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Monday, 30 January 2012

बुलबुला रे बुलबुला -आंटी नंबर १ - १९९८

चौदह साल आगे चलते हैं फिल्म कैदी के गीत के बाद। चाल- ढाल वही है
संगीत की, गति धीमी हो गई है, इसमें महान गायक नहीं हैं मगर गायकों की
अगली पीढ़ी से दो हस्तियाँ ज़रूर हैं-अलका याग्निक और उदित नारायण।
गीतकार हैं अगली पीढ़ी के-अनजान पुत्र समीर और संगीतकार हैं चित्रगुप्त
पुत्र द्वय आनंद-मिलिंद ।

बप्पी लहरी की कमी कुछ हद तक अगली संगीतकार पीढ़ी ने महसूस नहीं
होने दी उसकी एक बानगी है ये गीत। वैसे ये गीत किसी दक्षिण भारत की धुन
से प्रेरित सा लगता है सुनने में। गौरतलब है कि गीत में नायक गोविंदा से ज्यादा
बाकी के कलाकार हिल रहे हैं। हो सकता है नायक की मांग रही हो-गीतों में मैं
ज्यादा हिलता डुलता आया हूँ, अतः अब बाकी के कलाकारों को हिलने डुलने का
मौका दिया जाये।

भला हो ऐसे फ़िल्मी गीतों का जिनकी बदौलत बहुत से कलाकारों का जीविकोपार्जन
होता है। कम से कम १०० सहायक कलाकार तो ज़र्रोर ही होंगे इस गीत में।




बुलबुला रे बुलबुला मुझको बाहों में सुला
बुलबुला रे बुलबुला मुझको बाहों में सुला
खो के मेरी आशिकी में सारी दुनिया को भुला

बुलबुला रे बुलबुला मुझको बाहों में सुला
खो के मेरी आशिकी में सारी दुनिया को भुला

बुलबुला रे बुलबुला दिलरुबा कह कर बुला
साथिया तेरे लिए तो दिल का दरवाज़ा खुला

बुलबुला रे बुलबुला मुझको बाहों में सुला
खो के मेरी आशिकी में सारी दुनिया को भुला

मनचली इन वादियों में खुशबुएँ हैं प्यार की
कर दे पूरी आज सारी ख्वाहिशें दिलदार की
कह रहे हैं ये नज़ारे रुत यही दीदार की
ना रहेगी अब अधूरी आरजू मेरे यार की

बुलबुला रे बुलबुला मुझको बाहों में सुला
खो के मेरी आशिकी में सारी दुनिया को भुला

बुलबुला रे बुलबुला दिलरुबा कह कर बुला
साथिया तेरे लिए तो दिल का दरवाज़ा खुला

गोरा गोरा रूप तेरा काले काले बाल हैं
होंठ तेरे हैं रसीले फूल जैसे गाल हैं
मैं दीवानी हो रही हूँ और ना तारीफ़ कर
बढ़ रही है बेकरारी डाल ना ऐसी नज़र

बुलबुला रे बुलबुला मुझको बाहों में सुला
खो के मेरी आशिकी में सारी दुनिया को भुला

बुलबुला रे बुलबुला दिलरुबा कह कर बुला
साथिया तेरे लिए तो दिल का दरवाज़ा खुला
....................................
Bulbula re bulbula-Aunty No. 1 1998

Friday, 21 October 2011

ओढनी ओढ़ के नाचूं-तेरे नाम २००३

गीतों विभिन्न श्रेणियां के पाए जाते हैं। ये श्रेणियां श्रोता और विश्लेषक वर्ग ही
बनाया करते हैं। जैसे-दर्द भरे गीत, मस्ती भरे गीत या विदाई गीत। अल्ताफ रज़ा
के संगीत क्षेत्र में कदम रखने के बाद एक और श्रेणी चर्चित हुयी-परदेसी गीत। ये
परदेसी और परदेस वाले गीत पहले भी बनते रहे इसलिए इसकी ईजाद का श्री हम
अल्ताफ रज़ा को नहीं दे सकते मगर इस श्रेणी को लोकप्रिय बनाने का श्री उन्हें
दिया जा सकता है।

९० के दशक में सलमान खान के पदार्पण के बाद एक और श्रेणी फिल्मों में देखने को
मिली वो है- चुनरिया/ओढनी गीत। सलमान की लगभग हर दूसरी फिम में ऐसा कोई
गीत होता जिसमे ओढनी/चुनरिया/दुपट्टा का जिक्र होता। एक और शब्द जो शायद
को बहुत पसंद है वो है- सांवरिया। ये बात और है भंसाली कृत "सांवरिया " फिल्म के
आने के बाद मुझे सलमान की किसी भी फिल्म के गीत में सांवरिया शब्द सुनाई नहीं
दिया। गीतकार गीत लिखते समय किन किन कारकों से प्रभावित होता है ये उसका
एक उदाहरण है।

पेश है उनकी ही एक फिल्म से कर्णप्रिय गीत-ओढनी ओढ़ के नाचूं। गीत लिखा है
समीर ने जिसकी धुन बनाई है हिमेश रेशमिया ने। इसे गाया है अलका याग्निक ने
और साथ दिया है उदित नारायण ने। फिल्म तेरे नाम' सन २००३ की एक चर्चित
फिल्म है। गीत खुशनुमा गीत है और देखने में आनंददायी भी। नायिका भूमिका चावला
मुस्कुराने में ज़रा भी कंजूसी नहीं करती हैं। गीत में बहुत से सहायक कलाकारों और
ऊंटों ने भी अभिनय किया है। बेचारे ऊंटों को उचित पारिश्रमिक नहीं मिला होगा ।
दृष्यावली से ऐसा लगता है फिल्म की शूटिंग जयपुर और राजस्थान के अन्य भागों
में हुयी है।




गीत के बोल:

ओढनी ओढ के नाचूं, ओढनी
ओढनी ओढ के नाचूं, ओढनी

ओढनी ओढ के नाचूं, ओढनी
ओढनी ओढ के नाचूं, ओढनी

नाचूं ओढनी ओढ़ के यार
के दिल परदेसी हो गया
हमें तुमसे हो गया प्यार
के दिल परदेसी हो गया

ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी
ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी

तेरे इश्क का छाया खुमार
के दिल परदेसी हो गया
हमें तुमसे हो गया प्यार
के दिल परदेसी हो गया
हर कसम तोड़ के नाचूं, हर कसम
हर कसम तोड़ के नाचूं, हर कसम

ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी

चूड़ी, पायलियाँ बोले
आजा डोली लेके आजा साजना
हाथों में मेहँदी हो, मांग मेरी सिन्दूरी हो
तेरे नाम का किया सिंगार, ये सिंगार
मेरे रूप की आई बहार
के दिल परदेसी हो गया
ओ नाचूं ओढनी ओढ़ के यार
के दिल परदेसी हो गया

