आपने फिल्म माचिस का "पानी पानी रे " सुना। अब सुनिए "माटी रे माटी रे"
इन पर्यावरण प्रेमी गीतों का संगीत तैयार किया है विशाल भरद्वाज ने। फिल्म माचिस
का गीत गुलज़ार का लिखा हुआ है। उन्हें दोनों गीतों के गायन के लिए सबसे उपयुक्त
लता मंगेशकर ही लगीं। गौरतलब है कि लता ने ९० के दशक के उत्तरार्ध में गायन
काफी कम कर दिया था।
प्रस्तुत गीत जावेद अख्तर का है और इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ
सन १९९९ में। गीत का विडियो पूरी कहानी की तरह है और गीत खत्म होने के बाद
इसमें हिंसक दृश्य भी शामिल हैं। फिल्म में शबाना आज़मी गॉड मदर की भूमिका
में हैं।
गीत के बोल:
माटी रे माटी रे माटी रे माटी रे
रुत आए दिन आए जो आए दुख लाए
देख ले हमने कैसे उमरिया काटी रे
माटी रे माटी रे
माटी रे माटी रे
देस छूटा गांव छूटा छूटे घर आंगन
काट ही डाले दुखो ने जन्मों के बंधन
दर्द ने ही दिल की खाई पाटी रे
माटी रे माटी रे
माटी रे माटी रे
घात कैसी कर गया मुझसे मेरा जीवन
किसका मुख दिखला रहा है तुझको ये दर्पण
हो गई कैसे मैं इतनी नाटी रे
माटी रे माटी रे
माटी रे माटी रे
.................................
Maati re maati re-God Mother 1998
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Thursday, 11 August 2011
Wednesday, 3 August 2011
प्यार मुझसे जो किया तुमने-साथ साथ १९८२
अब सुनते हैं दूसरी अलग हट के बनी फिल्म से एक गीत। फिल्म का
नाम है साथ साथ इसका एक गीत आपको सुनवा चुके हैं पहले। अब सुनते
हैं दूसरा गीत जो जगजीत सिंह की आवाज़ में है। विडियो उपलब्ध नहीं है इसका
यू ट्यूब पर अतः ऑडियो से ही काम चला लें। बोल जावेद अख्तर के हैं और
संगीत कुलदीप सिंह का।
गीत के बोल:
प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
मेरे हालत की आंधी में बिखर जओगी
प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
रंज और दर्द की बस्ती का मैं बाशिन्दा हूँ
ये तो बस मैं हूँ के इस हाल में भी ज़िन्दा हूँ
ख्वाब क्यूं देखूँ वो कल जिसपे मैं शर्मिन्दा हूँ
मैं जो शर्मिन्दा हुआ तुम भी तो शरमाओगी
प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
क्यूं मेरे साथ कोई और परेशान रहे
मेरी दुनिया है जो वीरान तो वीरान रहे
ज़िन्दगी का ये सफ़र तुमको तो आसान रहे
हमसफ़र मुझको बनओगी तो पछताओगी
प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
एक मैं क्या अभी आयेंगे दीवाने कितने
अभी गूंजेगे मुहब्बत के तराने कितने
ज़िन्दगी तुमको सुनायेगी फ़साने कितने
क्यूं समझती हो मुझे भूल नही पाओगी
प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
.......................................
Pyar mujhse jo kiya tumne-Saath saath 1982
नाम है साथ साथ इसका एक गीत आपको सुनवा चुके हैं पहले। अब सुनते
हैं दूसरा गीत जो जगजीत सिंह की आवाज़ में है। विडियो उपलब्ध नहीं है इसका
यू ट्यूब पर अतः ऑडियो से ही काम चला लें। बोल जावेद अख्तर के हैं और
संगीत कुलदीप सिंह का।
गीत के बोल:
प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
मेरे हालत की आंधी में बिखर जओगी
प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
रंज और दर्द की बस्ती का मैं बाशिन्दा हूँ
ये तो बस मैं हूँ के इस हाल में भी ज़िन्दा हूँ
ख्वाब क्यूं देखूँ वो कल जिसपे मैं शर्मिन्दा हूँ
मैं जो शर्मिन्दा हुआ तुम भी तो शरमाओगी
प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
क्यूं मेरे साथ कोई और परेशान रहे
मेरी दुनिया है जो वीरान तो वीरान रहे
ज़िन्दगी का ये सफ़र तुमको तो आसान रहे
हमसफ़र मुझको बनओगी तो पछताओगी
प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
एक मैं क्या अभी आयेंगे दीवाने कितने
अभी गूंजेगे मुहब्बत के तराने कितने
ज़िन्दगी तुमको सुनायेगी फ़साने कितने
क्यूं समझती हो मुझे भूल नही पाओगी
प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगी
.......................................
