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Monday, 12 September 2011

सैयां के साथ मढैया में-ईना मीना डीका १९९४

हर भाषा का अपना अपना आनंद होता है। पानी को पनैया , मढ़िया
को मढैया, इनके साथ सैयां-बलैयां की तुकबंदी हो तो क्या बात है !
इनको दालैयाँ, सबजैयाँ के साथ रोटियाँ, पूड़ैयाँ और पराठैयाँ खाते खाते
सुनें तो और भी आनंद आएगा।

फिल्मों के खटिया-पटिया गीतों को सुनने में भी अलग प्रकार का आनंद
अनुभव में आता है। इन गीतों की धुन आकर्षक बनाई जाती है
ताकि ये लोगों की जुबां पे आसानी से चढ़ जाएँ। आइये सुनें एक
चटैया-मढैया गीत जो फिल्म 'ईना मीना डीका' से लिया गया
है। इसे फिल्माया गया है ऋषि कपूर और जूही चावला पर। ये गीत
काफी लोकप्रिय हुआ था। गायिका पूर्णिमा की आवाज़ का
इस्तेमाल बॉलीवुड के संगीतकारों ने ऐसे खटीया पटिया वाले कई
गीत बनाने में की है। कुमार सानू साथ में गा रहे हैं। समीर के
लिखे बोलों को धुन में बंधा है आनंद मिलिंद ने। आनंद मिलिंद ९०
के दशक में काफी सक्रिय रहे। ध्यान से इस गीत को सुनें तो आप
पाएंगे अनजान पुत्र समीर की साहित्यिक बुनियाद काफी मजबूत है।



गीत के बोल:

सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजिया में

सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में

टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
कलैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में

ऐ, सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में

मुश्किल से मौका मेरे हाथ आये,
हाँ, मुश्किल से मौका मेरे हाथ आये
करके बहाना कहीं दूर जाये

बेदर्दी कब से पड़ा मेरे पीछे
बैयाँ पकड़ के ज़बरदस्ती खींचे

लपक झपक के लड़ैया में
लड़ैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में

हाँ, सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में

नाज़ुक बड़ी है जवानी की डोरी
नाज़ुक बड़ी है जवानी की डोरी
माने ना कहना करे जोराजोरी
नस नस में मस्ती चढ़े हौले हौले
मौसम सुहाना जिया मोरा डोले

जब जुगनू चमके तलैया में
तलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में

सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में


टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
कलैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में

ऐ,सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये लड़ैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
हाँ, बड़ा मज़ा आये रजैया में
...................................................
Saiyan ke saath madhaiya mein-Eena Meena Deeka 1994

Tuesday, 21 June 2011

चूड़ी बजी है-यस बॉस १९९७

अज़ीज़ मिर्ज़ा निर्देशित फिल्म यस बॉस के गीत कर्णप्रिय हैं और नई
पीढ़ी द्वारा बेहद पसदं किये गये। कुछ पुरानी और अर्ध-पुरानी पीढ़ी के
लोग भी सुनते मिले मुझे इस फिल्म के गीत। ये एक युगल गीत है
जो शाहरुख़ खान और जूही चावला पर फिल्माया गया है। जावेद अख्तर
के बोलों को सुरों में पिरोया है जतिन ललित ने। गीत गा रहे हैं गायक
उदित नारायण और गायिका अलका याग्निक ।

प्रकृति के सौंदर्य के अलावा प्रेमालाप के दृश्यों से भरपूर ये गीत देखने
लायक है। एक ही चीज़ आपको अटपटी लग सकती है वो है शाहरुख़
खान द्वारा पहना गया एक्स्ट्रा लार्ज साइज़ का पीले रंग का कोट पैंट ।



गीत के बोल:

चूड़ी कुछ कहे
कंगना क्यों बजा
क्या पता क्या हुआ

चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
हो, चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
ये तेरा कजरा, ये तेरा गजरा
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन

चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन

गिन गिन तारे रात गुज़ारूं
दिन दिन भर मैं तुझे पुकारूँ
संवरे ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
गिन गिन तारे रात गुज़ारूं
दिन दिन भर मैं तुझे पुकारूँ
गूंजती है पवन जैसे सन सन सन सन सन

हो ओ ओ,चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन

खिलते खिलते गुल खिलते हैं
मिलते मिलते दिल मिलते हैं
गोरिये ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
खिलते खिलते गुल खिलते हैं
मिलते मिलते दिल मिलते हैं
दिल मिलें तो बजे साज झन झन झन झन झन

हाँ,
चूड़ी बजी है
कंगना बजा है

ओ ओ चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
ये तेरा कजरा, ये तेरा गजरा
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन
.........................................C
Choodi baji hai-Yes boss 1997