मैं तो तेरे नाम लिखूंगा
प्यासी ये कहानी एहसास की
मिलना हो, तो ऐसा हो, सदियों तक ना दूरी हो
मैंने बरसों किया इंतज़ार ओ दिलदार
बेक़रारी में भी आया करार
के दिल परदेसी हो गया
ओ हमें तुमसे हो गया प्यार
के दिल परदेसी हो गया
हर कसम तोड़ के नाचूं, हर कसम
ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी
हर कसम तोड़ के नाचूं, हर कसम
ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी
.....................................
Odhni odh ke nachoon-Tere Naam 2003

Thursday, 20 October 2011

वादा रहा सनम-खिलाडी १९९२

सन १९९२ में कुछ बढ़िया संगीतमय फ़िल्में आयीं। इनमें से एक है
खिलाड़ी श्रृंखला वाली प्रथम फिल्म-खिलाड़ी। अब खिलाडी कौन है ये
मत पूछ लीजियेगा। आपको खिलाडी श्रेणी की एक फिल्म का गीत
सुनवा चुके हैं पहले जंगल में भालू वाला । सामान्य ज्ञान वर्धन के
लिए उसे एक बार और सुन लीजिये अगर आप चाहें। खिलाड़ी फिल्म
सन ९२ की एक बड़ी हिट फिल्म है। इसमें संगीत जतिन-ललित का है।

गीत शुरू होता है इस अंदाज़ में जैसे नायक ने कोई जादुई पुडिया सुंघा
दी हो नायिका को जिससे वो १०० मीटर की दौड़ लगाने लगी।

बहरहाल खूबसूरत वादियों में सफ़ेद कपड़ों की चकाचक धुलाई के
विज्ञापन सा ये गीत सुनने में आनंद देता है।




गीत के बोल:

आ हा हा हा हा, आ हा हा हा हा
आ आ आ हा हा हा हा हा
वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना

कैसी उदासी तेरे चेहरे पे छायी
क्या बात है जो तेरी आँख भर आई
कैसी उदासी तेरे चेहरे पे छायी
क्या बात है जो तेरी आँख भर आई
देखो तो क्या नज़ारे हैं
तुम्हारी तरह प्यारे हैं
हंसो ना मेरे लिए तुम
सभी तो ये तुम्हारे हैं ओ जाने जान
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना

वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना

इन वादियों में यूँ ही मिलते रहेंगे
दिल में वफ़ा के दिए जलते रहेंगे
इन वादियों में यूँ ही मिलते रहेंगे
दिल में वफ़ा के दिए जलते रहेंगे
यह माँगा है दुआओं में
कमी ना हो वफाओं में
रहें तेरी निगाहों में
लिखो ना ये फिजाओं में ओ साजना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना

वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
..............................
Wada raha sanam-Khiladi 1992

Tuesday, 18 October 2011

पायलिया हो हो हो हो-दीवाना १९९२

आपको थोड़े दिन पहले रफ़ी का गाया एक अमर गीत सुनवाया था सन १९५२ की
दीवाना से। ठीक ४० साल बाद एक और दीवाना आई जो रंगीन थी और जिसमें
संगीत नदीम श्रवण का था। ये फिल्म शाहरुख़ खान की पदार्पण फिल्म थी ,
फिल्म काफी चली जिसकी मुख्य वजह इसकी अभिनेत्री दिव्या भारती और इसके
लोकप्रिय गीत रहे। फिल्म गायक कुमार सानू के कैरियर के लिए भी काफी फायदेमंद
साबित हुयी। इस फिल्म के बाद ऋषि कपूर शायद ही किसी रोमांटिक भूमिका में
दिखाई दिए हों। हिंदी फिल्मों की फिलासफी ऐसी है कि उसमें नायक कभी बूढा
नहीं होता। इस गीत में भी नायक अपने से आधी उम्र की नायिका से साथ ठुमके
लगा रहा है। यही वो बातें हैं जो दर्शक बिना हाजमोला के ख़ुशी ख़ुशी पचा जाता है।

गीतकार आनंद बख्शी द्वारा रिक्त किये गए स्थान को शायद अगली पीढ़ी से अनजान पुत्र
समीर ने ही भरा । ९० के दशक में उन्होंने भी गाने कि फैक्ट्री माफिक काफी गीत लिखे
हिंदी फिल्मों के लिए। उनके लिखे काफी गीत चर्चित रहे और हिट हुए।



गीत के बोल:

पायलिया, हो हो हो हो,
पायलिया, हो हो हो हो

जिंद माहिया, जिंद माहिया
जाना मैं जाना तेरे साथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
हाथों में ले ले मेरा हाथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
जाना मैं जाना तेरे साथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
हाथों में ले ले मेरा हाथ वे

पायलिया, हो हो हो हो, पायलिया, हो हो हो हो
तेरी पायलिया शोर मचाये, नींद चुराए
होश उडाये, मुझको पास बुलाये, ओ रब्बा हो

पायलिया, हो हो हो हो, पायलिया, हो हो हो हो
पायलिया गीत सुनाये, सरगम गाये
प्रीत जगाये, तुझको पास बुलाये, रब्बा हो

पायलिया, हो हो हो हो
पायलिया, हो हो हो हो

आँखों में तेरे सपने, होंठों पे तेरी बात
ये दिन तो कट जाता है, गुज़रती नहीं रात
आँखों में तेरे सपने, होंठों पे तेरी बात
ये दिन तो कट जाता है, गुज़रती नहीं रात

हाय कैसे मैं सुनाऊँ जिया का तुझको हाल
के याद नहीं मुझको महीना दिन साल

साँसों से बांधे साँसों का बंधन
तेरी पायल गोरी मेरे दिल की धड़कन

पायलिया, हो हो हो हो,
पायलिया, हो हो हो हो
पायलिया गीत सुनाये, सरगम गाये
प्रीत जगाये, तुझको पास बुलाये, रब्बा हो

तेरी पायलिया शोर मचाये, नींद चुराए
होश उडाये, मुझको पास बुलाये, रब्बा हो

मेरी पायल पे लिखा है दीवाने तेरा नाम
बाहों में तेरी बीते अब मेरे सुबह-ओ-शाम
मेरी पायल पे लिखा है दीवाने तेरा नाम
बाहों में तेरी बीते अब मेरे सुबह-ओ-शाम

जी मेरा कहता है मैं पायल बन जाऊं
इन गोरे गोरे पैरों की रंगत चुराऊँ

ऐसी बातों से मुझको डर लागे
नाज़ुक होते है चाहत के धागे

पायलिया, हो हो हो हो,
पायलिया, हो हो हो हो
तेरी पायलिया शोर मचाये, नींद चुराए
होश उडाये, मुझको पास बुलाये, ओ रब्बा हो

पायलिया गीत सुनाये, सरगम गाये
प्रीत जगाये, तुझको पास बुलाये, रब्बा हो

पायलिया, हो हो हो हो
पायलिया, हो हो हो हो

जिंद माहिया, जिंद माहिया
जाना मैं जाना तेरे साथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
हाथों में ले ले मेरा हाथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
जाना मैं जाना तेरे साथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
हाथों में ले ले मेरा हाथ वे

आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ

जिंद माहिया, जिंद माहिया
जाना मैं जाना तेरे साथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
हाथों में ले ले मेरा हाथ वे
..........................................
Payaliya ho ho ho-Deewana 1992

Saturday, 6 August 2011

देखा तुझे तो-कोयला १९९७

क से कोट , क से कोयला. फिल्म निर्देशकों ने शाहरुख खान को

उनकी शुरूआती फिल्मों में खूब ओवर साइज़ कोट पहनाए. आइये सुनें

राकेश रोशन निर्देशित कोयला फिल्म से एक हिट गीत. फिल्म ज्यादा

नहीं चली मगर इसके गीत थोड़े बहुत बजे जिसमें सबसे ज्यादा बजा

प्रस्तुत गीत . यह गीत अलका याग्निक और कुमार सानू की आवाजों

में है. नायिका को तो आप पहचान ही गए होंगे-हुसैन की गज-गामिनी.



