आपको थोड़े दिन पहले रफ़ी का गाया एक अमर गीत सुनवाया था सन १९५२ की
दीवाना से। ठीक ४० साल बाद एक और दीवाना आई जो रंगीन थी और जिसमें
संगीत नदीम श्रवण का था। ये फिल्म शाहरुख़ खान की पदार्पण फिल्म थी ,
फिल्म काफी चली जिसकी मुख्य वजह इसकी अभिनेत्री दिव्या भारती और इसके
लोकप्रिय गीत रहे। फिल्म गायक कुमार सानू के कैरियर के लिए भी काफी फायदेमंद
साबित हुयी। इस फिल्म के बाद ऋषि कपूर शायद ही किसी रोमांटिक भूमिका में
दिखाई दिए हों। हिंदी फिल्मों की फिलासफी ऐसी है कि उसमें नायक कभी बूढा
नहीं होता। इस गीत में भी नायक अपने से आधी उम्र की नायिका से साथ ठुमके
लगा रहा है। यही वो बातें हैं जो दर्शक बिना हाजमोला के ख़ुशी ख़ुशी पचा जाता है।
गीतकार आनंद बख्शी द्वारा रिक्त किये गए स्थान को शायद अगली पीढ़ी से अनजान पुत्र
समीर ने ही भरा । ९० के दशक में उन्होंने भी गाने कि फैक्ट्री माफिक काफी गीत लिखे
हिंदी फिल्मों के लिए। उनके लिखे काफी गीत चर्चित रहे और हिट हुए।
गीत के बोल:
पायलिया, हो हो हो हो,
पायलिया, हो हो हो हो
जिंद माहिया, जिंद माहिया
जाना मैं जाना तेरे साथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
हाथों में ले ले मेरा हाथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
जाना मैं जाना तेरे साथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
हाथों में ले ले मेरा हाथ वे
पायलिया, हो हो हो हो, पायलिया, हो हो हो हो
तेरी पायलिया शोर मचाये, नींद चुराए
होश उडाये, मुझको पास बुलाये, ओ रब्बा हो
पायलिया, हो हो हो हो, पायलिया, हो हो हो हो
पायलिया गीत सुनाये, सरगम गाये
प्रीत जगाये, तुझको पास बुलाये, रब्बा हो
पायलिया, हो हो हो हो
पायलिया, हो हो हो हो
आँखों में तेरे सपने, होंठों पे तेरी बात
ये दिन तो कट जाता है, गुज़रती नहीं रात
आँखों में तेरे सपने, होंठों पे तेरी बात
ये दिन तो कट जाता है, गुज़रती नहीं रात
हाय कैसे मैं सुनाऊँ जिया का तुझको हाल
के याद नहीं मुझको महीना दिन साल
साँसों से बांधे साँसों का बंधन
तेरी पायल गोरी मेरे दिल की धड़कन
पायलिया, हो हो हो हो,
पायलिया, हो हो हो हो
पायलिया गीत सुनाये, सरगम गाये
प्रीत जगाये, तुझको पास बुलाये, रब्बा हो
तेरी पायलिया शोर मचाये, नींद चुराए
होश उडाये, मुझको पास बुलाये, रब्बा हो
मेरी पायल पे लिखा है दीवाने तेरा नाम
बाहों में तेरी बीते अब मेरे सुबह-ओ-शाम
मेरी पायल पे लिखा है दीवाने तेरा नाम
बाहों में तेरी बीते अब मेरे सुबह-ओ-शाम
जी मेरा कहता है मैं पायल बन जाऊं
इन गोरे गोरे पैरों की रंगत चुराऊँ
ऐसी बातों से मुझको डर लागे
नाज़ुक होते है चाहत के धागे
पायलिया, हो हो हो हो,
पायलिया, हो हो हो हो
तेरी पायलिया शोर मचाये, नींद चुराए
होश उडाये, मुझको पास बुलाये, ओ रब्बा हो
पायलिया गीत सुनाये, सरगम गाये
प्रीत जगाये, तुझको पास बुलाये, रब्बा हो
पायलिया, हो हो हो हो
पायलिया, हो हो हो हो
जिंद माहिया, जिंद माहिया
जाना मैं जाना तेरे साथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
हाथों में ले ले मेरा हाथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
जाना मैं जाना तेरे साथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
हाथों में ले ले मेरा हाथ वे
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
जिंद माहिया, जिंद माहिया
जाना मैं जाना तेरे साथ वे
जिंद माहिया, जिंद माहिया
हाथों में ले ले मेरा हाथ वे
..........................................
Payaliya ho ho ho-Deewana 1992
Showing posts with label Kumar Sanu. Show all posts
Showing posts with label Kumar Sanu. Show all posts
Tuesday, 18 October 2011
Monday, 12 September 2011
सैयां के साथ मढैया में-ईना मीना डीका १९९४
हर भाषा का अपना अपना आनंद होता है। पानी को पनैया , मढ़िया
को मढैया, इनके साथ सैयां-बलैयां की तुकबंदी हो तो क्या बात है !
इनको दालैयाँ, सबजैयाँ के साथ रोटियाँ, पूड़ैयाँ और पराठैयाँ खाते खाते
सुनें तो और भी आनंद आएगा।
फिल्मों के खटिया-पटिया गीतों को सुनने में भी अलग प्रकार का आनंद
अनुभव में आता है। इन गीतों की धुन आकर्षक बनाई जाती है
ताकि ये लोगों की जुबां पे आसानी से चढ़ जाएँ। आइये सुनें एक
चटैया-मढैया गीत जो फिल्म 'ईना मीना डीका' से लिया गया
है। इसे फिल्माया गया है ऋषि कपूर और जूही चावला पर। ये गीत
काफी लोकप्रिय हुआ था। गायिका पूर्णिमा की आवाज़ का
इस्तेमाल बॉलीवुड के संगीतकारों ने ऐसे खटीया पटिया वाले कई
गीत बनाने में की है। कुमार सानू साथ में गा रहे हैं। समीर के
लिखे बोलों को धुन में बंधा है आनंद मिलिंद ने। आनंद मिलिंद ९०
के दशक में काफी सक्रिय रहे। ध्यान से इस गीत को सुनें तो आप
पाएंगे अनजान पुत्र समीर की साहित्यिक बुनियाद काफी मजबूत है।
गीत के बोल:
सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजिया में
सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
कलैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
ऐ, सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
मुश्किल से मौका मेरे हाथ आये,
हाँ, मुश्किल से मौका मेरे हाथ आये
करके बहाना कहीं दूर जाये
बेदर्दी कब से पड़ा मेरे पीछे
बैयाँ पकड़ के ज़बरदस्ती खींचे
लपक झपक के लड़ैया में
लड़ैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
हाँ, सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
नाज़ुक बड़ी है जवानी की डोरी
नाज़ुक बड़ी है जवानी की डोरी
माने ना कहना करे जोराजोरी
नस नस में मस्ती चढ़े हौले हौले
मौसम सुहाना जिया मोरा डोले
जब जुगनू चमके तलैया में
तलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
कलैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
ऐ,सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये लड़ैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
हाँ, बड़ा मज़ा आये रजैया में
...................................................
Saiyan ke saath madhaiya mein-Eena Meena Deeka 1994
को मढैया, इनके साथ सैयां-बलैयां की तुकबंदी हो तो क्या बात है !
इनको दालैयाँ, सबजैयाँ के साथ रोटियाँ, पूड़ैयाँ और पराठैयाँ खाते खाते
सुनें तो और भी आनंद आएगा।
फिल्मों के खटिया-पटिया गीतों को सुनने में भी अलग प्रकार का आनंद
अनुभव में आता है। इन गीतों की धुन आकर्षक बनाई जाती है
ताकि ये लोगों की जुबां पे आसानी से चढ़ जाएँ। आइये सुनें एक
चटैया-मढैया गीत जो फिल्म 'ईना मीना डीका' से लिया गया
है। इसे फिल्माया गया है ऋषि कपूर और जूही चावला पर। ये गीत
काफी लोकप्रिय हुआ था। गायिका पूर्णिमा की आवाज़ का
इस्तेमाल बॉलीवुड के संगीतकारों ने ऐसे खटीया पटिया वाले कई
गीत बनाने में की है। कुमार सानू साथ में गा रहे हैं। समीर के
लिखे बोलों को धुन में बंधा है आनंद मिलिंद ने। आनंद मिलिंद ९०
के दशक में काफी सक्रिय रहे। ध्यान से इस गीत को सुनें तो आप
पाएंगे अनजान पुत्र समीर की साहित्यिक बुनियाद काफी मजबूत है।
गीत के बोल:
सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजिया में
सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
कलैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
ऐ, सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
मुश्किल से मौका मेरे हाथ आये,
हाँ, मुश्किल से मौका मेरे हाथ आये
करके बहाना कहीं दूर जाये
बेदर्दी कब से पड़ा मेरे पीछे
बैयाँ पकड़ के ज़बरदस्ती खींचे
लपक झपक के लड़ैया में
लड़ैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
हाँ, सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
नाज़ुक बड़ी है जवानी की डोरी
नाज़ुक बड़ी है जवानी की डोरी
माने ना कहना करे जोराजोरी
नस नस में मस्ती चढ़े हौले हौले
मौसम सुहाना जिया मोरा डोले
जब जुगनू चमके तलैया में
तलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
कलैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
ऐ,सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये लड़ैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
हाँ, बड़ा मज़ा आये रजैया में
...................................................