Pyar mujhse jo kiya tumne-Saath saath 1982
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Sunday, 10 July 2011
हिंदी फ़िल्म में बरसात ६- रिमझिम रिमझिम-१९४२ ऐ लव स्टोरी १९९३
बारिश के मौसम में एक गीत और याद आ गया. सन १९४२ की
फ़िल्मी प्रेम कथा से अगला गीत पेश है.
फ़िल्मी बरसात वाला ये गीत अनिल कपूर और मनीषा कोइराला
पर फ़िल्माया गया है.
गीत के बोल:
रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
चलते हैं, चलते हैं
बजता है जलतरंग टीन की छत पे जब
मोतियों जैसा जल बरसे
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी
जिसके लिए हम तरसे
हो हो हो,
बजता है जलतरंग टीन की छत पे जब
मोतियों जैसा जल बरसे
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी
जिसके लिए हम तरसे
हा हा हा रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं
बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ,
सारी दिशायें सोयी हैं
सपनों के गाँव में भीगी सी छाव में
दो आत्माएं खोयी हैं
हो बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ,
सारी दिशायें सोयी हैं
सपनों के गाँव में भीगी सी छाव
में दो आत्माएं खोयी हैं
रिमझिम रिमझिम ,ला ला
रुमझुम रुमझुम , ला ला
भीगी भीगी रुत में ,हा हा
तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं
आयी हैं देखने झीलों के आईने,
बालों को खोले घटाएं
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ,
आओ यहीं रह जायें
हो हो हो आयी हैं देखने झीलों के आईने,
बालों को खोले घटाएं
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ,
आओ यहीं रह जायें
रिमझिम रिमझिम,रिमझिम
रुमझुम रुमझुम,रुमझुम
भीगी भीगी रुत में, हे हे
तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं
रिमझिम रिमझिम
रिमझिम रिमझिम
रुमझुम रुमझुम
रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में
भीगी भीगी रुत में
हो चलते है, चलते है
...................................
Rimjhim rimjhim-1942 A Love Story
फ़िल्मी प्रेम कथा से अगला गीत पेश है.
फ़िल्मी बरसात वाला ये गीत अनिल कपूर और मनीषा कोइराला
पर फ़िल्माया गया है.
गीत के बोल:
रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
चलते हैं, चलते हैं
बजता है जलतरंग टीन की छत पे जब
मोतियों जैसा जल बरसे
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी
जिसके लिए हम तरसे
हो हो हो,
बजता है जलतरंग टीन की छत पे जब
मोतियों जैसा जल बरसे
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी
जिसके लिए हम तरसे
हा हा हा रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं
बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ,
सारी दिशायें सोयी हैं
सपनों के गाँव में भीगी सी छाव में
दो आत्माएं खोयी हैं
हो बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ,
सारी दिशायें सोयी हैं
सपनों के गाँव में भीगी सी छाव
में दो आत्माएं खोयी हैं
रिमझिम रिमझिम ,ला ला
रुमझुम रुमझुम , ला ला
भीगी भीगी रुत में ,हा हा
तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं
आयी हैं देखने झीलों के आईने,
बालों को खोले घटाएं
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ,
आओ यहीं रह जायें
हो हो हो आयी हैं देखने झीलों के आईने,
बालों को खोले घटाएं
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ,
आओ यहीं रह जायें
रिमझिम रिमझिम,रिमझिम
रुमझुम रुमझुम,रुमझुम
भीगी भीगी रुत में, हे हे
तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं
रिमझिम रिमझिम
रिमझिम रिमझिम
रुमझुम रुमझुम
रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में
भीगी भीगी रुत में
हो चलते है, चलते है
...................................