Monday, 30 May 2011

नज़र ने नज़र से क्या कहा-सल्तनत १९८६

जूही चावला के गीत के लिए एक फ़रमाइश आई। बहुत दिन हुए उनको
परदे पर देखे। आइये उनकी पदार्पण फिल्म से एक गीत सुना जाये।
जूही चावला कि गिनती भी प्रतिभाशाली और संजीदा कलाकारों में
होती है। गीत में आपको दिखलाई देंगे जूही के साथ एक और नवोदित
कलाकार करण कपूर। शशि कपूर के पुत्र करण इस फिल्म के
पहले तक बॉम्बे डाईंग के बुश्शर्ट के विज्ञापन में दिखा करते थे।
माँ के रंग वाले लेकिन पिता के जैसे नैन-नक्श वाले करण की किस्मत
शायद पिता की तरह बुलंद नहीं रही और वे ज्यादा फिल्मों में आगे दिखाई
नहीं दिए। सल्तनत एक बहुसितारा फिल्म है जो फ्लॉप हो गई थी।

प्रस्तिउट गीत गा रह हैं सुरेश वाडकर और साधना सरगम। हसन
कमाल के लिखे बोलोंबोल की धुन तैयार की है कल्याणजी आनंदजी ने।




गीत के बोल:

नज़र ने नज़र से क्या कहा
मेरी जान मेरी जान ये बता
हो, नज़र ने नज़र से क्या कहा
मेरी जान मेरी जान ये बता
हो ओ ओ, कहूं क्या नज़र ने क्या कहा
आती है मुझको हया

जो है मेरे दिल में
वही तेरे दिल
एक बार कह दे तू
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
ना ना

नज़र ने नज़र से क्या कहा
आती है मुझको हया

हो ओ ओ, जागे हैं अरमान जान ले जाने जान
अजी जानूं ना
हो जागे हैं अरमान जान ले जाने जान
जानूं ना
कर ले एक एहसान मान ले जाने जान
मानूं ना
पहले वफ़ा का इकरार कर ले
हाज़िर है फिर मेरी जान
हाँ हाँ हाँ हाँ

नज़र ने नज़र से क्या कहा
मेरी जान मेरी जान ये बता
हो ओ ओ, कहूं क्या नज़र ने क्या कहा
आती है मुझको हया

ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला

वादा कर ये हाथ आज से छूटे ना
ना छूटेगा
हो, वादा कर ये हाथ आज से छूटे ना
ना छूटेगा
साथ रहे दिन रात साथ ये छूटे ना
ना छूटेगा
उल्फत में तेरी चाहत में तेरी
ठुकरा दूं सारा जहाँ
हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ


नज़र ने नज़र से क्या कहा
मेरी जान मेरी जान ये बता
हो ओ ओ, कहूं क्या नज़र ने क्या कहा
आती है मुझको हया

जो है मेरे दिल में
वही तेरे दिल
एक बार कह दे तू
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
हाँ हाँ हाँ

ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
ho, ला ला ला ला ला ला
.....................................
Nazar ne nazar se kya kaha-Sultanat 1986

Tuesday, 11 January 2011

जब तक रहेगा समोसे में आलू-मिस्टर और मिसेज़ खिलाडी १९९७

आलू, भालू, कचालू की तुकबंदी वाला ये गीत अगर आपने अपने
रेडियो पर नहीं सुना तो पडोसी के रेडियो पर अवशय ही एक बार
सुन लिया होगा। जैसा कि हम बतला चुके हैं कि खिलाडी श्रेणी की
फ़िल्में बहुत आयीं बीच में। ऐसी फिल्मों के आने के बाद गीतों की
एक और श्रेणी निर्मित हो गई-खिलाडी हिट्स। प्रस्तुत गीत वैसे
एक हिट गीत माना जाता है, आप या मैं ना मानें तो भी इसकी
सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गीतकार हैं आनंद बक्षी और
संगीत है अन्नू मालिक का। इस तेज़ मसाले(गति) वाले फ़िल्मी
समोसे(गीत) को खाया(गाया) है अभिजीत और पूर्णिमा ने। गीत
चर्चित होता है तो गीत के में तरह तरह कि टिप्पणियां भी सुनने
पढने को मिलती हैं । फिल्म के सेहतमंद निर्देशक डेविड धवन को
ये गीत इतना पसंद आया कि उन्होंने फिल्म कि नायिका का नाम
ही शालू रख दिया। कोई इस गीत को outrageous(अपमानजनक,
अत्याचारी, चौंकाने वाला) कहता है तो कोई इसे funny कहता है।
आप जो चाहे इसे कह सकते हैं।



गीत के बोल:

जब तक रहेगा समोसे में आलू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

हाय चटनी बिना लागे समोसा फीका
चटनी भी आएगी कर ले भरोसा
हाय चटनी बिना लागे समोसा फीका
चटनी भी आएगी कर ले भरोसा
मैं तेरी इडली हूँ तू मेरा डोसा
हो जाए फिर गरम एक बोसा

ना ना अरे ना ना अरे ना ना अरे ना ना
हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ

जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

तेरे लिए की है सबसे लड़ाई
क्या देखता है पकड़ ले कलाई
तेरे लिए की है सबसे लड़ाई
तो क्या देखता है पकड़ ले कलाई
रे मेरी मोहब्बत तुझे खींच लायी
मेरे बाप का तू गया बन जमाई

ना ना अरे ना ना अरे ना ना अरे ना ना
हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ

जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू

जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
.........................................
Jab tak rahega samose mein aaloo-Mr. & Mrs. Khiladi 1997
 
 
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