Saiyan ke saath madhaiya mein-Eena Meena Deeka 1994
Labels:
1994,
Anand Milind,
Eena Meena Deeka,
Juhi Chawla,
Kumar Sanu,
Poornima,
Rishi Kapoor,
Sameer
Saturday, 6 August 2011
देखा तुझे तो-कोयला १९९७
क से कोट , क से कोयला. फिल्म निर्देशकों ने शाहरुख खान को
उनकी शुरूआती फिल्मों में खूब ओवर साइज़ कोट पहनाए. आइये सुनें
राकेश रोशन निर्देशित कोयला फिल्म से एक हिट गीत. फिल्म ज्यादा
नहीं चली मगर इसके गीत थोड़े बहुत बजे जिसमें सबसे ज्यादा बजा
प्रस्तुत गीत . यह गीत अलका याग्निक और कुमार सानू की आवाजों
में है. नायिका को तो आप पहचान ही गए होंगे-हुसैन की गज-गामिनी.
कुमार सानू को "हो" उनके अधिकतर गीतों में जबरन ठूंसी हुई लगती
है. शायद किसी ने भी उनको ये नहीं बताया कि उनकी "हों हों " सुनने
में कतई कर्णप्रिय नहीं लगती है.
गीत माधुरी दीक्षित पर ही केंद्रित है और नायक इसमें एक सहायक कलाकार
जितनी भूमिका निभा रहा है. माधुरी की उपस्थिति से भी फिल्म की जो
बॉक्स ऑफिस की स्तिथि थी उस पर कोई सुधार नहीं आया.
गीत के बोल:
देखा तुझे तो हो गयी दीवानी
पा लूं तुझे तो मर न जाऊं कहीं
देखा तुझे तो हो गयी दीवानी
पा लूं तुझे तो मर न जाऊं कहीं
तेरे संग जीने को आया
तन मन अपना देने लाया
देखा तुझे तो जीने लगे हम
पा लें तुझे तो न हो मरने का गम
खुश नसीबी से मुझे प्यार इतना मिल गया
आज आँचल ही मेरा मुझको कम लगने लगा
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
खुश नसीबी से मुझे प्यार इतना मिल गया
आज आँचल ही मेरा मुझको कम लगने लगा
मांगने तेरा हाथ मैं आया
देने सारा जीवन लाया
देखा तुझे तो, हाँ जीने लगे हम
पा लें तुझे तो न हो मरने का गम
चाहना न चाहना किसके बस की बात है
दिल का आज आना किसी पर किस्मतों के हाथ है
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
चाहना न चाहना किसके बस की बात है
दिल का आज आना किसी पर किस्मतों के हाथ है
पहले प्यार को मिटते न देखा
ये तो है पत्थर कि रेखा
देखा तुझे तो हो गयी दीवानी
पा लूं तुझे तो मर न जाऊं कहीं
तेरे संग जीने को आया
तन मन अपना देने लाया
देखा तुझे तो, हाँ जीने लगे हम
पा लें तुझे तो न हो मरने का गम
.........................
Dekha tujhe to-Koyla 1997
उनकी शुरूआती फिल्मों में खूब ओवर साइज़ कोट पहनाए. आइये सुनें
राकेश रोशन निर्देशित कोयला फिल्म से एक हिट गीत. फिल्म ज्यादा
नहीं चली मगर इसके गीत थोड़े बहुत बजे जिसमें सबसे ज्यादा बजा
प्रस्तुत गीत . यह गीत अलका याग्निक और कुमार सानू की आवाजों
में है. नायिका को तो आप पहचान ही गए होंगे-हुसैन की गज-गामिनी.
कुमार सानू को "हो" उनके अधिकतर गीतों में जबरन ठूंसी हुई लगती
है. शायद किसी ने भी उनको ये नहीं बताया कि उनकी "हों हों " सुनने
में कतई कर्णप्रिय नहीं लगती है.
गीत माधुरी दीक्षित पर ही केंद्रित है और नायक इसमें एक सहायक कलाकार
जितनी भूमिका निभा रहा है. माधुरी की उपस्थिति से भी फिल्म की जो
बॉक्स ऑफिस की स्तिथि थी उस पर कोई सुधार नहीं आया.
गीत के बोल:
देखा तुझे तो हो गयी दीवानी
पा लूं तुझे तो मर न जाऊं कहीं
देखा तुझे तो हो गयी दीवानी
पा लूं तुझे तो मर न जाऊं कहीं
तेरे संग जीने को आया
तन मन अपना देने लाया
देखा तुझे तो जीने लगे हम
पा लें तुझे तो न हो मरने का गम
खुश नसीबी से मुझे प्यार इतना मिल गया
आज आँचल ही मेरा मुझको कम लगने लगा
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
खुश नसीबी से मुझे प्यार इतना मिल गया
आज आँचल ही मेरा मुझको कम लगने लगा
मांगने तेरा हाथ मैं आया
देने सारा जीवन लाया
देखा तुझे तो, हाँ जीने लगे हम
पा लें तुझे तो न हो मरने का गम
चाहना न चाहना किसके बस की बात है
दिल का आज आना किसी पर किस्मतों के हाथ है
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
चाहना न चाहना किसके बस की बात है
दिल का आज आना किसी पर किस्मतों के हाथ है
पहले प्यार को मिटते न देखा
ये तो है पत्थर कि रेखा
देखा तुझे तो हो गयी दीवानी
पा लूं तुझे तो मर न जाऊं कहीं
तेरे संग जीने को आया
तन मन अपना देने लाया
देखा तुझे तो, हाँ जीने लगे हम
पा लें तुझे तो न हो मरने का गम
.........................
Dekha tujhe to-Koyla 1997
Labels:
1997,
Alka Yagnik,
Indeewar,
Koyla,
Kumar Sanu,
Madhuri Dixit,
Rajesh Roshan,
Shahrukh Khan
Wednesday, 27 July 2011
फ़िल्मी बरसात ८ -मौसम प्यारा भीगा भीगा-दुश्मन ज़माना १९९२
बारिश का मौसम है, एक और गीत सुना जाए। फिल्म दुश्मन ज़माना
से ये गीत लिया गया है। गीत गाया है अलका याग्निक और कुमार सानू
ने। अलका याग्निक की तबियत ठीक नहीं रही होगी जब गीत रेकोर्ड
किया जा रहा था या फिर संगीत निर्देशक ने ही उनको थके थके से अंदाज़
में गाने के लिए कहा होगा। लाल टी शर्ट में नायक घर के नौकर जैसा और
नायिका घर के मालिक की बेटी जैसी दिखाई दे रही है। कितने भी तडकाऊ
भडकाऊ गीत हमारे यहाँ बन जाएँ मगर वे सब होलिवुड से दो कदम पीछे
ही रहेंगे ।
गीत के बोल:
मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ, हो ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
साँसों में घोल दे
साँसों की मस्तियाँ
न फासले रहें तेरे मेरे दरमियाँ
बिजली से डर के मैं तुमसे लिपट गयी
फिर शर्म आई तो खुद में सिमट गयी
रिमझिम पानी धीरे धीरे
रिमझिम पानी धीरे धीरे
नस नस में शोले जगाने लगा
हो ओ ओ ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ, हो ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
क्या घिर के आई है घनघोर ये घटा
हर बूँद में सजन है प्यार का नशा
हो ओ ओ
तेरी निगाहों की मस्ती पे दिलरुबा
पी के बरस गयी मदहोश ये अदा
बैरी सावन यूँ जाने जान
बैरी सावन यूँ जाने जान
अंग अंग में दर्द जगाने लगा
हो ओ ओ ओ ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ, हो ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
.................................