Rimjhim rimjhim-1942 A Love Story
Friday, 8 July 2011
दिल ने कहा चुपके से-१९४२ ऐ लव स्टोरी १९९३
सामान्य विवरण के साथ अगला गीत सुनिए फिल्म
१९४२ एक प्रेम कथा से.
नायिका: मनीषा कोइराला
गायिका-कविता कृष्णमूर्ति
गीतकार- जावेद अख्तर
संगीतकार- राहुल देव बर्मन
गीत के बोल :
दिल ने कहा चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से
क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
प्यार हुआ चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से
क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
प्यार हुआ चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से
तितलियों से ये सुना
तितलियों से ये सुना
मैंने किस्सा बाग़ का
बाग़ में थी एक कली
शर्मीली अनछुई
एक दिन, मनचला भंवरा आ गया
खिल उठी वो कली पाया रूप नया
पूछती थी कली के मुझे क्या हुआ
फूल हँसे चुपके से
प्यार हुआ चुपके से
मैंने बादल से कभी
हो, मैंने बादल से कभी
ये कहानी थी सुनी
पर्वतों की एक नदी
मिलने सागर से चली
झूमती घूमती
हो, नाचती डोलती
खो गयी अपने सागर में जा के नदी
देखने प्यार की ऐसी जादूगरी
चाँद खिला चुपके से
प्यार हुआ चुपके से
क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
प्यार हुआ चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से
क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
.................................
Dil ne kaha chupke se-1942 a love story
१९४२ एक प्रेम कथा से.
नायिका: मनीषा कोइराला
गायिका-कविता कृष्णमूर्ति
गीतकार- जावेद अख्तर
संगीतकार- राहुल देव बर्मन
गीत के बोल :
दिल ने कहा चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से
क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
प्यार हुआ चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से
क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
प्यार हुआ चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से
तितलियों से ये सुना
तितलियों से ये सुना
मैंने किस्सा बाग़ का
बाग़ में थी एक कली
शर्मीली अनछुई
एक दिन, मनचला भंवरा आ गया
खिल उठी वो कली पाया रूप नया
पूछती थी कली के मुझे क्या हुआ
फूल हँसे चुपके से
प्यार हुआ चुपके से
मैंने बादल से कभी
हो, मैंने बादल से कभी
ये कहानी थी सुनी
पर्वतों की एक नदी
मिलने सागर से चली
झूमती घूमती
हो, नाचती डोलती
खो गयी अपने सागर में जा के नदी
देखने प्यार की ऐसी जादूगरी
चाँद खिला चुपके से
प्यार हुआ चुपके से
क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
प्यार हुआ चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से
क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
.................................
Dil ne kaha chupke se-1942 a love story
Tuesday, 21 June 2011
चूड़ी बजी है-यस बॉस १९९७
अज़ीज़ मिर्ज़ा निर्देशित फिल्म यस बॉस के गीत कर्णप्रिय हैं और नई
पीढ़ी द्वारा बेहद पसदं किये गये। कुछ पुरानी और अर्ध-पुरानी पीढ़ी के
लोग भी सुनते मिले मुझे इस फिल्म के गीत। ये एक युगल गीत है
जो शाहरुख़ खान और जूही चावला पर फिल्माया गया है। जावेद अख्तर
के बोलों को सुरों में पिरोया है जतिन ललित ने। गीत गा रहे हैं गायक
उदित नारायण और गायिका अलका याग्निक ।
प्रकृति के सौंदर्य के अलावा प्रेमालाप के दृश्यों से भरपूर ये गीत देखने
लायक है। एक ही चीज़ आपको अटपटी लग सकती है वो है शाहरुख़
खान द्वारा पहना गया एक्स्ट्रा लार्ज साइज़ का पीले रंग का कोट पैंट ।
गीत के बोल:
चूड़ी कुछ कहे
कंगना क्यों बजा
क्या पता क्या हुआ
चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
हो, चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
ये तेरा कजरा, ये तेरा गजरा
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन
चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
गिन गिन तारे रात गुज़ारूं
दिन दिन भर मैं तुझे पुकारूँ
संवरे ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
गिन गिन तारे रात गुज़ारूं
दिन दिन भर मैं तुझे पुकारूँ
गूंजती है पवन जैसे सन सन सन सन सन
हो ओ ओ,चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