कुमार सानू को "हो" उनके अधिकतर गीतों में जबरन ठूंसी हुई लगती

है. शायद किसी ने भी उनको ये नहीं बताया कि उनकी "हों हों " सुनने

में कतई कर्णप्रिय नहीं लगती है.



गीत माधुरी दीक्षित पर ही केंद्रित है और नायक इसमें एक सहायक कलाकार

जितनी भूमिका निभा रहा है. माधुरी की उपस्थिति से भी फिल्म की जो

बॉक्स ऑफिस की स्तिथि थी उस पर कोई सुधार नहीं आया.













गीत के बोल:



देखा तुझे तो हो गयी दीवानी

पा लूं तुझे तो मर न जाऊं कहीं



देखा तुझे तो हो गयी दीवानी

पा लूं तुझे तो मर न जाऊं कहीं



तेरे संग जीने को आया

तन मन अपना देने लाया



देखा तुझे तो जीने लगे हम

पा लें तुझे तो न हो मरने का गम





खुश नसीबी से मुझे प्यार इतना मिल गया

आज आँचल ही मेरा मुझको कम लगने लगा

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

खुश नसीबी से मुझे प्यार इतना मिल गया

आज आँचल ही मेरा मुझको कम लगने लगा

मांगने तेरा हाथ मैं आया

देने सारा जीवन लाया



देखा तुझे तो, हाँ जीने लगे हम

पा लें तुझे तो न हो मरने का गम



चाहना न चाहना किसके बस की बात है

दिल का आज आना किसी पर किस्मतों के हाथ है

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

चाहना न चाहना किसके बस की बात है

दिल का आज आना किसी पर किस्मतों के हाथ है

पहले प्यार को मिटते न देखा

ये तो है पत्थर कि रेखा



देखा तुझे तो हो गयी दीवानी

पा लूं तुझे तो मर न जाऊं कहीं



तेरे संग जीने को आया

तन मन अपना देने लाया



देखा तुझे तो, हाँ जीने लगे हम

पा लें तुझे तो न हो मरने का गम

.........................

Dekha tujhe to-Koyla 1997

Wednesday, 27 July 2011

फ़िल्मी बरसात ८ -मौसम प्यारा भीगा भीगा-दुश्मन ज़माना १९९२

बारिश का मौसम है, एक और गीत सुना जाए। फिल्म दुश्मन ज़माना
से ये गीत लिया गया है। गीत गाया है अलका याग्निक और कुमार सानू
ने। अलका याग्निक की तबियत ठीक नहीं रही होगी जब गीत रेकोर्ड
किया जा रहा था या फिर संगीत निर्देशक ने ही उनको थके थके से अंदाज़
में गाने के लिए कहा होगा। लाल टी शर्ट में नायक घर के नौकर जैसा और
नायिका घर के मालिक की बेटी जैसी दिखाई दे रही है। कितने भी तडकाऊ
भडकाऊ गीत हमारे यहाँ बन जाएँ मगर वे सब होलिवुड से दो कदम पीछे
ही रहेंगे ।



गीत के बोल:


मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा

हो ओ ओ ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ, हो ओ ओ

मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा

साँसों में घोल दे
साँसों की मस्तियाँ
न फासले रहें तेरे मेरे दरमियाँ
बिजली से डर के मैं तुमसे लिपट गयी
फिर शर्म आई तो खुद में सिमट गयी

रिमझिम पानी धीरे धीरे
रिमझिम पानी धीरे धीरे
नस नस में शोले जगाने लगा

हो ओ ओ ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ, हो ओ ओ

मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा

क्या घिर के आई है घनघोर ये घटा
हर बूँद में सजन है प्यार का नशा
हो ओ ओ
तेरी निगाहों की मस्ती पे दिलरुबा
पी के बरस गयी मदहोश ये अदा
बैरी सावन यूँ जाने जान
बैरी सावन यूँ जाने जान
अंग अंग में दर्द जगाने लगा
हो ओ ओ ओ ओ ओ

मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ ओ

मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ, हो ओ ओ

मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
.................................
Mausam pyara bheega bheega-Dushman Zamana 1992

Friday, 15 July 2011

गुलाई गुलाई गो 1 -इसी का नाम जिंदगी १९९२

वाह वाह क्या बात है, समुद्र किनारे पे फैशन शो हो रहा है. इसके
बाद ये क्या होने लगा ?

आपको अब रंगीन युग से एक गीत सुनवाते हैं इसकी ध्वनियाँ
आपके कान में अवश्य एक न एक बार पड़ी होंगी. इसको आप
डिस्को-आदिवासी नृत्य कह सकते हैं . सुदूर गांव के आदिवासी
एकदम से पढ़ लिख कर, किसी शौपिंग मॉल में घुस कर कपडे
पहन कर, कोई हिंदी फिल्म देख कर, ठंडा-वंडा पी कर यकायक
नाचने लगें तो कैसे लगेंगे इस गीत में देखिये .


नृत्य की ऐसी संकर किस्में आपको हिंदी फिल्मों के अलावा कहाँ
देखने को मिलेंगी भला ? आमिर खान, फरहा और बहुत सारे
सहायक कलाकारों पर इसे फिल्माया गया है. स्वयं संगीतकार
बप्पी लाहिरी इसे गा रहे हैं और उनके साथ गा रही हैं गायिका-
अलका याग्निक. अजीब से कपडे पहने नायक नायिका जिस
संगीतमय कसरत को कर रहे हैं उसमें दिमाग खपाने के बजाये
उसका आनंद लेने कि ज़रूरत है.