Mausam pyara bheega bheega-Dushman Zamana 1992
से ये गीत लिया गया है। गीत गाया है अलका याग्निक और कुमार सानू
ने। अलका याग्निक की तबियत ठीक नहीं रही होगी जब गीत रेकोर्ड
किया जा रहा था या फिर संगीत निर्देशक ने ही उनको थके थके से अंदाज़
में गाने के लिए कहा होगा। लाल टी शर्ट में नायक घर के नौकर जैसा और
नायिका घर के मालिक की बेटी जैसी दिखाई दे रही है। कितने भी तडकाऊ
भडकाऊ गीत हमारे यहाँ बन जाएँ मगर वे सब होलिवुड से दो कदम पीछे
ही रहेंगे ।
गीत के बोल:
मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ, हो ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
साँसों में घोल दे
साँसों की मस्तियाँ
न फासले रहें तेरे मेरे दरमियाँ
बिजली से डर के मैं तुमसे लिपट गयी
फिर शर्म आई तो खुद में सिमट गयी
रिमझिम पानी धीरे धीरे
रिमझिम पानी धीरे धीरे
नस नस में शोले जगाने लगा
हो ओ ओ ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ, हो ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
क्या घिर के आई है घनघोर ये घटा
हर बूँद में सजन है प्यार का नशा
हो ओ ओ
तेरी निगाहों की मस्ती पे दिलरुबा
पी के बरस गयी मदहोश ये अदा
बैरी सावन यूँ जाने जान
बैरी सावन यूँ जाने जान
अंग अंग में दर्द जगाने लगा
हो ओ ओ ओ ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
बहकने लगे कदम अब तो, हाँ
बहकने लगे कदम अब तो
एक नशा सा छाने लगा
हो ओ ओ ओ, हो ओ ओ
मौसम प्यारा भीगा भीगा
तन मन में आग लगाने लगा
.................................
Mausam pyara bheega bheega-Dushman Zamana 1992
Thursday, 21 July 2011
मोहब्बत की किताबों में- दुश्मन ज़माना १९९२
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है -इसको ऐसे गाया जा रहा है
जैसे कोई वाकई किताब का कोई चैप्टर पढ़ कर गा रहा हो। नायक की
एक्टिंग भी माशाअल्लाह ही है। नायक प्यानो से कुश्ती लड़ने के बाद
कसरती अंदाज़ में डांस कर रहा है। कितना फर्क आया है पहले के और
आज के प्यानो वाले गीतों में।
अरमान कोहली और दिव्या भारती इसमें नायक नायिका हैं। फिल्म का
नाम है दुश्मन ज़माना। गीत लिखा है अनवर सागर ने और संगीत तैयार
किया है महेश-किशोर ने। जब फ़िल्में नहीं चलती तब निर्माता यही सोचता
होगा 'दुश्मन दर्शक' ।
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
आशिकों के आगे ये सारी दुनिया झुकी है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
हर इम्तिहान से आशिक हंस के गुज़रते हैं
कब दुनिया के सितम की परवाह करते हैं
हर इम्तिहान से आशिक हंस के गुज़रते हैं
कब दुनिया के सितम की परवाह करते हैं
मिटने से मोहब्बत हरगिज़ नहीं मिटी है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
आशिकों के आगे ये सारी दुनिया झुकी है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
जो प्यार इस जहाँ में करते हैं किसी से
जान लुटा देते हैं चाहत में ख़ुशी से
सच्ची वफ़ा हंस के शोलों पे चली है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
आशिकों के आगे ये सारी दुनिया झुकी है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
........................................
Mohabbat ki kitabon mein-Dushman Zamana 1992
जैसे कोई वाकई किताब का कोई चैप्टर पढ़ कर गा रहा हो। नायक की
एक्टिंग भी माशाअल्लाह ही है। नायक प्यानो से कुश्ती लड़ने के बाद
कसरती अंदाज़ में डांस कर रहा है। कितना फर्क आया है पहले के और
आज के प्यानो वाले गीतों में।
अरमान कोहली और दिव्या भारती इसमें नायक नायिका हैं। फिल्म का
नाम है दुश्मन ज़माना। गीत लिखा है अनवर सागर ने और संगीत तैयार
किया है महेश-किशोर ने। जब फ़िल्में नहीं चलती तब निर्माता यही सोचता
होगा 'दुश्मन दर्शक' ।
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
आशिकों के आगे ये सारी दुनिया झुकी है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
हर इम्तिहान से आशिक हंस के गुज़रते हैं
कब दुनिया के सितम की परवाह करते हैं
हर इम्तिहान से आशिक हंस के गुज़रते हैं
कब दुनिया के सितम की परवाह करते हैं
मिटने से मोहब्बत हरगिज़ नहीं मिटी है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
आशिकों के आगे ये सारी दुनिया झुकी है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
जो प्यार इस जहाँ में करते हैं किसी से
जान लुटा देते हैं चाहत में ख़ुशी से
सच्ची वफ़ा हंस के शोलों पे चली है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
आशिकों के आगे ये सारी दुनिया झुकी है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
मोहब्बत की किताबों में ये बात लिखी है
........................................
Mohabbat ki kitabon mein-Dushman Zamana 1992
Labels:
1992,
Anwar Sagar,
Armaan Kohli,
Divya Bharti,
Dushman Zamana,
Kumar Sanu,
Mahesh Kishore
Sunday, 17 July 2011
चाहा है तुझे चाहेंगे-जीना मरना तेरे संग १९९२
वर्ष वही रखते हैं- १९९२ लेकिन गायक गायिका, संगीतकार बदल देते हैं.
नायक नायिका भी बदल गए हैं इस गीत में. इसमें भी संगीतकार जोड़ी है
मगर अलग.
गीत है फिल्म 'जीना मरना तेरे संग' से जो फिल्माया गया है संजय दत्त और
रवीना टंडन पर. गीत लिखा है समीर ने और धुन बनाई है संगीतकार जोड़ी
दिलीप सेन-समीर सेन ने. इसे गा रहे हैं कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल.
गीत मधुर है और थोड़ी तेज गति वाला है मगर इसे आप गुनगुना सकते हैं.
गीत के बोल:
चाहा है तुझे चाहेंगे
साँसों में बस जायेंगे
तुझे अपना खुदा हम बनायेंगे
अब दिलवर यार तुझसे हो के जुदा
एक पल भी न हम जी पाएंगे
चाहा है तुझे चाहेंगे
साँसों में बस जायेंगे
तुम्हें अपना खुदा हम बनायेंगे
अब दिलवर यार तुझसे हो के जुदा
एक पल भी न हम जी पाएंगे
चाहा है तुझे चाहेंगे
साँसों में बस जायेंगे
सा रे ग सा सा सा, नि सा रे नि नि नि
ध नि सा ध ध ध,ध रे नि ध
सा रे ग सा सा सा, नि सा रे नि नि नि
ध नि ध नि सा रे सा रे रे ग माँ ग रे सा
बदलेंगे लोग रुत बदलेगी बदलेगा ये ज़माना
दुनिया न भूल पायेगी ये तेरा मेरा फ़साना
हो, नज़रों के सामने रहना कभी मुझसे न दूर जाना
रब को भुलाना आसान है मुश्किल है तुम्हें भुलाना
तेरे लिए ओ मेरे सनम हम लेंगे सौ सौ जनम
हो, तेरे लिए ओ मेरे सनम हम लेंगे सौ सौ जनम
सदियों तलाक हवाओं में गूंजेगा यही तराना
अब दिलवर यार तुझसे हो के जुदा
एक पल भी न हम जी पाएंगे
चाहा है चाहा है तुझे चाहेंगे, चाहेंगे
साँसों में बस जायेंगे, बस जायेंगे
खुशियाँ सभी ज़माने की मैं तुमपे सनम लुटा दूं
तेरे लिए ऐ जान-ए-वफ़ा मैं दोनों जहाँ भुला दूं
महकी हुई बहारों को जुल्फों में तेरी सजा दूं
कांटे चुभे न पांव में राहों में फूल बिछा दूं
आएगा कोई भी गम तोड़ेंगे न ये कसम
आएगा कोई भी गम तोड़ेंगे न ये कसम
आ दिल के आईने में तुझे तेरी तस्वीर दिखा दूं
अब दिलवर यार तुझसे हो के जुदा
एक पल भी न हम जी पाएंगे
चाहा है चाहा है तुझे चाहेंगे, चाहेंगे
साँसों में साँसों में बस जायेंगे, बस जायेंगे
.........................................
