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Monday, 30 January 2012

बुलबुला रे बुलबुला -आंटी नंबर १ - १९९८

चौदह साल आगे चलते हैं फिल्म कैदी के गीत के बाद। चाल- ढाल वही है
संगीत की, गति धीमी हो गई है, इसमें महान गायक नहीं हैं मगर गायकों की
अगली पीढ़ी से दो हस्तियाँ ज़रूर हैं-अलका याग्निक और उदित नारायण।
गीतकार हैं अगली पीढ़ी के-अनजान पुत्र समीर और संगीतकार हैं चित्रगुप्त
पुत्र द्वय आनंद-मिलिंद ।

बप्पी लहरी की कमी कुछ हद तक अगली संगीतकार पीढ़ी ने महसूस नहीं
होने दी उसकी एक बानगी है ये गीत। वैसे ये गीत किसी दक्षिण भारत की धुन
से प्रेरित सा लगता है सुनने में। गौरतलब है कि गीत में नायक गोविंदा से ज्यादा
बाकी के कलाकार हिल रहे हैं। हो सकता है नायक की मांग रही हो-गीतों में मैं
ज्यादा हिलता डुलता आया हूँ, अतः अब बाकी के कलाकारों को हिलने डुलने का
मौका दिया जाये।

भला हो ऐसे फ़िल्मी गीतों का जिनकी बदौलत बहुत से कलाकारों का जीविकोपार्जन
होता है। कम से कम १०० सहायक कलाकार तो ज़र्रोर ही होंगे इस गीत में।




बुलबुला रे बुलबुला मुझको बाहों में सुला
बुलबुला रे बुलबुला मुझको बाहों में सुला
खो के मेरी आशिकी में सारी दुनिया को भुला

बुलबुला रे बुलबुला मुझको बाहों में सुला
खो के मेरी आशिकी में सारी दुनिया को भुला

बुलबुला रे बुलबुला दिलरुबा कह कर बुला
साथिया तेरे लिए तो दिल का दरवाज़ा खुला

बुलबुला रे बुलबुला मुझको बाहों में सुला
खो के मेरी आशिकी में सारी दुनिया को भुला

मनचली इन वादियों में खुशबुएँ हैं प्यार की
कर दे पूरी आज सारी ख्वाहिशें दिलदार की
कह रहे हैं ये नज़ारे रुत यही दीदार की
ना रहेगी अब अधूरी आरजू मेरे यार की

बुलबुला रे बुलबुला मुझको बाहों में सुला
खो के मेरी आशिकी में सारी दुनिया को भुला

बुलबुला रे बुलबुला दिलरुबा कह कर बुला
साथिया तेरे लिए तो दिल का दरवाज़ा खुला

गोरा गोरा रूप तेरा काले काले बाल हैं
होंठ तेरे हैं रसीले फूल जैसे गाल हैं
मैं दीवानी हो रही हूँ और ना तारीफ़ कर
बढ़ रही है बेकरारी डाल ना ऐसी नज़र

बुलबुला रे बुलबुला मुझको बाहों में सुला
खो के मेरी आशिकी में सारी दुनिया को भुला

बुलबुला रे बुलबुला दिलरुबा कह कर बुला
साथिया तेरे लिए तो दिल का दरवाज़ा खुला
....................................
Bulbula re bulbula-Aunty No. 1 1998

Friday, 21 October 2011

ओढनी ओढ़ के नाचूं-तेरे नाम २००३

गीतों विभिन्न श्रेणियां के पाए जाते हैं। ये श्रेणियां श्रोता और विश्लेषक वर्ग ही
बनाया करते हैं। जैसे-दर्द भरे गीत, मस्ती भरे गीत या विदाई गीत। अल्ताफ रज़ा
के संगीत क्षेत्र में कदम रखने के बाद एक और श्रेणी चर्चित हुयी-परदेसी गीत। ये
परदेसी और परदेस वाले गीत पहले भी बनते रहे इसलिए इसकी ईजाद का श्री हम
अल्ताफ रज़ा को नहीं दे सकते मगर इस श्रेणी को लोकप्रिय बनाने का श्री उन्हें
दिया जा सकता है।

९० के दशक में सलमान खान के पदार्पण के बाद एक और श्रेणी फिल्मों में देखने को
मिली वो है- चुनरिया/ओढनी गीत। सलमान की लगभग हर दूसरी फिम में ऐसा कोई
गीत होता जिसमे ओढनी/चुनरिया/दुपट्टा का जिक्र होता। एक और शब्द जो शायद
को बहुत पसंद है वो है- सांवरिया। ये बात और है भंसाली कृत "सांवरिया " फिल्म के
आने के बाद मुझे सलमान की किसी भी फिल्म के गीत में सांवरिया शब्द सुनाई नहीं
दिया। गीतकार गीत लिखते समय किन किन कारकों से प्रभावित होता है ये उसका
एक उदाहरण है।

पेश है उनकी ही एक फिल्म से कर्णप्रिय गीत-ओढनी ओढ़ के नाचूं। गीत लिखा है
समीर ने जिसकी धुन बनाई है हिमेश रेशमिया ने। इसे गाया है अलका याग्निक ने
और साथ दिया है उदित नारायण ने। फिल्म तेरे नाम' सन २००३ की एक चर्चित
फिल्म है। गीत खुशनुमा गीत है और देखने में आनंददायी भी। नायिका भूमिका चावला
मुस्कुराने में ज़रा भी कंजूसी नहीं करती हैं। गीत में बहुत से सहायक कलाकारों और
ऊंटों ने भी अभिनय किया है। बेचारे ऊंटों को उचित पारिश्रमिक नहीं मिला होगा ।
दृष्यावली से ऐसा लगता है फिल्म की शूटिंग जयपुर और राजस्थान के अन्य भागों
में हुयी है।




गीत के बोल:

ओढनी ओढ के नाचूं, ओढनी
ओढनी ओढ के नाचूं, ओढनी

ओढनी ओढ के नाचूं, ओढनी
ओढनी ओढ के नाचूं, ओढनी

नाचूं ओढनी ओढ़ के यार
के दिल परदेसी हो गया
हमें तुमसे हो गया प्यार
के दिल परदेसी हो गया

ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी
ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी

तेरे इश्क का छाया खुमार
के दिल परदेसी हो गया
हमें तुमसे हो गया प्यार
के दिल परदेसी हो गया
हर कसम तोड़ के नाचूं, हर कसम
हर कसम तोड़ के नाचूं, हर कसम

ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी

चूड़ी, पायलियाँ बोले
आजा डोली लेके आजा साजना
हाथों में मेहँदी हो, मांग मेरी सिन्दूरी हो
तेरे नाम का किया सिंगार, ये सिंगार
मेरे रूप की आई बहार
के दिल परदेसी हो गया
ओ नाचूं ओढनी ओढ़ के यार
के दिल परदेसी हो गया

मैं तो तेरे नाम लिखूंगा
प्यासी ये कहानी एहसास की
मिलना हो, तो ऐसा हो, सदियों तक ना दूरी हो
मैंने बरसों किया इंतज़ार ओ दिलदार
बेक़रारी में भी आया करार
के दिल परदेसी हो गया
ओ हमें तुमसे हो गया प्यार
के दिल परदेसी हो गया
हर कसम तोड़ के नाचूं, हर कसम
ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी
हर कसम तोड़ के नाचूं, हर कसम
ओढनी ओढ़ के नाचूं, ओढनी
.....................................
Odhni odh ke nachoon-Tere Naam 2003

Saturday, 6 August 2011

सोचा तुम्हें खत लिखूं-सातवां आसमान १९९२

आपको फिल्म सातवां आसमान का एक मधुर युगल गीत सुनवाया था
इधर। अब सुनिए एक और युगल गीत जिसे गा रहे हैं प्रीती और उदित
नारायण। कुछ बात चीत वाले अंदाज़ में गीत चलता है। अल्हड और
अपरिपक्व प्रेम परिपक्वता की ओर बढ़ रहा है। वही हाल एक्टिंग का भी
है। एक्टिंग पर ज्यादा गौर न करें। न तो विवेक मुश्रान ने और न ही पूजा
भट्ट ने, झंडे गाडे हैं अभिनय के। गीत खत्म होने के बाद एक और गीत
शुरू हो जाता है जिसके बोल फिर कभी......




गीत के बोल:


सोचा तुम्हें खत लिखूं
पर मन ही मन मैं डरती हूँ
तुम खत को पढ़ ना पाओगे
इस खत को फाड़ डालोगे

सोचा तुम्हें खत लिखूं
पर मन ही मन मैं डरता हूँ

रूठूंगी मैं तुम मनाओगे
रूठोगे तुम मैं मनाऊंगी
उम्र जो थोड़ी सी बाकी है
आंसुओं में बीत जाएगी
इतनी फुरसत तो ऐ मेरी जां
जान देकर भी न पाऊंगी
सोचा तुमसे आ कर मिलूं
पर मन ही मन मैं डरती हूँ

सोचा टेलीफोन करूं
पर मन ही मन मैं डरता हूँ
मेरी आवाज़ को सुन कर
हेलो तुम कह न पाओगी
सोचा टेलीफोन करूं
पर मन ही मन मैं डरता हूँ

पहले मैं मरने से डरता था
तुमने जीना मुझको सिखलाया
तुम आईं तो सूने जीवन में
जैसे कोई चाँद निकल आया
हाय ये खिलता पागलपन
हर खुशी को मैने ठुकराया
सोचा तुमसे आ कर मिलूं
पर मन ही मन मैं डरता हूँ

सोचा तुम्हें खत लिखूं
पर मन ही मन मैं डरती हूँ
तुम खत को पढ़ ना पाओगे
इस खत को फाड़ डालोगे

सोचा तुम्हें फोन करूं
पर मन ही मन मैं डरता हूँ
......................................
Socha tumhen khat likhhon-Saatwan Aasman 1992

Friday, 22 July 2011

रुक भी जाओ जाना-दिल की बाज़ी १९९३

एक मधुर गीत सुना जाए फिल्म दिल की बाज़ी से। उदित नारायण
ज़रूर धन्य हुए होंगे जब गायन के क्षेत्र में उनसे कई पीढ़ी बुजुर्ग
लता मंगेशकर के साथ उनको गीत गाने का मौका मिला होगा। आज
उदित नारायण एक स्थापित गायक है और उन्होंने बहुत सी गायिकाओं
के साथ गाने गा लिए हैं।

संगीतकार राम लक्ष्मण(विजय पाटिल) ने फिल्म मैंने प्यार किया के बाद
भी कई फिल्मों में लता से गाने गवाए हैं। वे लता के उन भक्तों में से
हैं कि नयी पीढ़ी की गायिकाएं मौजूद होने के बावजूद वे, जब तक लता
गाने सा मन न कर दें, कोशिश में रहते हैं सारे गीत उन्हीं से गवा लें.
इसकी एक वजह मैंने प्यार किया के गीतों की अपार सफलता भी हो
सकती है। उनकी वजह से लता मंगेशकर के गीत १९८९-१९९३ के बीच
खूब सुनाई दिए।

गीत लिखा है शैली शैलेन्द्र ने और इसमें जो कलाकार दिखाई दे रहे हैं
उनके नाम हैं-अविनाश वाधवान और फरहीन पर। फिल्म का निर्देशन
अनिल गांगुली ने किया है-वही कोरा कागज़ वाले ।




गीत के बोल:

रुक भी जाओ जाना
दिल को न तडपाना
रुक भी जाओ जाना
दिल को न तडपाना
अभी अभी आई हो तुम
जाने का नाम न लेना

जाने दो जाने जाना
करूंगी क्या मैं बहाना
जाने दो जाने जाना
करूंगी क्या मैं बहाना
.........................
Ruk bhi jao jaana-Dil ki baazi 1993

Thursday, 21 July 2011

रात छोटी बात बड़ी-संजय १९९५

सन १९९५ में जो मधुर गीत बने उनमें से एक है फिल्म संजय से.
श्याम सुरेन्द्र के संगीत निर्देशन वाले इस गीत को लिखा है अनवर
सागर ने और गाया है उदित नारायण, कविता कृष्णामूर्ति ने. ये
फिल्म का सबसे चर्चित गीत भी है. ९० के दशक में कविता की
आवाज़ परिपक्व हो चली और निखर भी गयी. उदित नारायण को
भी इस दशक में काफी गीत गाने का मौका मिला.