खिलते खिलते गुल खिलते हैं
मिलते मिलते दिल मिलते हैं
गोरिये ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
खिलते खिलते गुल खिलते हैं
मिलते मिलते दिल मिलते हैं
दिल मिलें तो बजे साज झन झन झन झन झन
हाँ,
चूड़ी बजी है
कंगना बजा है
ओ ओ चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
ये तेरा कजरा, ये तेरा गजरा
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन
.........................................C
Choodi baji hai-Yes boss 1997
पीढ़ी द्वारा बेहद पसदं किये गये। कुछ पुरानी और अर्ध-पुरानी पीढ़ी के
लोग भी सुनते मिले मुझे इस फिल्म के गीत। ये एक युगल गीत है
जो शाहरुख़ खान और जूही चावला पर फिल्माया गया है। जावेद अख्तर
के बोलों को सुरों में पिरोया है जतिन ललित ने। गीत गा रहे हैं गायक
उदित नारायण और गायिका अलका याग्निक ।
प्रकृति के सौंदर्य के अलावा प्रेमालाप के दृश्यों से भरपूर ये गीत देखने
लायक है। एक ही चीज़ आपको अटपटी लग सकती है वो है शाहरुख़
खान द्वारा पहना गया एक्स्ट्रा लार्ज साइज़ का पीले रंग का कोट पैंट ।
गीत के बोल:
चूड़ी कुछ कहे
कंगना क्यों बजा
क्या पता क्या हुआ
चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
हो, चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
ये तेरा कजरा, ये तेरा गजरा
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन
चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
गिन गिन तारे रात गुज़ारूं
दिन दिन भर मैं तुझे पुकारूँ
संवरे ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
गिन गिन तारे रात गुज़ारूं
दिन दिन भर मैं तुझे पुकारूँ
गूंजती है पवन जैसे सन सन सन सन सन
हो ओ ओ,चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
खिलते खिलते गुल खिलते हैं
मिलते मिलते दिल मिलते हैं
गोरिये ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
खिलते खिलते गुल खिलते हैं
मिलते मिलते दिल मिलते हैं
दिल मिलें तो बजे साज झन झन झन झन झन
हाँ,
चूड़ी बजी है
कंगना बजा है
ओ ओ चूड़ी बजी है कहीं दूर छन छन छन छन
कंगना बजा है कहीं दूर खन खन खन खन
ये तेरा कजरा, ये तेरा गजरा
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन
लुटा दूं आज इस पे तन मन धन
.........................................C
Choodi baji hai-Yes boss 1997
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Tuesday, 14 June 2011
चाँद तारे तोड़ लाऊँ-यस बॉस १९९७
शाहरुख़ खान जब ९० के दशक में फिल्मों में आये
तो जल्दी ही नई पीढ़ी के प्रतिनिधि बन गये। चाँद तारे
तोड़ लाने वाली बात तो सदियों पुरानी है मगर गीत
में कुछ और भी है। जो भी चाहूं वो मैं पाऊँ -के ज़रिये
शायद वे अपने आने वाले सुनहरे भविष्य की तरफ
इशारा कर रहे हैं। गीत लगता है मानो उनके लिए ही
बनाया गया हो। उन्होंने सफलता का एक नया
इतिहास जो रचा बाद में।
किसी सार्वजनिक जगह पर बैठ के प्यानो बजाने का काम
केवल फिल्मों में ही संभव है। गीत कर्णप्रिय है और इसे गा
रहे हैं अभिजीत जिन्होंने किशोर कुमार के गीतों के कवर
वर्जन गा गा कर अपने कैरियर की शुरुआत की थी।
गीत के बोल:
जो भी चाहूं वो मैं पाऊँ
ज़िन्दगी में जीत जाऊं
चाँद तारे तोड़ लाऊँ
सारी दुनिया पर मैं छाऊँ
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
चाँद तारे तोड़ लाऊँ
सारी दुनिया पर मैं छाऊँ
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
यार तू भी सुन ज़रा
आरजू मेरी है क्या
मैं क्या बन जाना चाहता हूँ
मैं कहाँ ख़राब हूँ
मैं तो लाजवाब हूँ
मैं ये मनवाना चाहता हूँ
मान जा ऐ खुदा
इतनी सी है दुआ
मैं बन जाऊं सबसे बड़ा
मैं बन जाऊं सबसे बड़ा
मेरे पीछे, मेरे आगे
हाथ जोड़े दुनिया भागे
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
शान से रहूँ सदा
मुझपे लोग हों फ़िदा
हसीनाएं भी दिल हों खोती
दिल का ये कमल खिले
सोने का महल मिले
बरसने लगे हीरे मोती
मान जा ऐ खुदा
इतनी सी है दुआ
मैं ज्यादा नहीं मांगता
मैं ज्यादा नहीं मांगता
सारी दौलत सारी ताकत
सारी दुनिया पर हुकूमत
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
...........................................