Chaha hai tujhe chahenge-Jeena Marna Tere Sang 1992
नायक नायिका भी बदल गए हैं इस गीत में. इसमें भी संगीतकार जोड़ी है
मगर अलग.
गीत है फिल्म 'जीना मरना तेरे संग' से जो फिल्माया गया है संजय दत्त और
रवीना टंडन पर. गीत लिखा है समीर ने और धुन बनाई है संगीतकार जोड़ी
दिलीप सेन-समीर सेन ने. इसे गा रहे हैं कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल.
गीत मधुर है और थोड़ी तेज गति वाला है मगर इसे आप गुनगुना सकते हैं.
गीत के बोल:
चाहा है तुझे चाहेंगे
साँसों में बस जायेंगे
तुझे अपना खुदा हम बनायेंगे
अब दिलवर यार तुझसे हो के जुदा
एक पल भी न हम जी पाएंगे
चाहा है तुझे चाहेंगे
साँसों में बस जायेंगे
तुम्हें अपना खुदा हम बनायेंगे
अब दिलवर यार तुझसे हो के जुदा
एक पल भी न हम जी पाएंगे
चाहा है तुझे चाहेंगे
साँसों में बस जायेंगे
सा रे ग सा सा सा, नि सा रे नि नि नि
ध नि सा ध ध ध,ध रे नि ध
सा रे ग सा सा सा, नि सा रे नि नि नि
ध नि ध नि सा रे सा रे रे ग माँ ग रे सा
बदलेंगे लोग रुत बदलेगी बदलेगा ये ज़माना
दुनिया न भूल पायेगी ये तेरा मेरा फ़साना
हो, नज़रों के सामने रहना कभी मुझसे न दूर जाना
रब को भुलाना आसान है मुश्किल है तुम्हें भुलाना
तेरे लिए ओ मेरे सनम हम लेंगे सौ सौ जनम
हो, तेरे लिए ओ मेरे सनम हम लेंगे सौ सौ जनम
सदियों तलाक हवाओं में गूंजेगा यही तराना
अब दिलवर यार तुझसे हो के जुदा
एक पल भी न हम जी पाएंगे
चाहा है चाहा है तुझे चाहेंगे, चाहेंगे
साँसों में बस जायेंगे, बस जायेंगे
खुशियाँ सभी ज़माने की मैं तुमपे सनम लुटा दूं
तेरे लिए ऐ जान-ए-वफ़ा मैं दोनों जहाँ भुला दूं
महकी हुई बहारों को जुल्फों में तेरी सजा दूं
कांटे चुभे न पांव में राहों में फूल बिछा दूं
आएगा कोई भी गम तोड़ेंगे न ये कसम
आएगा कोई भी गम तोड़ेंगे न ये कसम
आ दिल के आईने में तुझे तेरी तस्वीर दिखा दूं
अब दिलवर यार तुझसे हो के जुदा
एक पल भी न हम जी पाएंगे
चाहा है चाहा है तुझे चाहेंगे, चाहेंगे
साँसों में साँसों में बस जायेंगे, बस जायेंगे
.........................................
Chaha hai tujhe chahenge-Jeena Marna Tere Sang 1992
Sunday, 10 July 2011
हिंदी फ़िल्म में बरसात ६- रिमझिम रिमझिम-१९४२ ऐ लव स्टोरी १९९३
बारिश के मौसम में एक गीत और याद आ गया. सन १९४२ की
फ़िल्मी प्रेम कथा से अगला गीत पेश है.
फ़िल्मी बरसात वाला ये गीत अनिल कपूर और मनीषा कोइराला
पर फ़िल्माया गया है.
गीत के बोल:
रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
चलते हैं, चलते हैं
बजता है जलतरंग टीन की छत पे जब
मोतियों जैसा जल बरसे
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी
जिसके लिए हम तरसे
हो हो हो,
बजता है जलतरंग टीन की छत पे जब
मोतियों जैसा जल बरसे
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी
जिसके लिए हम तरसे
हा हा हा रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं
बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ,
सारी दिशायें सोयी हैं
सपनों के गाँव में भीगी सी छाव में
दो आत्माएं खोयी हैं
हो बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ,
सारी दिशायें सोयी हैं
सपनों के गाँव में भीगी सी छाव
में दो आत्माएं खोयी हैं
रिमझिम रिमझिम ,ला ला
रुमझुम रुमझुम , ला ला
भीगी भीगी रुत में ,हा हा
तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं
आयी हैं देखने झीलों के आईने,
बालों को खोले घटाएं
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ,
आओ यहीं रह जायें
हो हो हो आयी हैं देखने झीलों के आईने,
बालों को खोले घटाएं
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ,
आओ यहीं रह जायें
रिमझिम रिमझिम,रिमझिम
रुमझुम रुमझुम,रुमझुम
भीगी भीगी रुत में, हे हे
तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं
रिमझिम रिमझिम
रिमझिम रिमझिम
रुमझुम रुमझुम
रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में
भीगी भीगी रुत में
हो चलते है, चलते है
...................................
Rimjhim rimjhim-1942 A Love Story
फ़िल्मी प्रेम कथा से अगला गीत पेश है.
फ़िल्मी बरसात वाला ये गीत अनिल कपूर और मनीषा कोइराला
पर फ़िल्माया गया है.
गीत के बोल:
रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
चलते हैं, चलते हैं
बजता है जलतरंग टीन की छत पे जब
मोतियों जैसा जल बरसे
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी
जिसके लिए हम तरसे
हो हो हो,
बजता है जलतरंग टीन की छत पे जब
मोतियों जैसा जल बरसे
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी
जिसके लिए हम तरसे
हा हा हा रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं
बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ,
सारी दिशायें सोयी हैं
सपनों के गाँव में भीगी सी छाव में
दो आत्माएं खोयी हैं
हो बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ,
सारी दिशायें सोयी हैं
सपनों के गाँव में भीगी सी छाव
में दो आत्माएं खोयी हैं
रिमझिम रिमझिम ,ला ला
रुमझुम रुमझुम , ला ला
भीगी भीगी रुत में ,हा हा
तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं
आयी हैं देखने झीलों के आईने,
बालों को खोले घटाएं
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ,
आओ यहीं रह जायें
हो हो हो आयी हैं देखने झीलों के आईने,
बालों को खोले घटाएं
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ,
आओ यहीं रह जायें
रिमझिम रिमझिम,रिमझिम
रुमझुम रुमझुम,रुमझुम
भीगी भीगी रुत में, हे हे
तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं
रिमझिम रिमझिम
रिमझिम रिमझिम
रुमझुम रुमझुम
रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में
भीगी भीगी रुत में
हो चलते है, चलते है
...................................
Rimjhim rimjhim-1942 A Love Story
Thursday, 7 July 2011
ये काली काली ऑंखें-बाज़ीगर १९९३
फिल्म बाज़ीगर(१९९३) का सबसे लोकप्रिय गीत आपको सुनवाते
हैं आज। फिल्म के ३ गीत आपको पहले सुनवा चुके हैं। ये
चौथा गीत है जिसे देव कोहली ने लिखा है। फिल्म में संगीत
अन्नू मलिक का है। गीत मुख्यतः कुमार सानू की आवाज़
में है जिसमें बीच में अन्नू मलिक ने भी अपनी आवाज़ ठूंसी है।
उल्लेखनीय है कि काली-काली और कजरारी ऑंखें वाले कुछ सबसे
लोकप्रिय गीत जिन अभिनेत्रियों पर फिल्माए गये हैं उनकी ऑंखें
या तो भूरी हैं या बिल्लौरी । उच्कूदो किस्म का नृत्य हो रहा है
गीत पर जिसकी कोरिओग्राफी की है ३ काबिल लोगों ने।
गीत के बोल:
हो ओ ओ ओ ओ, हो ओ ओ ओ ओ
हो हो ओ ओ ओ ओ
ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु
ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु
देखा जो तुझे जानम
हुआ है बुरा हाल
ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु
मैं मिला, तू मिली
ऐ तू मिली, मैं मिला
मैं मिला, तू मिली
तू मिली, मैं मिला
दुनिया जले तो जले
प्यार करेंगे तुझपे मरेंगे
धक् धक् दिल ये करे, हा
उफ़ तेरी दिल्लगी दिल को जलाने लगी
गैरों कि बाहों मैं इठला के जाने लगी
ये तेरी पैरों कि मुझको सताने लगी
छोडो जी छोडो सनम
जिद अपनी छोडो सनम
नाज़ुक ये दिल है मेरा
दिल को ना तोड़ो सनम
दिल को ना तोड़ो सनम
ये लम्बी लम्बी रातें
आ कर ले मुलाकातें
जाने क्यों दिल ये मेरा
तेरा ही होना चाहे
जाने क्यूँ दिल ये मेरा
तेरा ही होना चाहे
गुस्से में लाल ना कर
ये गोरे गोरे गाल
ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु
ना तू कर ख़टपट
कर प्यार झट पट
मेरी आजा तू निकट
कटे प्यार का टिकट
ना तू जुल्फें झटक
ना तू पैर पटक
अरे ऐसे ना मटक
दिल गया है भटक
चेहरे पे तेरे सनम
लैला की है शोखियाँ
हीर सी बढ़ के है
आखों की ये मस्तियाँ
जुलिएट की तरह होंटों पे हैं सुर्खियाँ
देख ले खुद को तू
नज़र से मेरी जान-ए-जान
देखी जो तेरी अदा
मैं फिदा हो गया
सीने से लग जा मेरे
जीने का आये मज़ा
ये बिखरी बिखरी जुल्फें
ये झुकी झुकी पलकें
ये गोरी गोरी बाहें
हम क्यूँ ना तुम्हे चाहें
ऐसा तो हमने पहले
देखा नहीं कमाल
ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु
देखा जो तुझे जानम
हुआ है बुरा हाल
ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
.............................