गीत के बोल:

गुलाई गुलाई गो,
हाँ गुलाई गो

गुलाई गुलाई गो,
हाँ गुलाई गो
मिले कोई अनजाना
जो लागे जाना पहचाना
तो दिल कहे इसको अपना बनाना
चाहे खुद लुट जाना

गुलाई गुलाई गो, हा हा
हाँ गुलाई गो , हा हा
अरे गुलाई गुलाई गो
हाँ गुलाई गो
मिले कोई अनजाना
जो लागे जाना पहचाना
तो दिल कहे इसको अपना बनाना
चाहे खुद लुट जाना

गुलाई गुलाई गो
हाँ गुलाई गो
अरे गुलाई गुलाई गो
हाँ गुलाई गो

यार गारा दिलदार हो
खुल्लम खुल्ला प्यार हो
यार गारा दिलदार हो
खुल्लम खुल्ला प्यार हो
नज़रों में खेल हुआ
दिलों का मेल हुआ
बाहों में आ जाना
गो गो गो गो गो गो गो
गो गो गो गो गो गो गो
गुलाई गुलाई
गो गो गो गो गो गो गो
गो गो गो गो गो गो गो
गुलाई गुलाई

सच्चा प्यार जो करता है
वो न किसी से डरता है
सच्चा प्यार जो करता है
वो न किसी से डरता है
चाहे कोई रोके टोके, हो हो

....................................
Gulai gulai go-Isi ka naam zindagi 1992

Tuesday, 5 July 2011

तुम जैसी कोई सुन्दर -इसी का नाम ज़िन्दगी १९९२

आमिर खान और फरहा की जोड़ी वाली फिल्म। इस गीत में
अमित कुमार और अलका याग्निक की आवाजें हैं। बप्पी लहरी
का संगीत है और फिल्म का नाम है-इसी का नाम ज़िन्दगी। इस
फिल्म के कुछ गीत बहुत बजे थे, आगे सुनवायेंगे आपको।

फिलहाल इस छेड़ छाड़ वाले गीत का आनंद उठाइए। गीत लिखा
है रमेश पन्त ने।




गीत के बोल:

अरे दिल की रानी
अरे जा जा छैला जा जा
तुम जैसी कोई सुन्दर इस दुनिया में ना होगी
तुम जैसी कोई सुन्दर इस दुनिया में ना होगी
मैं तुमसे अगर दिल मांगूं
तो दोगी या ना दोगी ?
तुम जैसी कोई सुन्दर इस दुनिया में ना होगी
मैं तुमसे अगर दिल मांगूं
तो दोगी या ना दोगी ?
बोलो दोगी या ना दोगी ?
हो बोलो दोगी या ना दोगी ?
बोला ना नहीं दूँगी

जबसे मैंने तुमको देखा
रूप के आगे माथा टेका
जबसे मैंने तुमको देखा
रूप के आगे माथा टेका

जबसे मैंने तुमको देखा
रूप के आगे माथा टेका
जबसे मैंने तुमको देखा
रूप के आगे माथा टेका

दीवाना कब हुआ तुम्हारा
मैंने ना जाना
चाहे जैसे भी हो तुमको
ये है समझाना
क्या ?
इस जीवन में दो तुम
मेरे बच्चे जां कब दोगी
मैं तुमसे अगर दिल मांगूं
तो दोगी या ना दोगी ?
बोलो दोगी या ना दोगी ?
हो बोलो दोगी दोगी या ना दोगी ?

कहा ना नहीं दूँगी

अगर कहीं तुम मेरी हुई ना
मुश्किल होगा मेरा जीना
अगर कहीं तुम मेरी हुई ना
मुश्किल होगा मेरा जीना

अगर कहीं तुम मेरी हुई ना
मुश्किल होगा मेरा जीना
अगर कहीं तुम मेरी हुई ना
मुश्किल होगा मेरा जीना

और किसी को तुमने चाह
ऐसा कभी ना हो
हाल मेरा क्या होगा वरना
तुम ये भी सुन लो

क्या करोगे

या पागल हो जाऊँगा
या बन जाऊँगा जोगी
मैं तुमसे अगर दिल मांगूं
तो दोगी या ना दोगी ?
बोलो दोगी या ना दोगी ?
हो बोलो दोगी दोगी या ना दोगी ?

कभी नहीं दूँगी

............................
Tum jaisi koi sundar-Isi ka naam zindagi 1992

Wednesday, 29 June 2011

हाय मेरा दिल-जोश २०००

फिल्म जोश के पांच गीत आप सुन चुके हैं। छठा गीत सुनवाते हैं
आपको जो युगल गीत है अलका याग्निक और उदित नारायण
की आवाजों में। अनजान पुत्र समीर के लिखे बोलों को स्वरबद्ध
किया है अन्नू मलिक ने।

कुछ तुम एम्बेरैसो कुछ हम एम्बेरैसें, कुछ तुम स्माइलो कुछ हम
स्माइलें । आधुनिक युग के बोलिवुडिये हिंगलिश गीत सुन सुन के
दिमाग में नए नए शब्द आ जाते हैं। अंग्रेजी शब्दों का देसीकरण
कैसे किया जाये उसका एक नमूना आपके लिए पेश किया है ।

जोश फिल्म के सारे गीत श्रवणीय हैं। सन २००० में कई मधुर गीत
बने हैं। धीरे धीरे आपको इस वर्ष के बाकी कर्णप्रिय गीत भी सुनवायेंगे।
अभी तो काले-पीले युग के ही हजारों गीत बाकी हैं सुनवाने के लिए।



गीत के बोल:

इतना प्यारा है ये प्यार, प्यारा प्यारा
हुआ है पहली बार, होता है एक बार
फिर ना होगा, ये दुबारा

हाय मेरा दिल, चुरा के ले गया
चुराने वाला, मेरा कातिल
हाय मेरा दिल, चुरा के ले गई,
चुराने वाली, मेरी कातिल

ये दिल तुझ पे आया है, आते आते
दर्द-ए- दिल तो जाते है, जाते जाते
जागे हैं, सोये हैं, हम दोनों खोये हैं
कैसी तन्हाई है, मस्ती सी छाई है
ये मौसम है, प्यार के काबिल

हाय मेरा दिल, चुरा के ले गया
चुराने वाला, मेरा कातिल

अब तो काटे ना कटे, प्यासी रातेइन
कुछ कुछ होता है सुन के, ऐसी बातेइन
बेचैनी सहने दे, पलकों में रहने दे
तेरी बाहों में है, तेरी राहों में है
जान-ए-जाना मेरी मंजिल

हाय मेरा दिल, चुरा के ले गई,
चुराने वाली, मेरी कातिल

हाय मेरा दिल, चुरा के ले गया
चुराने वाला, मेरा कातिल

इतना प्यारा है ये प्यार, प्यारा प्यारा
हुआ है पहली बार, होता है एक बार
फिर ना होगा, ये दुबारा
......................................
Haye mera dil-Josh 2000

Tuesday, 21 June 2011

चूड़ी बजी है-यस बॉस १९९७

अज़ीज़ मिर्ज़ा निर्देशित फिल्म यस बॉस के गीत कर्णप्रिय हैं और नई
पीढ़ी द्वारा बेहद पसदं किये गये। कुछ पुरानी और अर्ध-पुरानी पीढ़ी के
लोग भी सुनते मिले मुझे इस फिल्म के गीत। ये एक युगल गीत है
जो शाहरुख़ खान और जूही चावला पर फिल्माया गया है। जावेद अख्तर
के बोलों को सुरों में पिरोया है जतिन ललित ने। गीत गा रहे हैं गायक
उदित नारायण और गायिका अलका याग्निक ।