Chand taare tod laoon-Yes Boss 1997
तो जल्दी ही नई पीढ़ी के प्रतिनिधि बन गये। चाँद तारे
तोड़ लाने वाली बात तो सदियों पुरानी है मगर गीत
में कुछ और भी है। जो भी चाहूं वो मैं पाऊँ -के ज़रिये
शायद वे अपने आने वाले सुनहरे भविष्य की तरफ
इशारा कर रहे हैं। गीत लगता है मानो उनके लिए ही
बनाया गया हो। उन्होंने सफलता का एक नया
इतिहास जो रचा बाद में।
किसी सार्वजनिक जगह पर बैठ के प्यानो बजाने का काम
केवल फिल्मों में ही संभव है। गीत कर्णप्रिय है और इसे गा
रहे हैं अभिजीत जिन्होंने किशोर कुमार के गीतों के कवर
वर्जन गा गा कर अपने कैरियर की शुरुआत की थी।
गीत के बोल:
जो भी चाहूं वो मैं पाऊँ
ज़िन्दगी में जीत जाऊं
चाँद तारे तोड़ लाऊँ
सारी दुनिया पर मैं छाऊँ
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
चाँद तारे तोड़ लाऊँ
सारी दुनिया पर मैं छाऊँ
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
यार तू भी सुन ज़रा
आरजू मेरी है क्या
मैं क्या बन जाना चाहता हूँ
मैं कहाँ ख़राब हूँ
मैं तो लाजवाब हूँ
मैं ये मनवाना चाहता हूँ
मान जा ऐ खुदा
इतनी सी है दुआ
मैं बन जाऊं सबसे बड़ा
मैं बन जाऊं सबसे बड़ा
मेरे पीछे, मेरे आगे
हाथ जोड़े दुनिया भागे
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
शान से रहूँ सदा
मुझपे लोग हों फ़िदा
हसीनाएं भी दिल हों खोती
दिल का ये कमल खिले
सोने का महल मिले
बरसने लगे हीरे मोती
मान जा ऐ खुदा
इतनी सी है दुआ
मैं ज्यादा नहीं मांगता
मैं ज्यादा नहीं मांगता
सारी दौलत सारी ताकत
सारी दुनिया पर हुकूमत
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
...........................................
