Social Icons

Showing posts with label Bappi Lahiri. Show all posts
Showing posts with label Bappi Lahiri. Show all posts

Monday, 22 July 2013

धक्कम धक्का हुआ-कामयाब १९८४

गीतों में विज्ञान के प्रयोग पर चर्चा हो जाए. एक शब्द है-बल .कोई भी कार्य
करने के समय इसकी याद अवश्य आती है. यहाँ तात्पर्य रस्सी में पड़े
बल से कतई नहीं है जी और न ही बल-प्रयोग से . व्हाट एन आईडिया सर जी

धक्का मुक्की करना-इसमें बल का प्रयोग होता है. इस गीत को सुन लीजिए
आपको भौतिकी के सिद्धांत याद आना शुरू हो जायेंगे.

फिल्म का नाम है कामयाब . ये जब रिलीज़ हुयी थी तब उस समय चूने पुते
पोस्टरों पर लिखा होता था-काम्याब, जिसे पढ़ कर सहज ही अनुमान हो जाता था
कि कामयाब होने के लिए पढाई लिखाई की ज़रूरत नहीं वरन माथे पर चमकते
सितारे होना आवश्यक है. जनाब इस फिल्म का निर्देशन काफी पढ़े लिखे निर्देशक
ने किया था जो नाम के आगे अपनी बी. ए. की डिग्री लगाते थे.

प्यार पक्का करने के लिए किसी मजबूत जोड़ वाले चिपकाऊ पदार्थ की ज़रूरत नहीं
धक्का मुक्की से भी ये पक्का हो सकता है.

क्या गीत है, वाह. ऑंखें हरी हो जाती हैं ऐसे गीत देख कर. दो चोटी वाली
नायिकाएं, नारियल के पेड़, हरे भरे खेत.

नायिका शायद संगीतकार से प्रेरित है. उसने भी गहनों का काफी वजन लाद रखा है.
उम्मीद है संगीतकार को आप पहचान ही गए होंगे. गायक गायिका हैं-आशा और किशोर.

मोटे चश्मे वाले कृपया अपना चश्मा लगा कर वीडियो देखने अन्यथा ऐसा महसूस होगा
कि सरसों से भरी और राई से भरी बोरियां उछल रही हों. 



गीत के बोल:

धक्कम धक्का हुआ
प्यार बड़ा पक्का हुआ
धक्कम धक्का हुआ
प्यार बड़ा पक्का हुआ
....................

Dhakkam dhakka hua-Kaamyab 1984

Monday, 30 January 2012

कोमल मधुर चतुर -कैदी १९८४

आज आपको बप्पी दा का कम्पोज़ किया एक गीत सुनवाने का मन कर रहा था
अपनी सूची देखने पर पता चला आप सुन चुके हैं एक बार फिल्म कैदी का गीत
कोई बात नहीं इस फिल्म का दूसरा गीत सुन लेते हैं । गीतकार इन्दीवर को इस
गीत में साहित्यिक शब्द प्रयोग करने के लिए काफी जगह मिली है।

बप्पी लहरी को वर्तमान पीढ़ी "डर्टी पिक्चर" के संगीत निर्देशक के रूप में
पहचानती है। चलिए एक बार फिर से स्वर्ण युक्त(तकरीबन ९-१० किलो)
संगीत निर्देशक के सोने की झंकार वाला संगीत श्रोताओं को एक बार फिर से
सुनने को मिला।

नायक नायिका हैं जीतेंद्र और माधवी। गायक गायिका हैं-किशोर और लता।
नायक जीतेंद्र को चुस्त दुरुस्त रखने में ३०+ का जितना हाथ है उतना ऐसे
फुर्तीले नृत्य वाले गीतों को भी हाथ है। इसको हम कैलोरी जलाने वाला गीत
कह सकते हैं। इसको देख कर आपकी आँखों की भी अच्छी कसरत हो जावेगी।



गीत के बोल:

कोमल मधुर चतुर चपल तेरा हर अंग
सर्वांग सुंदरी
कोमल मधुर चतुर चपल तेरा हर अंग
सर्वांग सुंदरी
स्वर्ग के लोक से आई तेरे लिए
तू भी आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ

कोमल मधुर चतुर चपल तेरा हर अंग
सर्वांग सुंदरी

तन तेरा मन्दिरम मन तेरा सुन्दरम
अर्पणं तुझपे है जीवनं यौवनम
तन तेरा मन्दिरम मन तेरा सुन्दरम
अर्पणं तुझपे है जीवनं यौवनम
नैन को नैन से प्राण को प्राण से तू मिला
आ आ आ आ आ आ आ आ आ

कोमल मधुर चतुर चपल तेरा हर अंग
सर्वांग सुंदरी

जब भी लूं मैं जनम तू बने वल्लभं
जप किये ताप किये तब मिले दर्शनं
जब भी लूं मैं जनम तू बने वल्लभं
जप किये ताप किये तब मिले दर्शनं
ये हमारा मिलन देगा धरती को
नाम एक नया

