आपको फिल्म जिगर से एक उदास गीत सुनवाया था पहले-पंकज उधास की
आवाज़ वाला। आइये इस फिल्म से एक सुपर हिट गीत सुना जाये। जिस
गीत में ख़त-कोरियर इत्यादि का जिक्र हो वे बेहद बजा करते हैं। इसका फंडा
मुझे समझ नहीं आया आज तक। गीत फिल्माया गया है करिश्मा कपूर और
अजय देवगन पर। अभिजीत और साधना सरगम के गाये इस गीत को लिखा
है समीर ने और इसकी धुन के जिम्मेदार हैं आनंद-मिलिंद। राशन के हिसाब
वाले अंदाज़ में नायिका ख़त लिख रही है। लिखने की गति ही ऐसी है उसकी !
कलम मुंह में डालने से सबको ये सीख लेना चाहिए कि वो चूसने के काम ही
आती है। उसको चूसने से बंद दिमाग के दरवाजे खुल जाते हैं।
गीत के बोल:
प्यार के कागज़ पे दिल की कलम से
प्यार के कागज़ पे दिल की कलम से
पहली बार सलाम लिखा
पहली बार सलाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
प्यार के कागज़ पे दिल की कलम से
प्यार के कागज़ पे दिल की कलम से
पहली बार सलाम लिखा
पहली बार सलाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
यादों में दिन काटती थी
और ना गुजरती थी रातें
यादों में दिन काटती थी
और ना गुजरती थी रातें
कैसे भाला मैं बताऊँ
तुझको जुदाई की बातें
रंग लायी बेकरारी ऐसी
छायी थी खुमारी
मैंने सुबह को शाम लिखा
मैंने सुबह को शाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
तेरे गुलाबी लबों से
शबनम के दाने चुराऊँ
तेरे गुलाबी लबों से
शबनम के दाने चुराऊँ
जो बात ख़त में लिखी ना
आ जा तुझे मैं बताऊँ
यूँ ही आहें भरते भरते
तौबा मैंने डरते डरते
उल्फत का पयाम लिखा
उल्फत का पयाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
अच्छा नहीं यूँ तडपाना ऐसे मिटेगी ना दूरी
अच्छा नहीं यूँ तडपाना ऐसे मिटेगी ना दूरी
शेहनाई जिस दिन बजेगी हर आरजू होगी पूरी
प्यास अपनी कब बुझेगी जाने डोली कब सजेगी
रब ने क्या अंजाम लिखा
रब ने क्या अंजाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
प्यार के कागज़ पे दिल की कलम से
प्यार के कागज़ पे दिल की कलम से
पहली बार सलाम लिखा
पहली बार सलाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
मैंने ख़त महबूब के नाम लिखा
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Pyar ke kagaz pe-Jigar 1992
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Friday, 28 October 2011
Thursday, 20 October 2011
वादा रहा सनम-खिलाडी १९९२
सन १९९२ में कुछ बढ़िया संगीतमय फ़िल्में आयीं। इनमें से एक है
खिलाड़ी श्रृंखला वाली प्रथम फिल्म-खिलाड़ी। अब खिलाडी कौन है ये
मत पूछ लीजियेगा। आपको खिलाडी श्रेणी की एक फिल्म का गीत
सुनवा चुके हैं पहले जंगल में भालू वाला । सामान्य ज्ञान वर्धन के
लिए उसे एक बार और सुन लीजिये अगर आप चाहें। खिलाड़ी फिल्म
सन ९२ की एक बड़ी हिट फिल्म है। इसमें संगीत जतिन-ललित का है।
गीत शुरू होता है इस अंदाज़ में जैसे नायक ने कोई जादुई पुडिया सुंघा
दी हो नायिका को जिससे वो १०० मीटर की दौड़ लगाने लगी।
बहरहाल खूबसूरत वादियों में सफ़ेद कपड़ों की चकाचक धुलाई के
विज्ञापन सा ये गीत सुनने में आनंद देता है।
गीत के बोल:
आ हा हा हा हा, आ हा हा हा हा
आ आ आ हा हा हा हा हा
वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
कैसी उदासी तेरे चेहरे पे छायी
क्या बात है जो तेरी आँख भर आई
कैसी उदासी तेरे चेहरे पे छायी
क्या बात है जो तेरी आँख भर आई
देखो तो क्या नज़ारे हैं
तुम्हारी तरह प्यारे हैं
हंसो ना मेरे लिए तुम
सभी तो ये तुम्हारे हैं ओ जाने जान
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
इन वादियों में यूँ ही मिलते रहेंगे
दिल में वफ़ा के दिए जलते रहेंगे
इन वादियों में यूँ ही मिलते रहेंगे
दिल में वफ़ा के दिए जलते रहेंगे
यह माँगा है दुआओं में
कमी ना हो वफाओं में
रहें तेरी निगाहों में
लिखो ना ये फिजाओं में ओ साजना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
..............................