अनजान सी फिल्म संजय में अयूब खान और साक्षी शिवानंद की
जोड़ी है. ९० के दशक ने संगीत के मामले में कम से कम उत्तर
भारत और दक्षिण भारत को नज़दीक ला दिया . इधर की ध्वनियाँ
उधर सुनाई देने लगीं.



गीत के बोल:

हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ

रात छोटी बात बड़ी
हे, रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

नैन मिले दे और समझा दे
नैन मिले दे और समझा दे
इम्तिहान की है ये घडी

रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

हो, नैन मिले दे और समझा दे
नैन मिले दे और समझा दे
इम्तिहान की है ये घडी

फूल से ज्यादा नरम और
आग से ज्यादा गरम
फूल से ज्यादा नरम और
आग से ज्यादा गरम
दिल अगर जिद पे आ जाये
तोड़ देता है भरम

आज संगम हो जाने दे
आज संगम हो जाने दे
धडकनों में जंग छिड़ी

रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
हाँ, रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

हो, नैन मिले दे और समझा दे
नैन मिले दे और समझा दे
इम्तिहान की है ये घडी

हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ

उस जगह दिल आ पहुंचा है
अपनी मंजिल है जहाँ
उस जगह दिल आ पहुंचा है
अपनी मंजिल है जहाँ
आज आगे बढ़ जायेगा
जिंदगी का कारवां
बेखुदी के इस आलम में
बेखुदी के इस आलम में
सात सुर की लगी झड़ी

रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

हो, नैन मिले दे और समझा दे
नैन मिले दे और समझा दे
इम्तिहान की है ये घडी

रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
हाँ, रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
.................................
Raat Chhoti baat badi-Sanjay 1995

Wednesday, 20 July 2011

दिल जंगली कबूतर -कहर १९९७

आपने एक गीत अवश्य ही सुनना चाहा होगा-दिल जंगली कबूतर। आखिर
दिल है क्या ? कोई उसको शीशा बताता है, कोई खाली कमरा, कोई मकान,
कोई खाने पीने की चीज़। मुझे ऐसे गीत की तलाश है जिसमें दिल को
आम का अचार बताया गया हो। सन १९९७ में आये इस गीत के बहुत
से दीवाने देखे मैं। उस समय छोटे छोटे बच्चे इस गीत पर डांस करते
दिखाई देते। ये अपने समय का एक ज़बरदस्त हिट गीत है

लिखें वाले की कल्पना हो सकती है तो भाई पढ़ने सुनने वाले की भी हो
सकती है। दिल माचिस की डिब्बी, दिल गोभी का फूल, दिल हवाई जहाज़
का टायर इत्यादि......

गीत लिखा है आनंद बक्षी ने और धुन बनायीं है आनंद मिलिंद ने. गीत में
उदित नारायण और साधना सरगम की आवाजें हैं. अरमान कोहली और
रम्भा के साथ ढेर सारे कलाकार नाच रहे हैं . ऐसा लगता है जैसे किसी
छोटे गाँव के निवासी सभी इकट्ठे हो गये हैं अपने काम छोड़ कर
नाचने के लिए।




गीत के बोल:

ओये होए ओये होए ओये होए
ओये होए
दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए
चुपके से उड़ कर
ओये होए होए
जाने जा बैठे
ओये होए होए
किस छत के ऊपर
ओये होए होए

इसलिए ये पहला काम किया
मैंने दिल जानम के नाम किया

दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए
चुपके से उड़ कर
ओये होए होए
जाने जा बैठे
ओये होए होए
किस छत के ऊपर
ओये होए होए

इसलिए ये पहला काम किया
मैंने दिल जानम के नाम किया

हो, दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए
हो, दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए

यूं आए जवानी यूं जाए जवानी
जैसे बह जाए दरिया का पानी
यूं आए जवानी यूं जाए जवानी
जैसे बह जाए दरिया का पानी
इससे पहले कि मर जाएं
आ यार मेरे कुछ कर जाएं

दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए
हो, दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए

सौदागर आए जादूगर आए
दुनिया में कितने बाजीगर आये
सौदागर आए जादूगर आए
दुनिया में कितने बाजीगर आये
सब ठीक था लेकिन जब आशिक़ आए
दुनिया में मची हाय हाय

दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए
हो, दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए

तू कैसा पागल आवारा बादल
तू बन जा मेरे नैनों का काजल
तू कैसा पागल आवारा बादल
तू बन जा मेरे नैनों का काजल
ये दावत मुझे कबूल नहीं
तेरे गजरे का मैं फूल नहीं

दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए
हो, दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए

इस गली की कुड़ियां जादू की पुड़ियां
चलती हैं दिल पे ये बन के छुरियां
इस गली की कुड़ियां जादू की पुड़ियां
चलती हैं दिल पे ये बन के छुरियां
क्या करें ये जितने मुंडे हैं
सब तेरे जैसे गुंडे हैं

दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए
चुपके से उड़ कर
ओये होए होए
जाने जा बैठे
ओये होए होए
किस छत के ऊपर
ओये होए होए

इसलिए ये पहला काम किया
मैंने दिल जानम के नाम किया

दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए
हो, दिल जंगली कबूतर
ओये होए होए
................................
Dil jungli kabootar-Qahar 1997