कोमल मधुर चतुर चपल तेरा हर अंग
सर्वांग सुंदरी
स्वर्ग के लोक से आई तेरे लिए
तू भी आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ

कोमल मधुर चतुर चपल तेरा हर अंग
सर्वांग सुंदरी
.............................
Komal madhur chatur-Qaidi 1984

Friday, 28 October 2011

हाँ पहली बार-और कौन १९७९

एक निहायत ही रोमांटिक गीत सुनवाते हैं आपको। एक थोड़ी कम
जानी पहचानी सी फिल्म से मगर बहुत पहचाने से संगीतकार की धुन
पर ये नगमा तैरता है। कुछ ऐसे दुर्लभ गीत हैं हिंदी फिल्म संगीत के
खजाने में जिनमें गिटार की आवाज़ के साथ किशोर की आवाज़ का
कातिलाना मिश्रण है। ये भी एक ऐसा ही गीत है जो मेरे ख्याल से
नॉन-रोमांटिक लोगों को भी उतना ही भाता है जितना रोमांटिक किस्म
के लोगों को। फिल्म एक भूतिया फिल्म है निर्देशन निर्माण व निर्देशन
रामसे ब्रदर्स ने किया है।

गीत जनता को इतना भाया कि इसका विडियो पॉप अल्बम वाले अंदाज़
में बनाया गया जिसे आपने हाल ही में २-३ वर्ष पूर्व देखा होगा टी वी चैनलों
पर। गीत अमित खन्ना का लिखा हुआ है जिनके लिखे और बप्पी के स्वरबद्ध
किये हिट गीत आप फिल्म चलते-चलते में सुन चुके हैं। बस एक ही चीज़
नहीं समझ आई इस गीत में-लड़की ने हाथ पकड़ कर क्या बोला? फिल्म में
इन्द्रजीत, पद्मिनी कपिला और रूपेश कुमार प्रमुख कलाकार हैं। पद्मिनी कपिला
फिल्मों के लिए उतना चर्चित नहीं हुईं जितनी वे नवीन निश्चल के साथ नाम जोड़े
जाने की वजह से हुईं।




गीत के बोल:


हाँ पहली बार
हाँ पहली बार
एक लड़की मेरा हाथ पकड़ कर बोली
हाँ रे हाँ

हाँ पहली बार
हाँ पहली बार
एक लड़की मेरा हाथ पकड़ कर बोली
हाँ रे हाँ

हाँ पहली बार

किसी को ना पता चला क्या हो गया
ऐसी मिली नज़रें के दिल खो गया
किसी को ना पता चला क्या हो गया
ऐसी मिली नज़रें के दिल खो गया
चुपके से वो पहलू में आ
चुपके से वो पहलू में आ
बोली मुझे आ रे आ

हाँ पहली बार
हाँ पहली बार
एक लड़की मेरा हाथ पकड़ कर बोली
हाँ रे हाँ

हाँ पहली बार

नशा आँखों में अब छाने लगा हैं
मज़ा जीने का अब आने लगा हैं
नशा आँखों में अब छाने लगा हैं
मज़ा जीने का अब आने लगा हैं
साथ है वो पास है वो
साथ है वो पास है वो
आज नहीं ना रे ना

हाँ पहली बार
हाँ पहली बार
एक लड़की मेरा हाथ पकड़ कर बोली
हाँ रे हाँ

हाँ पहली बार

साँसों में सांस जब मिल जाएगी
कली सपनों की खिल जाएगी
साँसों में सांस जब मिल जाएगी
कली सपनों की खिल जाएगी
कल का मुझे याद नहीं
कल का मुझे याद नहीं
आज की बात वाह रे वाह

हाँ पहली बार
हाँ पहली बार
एक लड़की मेरा हाथ पकड़ कर बोली
हाँ रे हाँ

हाँ पहली बार
.............................
Haan pehli baar-Aur Kaun 1979

Wednesday, 10 August 2011

अटका अटका दिल मेरा-होशियार १९८४

बिना विवरण के भी एक गीत सुन लीजिए आज। ये होशियार सा गीत

है फिल्म होशियार से। कैलोरी कैसे कम की जाये इस गीत से सीख सकते

हैं आप.







गीत के बोल:



अगर आप वाकई इस गीत को सुन रहे हैं तो बोलों के लिए

लिए चटका(कमेन्ट) लगा दें एक

.................................

Atka atka dil mera-Hoshiyar 1984

Friday, 15 July 2011

गुलाई गुलाई गो 1 -इसी का नाम जिंदगी १९९२

वाह वाह क्या बात है, समुद्र किनारे पे फैशन शो हो रहा है. इसके
बाद ये क्या होने लगा ?

आपको अब रंगीन युग से एक गीत सुनवाते हैं इसकी ध्वनियाँ
आपके कान में अवश्य एक न एक बार पड़ी होंगी. इसको आप
डिस्को-आदिवासी नृत्य कह सकते हैं . सुदूर गांव के आदिवासी
एकदम से पढ़ लिख कर, किसी शौपिंग मॉल में घुस कर कपडे
पहन कर, कोई हिंदी फिल्म देख कर, ठंडा-वंडा पी कर यकायक
नाचने लगें तो कैसे लगेंगे इस गीत में देखिये .