Ye kaali kaali ankhen-Baazigar 1993
हैं आज। फिल्म के ३ गीत आपको पहले सुनवा चुके हैं। ये
चौथा गीत है जिसे देव कोहली ने लिखा है। फिल्म में संगीत
अन्नू मलिक का है। गीत मुख्यतः कुमार सानू की आवाज़
में है जिसमें बीच में अन्नू मलिक ने भी अपनी आवाज़ ठूंसी है।
उल्लेखनीय है कि काली-काली और कजरारी ऑंखें वाले कुछ सबसे
लोकप्रिय गीत जिन अभिनेत्रियों पर फिल्माए गये हैं उनकी ऑंखें
या तो भूरी हैं या बिल्लौरी । उच्कूदो किस्म का नृत्य हो रहा है
गीत पर जिसकी कोरिओग्राफी की है ३ काबिल लोगों ने।
गीत के बोल:
हो ओ ओ ओ ओ, हो ओ ओ ओ ओ
हो हो ओ ओ ओ ओ
ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु
ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु
देखा जो तुझे जानम
हुआ है बुरा हाल
ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु
मैं मिला, तू मिली
ऐ तू मिली, मैं मिला
मैं मिला, तू मिली
तू मिली, मैं मिला
दुनिया जले तो जले
प्यार करेंगे तुझपे मरेंगे
धक् धक् दिल ये करे, हा
उफ़ तेरी दिल्लगी दिल को जलाने लगी
गैरों कि बाहों मैं इठला के जाने लगी
ये तेरी पैरों कि मुझको सताने लगी
छोडो जी छोडो सनम
जिद अपनी छोडो सनम
नाज़ुक ये दिल है मेरा
दिल को ना तोड़ो सनम
दिल को ना तोड़ो सनम
ये लम्बी लम्बी रातें
आ कर ले मुलाकातें
जाने क्यों दिल ये मेरा
तेरा ही होना चाहे
जाने क्यूँ दिल ये मेरा
तेरा ही होना चाहे
गुस्से में लाल ना कर
ये गोरे गोरे गाल
ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु
ना तू कर ख़टपट
कर प्यार झट पट
मेरी आजा तू निकट
कटे प्यार का टिकट
ना तू जुल्फें झटक
ना तू पैर पटक
अरे ऐसे ना मटक
दिल गया है भटक
चेहरे पे तेरे सनम
लैला की है शोखियाँ
हीर सी बढ़ के है
आखों की ये मस्तियाँ
जुलिएट की तरह होंटों पे हैं सुर्खियाँ
देख ले खुद को तू
नज़र से मेरी जान-ए-जान
देखी जो तेरी अदा
मैं फिदा हो गया
सीने से लग जा मेरे
जीने का आये मज़ा
ये बिखरी बिखरी जुल्फें
ये झुकी झुकी पलकें
ये गोरी गोरी बाहें
हम क्यूँ ना तुम्हे चाहें
ऐसा तो हमने पहले
देखा नहीं कमाल
ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
तू रु रु तू रु रु
ये तीखी तीखी नज़रें
तू रु रु तू रु रु
ये हिरनी जैसी चाल
तू रु रु तू रु रु
देखा जो तुझे जानम
हुआ है बुरा हाल
ये काली काली आखें
तू रु तू रु रु
ये गोरे गोरे गाल
.............................
Ye kaali kaali ankhen-Baazigar 1993
Labels:
1993,
Anu Malik,
Baazigar,
Dev Kohli,
Kajol,
Kumar Sanu,
Shahrukh Khan
Tuesday, 5 July 2011
तेरे बिना ओ मेरे सनम-लक्ष्य १९९४
लक्ष्य नाम से दो फ़िल्में याद हैं। एक तो ये है जिसका गीत आपको
सुनवा रहे हैं आज। दूसरी अभी ६-७ साल पहले आई थी। कुमार सानू
और कविता कृष्णमूर्ति का गाया ये मधुर गीत शायद आपको सुनने
को ना मिला हो। युग बदलने के साथ माधुर्य कहीं गोल ना हो गया हो,
ऐसी शंकाओं को झुठलाता ये गीत यही साबित करता है कि कभी भी
पूरे कुवें में भांग पढ़ी नहीं मिलेगी आपको, थोड़ी कसर बाकी रह ही जाती
है। गीत लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने । फिल्म में रोनित रॉय और
प्रियंका प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
गीत के बोल:
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
ये दिल जान-ए-जाना
माने नहीं दीवाना, तेरी कसम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
ये दिल जान-ए-जाना
माने नहीं दीवाना, तेरी कसम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
आ जा मैं कब से आँखें लगाये
राहों में बैठी पलकें बिछाए
ऐसा ना होगा कि जो तू पुकारे
और हम ना आयें चाहत के मारे
आये हो जान-ए-जाना तो आ के नहीं जाना
मेरी कसम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
हो ओ ओ ओ ओ ओ
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
अब तो लगी को तू ही बुझाये
लग जा गले से तो चैन आये
ऐसी सिमट जाऊं बाँहों में तेरी
घुल जाएँ साँसें साँसों में तेरी
ज़माने से छुपा लूं मैं दिल में बसा लूं
तुझको सनम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
ये दिल जान-ए-जाना
माने नहीं दीवाना, तेरी कसम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
...............................
Tere bina o mere sanam-Laqshya 1994
सुनवा रहे हैं आज। दूसरी अभी ६-७ साल पहले आई थी। कुमार सानू
और कविता कृष्णमूर्ति का गाया ये मधुर गीत शायद आपको सुनने
को ना मिला हो। युग बदलने के साथ माधुर्य कहीं गोल ना हो गया हो,
ऐसी शंकाओं को झुठलाता ये गीत यही साबित करता है कि कभी भी
पूरे कुवें में भांग पढ़ी नहीं मिलेगी आपको, थोड़ी कसर बाकी रह ही जाती
है। गीत लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने । फिल्म में रोनित रॉय और
प्रियंका प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
गीत के बोल:
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
ये दिल जान-ए-जाना
माने नहीं दीवाना, तेरी कसम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
ये दिल जान-ए-जाना
माने नहीं दीवाना, तेरी कसम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
आ जा मैं कब से आँखें लगाये
राहों में बैठी पलकें बिछाए
ऐसा ना होगा कि जो तू पुकारे
और हम ना आयें चाहत के मारे
आये हो जान-ए-जाना तो आ के नहीं जाना
मेरी कसम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
हो ओ ओ ओ ओ ओ
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
अब तो लगी को तू ही बुझाये
लग जा गले से तो चैन आये
ऐसी सिमट जाऊं बाँहों में तेरी
घुल जाएँ साँसें साँसों में तेरी
ज़माने से छुपा लूं मैं दिल में बसा लूं
तुझको सनम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
ये दिल जान-ए-जाना
माने नहीं दीवाना, तेरी कसम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
...............................
