Social Icons

Showing posts with label Himesh Reshamiya. Show all posts
Showing posts with label Himesh Reshamiya. Show all posts

Sunday, 22 December 2013

तेरी मेरी मेरी तेरी प्रेम कहानी-बॉडीगार्ड 2011

मलाई खाते ही कलई खुली. ऐसा कुछ किस्सा हुआ इस मधुर गीत के
बाद. मूल रचना चाहे किसी भी भाषा में हो, अगर अंदर तक छूने वाली हो
तो शब्द समझ आये न आये, वो असर ज़रूर करती है. संगीत में यही
कमाल है. आप धुन सुन कर भी आनंदित हो सकते हैं.

गीत है फिल्म बॉडी गार्ड से . गीत है-तेरी मेरी मेरी तेरी प्रेम कहानी .......
कुछ लोगों का मानना है कि ये गीत क्लियोपेट्रा स्ट्रांटन के गाये गीत से
प्रेरित है. सुनने में ऐसा ही लगता है. अब प्रश्न ये है कि क्लिओपेट्रा का गाया
गीत एक सदियों पुराने क्रिसमस कैरोल से प्रेरित है क्या. आपके सामने कुछ
नमूने प्रस्तुत हैं. अब आप खुद ही डिसाइड कीजिये क्या है मसला. हम
तो गीत कि मधुरता पर ही ध्यान देंगे. संगीतकार को धनयवाद भी देंगे
कि उसने इतने सस्ते में हमारा बदिया चीजों से परिचय कराया.



सुना जाता है कि क्लिओपेट्रा ने ३ साल कि उम्र से गाना शुरू कर दिया था जिस
उम्र में दूसरे बच्चे "भां" "भां" ही करते रह जाते हैं.



गीत गाया है राहत फ़तेह अली खान ने और उनक गायन में १० टका हिमेश प्रीतम
असर मिलेगा आपको. साथ दे रही हैं नोट परफैक्ट गायिका-श्रेया घोषाल. इसके बोल
लिखे हैं शब्बीर अहमद ने.






गीत के बोल:

तेरी मेरी मेरी तेरी प्रेम कहानी है मुश्किल
दो लफ़्ज़ों में ये बयां न हो पाए
एक लड़का एक लड़की की ये कहानी है नायी
दो लफ़्ज़ों में ये बयां न हो पाए

तेरी मेरी मेरी तेरी प्रेम कहानी है मुश्किल
दो लफ़्ज़ों में ये बयां न हो पाए
एक दूजे से हुए जुदा जब इक दूजे के लिए बने

तुमसे दिल जो लगाया तो जहां मैंने पाया
कभी सोचा न था यूँ मीलों दूर होगा साया
क्यूँ खुदा तूने मुझे ऐसा ख़्वाब दिखाया
जब हाकीकत में उसे तोडना था

एक दूजे से हुए जुदा जब इक दूजे के लिए बने
तेरी मेरी मेरी तेरी प्रेम कहानी है मुश्किल
दो लफ़्ज़ों में ये बयां न हो पाए

तेरी मेरी बातों का हर लम्हा सबसे अनजाना
दो लफ़्ज़ों में ये बयां न हो पाए
हर एहसास में तू है हर एक  में तेरा अफसाना
दो लफ़्ज़ों में ये बयां न हो पाए

सारा दिन बीत जाए सारी रात जगाये
बस ख्याल तुम्हारा लम्हा लम्हा तडपाये
ये तड़प कह रही है मिट जाए फासले
तेरे मेरे दरमियाँ है जो सारे

एक दूजे से हुए जुदा जब इक दूजे के लिए बने
तेरी मेरी मेरी तेरी प्रेम कहानी है मुश्किल
दो लफ़्ज़ों में ये बयां न हो पाए
हर एहसास में तू है हर एक  में तेरा अफसाना
दो लफ़्ज़ों में ये बयां न हो पाए

तेरी मेरी मेरी तेरी प्रेम कहानी है मुश्किल
दो लफ़्ज़ों में ये बयां न हो पाए
................................................................................
Teri meri meri teri prem kahani-Bodyguard 2011