नृत्य की ऐसी संकर किस्में आपको हिंदी फिल्मों के अलावा कहाँ
देखने को मिलेंगी भला ? आमिर खान, फरहा और बहुत सारे
सहायक कलाकारों पर इसे फिल्माया गया है. स्वयं संगीतकार
बप्पी लाहिरी इसे गा रहे हैं और उनके साथ गा रही हैं गायिका-
अलका याग्निक. अजीब से कपडे पहने नायक नायिका जिस
संगीतमय कसरत को कर रहे हैं उसमें दिमाग खपाने के बजाये
उसका आनंद लेने कि ज़रूरत है.




गीत के बोल:

गुलाई गुलाई गो,
हाँ गुलाई गो

गुलाई गुलाई गो,
हाँ गुलाई गो
मिले कोई अनजाना
जो लागे जाना पहचाना
तो दिल कहे इसको अपना बनाना
चाहे खुद लुट जाना

गुलाई गुलाई गो, हा हा
हाँ गुलाई गो , हा हा
अरे गुलाई गुलाई गो
हाँ गुलाई गो
मिले कोई अनजाना
जो लागे जाना पहचाना
तो दिल कहे इसको अपना बनाना
चाहे खुद लुट जाना

गुलाई गुलाई गो
हाँ गुलाई गो
अरे गुलाई गुलाई गो
हाँ गुलाई गो

यार गारा दिलदार हो
खुल्लम खुल्ला प्यार हो
यार गारा दिलदार हो
खुल्लम खुल्ला प्यार हो
नज़रों में खेल हुआ
दिलों का मेल हुआ
बाहों में आ जाना
गो गो गो गो गो गो गो
गो गो गो गो गो गो गो
गुलाई गुलाई
गो गो गो गो गो गो गो
गो गो गो गो गो गो गो
गुलाई गुलाई

सच्चा प्यार जो करता है
वो न किसी से डरता है
सच्चा प्यार जो करता है
वो न किसी से डरता है
चाहे कोई रोके टोके, हो हो

....................................
Gulai gulai go-Isi ka naam zindagi 1992

Sunday, 10 July 2011

चोली तेरे तन पर-होशियार १९८४

सेब सौ रूपये किलो हैं आजकल ? मीडिया का बस चले तो दो सौ
रूपये भी बिकवा दे. किसी एक जगह कोई चीज़ महंगी मिलने लगती
है तो चैनल वाले उसका ढोल पीट पीट कर पूरे देश को बतला देते हैं .
इस प्रचार का मकसद क्या है समझ नहीं आता, इतना ज़रूर होता है
कि बाकी सब जगह उस चीज़ का भाव दूसरे दिन से बढ़ जाता है.

यू -ट्यूब पर गीत में जिस फल को जनता सेब के रूप में पहचान
रही है, मुझे तो वो संतरा या मौसंबी नज़र आ रही है. अगर वाकई
सेब है तो किसी पीलिया ग्रस्त बगीचे के होंगे.

दक्षिण भारत की कुछ ८० के दशक की फिल्मों से ये ट्रेंड शुरू हुआ
जिसमें कुछ तो सब्जी फल उछलते हैं, कुछ नायक नायिकाएं. ये भी
एक दक्षिण भारत में निर्मित फिल्म है जिसमें नायक जीतेंद्र के साथ
मीनाक्षी शेषाद्री हैं. इस फिल्म के निर्देशक हैं-के. राघवेन्द्र राव(बी. ऐ.)
और फिल्म का नाम है होशियार. सन १९८४ में ये फिल्म रिलीज़ हुई थी.
काफी होशियारी से ये फिल्म बनायीं गयी थी जिसने कम समय में ही
निर्माण की लागत वसूल ली.



गीत के बोल:

चोली तेरे तन पर, तन पर कसी कसी
रहती है तू मन में, मन में बसी बसी

जाए न असर तेरी आँखों का
उतरे न ज़हर तेरी बातों का
जाए न असर तेरी आँखों का
उतरे न ज़हर तेरी बातों का
ज़िन्दगी डसी डसी डसी डसी

तेरे तेरे मुख पर मुख पर हंसी हसनी
तेरी छबि दिल में दिल में बसी बसी
घेरा है मुझे तेरी राहों में
जकड़ा है मुझे तेरी बाँहों ने
घेरा है मुझे तेरी राहों में
जकड़ा है मुझे तेरी बाँहों ने
जवानी हंसी हंसी हंसी हंसी

चोली तेरे तन पर, तन पर कसी कसी
आ आ आ आ आ
...............................
Choli tere tan par-Hoshiyar 1984