Sunday, 17 July 2011

मेरे सनम........मोहब्बत बढती जायेगी-दीदार १९९२

अगर सब चीज़ें एक सरीखी हों तो मेरा भी पोस्ट लिखने का समय बचे.
आपको एक गीत सुनवाते हैं जो पिछले गीत से मिलता जुलता सा है.
वर्ष भी वही है-१९९२ लेकिन फिल्म का नाम है दीदार. नायिका वही हैं
करिश्मा कपूर लेकिन नायक बदल गए हैं-अब हैं अक्षय कुमार. गायक
भी बदल गए हैं-इस गीत में हैं उदित नारायण. गायिका वही हैं -
साधना सरगम. बाकी के विवरण में कोई तबदीली नहीं है. इस गीत के
गीतकार संगीतकार वही हैं फिल्म जिगर के गीत वाले.

ऐसे गीतों से हमें संगीतकार को पहचानने में बहुत मदद मिलती है.
गीत में नायक के बाल ज्यादा घने लग रहे हैं नायिका के बालों से.
आंवला केश तेल बनाने वालों की नज़र शायद नहीं पड़ी होगी उस समय
के अक्षय कुमार पर अन्यथा अक्षय को साइड इनकम का एक जरिया और
मिल जाता.



गीत के बोल:

मेरे सनम यूँ ही अगर मिलते रहेंगे हम
मेरे सनम यूँ ही अगर मिलते रहेंगे हम
दिन-ब-दिन, दिन-ब-दिन
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी

मोहब्बत बढती जायेगी
ये चाहत रंग लाएगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी

मेरे सनम यूँ ही अगर मिलते रहेंगे हम
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी

हम निभाएंगे प्यार की रस्में
हम न भूलेंगे प्यार की कसमें
हम निभाएंगे प्यार की रस्में
हम न भूलेंगे प्यार की कसमें
हम न भूलेंगे प्यार की कसमें
डोर धडकनों की अब न टूट पायेगी

दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी

इश्क किया है इश्क करेंगे
साथ जियेंगे साथ मरेंगे
इश्क किया है इश्क करेंगे
साथ जियेंगे साथ मरेंगे
साथ जियेंगे साथ मरेंगे
मेरी बाहों में सदा तू मुस्कुराएगी

दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
मोहब्बत बढती जायेगी
ये चाहत रंग लाएगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
..................................
Mere sanam...din-ba-din mohabbat-Deedar 1992

Sunday, 3 July 2011

ओये ओये-त्रिदेव १९८९

ग्लोरिया इस्तेफान के glorious "rhythm's gonna get you" का देसी
संस्करण हमने सुना फिल्म-त्रिदेव में। विजू शाह की ये पहली फिल्म थी। विजू
कल्याणजी के पुत्र हैं। विलायती आलू बड़े में लाल मिर्ची की जगह काली मिर्च डाल
के उसको नए चड्डी बनियान पहनाये गए हैं । दोनों का आनंद उठाइए । ध्वनियाँ
अगर थोड़ी अलग प्रकार की हैं तो भाषा कोई भी हो वो सबका ध्यान आकर्षित
करती हैं। १९८९-९० के साल में जहाँ देखो यही सुनाई पड़ता था-ओये ओये। इस
गीत की तर्ज़ पर दाद खाज खुजली का मलहम बनाने वाली कंपनी Beetex ने
एक विज्ञापन भी बनाया था-'खुजली करने वाले, बीटेक्स लगा ले'। त्रिदेव के गीत
से शायद सबसे ज्यादा फ़ायदा नसीरूदीन शाह को हुआ। जब भी कोई हिंदी गाना
लोकप्रिय होता है तो जिस कलाकार पर फिल्माया गया होता उस कलाकार को
प्रसिद्धि अवश्य मिलती है। आम जनता इस अंदाज़ में बात करती है- भिडू ,
नसीर ने क्या भेरंट गाना गया है फिल्म में । ये गाना अकेला अपने आप में
फिल्म को चर्चित करने में सक्षम था।



गीत के बोल:

ओये ओये
ओये ओ ओवा
ये आ ओ
ओये ओये
ओये ओ ओवा
ये

ओये ओये, ओये ओये
ओये ओ ओवा, ओये ओ ओवा
ओये ओये, ओये ओये
ओये ओ ओवा, ओये ओ ओवा
ओये ओये, ओये ओये
ओये ओ ओवा, ओये ओ ओवा

तिरछी टोपीवाले ओ ओ ओ ओ ओ,
ओ बाबू भोले भाले ओ ओ ओ ओ ओ
तिरछी टोपीवाले ओ, ओ बाबू भोले भाले ओ
तू याद आने लगा हैं दिल मेरा जाने लगा है
तू याद आने लगा हैं दिल मेरा जाने लगा है

ओ तिरछे नैनोंवाली ओ ओ ओ ओ ओ ओ
बीबी भोली भाली ओ ओ ओ ओ ओ
ओ तिरछे नैनोंवाली ओ ओ बीबी भोली भाली ओ
तू याद आने लगी हैं
जान मेरी जाने लगी है
तू याद आने लगी हैं
जान मेरी जाने लगी है

ओ अँखियाँ मिला मुझे दिल में बसा पलकों पे बिठा
इस बात का मतलब बता तेरी मर्जी है क्या
मेरा चैन उदा दे जुल्मी मेरी नींद उदा दे
तिरछी टोपीवाले

तिरछी टोपीवाले ओ , ओ बाबू भोले भाले ओ
तू याद आने लगा हैं दिल मेरा जाने लगा हैं
तू याद आने लगी हैं जान मेरी जाने लगी हैं
ओये ओये, ओये ओ वा
या यी हो

झूठा सही तेरा वादा मगर मुझे सच्चा लगा
झूठा सही तेरा वादा मगर मुझे सच्चा लगा
ये तो बता तुझे मुझ में भला क्या अच्छा लगा
गोरा गोरा मुखड़ा तेरी आँखें काली काली
तिरछे नैनों वाली

