आपको एक मधुर गीत सुनवाते हैं सन १९६९ की फिल्म से। कुछ कुछ
बाजू से विलायती फिल्मों के कुरता पाजामा पहने किरदार से दिख रहे और
और सामने से घरेलू युवक की तरह दिखने वाले युवक के साथ हिंदी फिल्मों
में उल्कापिंड सी आयीं और और ज़ल्द ही गायब हो जाने वाली अभिनेत्री
अलका हैं।
गीत लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसकी धुन बनाई है संगीतकार
जोड़ी लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल ने। गीत उत्तम कोटि का युगल गीत है और
इसको आपने एक आध बार ज़रूर सुना होगा। अब चलते चलते एक चुटकी
ली जाये-गीत गेट समय नायक कुछ खोया खोया सा कुछ ढूंढ रहा है और
गीत ख़त्म होने के बाद नायक के चेहरे के भावों में कुछ क्रूरता सी दिखाई
देने लगती है जैसे वो अगले दृश्य में नायिका का गला दबाने की तैयारी
कर रहा हो।
गीत के बोल:
एक तेरा साथ
एक तेरा साथ हमको दो जहाँ से प्यारा है
तू है तो हर सहारा है
ना मिले संसार
ना मिले संसार तेरा प्यार तो हमारा है
ना मिले संसार
ना मिले संसार तेरा प्यार तो हमारा है
तू है तो हर सहारा है
एक तेरा साथ हमको दो जहाँ से प्यारा है
एक तेरा साथ
हम अकेले हैं शहनाईयाँ चुप हैं तो कँगना बोलता है
तू जो चलती है छोटे से आँगन में चमन सा डोलता है
आज घर हमने
आज घर हमने मिलन के रंग से सँवारा है
तू है तो हर सहारा है
ना मिले संसार तेरा प्यार तो हमारा है
ना मिले संसार
देख आँचल में चाँदनी रुत के, नज़ारे भर गये है
नैन से तेरे इस माँग में जैसे, सितारे भर गये है
प्यार ने इस रात
प्यार ने इस रात को आकाश से उतारा है
तू है तो हर सहारा है
एक तेरा साथ हमको दो जहाँ से प्यारा है
एक तेरा साथ
तेरे प्यार कि दौलत मिली हमको
तो जीना रास आया
तू नहीं आई के आस्मां चल कर
ज़मीन के पास आया
हमको उल्फत ने
हमको उल्फत ने तेरी आवाज़ से पुकारा है
तू है तो हर सहारा है
एक तेरा साथ
एक तेरा साथ हमको दो जहाँ से प्यारा है
तू है तो हर सहारा है
ना मिले संसार
ना मिले संसार तेरा प्यार तो हमारा है
एक तेरा साथ
.........................
Ek tera saath-Wapas 1969
Wednesday, 25 May 2011
एक तेरा साथ हमको दो जहाँ से-वापस १९६९
Labels:
1969,
Alka,
Lata Mangeshkar,
Laxmikant Pyarelal,
Majrooh Sultanpuri,
Mohd. Rafi,
Shekhar,
Wapas
Subscribe to:
Post Comments (Atom)



No comments:
Post a Comment