Wednesday, 6 July 2011

जान तन से-दिलजला १९८७

आपको २-३ पोस्ट पहले एक फरहा और आमिर खान की जोड़ी पर
फिल्माया गया गीत सुनवाया था जिसमें अमित कुमार की आवाज़
थी। अब सुनवाते हैं आपको फिल्म दिलजला से किशोर कुमार की
आवाज़ में एक गीत जो इन्दीवर का लिखा हुआ है और जिसकी धुन
बनाई है बप्पी लहरी ने। इस गीत में जैकी और फरहा की जोड़ी है।

दाढ़ी वाले नायक बहुत कम दिखे हैं हिंदी फिल्म जगत में। जैकी श्रोफ
ने इस सुविधा का काफी इस्तेमाल किया है-उन्हें शायद दाढ़ी बढ़ाये
रखने की छूट थी।

गीत में बगावती अंदाज़ में प्यार और उसका इज़हार किया जा रहा है।
नायक नायिका और उनके इर्द गिर्द हिलने वाले कलाकारों के अलावा
पार्टी में मौजूद लोगों में से और कोई खुश नहीं दिखाई दे रहा है।




गीत के बोल:

हम ऐसे जान-ए-जान तुमसे प्यार करते हैं
हम ऐसे जान-ए-जान युमसे प्यार करते हैं
जान तन से, तन जान से
जान तन से, तन जान से

हम ऐसे जान-ए-जान युमसे प्यार करते हैं
आंख को किरण सांस को पवन
आंख को किरण सांस को पवन

जीने को तुम ज़रूरी, इकरार करते हैं

जान तन से, तन जान से

हम प्यार तेरा ऊपर से
किस्मत में लिखा कर लाये
नहीं मजाल किसी की
कोई बीच में अपने आये
प्यार ना माने कोई पहरा
या कफ़न मिले या सेहरा
ऐलान-ए-वफ़ा दीवाने सर-ए-आम करते हैं

जान तन से, तन जान से
हम ऐसे जान-ए-जान तुमसे प्यार करते हैं
जान तन से, तन जान से

हस्ती क्या इंसान की
गर जिद पर हम अड़ जाएँ
करने को तुझे हासिल
भगवन से भी लड़ जाएँ
दिलजला जान भी ले ले
दिलजला जान भी दे दे
दिलजले जहाँ वालों को
होशियार करते हैं

हम ऐसे जान-ए-जान युमसे प्यार करते हैं
हम ऐसे जान-ए-जान युमसे प्यार करते हैं
............................
Jaan tan se, tan jaan se-Diljala 1987

Tuesday, 5 July 2011

तुम जैसी कोई सुन्दर -इसी का नाम ज़िन्दगी १९९२

आमिर खान और फरहा की जोड़ी वाली फिल्म। इस गीत में
अमित कुमार और अलका याग्निक की आवाजें हैं। बप्पी लहरी
का संगीत है और फिल्म का नाम है-इसी का नाम ज़िन्दगी। इस
फिल्म के कुछ गीत बहुत बजे थे, आगे सुनवायेंगे आपको।

फिलहाल इस छेड़ छाड़ वाले गीत का आनंद उठाइए। गीत लिखा
है रमेश पन्त ने।




गीत के बोल:

अरे दिल की रानी
अरे जा जा छैला जा जा
तुम जैसी कोई सुन्दर इस दुनिया में ना होगी
तुम जैसी कोई सुन्दर इस दुनिया में ना होगी
मैं तुमसे अगर दिल मांगूं
तो दोगी या ना दोगी ?
तुम जैसी कोई सुन्दर इस दुनिया में ना होगी
मैं तुमसे अगर दिल मांगूं
तो दोगी या ना दोगी ?
बोलो दोगी या ना दोगी ?
हो बोलो दोगी या ना दोगी ?
बोला ना नहीं दूँगी

जबसे मैंने तुमको देखा
रूप के आगे माथा टेका
जबसे मैंने तुमको देखा
रूप के आगे माथा टेका

जबसे मैंने तुमको देखा
रूप के आगे माथा टेका
जबसे मैंने तुमको देखा
रूप के आगे माथा टेका

दीवाना कब हुआ तुम्हारा
मैंने ना जाना
चाहे जैसे भी हो तुमको
ये है समझाना
क्या ?
इस जीवन में दो तुम
मेरे बच्चे जां कब दोगी
मैं तुमसे अगर दिल मांगूं
तो दोगी या ना दोगी ?
बोलो दोगी या ना दोगी ?
हो बोलो दोगी दोगी या ना दोगी ?

कहा ना नहीं दूँगी

अगर कहीं तुम मेरी हुई ना
मुश्किल होगा मेरा जीना
अगर कहीं तुम मेरी हुई ना
मुश्किल होगा मेरा जीना

अगर कहीं तुम मेरी हुई ना
मुश्किल होगा मेरा जीना
अगर कहीं तुम मेरी हुई ना
मुश्किल होगा मेरा जीना

और किसी को तुमने चाह
ऐसा कभी ना हो
हाल मेरा क्या होगा वरना
तुम ये भी सुन लो

क्या करोगे

या पागल हो जाऊँगा
या बन जाऊँगा जोगी
मैं तुमसे अगर दिल मांगूं
तो दोगी या ना दोगी ?
बोलो दोगी या ना दोगी ?
हो बोलो दोगी दोगी या ना दोगी ?

