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Thursday, 20 October 2011

वादा रहा सनम-खिलाडी १९९२

सन १९९२ में कुछ बढ़िया संगीतमय फ़िल्में आयीं। इनमें से एक है
खिलाड़ी श्रृंखला वाली प्रथम फिल्म-खिलाड़ी। अब खिलाडी कौन है ये
मत पूछ लीजियेगा। आपको खिलाडी श्रेणी की एक फिल्म का गीत
सुनवा चुके हैं पहले जंगल में भालू वाला । सामान्य ज्ञान वर्धन के
लिए उसे एक बार और सुन लीजिये अगर आप चाहें। खिलाड़ी फिल्म
सन ९२ की एक बड़ी हिट फिल्म है। इसमें संगीत जतिन-ललित का है।

गीत शुरू होता है इस अंदाज़ में जैसे नायक ने कोई जादुई पुडिया सुंघा
दी हो नायिका को जिससे वो १०० मीटर की दौड़ लगाने लगी।

बहरहाल खूबसूरत वादियों में सफ़ेद कपड़ों की चकाचक धुलाई के
विज्ञापन सा ये गीत सुनने में आनंद देता है।




गीत के बोल:

आ हा हा हा हा, आ हा हा हा हा
आ आ आ हा हा हा हा हा
वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना

कैसी उदासी तेरे चेहरे पे छायी
क्या बात है जो तेरी आँख भर आई
कैसी उदासी तेरे चेहरे पे छायी
क्या बात है जो तेरी आँख भर आई
देखो तो क्या नज़ारे हैं
तुम्हारी तरह प्यारे हैं
हंसो ना मेरे लिए तुम
सभी तो ये तुम्हारे हैं ओ जाने जान
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना

वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना

इन वादियों में यूँ ही मिलते रहेंगे
दिल में वफ़ा के दिए जलते रहेंगे
इन वादियों में यूँ ही मिलते रहेंगे
दिल में वफ़ा के दिए जलते रहेंगे
यह माँगा है दुआओं में
कमी ना हो वफाओं में
रहें तेरी निगाहों में
लिखो ना ये फिजाओं में ओ साजना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना

वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
..............................
Wada raha sanam-Khiladi 1992

Sunday, 17 July 2011

मेरे सनम........मोहब्बत बढती जायेगी-दीदार १९९२

अगर सब चीज़ें एक सरीखी हों तो मेरा भी पोस्ट लिखने का समय बचे.
आपको एक गीत सुनवाते हैं जो पिछले गीत से मिलता जुलता सा है.
वर्ष भी वही है-१९९२ लेकिन फिल्म का नाम है दीदार. नायिका वही हैं
करिश्मा कपूर लेकिन नायक बदल गए हैं-अब हैं अक्षय कुमार. गायक
भी बदल गए हैं-इस गीत में हैं उदित नारायण. गायिका वही हैं -
साधना सरगम. बाकी के विवरण में कोई तबदीली नहीं है. इस गीत के
गीतकार संगीतकार वही हैं फिल्म जिगर के गीत वाले.

ऐसे गीतों से हमें संगीतकार को पहचानने में बहुत मदद मिलती है.
गीत में नायक के बाल ज्यादा घने लग रहे हैं नायिका के बालों से.
आंवला केश तेल बनाने वालों की नज़र शायद नहीं पड़ी होगी उस समय
के अक्षय कुमार पर अन्यथा अक्षय को साइड इनकम का एक जरिया और
मिल जाता.



गीत के बोल:

मेरे सनम यूँ ही अगर मिलते रहेंगे हम
मेरे सनम यूँ ही अगर मिलते रहेंगे हम
दिन-ब-दिन, दिन-ब-दिन
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी

मोहब्बत बढती जायेगी
ये चाहत रंग लाएगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी

मेरे सनम यूँ ही अगर मिलते रहेंगे हम
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी

हम निभाएंगे प्यार की रस्में
हम न भूलेंगे प्यार की कसमें
हम निभाएंगे प्यार की रस्में
हम न भूलेंगे प्यार की कसमें
हम न भूलेंगे प्यार की कसमें
डोर धडकनों की अब न टूट पायेगी

दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी

इश्क किया है इश्क करेंगे
साथ जियेंगे साथ मरेंगे
इश्क किया है इश्क करेंगे
साथ जियेंगे साथ मरेंगे
साथ जियेंगे साथ मरेंगे
मेरी बाहों में सदा तू मुस्कुराएगी

दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
मोहब्बत बढती जायेगी
ये चाहत रंग लाएगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
दिन-ब-दिन मोहब्बत बढती जायेगी
..................................
Mere sanam...din-ba-din mohabbat-Deedar 1992

