेया
छोरा, वे काहदा ला अई झोरा
ओ छल्ला खूह ते धरिये, छल्ला खूह ते धरिये
छल्ला खूह ते धरिये, वे गल्लां मूह ते करिए,
वे सच्चे रब तों डरिये, वे गल सुन छल्लेया
ढोला, वे रब्ब तों साद अई ओहला.
ओ छल्ला कालियां मर्चां होए ,
ओ छल्ला कालियां मर्चां
छल्ला कालियां मर्चां
छल्ला कालियां मर्चां, वे मोहरा पी के
मर्सां, वे सिरे तेरे चढ्सन,
वे गल सुन छल्लेया ,
ढोल वे साद के कीट अई कोला
हो छल्ला नौ नौ खेवे,
हो छल्ला नौ नौ खेवे
छल्ला नौ नौ खेवे
छल्ला नौ नौ खेवे वे पुत्तर मिठड़े मेवे,
वे अल्लाह सभ नु देवे,
वे गल सुन छल्लेया
कांवां , वे मांवां ठंडियाँ छांवां
हो छल्ला कण दियां डंडियाँ होए,
हो छल्ला कण दियां डंडियाँ
छल्ला कण दियां डंडियाँ
छल्ला कण दियां डंडियाँ
छल्ला कण दियां डंडियाँ , वे सारे पिंड विच भंडियाँ,
वे गल्लां छज्ज पा छंदियाँ,
वे गल सुन छल्लेया
ढोल, वे साड के कीत अई कोला.
ओ छल्ला गल दी वे गानी,
छल्ला गल दी गानी
छल्ला गल दी गानी
छल्ला गल दी गानी वे तुर गए दिलं दे जानी
वे मेरी दुखन दी कहानी, वे आ के सुन जा
ढोल वे तेत्तों साद अई ओला
ओ छल्ला पाया आई गहणे होए,
ओ छल्ला पाया आई गहणे
छल्ला पाया आई गहणे
छल्ला पाया आई गहणे
छल्ला पाया आई गहणे, वे सजन वेली ना रहणे
वे दुःख ते जिंदड़ी दे सहने, वे गल सुन छल्या
ढोल वे कहदा पाणा अई रौला
इसके बोल में सुधार करने में मेरी मदद करें।
...........................................
Chhalla(Gurdaas Maan)-Laung da lishkara 1986
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