कभी नहीं दूँगी

............................
Tum jaisi koi sundar-Isi ka naam zindagi 1992

Sunday, 19 June 2011

अभी अभी थी दुश्मनी-ज़ख़्मी १९७५

एक मनोरंजक और नटखट गीत देखते हैं। आखिर
बहुत दिन हो गये हैं हमें ऐसा गीत सुने। फिर हमें
सौम्यता का स्वर्ण पदक भी तो नहीं प्राप्त करना है
ब्लॉग पुरस्कारों में।

जवानी के दौर में जब आप किसी लड़की की ऊँगली मुंह
में डालते हैं तो दिल के अन्दर से व्ह्यऊँ व्ह्यऊँ ट्यून ट्यून
की ध्वनियाँ निकलने लगती है। गीत की शुरुआत में इसे
बड़े ही अनोखे अंदाज़ में दिखाया गया है। जो भी पाठक
जवानी के दौर में हैं या गुज़र चुके हैं उन्होंने इसे ज़रूर
महसूस किया होगा। युवा रीना राय और राजेश रोशन पर
फिल्माया गया ये गीत लता मंगेशकर का गाया हुआ
है, इसे लिखा गौहर कानपुरी ने और संगीत से संवारा
है बप्पी लहरी ने।






गीत के बोल:

अभी अभी थी दुश्मनी अभी है दोस्ती
दिल विल मेरी मंजिल नहीं
चली रे
अभी अभी थी दुश्मनी अभी है दोस्ती
दिल विल मेरी मंजिल नहीं
चली रे

हा, छोड़ ना

गोरी गोरी बाहों को अरे अरे छोडो जी
देखो इन अदाओं से नाता नहीं जोड़ो जी
गोरी गोरी बाहों को अरे अरे छोडो जी
देखो इन अदाओं से नाता नहीं जोड़ो जी
इसके आगे प्यार है, प्यार बेकार है

अभी अभी थी दुश्मनी अभी है दोस्ती
दिल विल मेरी मंजिल नहीं
चली रे

ऐसे ही अकेले में प्यार किया जाता है
कसम खायी जाती है वादा किया जाता है, हा
ऐसे ही अकेले में प्यार किया जाता है
कसम खायी जाती है वादा किया जाता है
बाद में फिर शादी है, शादी में बर्बादी है


अभी अभी थी दुश्मनी अभी है दोस्ती
दिल विल मेरी मंजिल नहीं
चली रे
ला ला ला ला ला ला ला ला ला
चली रे
..................................
Abhi abhi thi dushmani-Zakhmi 1975

Saturday, 28 May 2011

तेरे लिए मैंने जनम लिया-सिंहासन १९८६

आपको इसी श्रेणी से अगला गीत सुनवाते हैं फिल्म सिंहासन से। अंग्रेजी
में इस फिल्म का नाम सिंघासन पढने में आता है। अब थोड़ी सी बी ऐ से
बी. एड. तो हो ही जाती है ना जी नाम रखने में। ढेर सारे कलाकारों को
रोज़गार देने वाला ये पर्ववारण प्रेमी गीत भी एक आकर्षक धुन में बंधा है।
नृत्य भी इसका मनोरंजक है। आनंद उठाइए किशोर कुमार और दक्षिण
भारत की नामचीन और बढ़िया गायिका पी. सुशीला के युगल गीत का जिसे
फिल्माया गया है जीतेंद्र और जया प्रदा पर। संगीत एक बार फिर से वही,
जी हाँ, बप्पी लहरी का है और बोल इन्दीवर के हैं। इस गीत में नायक और
नायिका ने फुगडी वाला पुराना खेल भी खेला है।



गीत के बोल:

हा आ आ आ, हा आ आ आ आ आ

छूम नाना छूम, छूम नाना छूम
छूम नाना छूम, छूम नाना छूम

हो हो हो हो हो, हा हा हा हा
हा आ आ आ आ, हा आ आ आ

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया

महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा
महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा

लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया

हो हो हो हो, ला ला ला ला
हा हा हा हा, ला ला ला ला

बिन मांगे खुद को ही तोहफे में तुझको दे दूं
दुःख तेरा, तेरी बला सर पर अपने ले लूं

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

बिन मांगे खुद को ही तोहफे में तुझको दे दूं
दुःख तेरा, तेरी बला सर पर अपने ले लूं
दुश्मन हो दुनिया सारी तोड़ेंगे हम ना यारी
दुश्मन हो दुनिया सारी तोड़ेंगे हम ना यारी

लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया

झूम ताना झूम, झूम ताना झूम
झूम ताना झूम, झूम ताना झूम

जीने को जैसे पवन तू मुझे ऐसे ज़रूरी
तेरे बिना रह ना सकूं, सह ना सकूं तेरी दूरी

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

जीने को जैसे पवन तू मुझे ऐसे ज़रूरी
तेरे बिना रह ना सकूं, सह ना सकूं तेरी दूरी
हर साथ मैंने छोड़, हर हाथ मैंने छोड़ा

लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए

झूम झूम झूम, झूम ताना झूम
झूम झूम झूम, झूम ताना झूम

तेरे लिए मैंने जनम लिया
मेरे लिए तूने जनम लिया
महलों को मैंने छोड़ा
गलियों से नाता जोड़ा

लाखों का दिल तोडा मैंने
एक तेरे लिए

छूम छूम छूम, छूम नाना छूम
झूम झूम झूम, झूम नाना झूम
..............................
Tere liye maine janam liya-Singhasan 1986

Friday, 27 May 2011

चांदनी रात ये सनम-कैदी १९८४

आइये बी. ए. , बी. एस. सी., ऍम, ए. योग्यता धारक निर्माता निर्देशकों
के दौर में वापस चला जाये। दक्षिण भारतीय निर्माता निर्देशक शैक्षणिक
योग्यता के मामले में उत्तर भारतीय भाइयों से बहुत आगे हैं। उनको अपने
नाम के साथ योग्यता लिखने में कोई परहेज़ नहीं है। उस दौर की फिल्मों
में जीतेंद्र, कदर खान या उनके संवाद, इन्दीवर के गीत और बप्पी लहरी
का संगीत आवश्यक तत्त्व जैसे हुआ करते थे। जीतेंद्र के साथ तकरीबन
१० दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों ने काम किया। उनमें से एक हैं माधवी
अपनी समकालीनों की तरह वे भी नृत्य कला में प्रवीण हैं। प्रस्तुत गीत
में नाग-नागिन डांस जैसा मसाला आप देख पाएंगे। काफी रोमांटिक किस्म
का गीत है। रोमांस के बाकी अर्थ भी आप सोच सकते हैं इस गीत को देख
कर। खैर, ये गीत अपनी आकर्षक धुन की वजह से बहुत ज्यादा बजा था।
आशा भोंसले और किशोर कुमार इस गीत के पार्श्व गायक हैं। इन्दीवर
के गीत में भी आपको उनकी छाप कहीं ना कहीं अवश्य मिल जाएगी।
उनका शब्दों का चयन एक स्वचालित प्रक्रिया जैसा था।



गीत के बोल:

चांदनी
चांदनी रात ये सनम
नहीं प्रेमियों को जन्नत से कम

चांदनी
चांदनी रात ये सनम
नहीं प्रेमियों को जन्नत से कम

आओ जी भर के प्यार करो
कोई देखे तो देखने दो

चांदनी
चांदनी रात ये सनम
नहीं प्रेमियों को जन्नत से कम

आओ जी भर के प्यार करो
कोई देखे तो देखने दो

आ जा, आ जा, हो हो हो, आ हा हा हा
जिनमें जान है, जिनमें दिल है
उन सबके अन्दर है प्यार
जिनमें जान है, जिनमें दिल है
उन सबके अन्दर है प्यार
हम क्या तुम क्या, प्यार में डूबा
सारा ये संसार
हम क्या तुम क्या, प्यार में डूबा
सारा ये संसार

चांदनी
चांदनी रात ये सनम
नहीं प्रेमियों को जन्नत से कम

आओ जी भर के प्यार करो
कोई देखे तो देखने दो

आ जा, आ जा, हो हो हो, आ हा हा हा

तारों के फेरे करती है धरती
धरती के फेरे चंदा
तारों के फेरे करती है धरती
धरती के फेरे चंदा
तेरे मिलन की चाह में घूमे
मेरा प्राण पतंगा
तेरे मिलन की चाह में घूमे
मेरा प्राण पतंगा

चांदनी
चांदनी रात ये सनम
नहीं प्रेमियों को जन्नत से कम

आओ जी भर के प्यार करो
कोई देखे तो देखने दो

आ जा, आ जा, हो हो हो, आ हा हा हा
..........................................
Chandni raat ye sanam-Qaidi 1984

