आइये नए दौर के कुछ जल्दी भुला दिए गए कलाकारों पर फिल्माया
गया एक गीत सुनें और देखें। आदित्य पंचोली, अयूब खान और
मोनिका बेदी आपको परदे पर नज़र आयेंगे। अयूब खान ने भले ही
गिनती की फिल्मों में काम किया हो उनकी गिनती हिंदी सिनेमा
इतिहास के सबसे हैण्डसम नायकों में की जाती रहेगी। आदित्य पंचोली
लम्बे अरसे से किसी भी परदे पर नज़र नहीं आये। मोनिका बेदी को
आप बिग बॉस के पिछले संकरण में देख चुके होंगे और अयूब खान
अभी हाल ही में एन डी टी वी के एक चैनल इमैजिन पर प्रसारित कार्यक्रम
'राज़ पिछले जनम का' में आ चुके हैं।
ऐसे indirect expression वाले गीत आपको फिल्मों में अक्सर देखने को
मिल जायेंगे जिनमें कलाकारों की भावनाओं के इज़हार के लिए दुसरे
कलाकारों का सहारा लिया जाता है। अक्सर ऐसे गीत पार्टियों में ही
सुनाई पढ़ते हैं। कुरते पाजामे में जो किरदार ढपली ले कर गाना गा रहा है
उसे आपने हाल की कुछ फिल्मों में ज़रूर देखा होगा। ज़फर गोरखपुरी के लिखे
गीत की तर्ज़ बनाई है संगीतकार नरेश शर्मा ने और इसे गाया है अलका याग्निक
और विनोद राठोड ने।
गीत के बोल :
हम जानते हैं
हम जानते हैं तुम हमें नाशाद करोगे
तोड़ोगे मेरा दिल मुझे बर्बाद करोगे
तोड़ोगे मेरा दिल मुझे बर्बाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे, क्या याद करोगे
क्या याद करोगे, क्या याद करोगे
ना चैन हमें दोगे
ना चैन हमें दोगे ना तुम शाद करोगे
ना दर्द की जंजीर से आज़ाद करोगे
ना दर्द की जंजीर से आज़ाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
जुल्फों की घनी छाँव ये गालों की हसीं धूप
जिन्दा है तेरे प्यार से जानम ये मेरा रूप
जुल्फों की घनी छाँव ये गालों की हसीं धूप
जिन्दा है तेरे प्यार से जानम ये मेरा रूप
क्या क्या ना तेरे प्यार को दिलबर दिया हमने
तू बूँद का प्यासा था समंदर दिया हमने
समंदर दिया हमने
मालूम है
मालूम है खुश रह के भी फरियाद करोगे
तोड़ोगे मेरा दिल मुझे बर्बाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
एक दिल ही नहीं सारा सफ़र हमने दिया है
क्या क्या ना तुम्हें जान-ए-जिगर हमने दिया है
एक दिल ही नहीं सारा सफ़र हमने दिया है
क्या क्या ना तुम्हें जान-ए-जिगर हमने दिया है
मांगी थी गली तुमने नगर हमने दिया है
अरमान का महल प्यार का घर हमने दिया है
घर हमने दिया है
मालूम है
मालूम है तुम घर मेरा बरबाद करोगे
ना दर्द की जंजीर से आज़ाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
हम जानते हैं तुम हमें नाशाद करोगे
हम जानते हैं तुम हमें नाशाद करोगे
ना दर्द की जंजीर से आज़ाद करोगे
दिल फिर भी तुम्हे देते हैं
क्या याद करोगे, क्या याद करोगे
क्या याद करोगे, क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
क्या याद करोगे क्या याद करोगे
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Hum jaante hain....kya yaad karoge-Khilona 1996
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Friday, 14 January 2011
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