Tere bina o mere sanam-Laqshya 1994
Saturday, 11 June 2011
रूठ न जाना-१९४२ ऐ लव स्टोरी १९९३
सभी फिल्म निर्देशक जब कोई पीरियड फिल्म या ऐतिहासिक
फिल्म बनाते हैं तो दावा करते हैं की उन्होंने उस समय पर काफी
रिसर्च की। ऐसा ही इस फिल्म के मामले में भी हुआ। उस समय के
माहौल, पहनावे इत्यादि पर भले ही रिसर्च की गई हो, कहीं कहीं
ऐसा महसूस होता है जैसे ये १९८४ का युग का कोई दृश्य १९४२ की
बनी हुई पालिश से पोत के पेश कर दिया गया हो।
विधु विनोद चोपड़ा की फिल्मों का छायांकन बढ़िया होता है। आइये
देखें और सुनें १९४२ एक प्रेम कथा फिल्म से तीसरा गीत जो कुमार सानू
की आवाज़ में है। जावेद अख्तर का लिखा गीत आर डी बर्मन द्वारा
संगीतबद्ध है।
गीत के बोल:
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मैं इन आँखों में जो रहूँ तो
तुम ये जानो या न जानो
तुम ये मानो या न मानो
मेरे जैसा दीवाना तुम पाओगे नहीं
याद करोगे मैं जो न हूँ तो
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मेरी ये दीवानगी कभी न होगी कम
जितने भी चाहे तुम कर लो सितम
मुझसे बोलो या न बोलो
मुझको देखो या न देखो
ये भी माना मुझसे
मिलने आओगे नहीं
सारे सितम हंस के में सहूँ तो
रूठ न जाना तुमसे कहूं तो
प्रेम के दरिया में लहरें हज़ार
लहरों में जो भी डूबा हुवा वोही पार
प्रेम के दरिया में लहरें हज़ार
लहरों में जो भी डूबा हुवा वोही पार
ऊँची नीची, नीची ऊँची
नीची ऊँची ऊँची नीची
लहरों में तुम देखूं कैसे आओगे नहीं
में इन लहरों मैं जो रहूँ तो
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मैं इन आँखों में जो रहूँ तो
तुम ये जानो या न जानो
तुम ये मानो या न मानो
मेरे जैसा दीवाना तुम पाओगे नहीं
याद करोगे मैं जो न हूँ तो
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मैं इन आँखों में जो रहूँ तो
..................................
Rooth na jaana-1942 a love story
फिल्म बनाते हैं तो दावा करते हैं की उन्होंने उस समय पर काफी
रिसर्च की। ऐसा ही इस फिल्म के मामले में भी हुआ। उस समय के
माहौल, पहनावे इत्यादि पर भले ही रिसर्च की गई हो, कहीं कहीं
ऐसा महसूस होता है जैसे ये १९८४ का युग का कोई दृश्य १९४२ की
बनी हुई पालिश से पोत के पेश कर दिया गया हो।
विधु विनोद चोपड़ा की फिल्मों का छायांकन बढ़िया होता है। आइये
देखें और सुनें १९४२ एक प्रेम कथा फिल्म से तीसरा गीत जो कुमार सानू
की आवाज़ में है। जावेद अख्तर का लिखा गीत आर डी बर्मन द्वारा
संगीतबद्ध है।
गीत के बोल:
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मैं इन आँखों में जो रहूँ तो
तुम ये जानो या न जानो
तुम ये मानो या न मानो
मेरे जैसा दीवाना तुम पाओगे नहीं
याद करोगे मैं जो न हूँ तो
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मेरी ये दीवानगी कभी न होगी कम
जितने भी चाहे तुम कर लो सितम
मुझसे बोलो या न बोलो
मुझको देखो या न देखो
ये भी माना मुझसे
मिलने आओगे नहीं
सारे सितम हंस के में सहूँ तो
रूठ न जाना तुमसे कहूं तो
प्रेम के दरिया में लहरें हज़ार
लहरों में जो भी डूबा हुवा वोही पार
प्रेम के दरिया में लहरें हज़ार
लहरों में जो भी डूबा हुवा वोही पार
ऊँची नीची, नीची ऊँची
नीची ऊँची ऊँची नीची
लहरों में तुम देखूं कैसे आओगे नहीं
में इन लहरों मैं जो रहूँ तो
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मैं इन आँखों में जो रहूँ तो
तुम ये जानो या न जानो
तुम ये मानो या न मानो
मेरे जैसा दीवाना तुम पाओगे नहीं
याद करोगे मैं जो न हूँ तो
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मैं इन आँखों में जो रहूँ तो
..................................
Rooth na jaana-1942 a love story
Labels:
1942 a love story,
1993,
Anil Kapoor,
Javed Akhtar,
Kumar Sanu,
Manisha Koirala,
RD Burman
Sunday, 5 June 2011
तू मेरे साथ साथ चल-राजू बन गया जेंटलमैन १९९२
लम्बे नाम वाली फिल्म-राजू बन गया जेंटलमैन से तीसरा गीत सुनिए.
अलका याग्निक और कुमार सानू की आवाजें फिट की गई हैं अमृता सिंह
और शाहरुख़ खान पर। गरीब मगर महत्वकांक्षी नायक को कृतिम
चमक दमक वाली दुनिया में आने का न्योता दिया जा रहा है गीत के
ज़रिये। गीत कर्णप्रिय है। पीने के बाद आदमी की दबी इच्छाएं बाहर आ
जाती हैं चाहे वो उछलने या कूदने की ही क्यूँ ना हों , फिल्म का चरित्र
यही बताने की कोशिश कर रहा है। निर्देशक अज़ीज़ मिर्ज़ा का सेंस ऑफ़
ह्यूमर ज़बरदस्त है।
अमृता सिंह इस फिल्म तक काफी मंज चुकीं थीं अभिनय में। इस फिल्म
में उनका किरदार ज्यादा बड़ा नहीं है मगर उल्लेखनीय अवश्य है। उनके
किरदार का नाम सपना है और वे नायक को महत्वकांक्षी सपने देखने के
लिए प्रेरित करती हैं।
गीत का फिल्मांकन बढ़िया है और इस फिल्म के सिनेमाटोग्राफर मतलब
छायाकार बिनोद प्रधान हैं। शोले फेम जी पी सिप्पी इसके निर्माता हैं। प्रस्तुत
गीत महेंद्र देहलवी का लिखा हुआ है जिन्होंने पुराने गीतकारों की याद ताज़ा
करवा दी।
गीत के बोल:
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी
हुस्न है शाम है
उठा ले जाम तू ख़ुशी का
वक़्त है यह तेरा
मन ले जसं ज़िन्दगी का
ये शाम आज की तेरे ही नाम है
तेरे नसीब भी तेरा गुलाम है
क्या हसीं ये मुकाम है
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी
हुस्न से भी हस्सें
है ख्वाब मेरी ज़िन्दगी के
इस ख़ुशी से परे
हैं मोड़ और भी ख़ुशी के
मैन देखता नहीं कभी इधर उधार
बस अपनी मंजिलों पे है मेरी नज़र
देख मुझको मेरे हमसफ़र
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी
.................................
Too mere sath sath aasman se aage chal-Raju ban gaya gentleman 1992
अलका याग्निक और कुमार सानू की आवाजें फिट की गई हैं अमृता सिंह
और शाहरुख़ खान पर। गरीब मगर महत्वकांक्षी नायक को कृतिम
चमक दमक वाली दुनिया में आने का न्योता दिया जा रहा है गीत के
ज़रिये। गीत कर्णप्रिय है। पीने के बाद आदमी की दबी इच्छाएं बाहर आ
जाती हैं चाहे वो उछलने या कूदने की ही क्यूँ ना हों , फिल्म का चरित्र
यही बताने की कोशिश कर रहा है। निर्देशक अज़ीज़ मिर्ज़ा का सेंस ऑफ़
ह्यूमर ज़बरदस्त है।
अमृता सिंह इस फिल्म तक काफी मंज चुकीं थीं अभिनय में। इस फिल्म
में उनका किरदार ज्यादा बड़ा नहीं है मगर उल्लेखनीय अवश्य है। उनके
किरदार का नाम सपना है और वे नायक को महत्वकांक्षी सपने देखने के
लिए प्रेरित करती हैं।
गीत का फिल्मांकन बढ़िया है और इस फिल्म के सिनेमाटोग्राफर मतलब
छायाकार बिनोद प्रधान हैं। शोले फेम जी पी सिप्पी इसके निर्माता हैं। प्रस्तुत
गीत महेंद्र देहलवी का लिखा हुआ है जिन्होंने पुराने गीतकारों की याद ताज़ा
करवा दी।
गीत के बोल:
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी
हुस्न है शाम है
उठा ले जाम तू ख़ुशी का
वक़्त है यह तेरा
मन ले जसं ज़िन्दगी का
ये शाम आज की तेरे ही नाम है
तेरे नसीब भी तेरा गुलाम है
क्या हसीं ये मुकाम है
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी
हुस्न से भी हस्सें
है ख्वाब मेरी ज़िन्दगी के
इस ख़ुशी से परे
हैं मोड़ और भी ख़ुशी के
मैन देखता नहीं कभी इधर उधार
बस अपनी मंजिलों पे है मेरी नज़र
देख मुझको मेरे हमसफ़र
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी
तू मेरे साथ साथ आसमान से आगे चल
तुझे पुकारता है तेरा आने वाला कल
नई है मंजिलें नए हैं रास्ते
नया नया सफ़र है तेरे वास्ते
नई नई है ज़िन्दगी
.................................