ओ तिरछे नैनों वाली, ओ बीबी भोली भाली
तू याद आने लगी हैं
जान मेरी जाने लगी है
तिरछी टोपीवाले ओ ,

ओ बाबू भोले भाले ओ
तू याद आने लगा हैं
दिल मेरा जाने लगा है
तू याद आने लगी है
जान मेरी जाने लगी है
.......................................
Oye oye-Tridev 1989

Wednesday, 29 June 2011

हाय मेरा दिल-जोश २०००

फिल्म जोश के पांच गीत आप सुन चुके हैं। छठा गीत सुनवाते हैं
आपको जो युगल गीत है अलका याग्निक और उदित नारायण
की आवाजों में। अनजान पुत्र समीर के लिखे बोलों को स्वरबद्ध
किया है अन्नू मलिक ने।

कुछ तुम एम्बेरैसो कुछ हम एम्बेरैसें, कुछ तुम स्माइलो कुछ हम
स्माइलें । आधुनिक युग के बोलिवुडिये हिंगलिश गीत सुन सुन के
दिमाग में नए नए शब्द आ जाते हैं। अंग्रेजी शब्दों का देसीकरण
कैसे किया जाये उसका एक नमूना आपके लिए पेश किया है ।

जोश फिल्म के सारे गीत श्रवणीय हैं। सन २००० में कई मधुर गीत
बने हैं। धीरे धीरे आपको इस वर्ष के बाकी कर्णप्रिय गीत भी सुनवायेंगे।
अभी तो काले-पीले युग के ही हजारों गीत बाकी हैं सुनवाने के लिए।



गीत के बोल:

इतना प्यारा है ये प्यार, प्यारा प्यारा
हुआ है पहली बार, होता है एक बार
फिर ना होगा, ये दुबारा

हाय मेरा दिल, चुरा के ले गया
चुराने वाला, मेरा कातिल
हाय मेरा दिल, चुरा के ले गई,
चुराने वाली, मेरी कातिल

ये दिल तुझ पे आया है, आते आते
दर्द-ए- दिल तो जाते है, जाते जाते
जागे हैं, सोये हैं, हम दोनों खोये हैं
कैसी तन्हाई है, मस्ती सी छाई है
ये मौसम है, प्यार के काबिल

हाय मेरा दिल, चुरा के ले गया
चुराने वाला, मेरा कातिल

अब तो काटे ना कटे, प्यासी रातेइन
कुछ कुछ होता है सुन के, ऐसी बातेइन
बेचैनी सहने दे, पलकों में रहने दे
तेरी बाहों में है, तेरी राहों में है
जान-ए-जाना मेरी मंजिल

हाय मेरा दिल, चुरा के ले गई,
चुराने वाली, मेरी कातिल

हाय मेरा दिल, चुरा के ले गया
चुराने वाला, मेरा कातिल

इतना प्यारा है ये प्यार, प्यारा प्यारा
हुआ है पहली बार, होता है एक बार
फिर ना होगा, ये दुबारा
......................................
Haye mera dil-Josh 2000

Tuesday, 21 June 2011

चूड़ी बजी है-यस बॉस १९९७

अज़ीज़ मिर्ज़ा निर्देशित फिल्म यस बॉस के गीत कर्णप्रिय हैं और नई
पीढ़ी द्वारा बेहद पसदं किये गये। कुछ पुरानी और अर्ध-पुरानी पीढ़ी के
लोग भी सुनते मिले मुझे इस फिल्म के गीत। ये एक युगल गीत है
जो शाहरुख़ खान और जूही चावला पर फिल्माया गया है। जावेद अख्तर
के बोलों को सुरों में पिरोया है जतिन ललित ने। गीत गा रहे हैं गायक
उदित नारायण और गायिका अलका याग्निक ।

प्रकृति के सौंदर्य के अलावा प्रेमालाप के दृश्यों से भरपूर ये गीत देखने
लायक है। एक ही चीज़ आपको अटपटी लग सकती है वो है शाहरुख़
खान द्वारा पहना गया एक्स्ट्रा लार्ज साइज़ का पीले रंग का कोट पैंट ।



गीत के बोल:

चूड़ी कुछ कहे
कंगना क्यों बजा
क्या पता क्या हुआ

चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
हो, चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
ये तेरा कजरा, ये तेरा गजरा
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन

चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन

गिन गिन तारे रात गुज़ारूं
दिन दिन भर मैं तुझे पुकारूँ
संवरे ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
गिन गिन तारे रात गुज़ारूं
दिन दिन भर मैं तुझे पुकारूँ
गूंजती है पवन जैसे सन सन सन सन सन

हो ओ ओ,चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन

खिलते खिलते गुल खिलते हैं
मिलते मिलते दिल मिलते हैं
गोरिये ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
खिलते खिलते गुल खिलते हैं
मिलते मिलते दिल मिलते हैं
दिल मिलें तो बजे साज झन झन झन झन झन

हाँ,
चूड़ी बजी है
कंगना बजा है

ओ ओ चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
ये तेरा कजरा, ये तेरा गजरा
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन
.........................................C
Choodi baji hai-Yes boss 1997

Friday, 3 June 2011

जिंदा हैं हम तो-जोश २०००

फिल्म जोश(२०००) के चार गीत आपको सुनवा दिए हैं। फिल्म के संगीत
पर काफी चर्चा हम कर चुके हैं। केवल इस गीत के ऊपर थोड़ी लालटेन
चमकाएंगे। नितिन रैकवार के हिंगलिश गीत को गाया है अभिजीत,
जोली मुखर्जी और हेमा सरदेसाई ने। इसमें से जोली और हेमा ऊंची
पट्टी पर गाने वाले गायक हैं। अभिजीत ने भी कई गीत ऊंची पट्टी
पर गाये हैं मगर वे ऊंची पट्टी वालों की जमात में शामिल नहीं किये
जाते। एक आवाज़ और है इस गीत में-अलका याग्निक की जो दूसरे
अंतरे के समय प्रकट होती हैं।