Friday, 21 October 2011

ओढनी ओढ़ के नाचूं-तेरे नाम २००३

गीतों विभिन्न श्रेणियां के पाए जाते हैं। ये श्रेणियां श्रोता और विश्लेषक वर्ग ही
बनाया करते हैं। जैसे-दर्द भरे गीत, मस्ती भरे गीत या विदाई गीत। अल्ताफ रज़ा
के संगीत क्षेत्र में कदम रखने के बाद एक और श्रेणी चर्चित हुयी-परदेसी गीत। ये
परदेसी और परदेस वाले गीत पहले भी बनते रहे इसलिए इसकी ईजाद का श्री हम
अल्ताफ रज़ा को नहीं दे सकते मगर इस श्रेणी को लोकप्रिय बनाने का श्री उन्हें
दिया जा सकता है।

९० के दशक में सलमान खान के पदार्पण के बाद एक और श्रेणी फिल्मों में देखने को
मिली वो है- चुनरिया/ओढनी गीत। सलमान की लगभग हर दूसरी फिम में ऐसा कोई
गीत होता जिसमे ओढनी/चुनरिया/दुपट्टा का जिक्र होता। एक और शब्द जो शायद
को बहुत पसंद है वो है- सांवरिया। ये बात और है भंसाली कृत "सांवरिया " फिल्म के
आने के बाद मुझे सलमान की किसी भी फिल्म के गीत में सांवरिया शब्द सुनाई नहीं
दिया। गीतकार गीत लिखते समय किन किन कारकों से प्रभावित होता है ये उसका
एक उदाहरण है।

पेश है उनकी ही एक फिल्म से कर्णप्रिय गीत-ओढनी ओढ़ के नाचूं। गीत लिखा है
समीर ने जिसकी धुन बनाई है हिमेश रेशमिया ने। इसे गाया है अलका याग्निक ने
और साथ दिया है उदित नारायण ने। फिल्म तेरे नाम' सन २००३ की एक चर्चित
फिल्म है। गीत खुशनुमा गीत है और देखने में आनंददायी भी। नायिका भूमिका चावला
मुस्कुराने में ज़रा भी कंजूसी नहीं करती हैं। गीत में बहुत से सहायक कलाकारों और
ऊंटों ने भी अभिनय किया है। बेचारे ऊंटों को उचित पारिश्रमिक नहीं मिला होगा ।
दृष्यावली से ऐसा लगता है फिल्म की शूटिंग जयपुर और राजस्थान के अन्य भागों
में हुयी है।




गीत के बोल:

ओढनी ओढ के नाचूं, ओढनी
ओढनी ओढ के नाचूं, ओढनी

ओढनी ओढ के नाचूं, ओढनी
ओढनी ओढ के नाचूं, ओढनी

नाचूं ओढनी ओढ़ के यार
के दिल परदेसी हो गया
हमें तुमसे हो गया प्यार
के दिल परदेसी हो गया

ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी
ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी

तेरे इश्क का छाया खुमार
के दिल परदेसी हो गया
हमें तुमसे हो गया प्यार
के दिल परदेसी हो गया
हर कसम तोड़ के नाचूं, हर कसम
हर कसम तोड़ के नाचूं, हर कसम

ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी

चूड़ी, पायलियाँ बोले
आजा डोली लेके आजा साजना
हाथों में मेहँदी हो, मांग मेरी सिन्दूरी हो
तेरे नाम का किया सिंगार, ये सिंगार
मेरे रूप की आई बहार
के दिल परदेसी हो गया
ओ नाचूं ओढनी ओढ़ के यार
के दिल परदेसी हो गया

मैं तो तेरे नाम लिखूंगा
प्यासी ये कहानी एहसास की
मिलना हो, तो ऐसा हो, सदियों तक ना दूरी हो
मैंने बरसों किया इंतज़ार ओ दिलदार
बेक़रारी में भी आया करार
के दिल परदेसी हो गया
ओ हमें तुमसे हो गया प्यार
के दिल परदेसी हो गया
हर कसम तोड़ के नाचूं, हर कसम
ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी
हर कसम तोड़ के नाचूं, हर कसम
ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी
.....................................
Odhni odh ke nachoon-Tere Naam 2003
 
 
www.lyrics2nd.blogspot.com