Too mere sath sath aasman se aage chal-Raju ban gaya gentleman 1992
Thursday, 6 January 2011
राजू आवारा बरसात में-गुंडा मवाली १९९५
अपने ब्लॉग पर मैंने पाया कि कुछ पोस्ट ज्यादा पढ़े जाते हैं जिनमे
ऐसे शब्द होते हैं-आवारा, बरसात, बेशर्म, मछली, आग, बहन वगैरह।
एक आवारा शब्द वाला गीत ही सुन लीजिये आज। फिल्म का नाम है
-गुंडा मवाली जो सन १९९५ में आई थी। गीत गाया है कुमार सानू और
अलका याग्निक ने। संगीत तैयार किया है जतिन ललित ने।
गीत के बोल:
बोल के लिए चटका लगायें.
----------------------------------------
Raju awara barsaat mein-Gunda Mawali 1995
ऐसे शब्द होते हैं-आवारा, बरसात, बेशर्म, मछली, आग, बहन वगैरह।
एक आवारा शब्द वाला गीत ही सुन लीजिये आज। फिल्म का नाम है
-गुंडा मवाली जो सन १९९५ में आई थी। गीत गाया है कुमार सानू और
अलका याग्निक ने। संगीत तैयार किया है जतिन ललित ने।
गीत के बोल:
बोल के लिए चटका लगायें.
----------------------------------------
Raju awara barsaat mein-Gunda Mawali 1995
Labels:
1995,
Alka Yagnik,
Gunda Mawali,
Jatin Lalit,
Kumar Sanu
Tuesday, 30 November 2010
इस तरह आशिक़ी का असर-इम्तिहान १९९४
पहले सोचा आपको पुरानी ७० के दशक वाली इम्तिहान
का गीत सुन्वाओं फिर विचार बदला, सोचा सुननेवालों का
भी एक इम्तिहान लेना चाहिए। अरे भाई बहुत से दर्शक इस
फिल्म को देख कर इम्तिहान दे चुके हैं आप एक गीत नहीं
सुन सकते ?
ये उस दौर की फिल्म है जब शर्मिला टैगोर पुत्र उर्फ़ नायक
सैफ अली खान "सेफ" माने जाते थे। वो इसलिए कि एक्टिंग
आये या ना आये, फिल्म पिटे चाहे हिट हो उनको फ़िल्में मिलती
रहेंगी, ऐसा कई लोगों का मानना था। इस मामले में बच्चन पुत्र
उतना भाग्यशाली नहीं रहे। खैर एक्टिंग ना इस फिल्म की
नायिका से बनी ना नायक से, अलबत्ता गीत ने ही हिट होकर
कुछ फिल्म में कमाल दिखाया। गीत फायज़ अनवर का है और
धुन अनु मालिक की। ये अनु के भी उस दौर का संगीत है जिस
दौर में वो हर दूसरी फिल्म के संगीत में बाज़ीगर के संगीत की
झलक दिखलाने कि कोशिश करते। गीत गाया है कुमार सानू ने।
गीत फिल्माया गया है सनी देओल पर। ये एक चमत्कारी गीत भी है।
जैसे ही हीरो गिटार बजाता है उसमें से प्यानो की आवाज़ निकलती है।
ऐसा करने के बाद वो टार्ज़न की माफिक खिड़की से कूदकर फर्श पर
आ जाता हैं। या कौनसा गिटार है भाई जो पूरे गीत में प्यानो की
आवाज़ निकाल रहा है। विचित्र वीणा के अविष्कारक विश्व मोहन
भट्ट ने शायद ये गीत नहीं देखा है।
चलते चलते आपको इस गीत के फ़्रांसिसी भाई से भी मिलवा देते हैं:
Yves Montand - Les Feuilles Mortes
ये भाई हालाँकि उम्र में बड़ा है और इसकी पैदाइश san १९५१ की है।
गीत के बोल:
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
मैं दीवाना बन गया हूँ कैसी ये मुहब्बत है
ज़िन्दगी से बढ़कर अब तेरी ज़रूरत है
मुझको तू चाहिए तेरा प्यार चाहिए
एक बार नहीं सौ बार चाहिए
हर साँस मैं अपनी तुझपे लुटाऊँगा
दिल के लहू से तेरी माँग सजाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
प्यार क्या है दर्द क्या है दीवाने समझते हैं
इश्क़ में जलने का मतलब आशिक़ ही समझते हैं
मैं तड़पता हूँ तुझसे कुछ न कहूँ
बिन कहे भी मगर मैं तो रह न सकूँ
इस बेखुदी में आखिर कहाँ चैन पाऊँगा
मर के भी मैं तुझसे जुदा हो न पाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
का गीत सुन्वाओं फिर विचार बदला, सोचा सुननेवालों का
भी एक इम्तिहान लेना चाहिए। अरे भाई बहुत से दर्शक इस
फिल्म को देख कर इम्तिहान दे चुके हैं आप एक गीत नहीं
सुन सकते ?
ये उस दौर की फिल्म है जब शर्मिला टैगोर पुत्र उर्फ़ नायक
सैफ अली खान "सेफ" माने जाते थे। वो इसलिए कि एक्टिंग
आये या ना आये, फिल्म पिटे चाहे हिट हो उनको फ़िल्में मिलती
रहेंगी, ऐसा कई लोगों का मानना था। इस मामले में बच्चन पुत्र
उतना भाग्यशाली नहीं रहे। खैर एक्टिंग ना इस फिल्म की
नायिका से बनी ना नायक से, अलबत्ता गीत ने ही हिट होकर
कुछ फिल्म में कमाल दिखाया। गीत फायज़ अनवर का है और
धुन अनु मालिक की। ये अनु के भी उस दौर का संगीत है जिस
दौर में वो हर दूसरी फिल्म के संगीत में बाज़ीगर के संगीत की
झलक दिखलाने कि कोशिश करते। गीत गाया है कुमार सानू ने।
गीत फिल्माया गया है सनी देओल पर। ये एक चमत्कारी गीत भी है।
जैसे ही हीरो गिटार बजाता है उसमें से प्यानो की आवाज़ निकलती है।
ऐसा करने के बाद वो टार्ज़न की माफिक खिड़की से कूदकर फर्श पर
आ जाता हैं। या कौनसा गिटार है भाई जो पूरे गीत में प्यानो की
आवाज़ निकाल रहा है। विचित्र वीणा के अविष्कारक विश्व मोहन
भट्ट ने शायद ये गीत नहीं देखा है।
चलते चलते आपको इस गीत के फ़्रांसिसी भाई से भी मिलवा देते हैं:
Yves Montand - Les Feuilles Mortes
ये भाई हालाँकि उम्र में बड़ा है और इसकी पैदाइश san १९५१ की है।
गीत के बोल:
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
मैं दीवाना बन गया हूँ कैसी ये मुहब्बत है
ज़िन्दगी से बढ़कर अब तेरी ज़रूरत है
मुझको तू चाहिए तेरा प्यार चाहिए
एक बार नहीं सौ बार चाहिए
हर साँस मैं अपनी तुझपे लुटाऊँगा
दिल के लहू से तेरी माँग सजाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
प्यार क्या है दर्द क्या है दीवाने समझते हैं
इश्क़ में जलने का मतलब आशिक़ ही समझते हैं
मैं तड़पता हूँ तुझसे कुछ न कहूँ
बिन कहे भी मगर मैं तो रह न सकूँ
इस बेखुदी में आखिर कहाँ चैन पाऊँगा
मर के भी मैं तुझसे जुदा हो न पाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
Labels:
1994,
Anu Malik,
Faiz Anwar,
Imtihaan,
Kumar Sanu,
Raveena Tandon,
Saif Ali Khan
Tuesday, 23 November 2010
ऐ दीवाने दिल-तराजू १९९७
ये गीत क्यूँ पसंद आया-सीधी वजह इसमें कुछ नई प्रकार
की ध्वनियाँ। दुबला पतला हीरो और धागे जैसी पतली हीरोइन
कपडे का पूरा थान पहने आपको इस गीत में १००-२०० की भीड़
के साथ डोलते दिखेंगे।
यह गीत है तराजू फिल्म का। इस युगल गीत को गाया है
कुमार सानू और अलका याग्निक ने। समीर के बोलों पर धुन
बनाई है राजेश रोशन ने या यूँ कहिये पहले से तैयार धुन पर
बोल लिखे गए हैं। इस गीत को प्रायमरी स्कूल के मास्टर
अ आ इ ई ऊ ऊ........ सीखने के लिए बखूबी इस्तेमाल कर
सकते हैं। कोरस की जो आवाज़ है वो 'ऐ' और' ई' के बीच की
ध्वनि निकाल रही है, मैंने 'ई' को चुना है, क्षमा चाहूँगा।
गीत के बोल:
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ae ae ae ae
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ओऊ, ऊह
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
जब से दखा है तुझपे मरती हूँ
मैं तन्हाई में आहें भारती हूँ