Chand taare tod laoon-Yes Boss 1997
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Shahrukh Khan,
Yes Boss
Saturday, 11 June 2011
रूठ न जाना-१९४२ ऐ लव स्टोरी १९९३
सभी फिल्म निर्देशक जब कोई पीरियड फिल्म या ऐतिहासिक
फिल्म बनाते हैं तो दावा करते हैं की उन्होंने उस समय पर काफी
रिसर्च की। ऐसा ही इस फिल्म के मामले में भी हुआ। उस समय के
माहौल, पहनावे इत्यादि पर भले ही रिसर्च की गई हो, कहीं कहीं
ऐसा महसूस होता है जैसे ये १९८४ का युग का कोई दृश्य १९४२ की
बनी हुई पालिश से पोत के पेश कर दिया गया हो।
विधु विनोद चोपड़ा की फिल्मों का छायांकन बढ़िया होता है। आइये
देखें और सुनें १९४२ एक प्रेम कथा फिल्म से तीसरा गीत जो कुमार सानू
की आवाज़ में है। जावेद अख्तर का लिखा गीत आर डी बर्मन द्वारा
संगीतबद्ध है।
गीत के बोल:
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मैं इन आँखों में जो रहूँ तो
तुम ये जानो या न जानो
तुम ये मानो या न मानो
मेरे जैसा दीवाना तुम पाओगे नहीं
याद करोगे मैं जो न हूँ तो
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मेरी ये दीवानगी कभी न होगी कम
जितने भी चाहे तुम कर लो सितम
मुझसे बोलो या न बोलो
मुझको देखो या न देखो
ये भी माना मुझसे
मिलने आओगे नहीं
सारे सितम हंस के में सहूँ तो
रूठ न जाना तुमसे कहूं तो
प्रेम के दरिया में लहरें हज़ार
लहरों में जो भी डूबा हुवा वोही पार
प्रेम के दरिया में लहरें हज़ार
लहरों में जो भी डूबा हुवा वोही पार
ऊँची नीची, नीची ऊँची
नीची ऊँची ऊँची नीची
लहरों में तुम देखूं कैसे आओगे नहीं
में इन लहरों मैं जो रहूँ तो
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मैं इन आँखों में जो रहूँ तो
तुम ये जानो या न जानो
तुम ये मानो या न मानो
मेरे जैसा दीवाना तुम पाओगे नहीं
याद करोगे मैं जो न हूँ तो
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मैं इन आँखों में जो रहूँ तो
..................................
Rooth na jaana-1942 a love story
फिल्म बनाते हैं तो दावा करते हैं की उन्होंने उस समय पर काफी
रिसर्च की। ऐसा ही इस फिल्म के मामले में भी हुआ। उस समय के
माहौल, पहनावे इत्यादि पर भले ही रिसर्च की गई हो, कहीं कहीं
ऐसा महसूस होता है जैसे ये १९८४ का युग का कोई दृश्य १९४२ की
बनी हुई पालिश से पोत के पेश कर दिया गया हो।
विधु विनोद चोपड़ा की फिल्मों का छायांकन बढ़िया होता है। आइये
देखें और सुनें १९४२ एक प्रेम कथा फिल्म से तीसरा गीत जो कुमार सानू
की आवाज़ में है। जावेद अख्तर का लिखा गीत आर डी बर्मन द्वारा
संगीतबद्ध है।
गीत के बोल:
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मैं इन आँखों में जो रहूँ तो
तुम ये जानो या न जानो
तुम ये मानो या न मानो
मेरे जैसा दीवाना तुम पाओगे नहीं
याद करोगे मैं जो न हूँ तो
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मेरी ये दीवानगी कभी न होगी कम
जितने भी चाहे तुम कर लो सितम
मुझसे बोलो या न बोलो
मुझको देखो या न देखो
ये भी माना मुझसे
मिलने आओगे नहीं
सारे सितम हंस के में सहूँ तो
रूठ न जाना तुमसे कहूं तो
प्रेम के दरिया में लहरें हज़ार
लहरों में जो भी डूबा हुवा वोही पार
प्रेम के दरिया में लहरें हज़ार
लहरों में जो भी डूबा हुवा वोही पार
ऊँची नीची, नीची ऊँची
नीची ऊँची ऊँची नीची
लहरों में तुम देखूं कैसे आओगे नहीं
में इन लहरों मैं जो रहूँ तो
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मैं इन आँखों में जो रहूँ तो
तुम ये जानो या न जानो
तुम ये मानो या न मानो
मेरे जैसा दीवाना तुम पाओगे नहीं
याद करोगे मैं जो न हूँ तो
रूठ न जाना तुम से कहूं तो
मैं इन आँखों में जो रहूँ तो
..................................