Tuesday, 11 January 2011

जब तक रहेगा समोसे में आलू-मिस्टर और मिसेज़ खिलाडी १९९७

आलू, भालू, कचालू की तुकबंदी वाला ये गीत अगर आपने अपने
रेडियो पर नहीं सुना तो पडोसी के रेडियो पर अवशय ही एक बार
सुन लिया होगा। जैसा कि हम बतला चुके हैं कि खिलाडी श्रेणी की
फ़िल्में बहुत आयीं बीच में। ऐसी फिल्मों के आने के बाद गीतों की
एक और श्रेणी निर्मित हो गई-खिलाडी हिट्स। प्रस्तुत गीत वैसे
एक हिट गीत माना जाता है, आप या मैं ना मानें तो भी इसकी
सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गीतकार हैं आनंद बक्षी और
संगीत है अन्नू मालिक का। इस तेज़ मसाले(गति) वाले फ़िल्मी
समोसे(गीत) को खाया(गाया) है अभिजीत और पूर्णिमा ने। गीत
चर्चित होता है तो गीत के में तरह तरह कि टिप्पणियां भी सुनने
पढने को मिलती हैं । फिल्म के सेहतमंद निर्देशक डेविड धवन को
ये गीत इतना पसंद आया कि उन्होंने फिल्म कि नायिका का नाम
ही शालू रख दिया। कोई इस गीत को outrageous(अपमानजनक,
अत्याचारी, चौंकाने वाला) कहता है तो कोई इसे funny कहता है।
आप जो चाहे इसे कह सकते हैं।



गीत के बोल:

जब तक रहेगा समोसे में आलू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

हाय चटनी बिना लागे समोसा फीका
चटनी भी आएगी कर ले भरोसा
हाय चटनी बिना लागे समोसा फीका
चटनी भी आएगी कर ले भरोसा
मैं तेरी इडली हूँ तू मेरा डोसा
हो जाए फिर गरम एक बोसा

ना ना अरे ना ना अरे ना ना अरे ना ना
हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ

जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

तेरे लिए की है सबसे लड़ाई
क्या देखता है पकड़ ले कलाई
तेरे लिए की है सबसे लड़ाई
तो क्या देखता है पकड़ ले कलाई
रे मेरी मोहब्बत तुझे खींच लायी
मेरे बाप का तू गया बन जमाई

ना ना अरे ना ना अरे ना ना अरे ना ना
हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ

जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
.........................................
Jab tak rahega samose mein aaloo-Mr. & Mrs. Khiladi 1997

Tuesday, 23 November 2010

ऐ दीवाने दिल-तराजू १९९७

ये गीत क्यूँ पसंद आया-सीधी वजह इसमें कुछ नई प्रकार
की ध्वनियाँ। दुबला पतला हीरो और धागे जैसी पतली हीरोइन
कपडे का पूरा थान पहने आपको इस गीत में १००-२०० की भीड़
के साथ डोलते दिखेंगे।

यह गीत है तराजू फिल्म का। इस युगल गीत को गाया है
कुमार सानू और अलका याग्निक ने। समीर के बोलों पर धुन
बनाई है राजेश रोशन ने या यूँ कहिये पहले से तैयार धुन पर
बोल लिखे गए हैं। इस गीत को प्रायमरी स्कूल के मास्टर
अ आ इ ई ऊ ऊ........ सीखने के लिए बखूबी इस्तेमाल कर
सकते हैं। कोरस की जो आवाज़ है वो 'ऐ' और' ई' के बीच की
ध्वनि निकाल रही है, मैंने 'ई' को चुना है, क्षमा चाहूँगा।





गीत के बोल:

ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ae ae ae ae
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ

ओऊ, ऊह

ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए

ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ

ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए

ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ

जब से दखा है तुझपे मरती हूँ
मैं तन्हाई में आहें भारती हूँ
जब से दखा है तुझपे मरती हूँ
मैं तन्हाई में आहें भारती हूँ

पहले ना था मैं दीवाना
चाहत क्या है अब है जाना
प्यार तो ऐसा दर्द है धीरे धीरे तडपाये

ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ

ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए

जागे जागे से, सोये सोये से
हम तो रहते हैं खोये खोये से
हाँ, जागे जागे से, सोये सोये से
हम तो रहते हैं खोये खोये से
उलझे गेसू, बिखरा काजल
सारे कहते हैं हम हैं पागल
दीवाने हम, दीवाने हैं कौन हमें समझाए

ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
ऐ दीवाने दिल कर दी क्या मुश्किल
इश्क में ऐसा लगे कि मेरी जान निकली जाए

ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ

ऐ ऐ ऐ ऐ, ऐ ऐ ऐ ऐ, ऐ ऐ ऐ ऐ
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
ई ई ई ई, ई ई ई ई, ई ई ई ई
ऐ ऐ ऐ ऐ
 
 
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