प्रकृति के सौंदर्य के अलावा प्रेमालाप के दृश्यों से भरपूर ये गीत देखने
लायक है। एक ही चीज़ आपको अटपटी लग सकती है वो है शाहरुख़
खान द्वारा पहना गया एक्स्ट्रा लार्ज साइज़ का पीले रंग का कोट पैंट ।



गीत के बोल:

चूड़ी कुछ कहे
कंगना क्यों बजा
क्या पता क्या हुआ

चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
हो, चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
ये तेरा कजरा, ये तेरा गजरा
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन

चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन

गिन गिन तारे रात गुज़ारूं
दिन दिन भर मैं तुझे पुकारूँ
संवरे ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
गिन गिन तारे रात गुज़ारूं
दिन दिन भर मैं तुझे पुकारूँ
गूंजती है पवन जैसे सन सन सन सन सन

हो ओ ओ,चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन

खिलते खिलते गुल खिलते हैं
मिलते मिलते दिल मिलते हैं
गोरिये ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
खिलते खिलते गुल खिलते हैं
मिलते मिलते दिल मिलते हैं
दिल मिलें तो बजे साज झन झन झन झन झन

हाँ,
चूड़ी बजी है
कंगना बजा है

ओ ओ चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
ये तेरा कजरा, ये तेरा गजरा
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन
.........................................C
Choodi baji hai-Yes boss 1997

Wednesday, 8 June 2011

जानेमन चुपके चुपके २ -मुस्कान २००३

आइये नए दौर की तरफ एक बार फिर से चलें। सन १९७१ से
आपको लिए चलते हैं सन २००३ में। गीत है फिल्म मुस्कान से।
इस फिल्म का एक गीत आपको सुनवा चुके हैं पहले। उसी गीत
का महिला संस्करण सुनिए। फिल्म में अफताब शिवदासानी और
ग्रेसी सिंह मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस गीत को गाया है गायिका
अलका याग्निक ने ।

इसके संगीतकार हैं निखिल-विनय और गीत के बोल लिखे हैं
एक बार फिर से अनजान पुत्र समीर ने। कहते हैं जो किताब आँखों
के बिलकुल पास हो उसके अक्षर दिखाई नहीं देते हैं। हीरो नायिका
के गायन से बेखबर वही गीत अपने walkman पर सुन रहा है जो
नायिका गा रही है। अभी तक उसको ये नहीं मालूम पढ़ा है कि जिसे
वो मन ही मन प्यार करता है वो वही है जो उसके सामने ही नाच कर
गीत गा रही है। निर्देशन का कमाल देखिये जैसे ही नायक का मित्र
walkman की डोरी खींचता है, नायिका का गीत भी ख़त्म हो जाता है।
ऐसे गीत बहुत अच्छे लगते हैं जिसमे नायिका-glad, gladder और
gladdest तीनों डिग्री तक खुश दिखाई दे रही हो।






गीत के बोल:

जानेमन चुपके चुपके, सारी दुनिया से छुपके
उसने ऐसी बात कही दिल मेरा खो गया
न जाने कब प्यार हो गया, सनम इकरार हो गया
न जाने कब प्यार हो गया, सनम इकरार हो गया

वो ना समझे वो ना जाने, कितना उसको चाहूं मैं
वो ना समझे वो ना जाने कितना उसको चाहूं मैं
उसकी चाहत पे हर एक लम्हा अपनी जान लुटाऊँ मैं
नादान है वो तो, अनजान है वो तो
नादान है वो तो, अनजान है वो तो
मैं क्या करूं
महफ़िल से तन्हाई से, ख्वाबों की परछाई से
महफ़िल से तन्हाई से, ख्वाबों की परछाई से
उसने ऐसी बात कही दिल मेरा खो गया
न जाने कब प्यार हो गया, सनम इकरार हो गया
न जाने कब प्यार हो गया, सनम इकरार हो गया

इश्क मोहब्बत को ठुकराया वो कैसा दीवाना है
मेरे दर्द से मेरे गम से अब तक वो बेगाना है
दूरी सहें कैसे कुछ भी कहूं कैसे
दूरी सहें कैसे कुछ भी कहूं कैसे
यार बता

धड़कन से मेरी साँसों से, कसमों से मेरे वादों से
उसने ऐसी बात कही दिल मेरा खो गया
न जाने कब प्यार हो गया, सनम इकरार हो गया
न जाने कब प्यार हो गया, सनम इकरार हो गया

........................................
Jaaneman chupke chupke 2-Muskaan 2003

Sunday, 5 June 2011

तू मेरे साथ साथ चल-राजू बन गया जेंटलमैन १९९२

लम्बे नाम वाली फिल्म-राजू बन गया जेंटलमैन से तीसरा गीत सुनिए.
अलका याग्निक और कुमार सानू की आवाजें फिट की गई हैं अमृता सिंह
और शाहरुख़ खान पर। गरीब मगर महत्वकांक्षी नायक को कृतिम
चमक दमक वाली दुनिया में आने का न्योता दिया जा रहा है गीत के
ज़रिये। गीत कर्णप्रिय है। पीने के बाद आदमी की दबी इच्छाएं बाहर आ
जाती हैं चाहे वो उछलने या कूदने की ही क्यूँ ना हों , फिल्म का चरित्र
यही बताने की कोशिश कर रहा है। निर्देशक अज़ीज़ मिर्ज़ा का सेंस ऑफ़
ह्यूमर ज़बरदस्त है।

अमृता सिंह इस फिल्म तक काफी मंज चुकीं थीं अभिनय में। इस फिल्म
में उनका किरदार ज्यादा बड़ा नहीं है मगर उल्लेखनीय अवश्य है। उनके
किरदार का नाम सपना है और वे नायक को महत्वकांक्षी सपने देखने के
लिए प्रेरित करती हैं।

गीत का फिल्मांकन बढ़िया है और इस फिल्म के सिनेमाटोग्राफर मतलब
छायाकार बिनोद प्रधान हैं। शोले फेम जी पी सिप्पी इसके निर्माता हैं। प्रस्तुत
गीत महेंद्र देहलवी का लिखा हुआ है जिन्होंने पुराने गीतकारों की याद ताज़ा
करवा दी।



गीत के बोल:

तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी

तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी

हुस्न है शाम है
उठा ले जाम तू ख़ुशी का
वक़्त है यह तेरा
मन ले जसं ज़िन्दगी का
ये शाम आज की तेरे ही नाम है
तेरे नसीब भी तेरा गुलाम है
क्या हसीं ये मुकाम है

तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी

हुस्न से भी हस्सें
है ख्वाब मेरी ज़िन्दगी के
इस ख़ुशी से परे
हैं मोड़ और भी ख़ुशी के
मैन देखता नहीं कभी इधर उधार
बस अपनी मंजिलों पे है मेरी नज़र
देख मुझको मेरे हमसफ़र

तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी

तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी
.................................
Too mere sath sath aasman se aage chal-Raju ban gaya gentleman 1992

Friday, 3 June 2011

जिंदा हैं हम तो-जोश २०००

फिल्म जोश(२०००) के चार गीत आपको सुनवा दिए हैं। फिल्म के संगीत
पर काफी चर्चा हम कर चुके हैं। केवल इस गीत के ऊपर थोड़ी लालटेन
चमकाएंगे। नितिन रैकवार के हिंगलिश गीत को गाया है अभिजीत,
जोली मुखर्जी और हेमा सरदेसाई ने। इसमें से जोली और हेमा ऊंची
पट्टी पर गाने वाले गायक हैं। अभिजीत ने भी कई गीत ऊंची पट्टी
पर गाये हैं मगर वे ऊंची पट्टी वालों की जमात में शामिल नहीं किये
जाते। एक आवाज़ और है इस गीत में-अलका याग्निक की जो दूसरे
अंतरे के समय प्रकट होती हैं।

गोवा की संस्कृति से ओतप्रोत ये गीत पुराने गोवा और आधुनिक गोवा
के बदलावों के बीच सेतु का काम सा करता दिखाई देता है। गीत के
बोलों पर ज्यादा दिमाग ना खपायें, खाली धुन का आनंद लेकर काम
चलाया जा सकता है। रे रे रे री रा रा गाने वाला गायक ऐसी आवाजें
निकाल रहा है जैसे उसको कब्जियत की शिकायत हो । कुल मिला के
गीत आकर्षक है और देखने में बढ़िया लगता है अपने नृत्य की वजह
से। आप अगर आवाज़ बंद करके सुनेंगे इस गीत को तो लगेगा किसी
बहुराष्ट्रीय कंपनी के उत्पाद का विज्ञापन देख रहे हों। आपको विभिन्न देशों
के जीव इस गीत में थिरकते नज़र आयेंगे। मिस्त्र की सुंदरी सी वेशभूषा
में युवती के साथ टावेल लपेटे चश्मा लगाये अपना हिन्दुस्तानी भाई
भी नज़र आएगा इस गीत में। गीत काफी महंगे सेट पर फिल्माया गया
है और इसका फिल्मांकन उत्तम कोटि का है।

गीत में नायक को पुरानी यादों के साये में घिरा हुआ दिखाया जाता है।
उत्सवी माहौल में वो दुखी है और अपने बचपन को याद कर रहा है।




गीत के बोल :

जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया

जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया

ओ रम्भा... ओ सम्भा...
इतना मुस्का नको मारो हमें, ऐसी बातों से डर लगता हमें
तुम प्यार कैसे, बोलो करेगा, डरता है क्यूँ मारिया
आईला साला हमपे मरता है ये, लगता है लव हमको करता है ये
यूँ न डरेगा, हम तो कहेगा, तुम सा नहीं मारिया

जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया

रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु
ओ साहिबा तुम भुलाना नहीं, दिल में आ के दूर जाना नहीं
दिल जो लिया है, दिल भी दिया है, बेवफा हम नहीं
ओ दिल जो तोड़ेगा हम कुछ कर जायेगा, लगता है हम तो मर जायेगा
तुमसे मोहब्बत, हमको है कितना, कैसे कहें मारिया
ओ रम्भा... ओ सम्भा.... रु रु....

रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु

जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया
..............................
Zinda hain hum to-Josh 2000

Monday, 11 April 2011

पीना हराम है ना पिलाना हराम है-चमेली की शादी १९८६

मार्च के महीने के अंत में दारू(विलायती, देसी) के ठेके अपने अंतिम
चरण में होते हैं। स्टॉक ख़त्म करने के चक्कर में पुराने ठेकेदार अपना
माल सस्ती दरों में भी बेच दिया करते हैं। उस समय तो साहब
दारुडियों का ये हाल होता है-पाँचों उँगलियाँ घी में, पैर चूल्हे में और
सर कढ़ाई में। कुछ कुछ लोग तो इस हिसाब से सेवन करते हैं मानो
एक साल की क़सर निकाल रहे हों।

आज आपको एक किशोर कुमार का गाया हुआ एक मस्त गीत सुनवाते
हैं, होली की क़सर जो निकालनी है। गीत फिल्म का निर्देशन बासु चटर्जी ने।
एक घासलेटी सी प्रेम कहानी जो हमारे इर्द गिर्द अक्सर सुनाई देती है अलग
अलग डेंसिटी में, उसका जीवंत और वास्तविक चित्रण इस फिल्म में है और
चाहे फिल्म समीक्षक इसको कोई भी दर्ज़ा प्रदान करें, इसे सिनेमा इतिहास
की सर्वाधिक मनोरंजक फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म का निर्देशन बासु
चटर्जी ने किया है।

इस फिल्म के पहलुओं पर काफ़ी चर्चा होना बाकी है। पढ़ते रहिये ये ब्लॉग।
पर अनिल कपूर के अलावा जो अन्य कलाकार हैं उनके नाम हैं-हुमा खान
और अनु कपूर। गायक कलाकार हैं-अलका याग्निक और किशोर कुमार ।



गीत के बोल:

पीना हराम है ना पिलाना हराम है
पीना हराम ना पिलाना हराम है
पीने के बाद प्यारे
लडखडाना , लडखडाना
हाँ लडखडाना हराम है

हाँ,पीना हराम है ना पिलाना हराम है
पीना हराम ना पिलाना हराम है
पीने के बाद प्यारे
लडखडाना , बहक जाना
डगमगाना हराम है

नशा,
नशा देखा लाल पानी में देखा अनूठा
नशा देखा लाल पानी में देखा अनूठा
पी के दो घूँट गला घोंट दो ग़मों का
घोंट दो गला
पीने के बाद नज़र आये ना धोखा
खुल जाये भेद दोस्तों दुश्मनों का
तू ही मेरा जिगरी यार है
तुझको जिसपे इतना प्यार है
प्यार ये दिल के आर पार है
दिल तुझपे लट्टू
आंख वही है नाक वही है
बाल वही है चाल वही है
हाँ तू नटवरलाल वही है
मेरा यार नट्टू, निखट्टू

मस्ती है जाम है
हाँ मस्ती है जाम है
हाँ कितना आराम है
हाँ मस्ती है जाम है
हाँ कितना आराम है
पीने के बाद प्यारे
तडफडाना, तिलमिलाना
छटपटाना हराम है