जब से दखा है तुझपे मरती हूँ
मैं तन्हाई में आहें भारती हूँ
पहले ना था मैं दीवाना
चाहत क्या है अब है जाना
प्यार तो ऐसा दर्द है धीरे धीरे तडपाये
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए
जागे जागे से, सोये सोये से
हम तो रहते हैं खोये खोये से
हाँ, जागे जागे से, सोये सोये से
हम तो रहते हैं खोये खोये से
उलझे गेसू, बिखरा काजल
सारे कहते हैं हम हैं पागल
दीवाने हम, दीवाने हैं कौन हमें समझाए
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ऐ ऐ ऐ ऐ, ऐ ऐ ऐ ऐ, ऐ ऐ ऐ ऐ
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
की ध्वनियाँ। दुबला पतला हीरो और धागे जैसी पतली हीरोइन
कपडे का पूरा थान पहने आपको इस गीत में १००-२०० की भीड़
के साथ डोलते दिखेंगे।
यह गीत है तराजू फिल्म का। इस युगल गीत को गाया है
कुमार सानू और अलका याग्निक ने। समीर के बोलों पर धुन
बनाई है राजेश रोशन ने या यूँ कहिये पहले से तैयार धुन पर
बोल लिखे गए हैं। इस गीत को प्रायमरी स्कूल के मास्टर
अ आ इ ई ऊ ऊ........ सीखने के लिए बखूबी इस्तेमाल कर
सकते हैं। कोरस की जो आवाज़ है वो 'ऐ' और' ई' के बीच की
ध्वनि निकाल रही है, मैंने 'ई' को चुना है, क्षमा चाहूँगा।
गीत के बोल:
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ae ae ae ae
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ओऊ, ऊह
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
जब से दखा है तुझपे मरती हूँ
मैं तन्हाई में आहें भारती हूँ
जब से दखा है तुझपे मरती हूँ
मैं तन्हाई में आहें भारती हूँ
पहले ना था मैं दीवाना
चाहत क्या है अब है जाना
प्यार तो ऐसा दर्द है धीरे धीरे तडपाये
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए
जागे जागे से, सोये सोये से
हम तो रहते हैं खोये खोये से
हाँ, जागे जागे से, सोये सोये से
हम तो रहते हैं खोये खोये से
उलझे गेसू, बिखरा काजल
सारे कहते हैं हम हैं पागल
दीवाने हम, दीवाने हैं कौन हमें समझाए
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ऐ ऐ ऐ ऐ, ऐ ऐ ऐ ऐ, ऐ ऐ ऐ ऐ
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
Labels:
1997,
Akshay Kumar,
Alka Yagnik,
Kumar Sanu,
Rajesh Roshan,
Sameer,
Sonali Bendre,
Tarazu
Saturday, 20 November 2010
एक तमन्ना जीवन की- आँखें १९९३
जैसा कि हमने पहले जिक्र किया था पुराने गीतों के प्रेमी
नए हिट गीतों को भी ख़ारिज कर देते हैं। उनके पुत्र-पुत्री
अलबत्ता, वो गीत सुन सुन कर खुश होते रहते हैं। ये सिलसिला
दशकों से चला आ रहा है और आगे भी चलता रहेगा।
आइये सुना जाए गोविंदा अभिनीत आँखें का एक हिट गीत।
इसमें उनके साथ दो नायिकाएं हैं-शिल्पा शिरोडकर और
रितु शिवपुरी। रितु ओम शिवपुरी की पुत्री हैं। गीत लिखा है
इन्दीवर ने और इसे गा रहे हैं आशा भोंसले, कुमार सानू।
गीत के बोल:
एक तमन्ना जीवन की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
एक तमन्ना जीवन की
मैं प्यार तेरा ही पाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
एक तमन्ना जीवन की
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
एक तमन्ना जीवन की
मैं प्यार तेरा ही पाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
ना तुझे जानू ना पहचानूं क्यों तू गले पड़ी है
समझ के मुझ को अपना दीवाना घेरे हुए खड़ी है
हो,ना तुझे जानू ना पहचानूं क्यों तू गले पड़ी है
समझ के मुझ को अपना दीवाना घेरे हुए खड़ी है
तेरा ही तो था ये कहना तेरे बिन मुझको नहीं रहना
तेरा वादा तेरा इरादा तुझको याद दिलाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
एक तमन्ना जीवन की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
एक तमन्ना जीवन की
मैं प्यार तेरा ही पाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
हमरा दिल जो तोड़ दिया तो हम ये भी कर जइबे
हमें याद करेगा तेरी चौखट पर मर जइबे
हमरा दिल जो तोड़ दिया तो हम ये भी कर जइबे
हमें याद करेगा तेरी चौखट पर मर जइबे
जो भूला था याद वो आया मैं हूँ वाही जो तूने बताया
ना हो दुखी ओ चंद्रमुखी छोड़ के कहीं ना जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी चाहें शादी के दिन मर जाऊं
एक तमन्ना जीवन की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
एक तमन्ना जीवन की
मैं प्यार तेरा ही पाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी चाहें शादी के दिन मर जाऊं
नए हिट गीतों को भी ख़ारिज कर देते हैं। उनके पुत्र-पुत्री
अलबत्ता, वो गीत सुन सुन कर खुश होते रहते हैं। ये सिलसिला
दशकों से चला आ रहा है और आगे भी चलता रहेगा।
आइये सुना जाए गोविंदा अभिनीत आँखें का एक हिट गीत।
इसमें उनके साथ दो नायिकाएं हैं-शिल्पा शिरोडकर और
रितु शिवपुरी। रितु ओम शिवपुरी की पुत्री हैं। गीत लिखा है
इन्दीवर ने और इसे गा रहे हैं आशा भोंसले, कुमार सानू।
गीत के बोल:
एक तमन्ना जीवन की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
एक तमन्ना जीवन की
मैं प्यार तेरा ही पाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
एक तमन्ना जीवन की
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
एक तमन्ना जीवन की
मैं प्यार तेरा ही पाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
ना तुझे जानू ना पहचानूं क्यों तू गले पड़ी है
समझ के मुझ को अपना दीवाना घेरे हुए खड़ी है
हो,ना तुझे जानू ना पहचानूं क्यों तू गले पड़ी है
समझ के मुझ को अपना दीवाना घेरे हुए खड़ी है
तेरा ही तो था ये कहना तेरे बिन मुझको नहीं रहना
तेरा वादा तेरा इरादा तुझको याद दिलाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
एक तमन्ना जीवन की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
एक तमन्ना जीवन की
मैं प्यार तेरा ही पाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
हमरा दिल जो तोड़ दिया तो हम ये भी कर जइबे
हमें याद करेगा तेरी चौखट पर मर जइबे
हमरा दिल जो तोड़ दिया तो हम ये भी कर जइबे
हमें याद करेगा तेरी चौखट पर मर जइबे
जो भूला था याद वो आया मैं हूँ वाही जो तूने बताया
ना हो दुखी ओ चंद्रमुखी छोड़ के कहीं ना जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी चाहें शादी के दिन मर जाऊं
एक तमन्ना जीवन की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
एक तमन्ना जीवन की
मैं प्यार तेरा ही पाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी चाहें शादी के दिन मर जाऊं
Labels:
1993,
Aankhen,
Asha Bhosle,
Bappi Lahiri,
govinda,
Indeewar,
Kumar Sanu,
Ritu Shivpuri,
Shilpa Shirodkar
Subscribe to:
Posts (Atom)