गोवा की संस्कृति से ओतप्रोत ये गीत पुराने गोवा और आधुनिक गोवा
के बदलावों के बीच सेतु का काम सा करता दिखाई देता है। गीत के
बोलों पर ज्यादा दिमाग ना खपायें, खाली धुन का आनंद लेकर काम
चलाया जा सकता है। रे रे रे री रा रा गाने वाला गायक ऐसी आवाजें
निकाल रहा है जैसे उसको कब्जियत की शिकायत हो । कुल मिला के
गीत आकर्षक है और देखने में बढ़िया लगता है अपने नृत्य की वजह
से। आप अगर आवाज़ बंद करके सुनेंगे इस गीत को तो लगेगा किसी
बहुराष्ट्रीय कंपनी के उत्पाद का विज्ञापन देख रहे हों। आपको विभिन्न देशों
के जीव इस गीत में थिरकते नज़र आयेंगे। मिस्त्र की सुंदरी सी वेशभूषा
में युवती के साथ टावेल लपेटे चश्मा लगाये अपना हिन्दुस्तानी भाई
भी नज़र आएगा इस गीत में। गीत काफी महंगे सेट पर फिल्माया गया
है और इसका फिल्मांकन उत्तम कोटि का है।

गीत में नायक को पुरानी यादों के साये में घिरा हुआ दिखाया जाता है।
उत्सवी माहौल में वो दुखी है और अपने बचपन को याद कर रहा है।




गीत के बोल :

जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया

जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया

ओ रम्भा... ओ सम्भा...
इतना मुस्का नको मारो हमें, ऐसी बातों से डर लगता हमें
तुम प्यार कैसे, बोलो करेगा, डरता है क्यूँ मारिया
आईला साला हमपे मरता है ये, लगता है लव हमको करता है ये
यूँ न डरेगा, हम तो कहेगा, तुम सा नहीं मारिया

जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया

रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु
ओ साहिबा तुम भुलाना नहीं, दिल में आ के दूर जाना नहीं
दिल जो लिया है, दिल भी दिया है, बेवफा हम नहीं
ओ दिल जो तोड़ेगा हम कुछ कर जायेगा, लगता है हम तो मर जायेगा
तुमसे मोहब्बत, हमको है कितना, कैसे कहें मारिया
ओ रम्भा... ओ सम्भा.... रु रु....

रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु

जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया
..............................
Zinda hain hum to-Josh 2000

Friday, 14 January 2011

महबूब सनम तुझे मेरी कसम -किस्मत १९९४

फिल्म खिलौना के पिछले गीत से एक गीत और याद आ गया जी
ऑटो- मैटी- कली जी । फिल्मों के गीतों में भाई-भाई और भाई-बहन
का रिश्ता जो है। भाई बहन के रिश्ते पर रेमो फर्नान्डीज़ ने एक गीत
भी तो गाया है- मेरी मुन्नी नन्ने मुन्ने 'बाई-बे '

अब जो गीत याद आया है वो भी सुन लीजिये। उदित नारायण और
साधना सरगम की आवाज़ में जिसे फिल्माया गया है गोविंदा और
ममता कूल-करणी पर। वैसे लोग उनकी अदाओं को देख कर कूल के
बजाये उसका विलोम हो जाते थे। इस गीत में भी आपको फायर ब्रिगेड
वाली फ़िल्मी बरसात देखने को मिलेगी। कौन कहता है कि सलमान खान
या धर्मेन्द्र ने ही अपनी कमीज़ परदे पर उतारी है। इस गीत को देख लीजिये
इसमें ये काम अहिस्ता से हो रहा है और मीडिया खामखा सलमान के पीछे
पड़ा रहता है। ये बात और है कि इसमें बनियान भी पहनी गई है कमीज़
के नीचे । ये एक ऑथेंटिक फ़िल्मी गीत है और इसमें एक जोड़ी पोषाक
में ही पूरे गाने का फिल्मांकन हो गया है। निर्देशक को धन्यवाद् -थोडा
इस गीत को रियलिस्टिक बनाने के लिए। चलते चलते आपको बता दिया
जाए कि ये फिल्म का सबसे हिट गीत है। बोल समीर के हैं और संगीत
चित्रगुप्त पुत्र आनंद-मिलिंद का।



गीत के बोल :

महबूब सनम तुझे मेरी कसम
महबूब सनम तुझे मेरी कसम
ना हाथ लगा गोरे तन को
कुछ कुछ होता है
कुछ कुछ होता है

महबूब सनम तुझे मेरी कसम
महबूब सनम तुझे मेरी कसम
मुझे देख ना ऐसी नज़रों से
कुछ कुछ होता है
कुछ कुछ होता है

देखूं मैं तो देखूं दीवाना बन के
जाए कहाँ जाए दीवानी तन के
कैसे मैं बताऊँ तुझे है क्या पता
ऐसे में हो जाए ना देखो जी खता
ज़रा सा छोने दे गुलाबी गालों को
सम्भालूँ कैसे मैं घनेरे बालों को

इनकार ना कर, तकरार ना कर
इनकार ना कर, तकरार ना कर
ना चल ऐसे बाल खा खा के
कुछ कुछ होता है
कुछ कुछ होता है
कुछ कुछ होता है
कुछ कुछ होता है

काहे को सताए अनाड़ी मुझको
ऐसे कैसे दे दूं जवानी तुझको
ख्वाबों कि कहानी अधूरी ना रहे
सीने से लगा ले ये दूरी ना रहे
तेरी इन बातों से बड़ा डर लागे रे
तुझे जब देखूं तो मोहब्बत जागे रे