Wednesday, 18 May 2011

ये नैना ये काजल-दिल से मिले दिल १९७८

एक अनजान सी जोड़ी पर फिल्माया गया एक बेहतरीन गीत सुनिए।
फिल्म की एडिटिंग ख़राब किस्म की है। गीत झटके से शुरू होता है जैसे
नायक नायिका और निर्देशक, उनिते के अन्य लोग सब जल्दी में हों। फिल्म
एक हिट फिल्म की श्रेणी में आती है जिसके गीत भी बहुत बजे थे उन दिनों।
फिल्म के नायक हैं भीष्म कोहली जो फिल्म के निर्देशक भी हैं। उनके साथ
श्यामली नामक अभिनेत्री है। भीष्म और श्यामली दोनों को इस फिल्म से कोई
फ़ायदा नहीं हुआ, उन्हें आगे शायद ही किसी और फिल्म में देखा गया हो। एक
बात आप ज़रूर महसूस करेंगे, नायक के चेहरे, हाव भाव में २० टका देव आनंद
की अदाओं की मिलावट है। २० टका किस्मत भी अगर साथ होती तो शायद
भीष्म की फ़िल्मी गाडी चलती रहती। गीत लिखा है अमित खन्ना ने और
संगीत तैयार किया है बप्पी लहरी ने। गीत का फिल्मांकन अच्छा है और
निर्देशक के ड्रेस-सेंस की दाद देना पड़ेगी। अगर आप अपना नज़र का चश्मा उतार
कर गीत देखें तो यही लगेगा की ७० के दशक की कोई देव आनंद की फिल्म
का गीत देख रहे हों।




गीत के बोल :

ये नैना ये काजल
ये जुल्फें ये आँचल

ये नैना ये काजल
ये जुल्फें ये आँचल
खूबसूरत सी हो तुम ग़ज़ल
कभी दिल हो कभी धड़कन
कभी शोला कभी शबनम
तुम ही हो तुम मेरी हमदम
ज़िन्दगी तुम मेरी
मेरी तुम ज़िन्दगी

मेरी आँखों से देखो मेरी नज़रों से जानो
मेरी आँखों से देखो मेरी नज़रों से जानो
तुम माला हम मोती
हम दीपक तुम ज्योति

ये नैना ये काजल
ये जुल्फें ये आँचल
खूबसूरत सी हो तुम ग़ज़ल
कभी दिल हो कभी धड़कन
कभी शोला कभी शबनम
तुम ही हो तुम मेरी हमदम

सपनों का पनघट हो
आशा का झुरमुट हो
सपनों का पनघट हो
आशा का झुरमुट हो
तुम नदिया हम धारा
तुम चंदा हम तारा

ये नैना ये काजल
ये जुल्फें ये आँचल
खूबसूरत सी हो तुम ग़ज़ल
कभी दिल हो कभी धड़कन
कभी शोला कभी शबनम
तुम ही हो तुम मेरी हमदम

मेरी साँसों से पूछो
मेरी आहों को समझो
मेरी साँसों से पूछो
मेरी आहों को समझो
तुम पूजा हम पुजारी
तुम किस्मत हम जारी

ये नैना ये काजल
ये जुल्फें ये आँचल
खूबसूरत सी हो तुम ग़ज़ल
कभी दिल हो कभी धड़कन
कभी शोला कभी शबनम
तुम ही हो तुम मेरी हमदम
ज़िन्दगी तुम मेरी
मेरी तुम ज़िन्दगी
...............................................................
Ye naina ye kajal-Dil se mile dil 1978

Thursday, 20 January 2011

दिल धक् धक् करने लगा-पतिता-१९८०

सन ८० की फिल्म पतिता का जो गीत चलन में था फिल्म की रिलीज़
के वक़्त वो पेश है आज। ये है किशोर कुमार की आवाज़ में-दिल धक्
धक् करने लगा। आनंद बक्षी के लिखे गीत की धुन बनाई है बप्पी लहरी
ने। मिथुन चक्रवर्ती के ऊपर इसे फिल्माया गया है और गीत में उन्होंने
प्रशंसकों को अपने नृत्य से खुश कर दिया था । सैक्सोफोने लेकर जब
नायक हुंकार भरता है तो शम्मी और देव आनंद का ज़माना याद आ जाता
है मगर जल्द ही वो ग़लतफहमी दूर हो जाती है जब वो नृत्य शुरू करता है।

वैसे इस आकर्षक गीत में कई और ऐसी आकर्षक वजह हैं जिनके कारण
पब्लिक इसे थीएटर में देखने जाया करती थी वो सब आपको गीत देखने पर
समझ आएँगी।




गीत के बोल:

धक् धक् धक् धक्
धक् धक् धक् धक्
धक् धक् धक् धक्
धक् धक् धक् धक्
दिल धक् करने लगा
मैं दिल से डरने लगा
दिल धक् करने लगा
मैं दिल से डरने लगा
ऐसा लगता है मैं
किसी पे मरने लगा

हाय दिल धक् करने लगा
मैं दिल से डरने लगा

मैं पूछा करता हूँ
इस दिल दीवाने से
वो खुद आये तो क्या हो
जिसकी याद आने से
आई कोई ख़ुशबू
कोई जादू चलने लगा
हो ओ ओ ऐसा लगता है मैं
किसी पे मरने लगा

दिल धक् करने लगा
मैं दिल से डरने लगा

तस्वीरें देखी हैं
कितनी बाज़ारों में
तस्वीरें देखी हैं
कितनी बाज़ारों में
तुम जैसे हैं हजारों
वो है एक हजारों में
देखी दो निगाहें
मैं आहें भरने लगा