पीना हराम ना पिलाना हराम है
पीने के बाद प्यारे
तडफडाना, तडफडाना
तडफडाना हराम है

हो, जो पीना है तो प्यार के जाम पीना
जो पीना है तो प्यार के जाम पीना

नशा जिसका मरके भी उतरे कभी ना
क्या बात कही
जो ले डूबे तुझको वो पीना क्या पीना
बेहोश हो के भी जीना क्या जीना
सुबह भुला दे शाम भुला दे
दुनिया का हर काम भुला दे
क्या होगा अंजाम भुला दे
जाम का ये जादू
नाम बदल के दे जो झांसा
झांसे से कितनों को फांसा
आखिर उल्टा पढ़ गया पासा
बना तमाशा तू

मय क्यूँ बदनाम है
क्यूँ क्यूँ
हाँ, मय क्यूँ बदनाम है
क्यूँ पीना इलज़ाम है
हाँ, मय क्यूँ बदनाम है
क्यूँ पीना इलज़ाम है

पीने के बाद प्यारे
हडबड़ाना, गड़बढ़ाना
बडबडाना हराम है

पीना हराम ना पिलाना हराम है
पीने के बाद प्यारे
लडखडाना, ऐ तडफडाना
हो बडबडाना हराम है

Friday, 14 January 2011

हम जानते हैं-खिलौना १९९६

आइये नए दौर के कुछ जल्दी भुला दिए गए कलाकारों पर फिल्माया
गया एक गीत सुनें और देखें। आदित्य पंचोली, अयूब खान और
मोनिका बेदी आपको परदे पर नज़र आयेंगे। अयूब खान ने भले ही
गिनती की फिल्मों में काम किया हो उनकी गिनती हिंदी सिनेमा
इतिहास के सबसे हैण्डसम नायकों में की जाती रहेगी। आदित्य पंचोली
लम्बे अरसे से किसी भी परदे पर नज़र नहीं आये। मोनिका बेदी को
आप बिग बॉस के पिछले संकरण में देख चुके होंगे और अयूब खान
अभी हाल ही में एन डी टी वी के एक चैनल इमैजिन पर प्रसारित कार्यक्रम
'राज़ पिछले जनम का' में आ चुके हैं।

ऐसे indirect expression वाले गीत आपको फिल्मों में अक्सर देखने को
मिल जायेंगे जिनमें कलाकारों की भावनाओं के इज़हार के लिए दुसरे
कलाकारों का सहारा लिया जाता है। अक्सर ऐसे गीत पार्टियों में ही
सुनाई पढ़ते हैं। कुरते पाजामे में जो किरदार ढपली ले कर गाना गा रहा है
उसे आपने हाल की कुछ फिल्मों में ज़रूर देखा होगा। ज़फर गोरखपुरी के लिखे
गीत की तर्ज़ बनाई है संगीतकार नरेश शर्मा ने और इसे गाया है अलका याग्निक
और विनोद राठोड ने।



गीत के बोल :

हम जानते हैं
हम जानते हैं तुम हमें नाशाद करोगे
तोड़ोगे मेरा दिल मुझे बर्बाद करोगे
तोड़ोगे मेरा दिल मुझे बर्बाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे, क्या याद करोगे
क्या याद करोगे, क्या याद करोगे

ना चैन हमें दोगे
ना चैन हमें दोगे ना तुम शाद करोगे
ना दर्द की जंजीर से आज़ाद करोगे
ना दर्द की जंजीर से आज़ाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे

जुल्फों की घनी छाँव ये गालों की हसीं धूप
जिन्दा है तेरे प्यार से जानम ये मेरा रूप
जुल्फों की घनी छाँव ये गालों की हसीं धूप
जिन्दा है तेरे प्यार से जानम ये मेरा रूप
क्या क्या ना तेरे प्यार को दिलबर दिया हमने
तू बूँद का प्यासा था समंदर दिया हमने
समंदर दिया हमने
मालूम है
मालूम है खुश रह के भी फरियाद करोगे
तोड़ोगे मेरा दिल मुझे बर्बाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे

एक दिल ही नहीं सारा सफ़र हमने दिया है
क्या क्या ना तुम्हें जान-ए-जिगर हमने दिया है
एक दिल ही नहीं सारा सफ़र हमने दिया है
क्या क्या ना तुम्हें जान-ए-जिगर हमने दिया है
मांगी थी गली तुमने नगर हमने दिया है
अरमान का महल प्यार का घर हमने दिया है
घर हमने दिया है
मालूम है
मालूम है तुम घर मेरा बरबाद करोगे
ना दर्द की जंजीर से आज़ाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे

हम जानते हैं तुम हमें नाशाद करोगे
हम जानते हैं तुम हमें नाशाद करोगे
ना दर्द की जंजीर से आज़ाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे, क्या याद करोगे
क्या याद करोगे, क्या याद करोगे

क्या याद करोगे क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
..........................................................
Hum jaante hain....kya yaad karoge-Khilona 1996

Thursday, 6 January 2011

राजू आवारा बरसात में-गुंडा मवाली १९९५

अपने ब्लॉग पर मैंने पाया कि कुछ पोस्ट ज्यादा पढ़े जाते हैं जिनमे
ऐसे शब्द होते हैं-आवारा, बरसात, बेशर्म, मछली, आग, बहन वगैरह।
एक आवारा शब्द वाला गीत ही सुन लीजिये आज। फिल्म का नाम है
-गुंडा मवाली जो सन १९९५ में आई थी। गीत गाया है कुमार सानू और
अलका याग्निक ने। संगीत तैयार किया है जतिन ललित ने।



गीत के बोल:

बोल के लिए चटका लगायें.
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Raju awara barsaat mein-Gunda Mawali 1995

Saturday, 11 December 2010

सागर से गहरा है प्यार हमारा- मझधार १९९४

एक महानुभाव से मैं कल एक मसाज-अरंजेर पर बात कर रहा था ।
जी हाँ सारे मेसेंजर दिमाग और आँखों की अच्छी मसाज जो करते
हैं सो इनका इससे बेहतर नाम मुझे नहीं सूझ रहा। उसपर वार्तालाप
के दौरान एक गीत पर चर्चा हुई-गुटुर गुटुर-फिल्म दलाल के। मेरे
मित्र ने कहा-अच्छे गीत भी सुना करो। मैंने उदाहरण पूछा तो झट
उन्होंने नाम लिया इस गीत का-सागर से गहरा है प्यार हमारा।
खैर मेरे वो मित्र मेरे संगीत प्रेम से ज्यादा वाकिफ नहीं हैं। उनकी
खातिर मैं ये गीत यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ। इस गीत की स्वर लहरियां
मुझे पसंद है और जब भी कहीं सुनाई देता है कोशिश करता हूँ इसको
पूरा सुनने की। वार्तालाप के बाद मेरे मित्रा मुझे फिल्म मझधार का
ये गीत बतलाने के पश्चात मुझे चैट की मझधार में छोड़ गए। गीत
फिल्माया गया है मनीषा कोइराला और राहुल रॉय पर। राहुल रॉय
अपनी एक्टिंग से ज्यादा अपने केश विन्यास की वजह से पहचाने
गए हैं।



गीत के बोल:

सागर से गहरा है प्यार हमारा
हम मर जायेंगे जी नहीं पायेंगे
हम मर जायेंगे जी नहीं पायेंगे
साथ कभी छूटा जो तुम्हारा,
आ आ आ , तुम्हारा

सागर से गहरा है प्यार हमारा
हम मर जायेंगे जी नहीं पायेंगे
हम मर जायेंगे जी नहीं पायेंगे
साथ कभी छूटा जो तुम्हारा
आ आ आ , तुम्हारा

सागर से गहरा है प्यार हमारा

सीने में दिल दिल में धड़कन
धड़कन में तू है समाया
सीने में दिल दिल में धड़कन
धड़कन में तू है समाया
कितने दिनों तड़पी हूँ मैं
तब जा के है तुझको पाया

मेरे दिल पे मेरे यार
अब है तेरा इख्तियार
अब है तेरा इख्तियार

सागर से गहरा है प्यार हमारा
सागर से गहरा है प्यार हमारा

ऐ मेरे दोस्त किस्मत मेरी
देखो है क्या रंग लायी
ऐ मेरे दोस्त किस्मत मेरी
देखो है क्या रंग लायी
अपने मिलन की रुत हसीं
बरसों के है बाद आई

दूरियों को अब मिटा
आ गले से लग जा
आ गले से लग जा

सागर से गहरा है प्यार हमारा
सागर से गहरा है प्यार हमारा

शाम-ओ-सहर मेरी नज़र
करती है दीदार तेरा
शाम-ओ-सहर मेरी नज़र
करती है दीदार तेरा

तेरे बिना क्या ज़िन्दगी
तू ही है संसार मेरा
अब ना चाहत होगी कम
मैंने ली है ये कसम
मैंने ली है ये कसम

सागर से गहरा है प्यार हमारा
सागर से गहरा है प्यार हमारा
हम मर जायेंगे जी नहीं पायेंगे
हम मर जायेंगे जी नहीं पायेंगे
साथ कभी छूटा जो तुम्हारा
आ आ आ , तुम्हारा

सागर से ......... हमारा
सागर से गहरा है प्यार हमारा
...............................................
Sagar se gehra hai pyaar hamara-Majhdhaar 1994

Wednesday, 1 December 2010

हम तो दिल से हारे-जोश २०००

दौर चाहे जो भी हो, अधिकतर गीतों में दिल(या कुछ और)
लगाने की बात ही सुनाई देती है। इस मामले में हॉलीवुड
और बॉलीवुड जुदा हैं। यहाँ हर चीज़ का मतलब दिल होता
है। कभी दिल जीते तो कभी दिल हारे। दिल ने शायद सारे
काम कर लिए हैं हिंदी गीतों में सिवाए खाना खाने के,
पानी पीने के और सुलभ कोम्प्लेक्स को इस्तेमाल करने के ।
दिल ने कई मुकाम भी तय किये, वो गन्ने के खेत से
लेकर सरसों के खेत तक घूम आया।

तो सुनिए एक गीत फिल्म जोश से, ये गीत गाया है अलका
याग्निक और उदित नारायण ने। फिल्माया गया है इसको
चंद्रचूड सिंह और ऐश्वर्या राय पर। गीत लिखा है समीर ने
और धुन बनाई है अन्नू मलिक ने। इस गीत में मँडोलिन
का अच्छा प्रयोग किया गया है।

चंद्रचूड सिंह सबसे पहले ऐ बी सी एल (अमिताभ बच्चन की एक
कंपनी जो आजकल बंद है) की खोज थे और उसकी पहली फिल्म-
तेरे मेरे सपने में दिखाई दिए। गुलज़ार की फिल्म माचिस और
एक अन्य मसाला फिल्म -'सिलसिला है प्यार का' में दिखने के
बाद वो कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं इसकी चिंता शायद फ़िल्मी
मसाला अख़बारों और रिसालों को भी नहीं है।



गीत के बोल:

तेरी याद में पागल पल पल रोता है
बिन तेरे ना जगे यह ना सोता है
अक्सर तन्हाई में तुझे पुकारे,
ना जोर दिल पे चले

हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
तेरी याद में पागल पल पल रोता है
बिन तेरे ना जगे यह ना सोता है
अक्सर तन्हाई में तुझे पुकारे,
ना जोर दिल पे चले
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे

अब जाने हम, ये प्यार क्या है,
दर्द-ए-जिगर मुश्किल बड़ा है,
सुनता नहीं कहना कोई भी
दिल पे खबर, जिद पे अड़ा है
समझाऊँ कैसे उसे जान-ए-जान

हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे

हर आइना टूटा लगे है,
सच भी हमें झूठा लगे है
जाने कहाँ हम आ गए हैं,
सारा जहाँ रूठा लगे है
क्या दर्द दिल ने दिया क्या कहीं

हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे

तेरी याद में पागल पल पल रोता है
बिन तेरे ना जगे यह ना सोता है
अक्सर तन्हाई में तुझे पुकारे,
ना जोर दिल पे चले

हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे

Tuesday, 23 November 2010

ऐ दीवाने दिल-तराजू १९९७

ये गीत क्यूँ पसंद आया-सीधी वजह इसमें कुछ नई प्रकार
की ध्वनियाँ। दुबला पतला हीरो और धागे जैसी पतली हीरोइन
कपडे का पूरा थान पहने आपको इस गीत में १००-२०० की भीड़
के साथ डोलते दिखेंगे।

यह गीत है तराजू फिल्म का। इस युगल गीत को गाया है
कुमार सानू और अलका याग्निक ने। समीर के बोलों पर धुन
बनाई है राजेश रोशन ने या यूँ कहिये पहले से तैयार धुन पर
बोल लिखे गए हैं। इस गीत को प्रायमरी स्कूल के मास्टर
अ आ इ ई ऊ ऊ........ सीखने के लिए बखूबी इस्तेमाल कर
सकते हैं। कोरस की जो आवाज़ है वो 'ऐ' और' ई' के बीच की
ध्वनि निकाल रही है, मैंने 'ई' को चुना है, क्षमा चाहूँगा।





गीत के बोल:

ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ae ae ae ae
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ

ओऊ, ऊह

ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए

ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ

ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए

ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ

जब से दखा है तुझपे मरती हूँ
मैं तन्हाई में आहें भारती हूँ
जब से दखा है तुझपे मरती हूँ
मैं तन्हाई में आहें भारती हूँ

पहले ना था मैं दीवाना
चाहत क्या है अब है जाना
प्यार तो ऐसा दर्द है धीरे धीरे तडपाये

ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ

ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए

जागे जागे से, सोये सोये से
हम तो रहते हैं खोये खोये से
हाँ, जागे जागे से, सोये सोये से
हम तो रहते हैं खोये खोये से
उलझे गेसू, बिखरा काजल
सारे कहते हैं हम हैं पागल
दीवाने हम, दीवाने हैं कौन हमें समझाए

ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए

ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ

ऐ ऐ ऐ ऐ, ऐ ऐ ऐ ऐ, ऐ ऐ ऐ ऐ
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
 
 
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