अब दूर ना जा यूँ पास ना आ
अब दूर ना जा यूँ पास ना आ
आ के ना लिपट मेरी बाँहों से
कुछ कुछ होता है
कुछ कुछ होता है
कुछ कुछ होता है
कुछ कुछ होता है

महबूब सनम तुझे मेरी कसम
महबूब सनम तुझे मेरी कसम
मुझे देख ना ऐसी नज़रों से
कुछ कुछ होता है
कुछ कुछ होता है
कुछ कुछ होता है
कुछ कुछ होता है
........................................
Mehboob sanam tujhe meri kasam-Kismat 1994

Friday, 10 December 2010

ऐ दिल दिल की दुनिया में-यादें २००१

आपको फिल्म गोलमाल(नई) का स्नेहा पन्त का गाया
एक गीत सुनवाया था २-३ पोस्ट पहले। आइये गायिका
स्नेहा पन्त के बारे में कुछ जानें। कुछ रीमिक्स वगैरह
गाने के बाद और स्टेज पर शो करने के बाद उन्हें फिल्मों
के लिए गाने का मौका मिला।

थोडा और पीछे चलते है। धारावाहिक-सा रे गा मा आपने
ज़रूर सुना और देखा होगा। ये जब TVS कंपनी द्वारा
प्रायोजित था तब इसका नाम था- टी वी एस सा रे गा मा।
उस समय वो एक फाइनल में विजेता चुनी गयीं थीं।
किराना घराने के कलाकारों से शास्त्रीय संगीत सीखने
के बाद स्नेहा को कल्याणजी(कल्याणजी आनंदजी
संगीतकार द्वय में से बड़े भाई) के सान्निध्य में काफी
कुछ गीत गायन की बारीकियां सीखने को मिलीं।
कल्याणजी भाई वैसे भी कई प्रतिभाओं को सामने
ला चुके हैं। इनमे साधना सरगम का नाम प्रमुख है।
कल्याणजी भाई के साथ उन्होंने कई स्टेज शो भी
किये हैं। स्टेज वाला कोंफिड़ेंस उनकी आवाज़ में
बखूबी झलकता है और आवाज़ एकदम सधी हुई
सुनाई पढ़ती है ।

आइये फिल्म सौदागर के गाने का रीमिक्स देखने जिसमे
आवाज़ स्नेहा की है उसके बाद टोपिक को आगे बढ़ाएंगे।
इस रीमिक्स में खरखरी आवाज़ वाला कौन है मुझे इसकी
जानकारी नहीं, आपको हो तो मेरा ज्ञानवर्धन अवश्य ही
कीजियेगा।



संगीतकार अन्नू मालिक के साथ भी उन्होंने कुछ स्टेज प्रोग्राम किये
उसका सिला उन्हें अवश्य मिला। फिल्म यादें का एक मधुर गीत उनके
खाते में आ गया। गीत वाकई मधुर है और फिल्म ना चलने की सूरत
में अनसुना सा रह गया। गीत की विशेषता ये है की इसमें स्नेहा पन्त
स्वयं स्टेज पर ये गीत गाती हुई आपको दिखाई देंगी। अन्नू मालिक
पहले भी ऐसे करिश्मे कर चुके हैं। याद कीजिये-बाज़ीगर में उन्होंने
विनोद राठोड को परदे पर गाते दिखाया था ये यूँ कहिये फिल्म के
निर्देशक से कह कर ऐसा इन्तेजाम करवाया था। जो भी हो इस तरह
के कारनामों से कलाकार को प्रसिद्धि ज़रूर मिलती है और ये एक
अच्छी पहल है। पार्श्व गायन में कई बार गायक का परिचय आम
जनता तक नहीं पहुँच पाता अभी भी ऐसे हजारों फिल्म प्रेमी हैं जो
कोई गीत सुनकर याद करते हैं-धर्मेन्द्र ने या अमुक कलाकार ने
कितना बढ़िया गाया था फिल्म में। उनको यही लगता है कि गीत
नायक नायिका ही गाते हैं।

गीत आनंद बक्षी की रचना है और संगीतकार का नाम आप अब तक
जान ही चुके होंगे। इस गीत में उनका साथ दिया है उदित नारायण ने
और ऊंची पट्टी पर गाने में सिद्धहस्त कलाकार के. के. ने । आइये
फिल्म यादें का गीत देखें और सुनें। के. के. इस गीत में बिलकुल
ऐ. आर. रहमान के कुम्भ के मेले में बिछड़े हुए भाई वाले अंदाज़ में
गा रहे हैं। अरे भैया ओरिजनल मौजूद है, काहे कसरत कर रहे हैं आप ?



गीत के बोल:

आ आ आ
आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ

ऐ दिल दिल की दुनिया में
ऐसा हाल भी होता है
बाहर कोई हँसता है
अन्दर कोई रोता है
ऐ दिल दिल की दुनिया में
ऐसा हाल भी होता है
बाहर कोई हँसता है
अन्दर कोई रोता है

ऐ दिल, कोई पहचाना नहीं
किसी ने ये माना नहीं
किसी ने ये जाना नहीं
किसी को बताना नहीं
दर्द छुपा है कहाँ

ऐ दिल दिल की दुनिया में,
ऐसा हाल भी होता है
बाहर कोई हँसता है,
अन्दर कोई रोता है

ओ , हे, एह, एह हे
तूने मुझसे वफ़ा नहीं की
तुझको कैसे वफ़ा मिलेगी
तूने मुझको दर्द दिया है
तुझको कैसे दवा मिलेगी

सीने में उठते है अरमान ऐसे
दरिया में आते है तूफ़ान जैसे
कभी कभी खुद ही माझी
कश्ती को डुबोता है

ऐ दिल दिल की दुनिया में
ऐसा हाल भी होता है
बाहर कोई हँसता है
अन्दर कोई रोता है

कांटे चुन कर तेरा दामन
फूलों से मैं भर जाऊंगा
इससे बड़ी सज़ा क्या होगी
माफ़ तुझे मैं कर जाऊंगा
आ एह आ