Rooth na jaana-1942 a love story
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Sunday, 5 December 2010
नीला आसमान सो गया-सिलसिला १९८१
सिलसिला एक प्रेम त्रिकोण पर आधारित कहानी है।
इसमें अमिताभ बच्चन, जाया भादुड़ी और रेखा
ने अभिनय किया है। यश चोपड़ा जो कि त्रिकोण
से खासा लगाव रखते हैं उन्होंने ये एक विश्वसनीय
सी फिल्म बनाई, मगर समय से थोडा आगे होने
की वजह से फिल्म ने अच्छा व्यवसाय नहीं किया।
फिल्म की विशेषता नए रंग रूप में निखरी रेखा
के कोस्तुमे थे। रेखा सन १९८० के बाद जबसे उन्होंने
योग करना शुरू किया एक नई तरोताज़ा काया के
साथ नज़र आयीं। इस फिल्म में लभगग उन्होंने ४००
के करीब परिधान पहने हैं। ये तथ्य एक रेखा के
फैन ने मुझे बताया। मुझ में इतना ध्यान लगा
के कपडे गिनने का धैर्य नहीं है।
जावेद अख्तर ने अपनी प्रतिभा के साथ न्याय करते
हुए कुछ अच्छे गीत लिखे हैं फिल्म के लिए और
संगीतकार शिव हरि का तो कहना ही क्या जिन्होंने
एक से बढ़ कर एक धुनें तैयार की फिल्म के लिए ।
फिल्म का संगीत खासा लोकप्रिय है और इसके गीत
आज भी सुने जाते हैं। सिलसिला फिल्म से ये गीत
मुझे सबसे ज्यादा पसंद है। ये लता मंगेशकर वाला
संस्करण है। इसी गीत को अमिताभ ने भी गाया है।
गीत के बोल:
नीला आसमान सो गया
नीला आसमान सो गया हो
नीला आसमान सो गया
आंसुओं में चाँद डूबा रात मुरझाई
ज़िन्दगी में दूर तक फैली है तन्हाई
जो गुज़रे हम पे वो कम है
तुम्हारे गम का मौसम है
नीला आसमान सो गया
नीला आसमान सो गया
हो, याद की वादी में गूंजे बीते अफ़साने
याद की वादी में गूंजे बीते अफ़साने
हमसफ़र जो कल थे अब ठहरे वो बेगाने
मोहब्बत आज प्यासी है
बड़ी गहरी उदासी है
नीला आसमान सो गया हो
नीला आसमान सो गया
नीला आसमान सो गया
नीला आसमान सो गया
नीला आसमान सो गया
इसमें अमिताभ बच्चन, जाया भादुड़ी और रेखा
ने अभिनय किया है। यश चोपड़ा जो कि त्रिकोण
से खासा लगाव रखते हैं उन्होंने ये एक विश्वसनीय
सी फिल्म बनाई, मगर समय से थोडा आगे होने
की वजह से फिल्म ने अच्छा व्यवसाय नहीं किया।
फिल्म की विशेषता नए रंग रूप में निखरी रेखा
के कोस्तुमे थे। रेखा सन १९८० के बाद जबसे उन्होंने
योग करना शुरू किया एक नई तरोताज़ा काया के
साथ नज़र आयीं। इस फिल्म में लभगग उन्होंने ४००
के करीब परिधान पहने हैं। ये तथ्य एक रेखा के
फैन ने मुझे बताया। मुझ में इतना ध्यान लगा
के कपडे गिनने का धैर्य नहीं है।
जावेद अख्तर ने अपनी प्रतिभा के साथ न्याय करते
हुए कुछ अच्छे गीत लिखे हैं फिल्म के लिए और
संगीतकार शिव हरि का तो कहना ही क्या जिन्होंने
एक से बढ़ कर एक धुनें तैयार की फिल्म के लिए ।
फिल्म का संगीत खासा लोकप्रिय है और इसके गीत
आज भी सुने जाते हैं। सिलसिला फिल्म से ये गीत
मुझे सबसे ज्यादा पसंद है। ये लता मंगेशकर वाला
संस्करण है। इसी गीत को अमिताभ ने भी गाया है।
गीत के बोल:
नीला आसमान सो गया
नीला आसमान सो गया हो
नीला आसमान सो गया
आंसुओं में चाँद डूबा रात मुरझाई
ज़िन्दगी में दूर तक फैली है तन्हाई
जो गुज़रे हम पे वो कम है
तुम्हारे गम का मौसम है
नीला आसमान सो गया
नीला आसमान सो गया
हो, याद की वादी में गूंजे बीते अफ़साने
याद की वादी में गूंजे बीते अफ़साने
हमसफ़र जो कल थे अब ठहरे वो बेगाने
मोहब्बत आज प्यासी है
बड़ी गहरी उदासी है
नीला आसमान सो गया हो
नीला आसमान सो गया
नीला आसमान सो गया
नीला आसमान सो गया
नीला आसमान सो गया
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