हो ओ ओ ऐसा लगता है मैं
किसी पे मरने लगा

दिल धक् करने लगा
मैं दिल से डरने लगा

सोचा था खेलूंगा
मैं एक खिलोने से
अब कैसे की रोकूँ दिल को
खुद पे आशिक होने से
मैं तो दिल्लगी में
दिल का सौदा करने लगा

हो ओ ओ ऐसा लगता है मैं
किसी पे मरने लगा

दिल धक् करने लगा
मैं दिल से डरने लगा

ऐसा लगता है मैं
किसी पे मरने लगा
....................................
Dil dhak dhak karne laga-Patita 1980

Saturday, 4 December 2010

तुम्हारा प्यार चाहिए-मनोकामना १९७९

राज किरण के नाम से एक गीत याद आ गया।
मधुर गीत है ये और इसे गाया है स्वयं संगीत
निर्देशक ने।

कम बजट वाली फिल्मों में से एक मनोकामना
सन १९७९ की फिल्म है। कल्पना अय्यर से मुखातिब
राज किरण समुद्र किनारे खड़े हुए ये गीत गा रहे हैं।
इस गीत को संगीत प्रेमी अच्छे रोमांटिक गीतों
में गिन लेते हैं। मैंने अच्छे(तथाकथित) संगीत प्रेमी
शब्द प्रयोग नहीं किया है ! कल्पना आयर को आपने
खलनायिका या डांसर की भूमिका में ही देखा होगा।
इसमें उन्हें नायिका की भूमिका में देख के आश्चर्य
तो नहीं हो रहा आपको ? छरहरी काया और तीखे
नाक नक्श वाली कल्पना की बतौर नायिका पारी लम्बी
नहीं खिंची। इन्दीवर के लिखे गीत को स्वरबद्ध किया
और गाया है बप्पी लहरी ने ।



गीत के बोल:

प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए
तुम्हारा प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए
मुझको हर घडी दीदार चाहिए

तुम्हारा प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए

रूप रंग पर सदियों से मरता आया
सदियों से ये ज़माना
मैं मन की सुन्दरता देखूं
प्यार का मैं दीवाना

तुम्हारा प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए
तूफ़ान में बाँहों की पतवार चाहिए
तुम्हारा प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए

मेरे सिवा तुम और किसी को
दिल में ना आने दोगी
फूलों की तो बात ही क्या है
काँटों के साथ चलोगी

तुम्हारा प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए
दिन रात वफ़ा का इकरार चाहिए
तुम्हारा प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए

Saturday, 20 November 2010

एक तमन्ना जीवन की- आँखें १९९३

जैसा कि हमने पहले जिक्र किया था पुराने गीतों के प्रेमी
नए हिट गीतों को भी ख़ारिज कर देते हैं। उनके पुत्र-पुत्री
अलबत्ता, वो गीत सुन सुन कर खुश होते रहते हैं। ये सिलसिला
दशकों से चला आ रहा है और आगे भी चलता रहेगा।

आइये सुना जाए गोविंदा अभिनीत आँखें का एक हिट गीत।
इसमें उनके साथ दो नायिकाएं हैं-शिल्पा शिरोडकर और
रितु शिवपुरी। रितु ओम शिवपुरी की पुत्री हैं। गीत लिखा है
इन्दीवर ने और इसे गा रहे हैं आशा भोंसले, कुमार सानू।



गीत के बोल:

एक तमन्ना जीवन की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
एक तमन्ना जीवन की
मैं प्यार तेरा ही पाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं

एक तमन्ना जीवन की
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
एक तमन्ना जीवन की
मैं प्यार तेरा ही पाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं

ना तुझे जानू ना पहचानूं क्यों तू गले पड़ी है
समझ के मुझ को अपना दीवाना घेरे हुए खड़ी है
हो,ना तुझे जानू ना पहचानूं क्यों तू गले पड़ी है
समझ के मुझ को अपना दीवाना घेरे हुए खड़ी है

तेरा ही तो था ये कहना तेरे बिन मुझको नहीं रहना
तेरा वादा तेरा इरादा तुझको याद दिलाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं


एक तमन्ना जीवन की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
एक तमन्ना जीवन की
मैं प्यार तेरा ही पाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं


हमरा दिल जो तोड़ दिया तो हम ये भी कर जइबे
हमें याद करेगा तेरी चौखट पर मर जइबे
हमरा दिल जो तोड़ दिया तो हम ये भी कर जइबे
हमें याद करेगा तेरी चौखट पर मर जइबे
जो भूला था याद वो आया मैं हूँ वाही जो तूने बताया
ना हो दुखी ओ चंद्रमुखी छोड़ के कहीं ना जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी चाहें शादी के दिन मर जाऊं

एक तमन्ना जीवन की
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
एक तमन्ना जीवन की
मैं प्यार तेरा ही पाऊँ
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी
चाहें शादी के दिन मर जाऊं

शादी तुझी से हो मेरी चाहें शादी के दिन मर जाऊं
शादी तुझी से हो मेरी चाहें शादी के दिन मर जाऊं
 
 
www.lyrics2nd.blogspot.com