होगी किसी को पहचान कैसे
प्यार में होते हैं कुर्बान कैसे
हमको यह मालूम ना था
प्यार भी एक समझौता है

ऐ दिल, दिल की दुनिया में
ऐसा हाल भी होता है
बाहर कोई हँसता है
अन्दर कोई रोता है

.........................................
Ae dil dil ki duniya mein-Yadein 2001

Saturday, 4 December 2010

दिलवर जानिया अब तो आ जा-सुन मेरी लैला १९८३

सन १९८३ का ही एक गीत और सुनवाते हैं आपको जो जगह
जगह बजता सुनाई देता था। राज किरण और दीपिका चिखलिया
पर फिल्माए गए इस गीत को गाया है अनजान से गायकों ने।
जैसा हुलिया राजकिरण ने इस गीत में बनाया हुआ है उसकी
नक़ल आज भी देखने को मिल जाएगी। चटक काले कपडे
और सफ़ेद जूते। आज सुबह ही एक नवयुवक को ऐसे गेट-अप
में देखा था।

महेंद्र देहलवी के बोलों को संगीत दिया है राम-लक्ष्मण ने।
गायक हैं बेहरोज़ चटर्जी और उदित नारायण । एक बात
ज़रूर कहना चाहूँगा दीपिका के ऊपर बेहरोज़ की आवाज़
जंचती है क्यूंकि दोनों की आवाज़ में काफी समानता है।




गीत के बोल:
हो ओ ओ , आ आ आ
हो ओ ओ , आ आ आ
दिलवर जानिया अब तो आ जा
ओ दिलवर जानिया अब तो आ जा
इस दिल ने पुकारा है
तू मेरा सहारा है

दिलवर जानिया अब तो आ जा
ओ दिलवर जानिया अब तो आ जा
इस दिल ने पुकारा है
तू मेरा सहारा है

दिलवर जानिया अब तो आ जा
ओ दिलवर जानिया अब तो आ जा

कब तलक मेरी नज़रों को तरसाएगा
दूर कब तक रहेगा बता दे मुझे

हो ओ ओ , आ आ आ आ आ

लब पे जान आ गई और आँखों में दम
एक झलक अपनी आ के दिखा दे मुझे

दिलवर जानिया अब तो आ जा
ओ दिलवर जानिया अब तो आ जा
इस दिल ने पुकारा है
तू मेरा सहारा है

दिलवर जानिया अब तो आ जा
ओ दिलवर जानिया अब तो आ जा

रु रु रु रु रु रु
रु रु रु रु रु रु
आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ

मेरे होठों को फिर प्यार के गीत दे
मेरे हाथों में फिर प्यार का साज़ दे

हो ओ ओ , आ आ आ आ आ

ढूंढता फिर रहा हूँ तुझे दर बदर
किस गली में है तू मुझको आवाज़ दे

दिलवर जानिया अब तो आ जा
ओ दिलवर जानिया अब तो आ जा

हो ओ ओ , आ आ आ
हो ओ ओ , आ आ आ
हो ओ ओ , आ आ आ

Wednesday, 1 December 2010

हम तो दिल से हारे-जोश २०००

दौर चाहे जो भी हो, अधिकतर गीतों में दिल(या कुछ और)
लगाने की बात ही सुनाई देती है। इस मामले में हॉलीवुड
और बॉलीवुड जुदा हैं। यहाँ हर चीज़ का मतलब दिल होता
है। कभी दिल जीते तो कभी दिल हारे। दिल ने शायद सारे
काम कर लिए हैं हिंदी गीतों में सिवाए खाना खाने के,
पानी पीने के और सुलभ कोम्प्लेक्स को इस्तेमाल करने के ।
दिल ने कई मुकाम भी तय किये, वो गन्ने के खेत से
लेकर सरसों के खेत तक घूम आया।

तो सुनिए एक गीत फिल्म जोश से, ये गीत गाया है अलका
याग्निक और उदित नारायण ने। फिल्माया गया है इसको
चंद्रचूड सिंह और ऐश्वर्या राय पर। गीत लिखा है समीर ने
और धुन बनाई है अन्नू मलिक ने। इस गीत में मँडोलिन
का अच्छा प्रयोग किया गया है।

चंद्रचूड सिंह सबसे पहले ऐ बी सी एल (अमिताभ बच्चन की एक
कंपनी जो आजकल बंद है) की खोज थे और उसकी पहली फिल्म-
तेरे मेरे सपने में दिखाई दिए। गुलज़ार की फिल्म माचिस और
एक अन्य मसाला फिल्म -'सिलसिला है प्यार का' में दिखने के
बाद वो कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं इसकी चिंता शायद फ़िल्मी
मसाला अख़बारों और रिसालों को भी नहीं है।



गीत के बोल:

तेरी याद में पागल पल पल रोता है
बिन तेरे ना जगे यह ना सोता है
अक्सर तन्हाई में तुझे पुकारे,
ना जोर दिल पे चले

हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
तेरी याद में पागल पल पल रोता है
बिन तेरे ना जगे यह ना सोता है
अक्सर तन्हाई में तुझे पुकारे,
ना जोर दिल पे चले
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे

अब जाने हम, ये प्यार क्या है,
दर्द-ए-जिगर मुश्किल बड़ा है,
सुनता नहीं कहना कोई भी
दिल पे खबर, जिद पे अड़ा है
समझाऊँ कैसे उसे जान-ए-जान

हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे

हर आइना टूटा लगे है,
सच भी हमें झूठा लगे है
जाने कहाँ हम आ गए हैं,
सारा जहाँ रूठा लगे है
क्या दर्द दिल ने दिया क्या कहीं

हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे

तेरी याद में पागल पल पल रोता है
बिन तेरे ना जगे यह ना सोता है
अक्सर तन्हाई में तुझे पुकारे,
ना जोर दिल पे चले

हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
हारे हारे हारे,हम तो दिल से हारे
 
 
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