Wada raha sanam-Khiladi 1992
खिलाड़ी श्रृंखला वाली प्रथम फिल्म-खिलाड़ी। अब खिलाडी कौन है ये
मत पूछ लीजियेगा। आपको खिलाडी श्रेणी की एक फिल्म का गीत
सुनवा चुके हैं पहले जंगल में भालू वाला । सामान्य ज्ञान वर्धन के
लिए उसे एक बार और सुन लीजिये अगर आप चाहें। खिलाड़ी फिल्म
सन ९२ की एक बड़ी हिट फिल्म है। इसमें संगीत जतिन-ललित का है।
गीत शुरू होता है इस अंदाज़ में जैसे नायक ने कोई जादुई पुडिया सुंघा
दी हो नायिका को जिससे वो १०० मीटर की दौड़ लगाने लगी।
बहरहाल खूबसूरत वादियों में सफ़ेद कपड़ों की चकाचक धुलाई के
विज्ञापन सा ये गीत सुनने में आनंद देता है।
गीत के बोल:
आ हा हा हा हा, आ हा हा हा हा
आ आ आ हा हा हा हा हा
वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
कैसी उदासी तेरे चेहरे पे छायी
क्या बात है जो तेरी आँख भर आई
कैसी उदासी तेरे चेहरे पे छायी
क्या बात है जो तेरी आँख भर आई
देखो तो क्या नज़ारे हैं
तुम्हारी तरह प्यारे हैं
हंसो ना मेरे लिए तुम
सभी तो ये तुम्हारे हैं ओ जाने जान
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
इन वादियों में यूँ ही मिलते रहेंगे
दिल में वफ़ा के दिए जलते रहेंगे
इन वादियों में यूँ ही मिलते रहेंगे
दिल में वफ़ा के दिए जलते रहेंगे
यह माँगा है दुआओं में
कमी ना हो वफाओं में
रहें तेरी निगाहों में
लिखो ना ये फिजाओं में ओ साजना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
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Wada raha sanam-Khiladi 1992
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Monday, 25 July 2011
कल मैने खुली आँख से इक-जीना मरना तेरे संग १९९२
गीत क्यूँ सुने जाते हैं ? ये विचार कई बार दिमाग में कौंधता है.
इसका जवाब सही सटीक अभी तक नहीं मिल पाया, हाँ, कारण बहुत
से आपको गिनवा दिए जायेंगे. शायद सामान्य बोलचाल से हट कर जो
कुछ होता है उसकी तरफ दिमाग आकर्षित होता है. सामान्य से हटकर
शोरगुल भी होता है जिसकी तरफ न चाहते हुए भी ध्यान चला जाता है.
गीत मनोरंजन का जरिया तो हैं ही. आइये इसी बात पर एक गीत सुन
लिया जाए फिल्म जीना मरना तेरे संग से जिसमें खुली आँख सीक सपना
देखा जा रहा है. सपना लिखा है समीर ने और उसमें ध्वनियों के बल दिए
हैं अभिजीत और अनुराधा पौडवाल ने संगीतकार दिलीप सेन समीर सेन के
निर्देशन पर.
कल मैने खुली आँख से इक सपना देखा
भोला प्यारा चाँद सा एक मुखड़ा देखा
है वो लाखों में एक हसीना दिल मेरा जिसने है छीना
कहते हैं सब उसको प्यार से आशा
आशा आई लव यू
मैने भी इक प्यारा प्यारा सपना देखा
पर सपने में अलबेला एक लड़का देखा
जादू किया है उसने दिल छीन लिया है उसने
कहते हैं सब उसको प्यार से जानम
जानम आई लव यू
इस दिल की तुम धड़कन हो धड़कन में छुपा प्यार हो
इक अरमान हो मेरे दिल की आस हो मेरी साँसों की झंकार हो
इस दिल की तुम चाहत हो चाहत में छुपा राज़ हो
सरगम हो तुम मेरी इक नगमा हो तुम मेरे दिल की आवाज़ हो
जानम आई लव यू
प्यारा समां ये दिल है जवां आज चुप हैं ज़मीं आसमां
नज़रें जो मिलीं ये कलियां खिलीं बन गई इक नई दास्तां
हो, ये मस्तियां यारा ये शोखियां मुझे लगने लगी हैं
अब तुम जो मिले मुझे ऐसा लगा जैसे बहार आ गई
आशा आई लव यू
...................................
Kal maine khuli ankh se-Jeena marna tere sang 1992
इसका जवाब सही सटीक अभी तक नहीं मिल पाया, हाँ, कारण बहुत
से आपको गिनवा दिए जायेंगे. शायद सामान्य बोलचाल से हट कर जो
कुछ होता है उसकी तरफ दिमाग आकर्षित होता है. सामान्य से हटकर
शोरगुल भी होता है जिसकी तरफ न चाहते हुए भी ध्यान चला जाता है.
गीत मनोरंजन का जरिया तो हैं ही. आइये इसी बात पर एक गीत सुन
लिया जाए फिल्म जीना मरना तेरे संग से जिसमें खुली आँख सीक सपना
देखा जा रहा है. सपना लिखा है समीर ने और उसमें ध्वनियों के बल दिए
हैं अभिजीत और अनुराधा पौडवाल ने संगीतकार दिलीप सेन समीर सेन के
निर्देशन पर.
कल मैने खुली आँख से इक सपना देखा
भोला प्यारा चाँद सा एक मुखड़ा देखा
है वो लाखों में एक हसीना दिल मेरा जिसने है छीना
कहते हैं सब उसको प्यार से आशा
आशा आई लव यू
मैने भी इक प्यारा प्यारा सपना देखा
पर सपने में अलबेला एक लड़का देखा
जादू किया है उसने दिल छीन लिया है उसने
कहते हैं सब उसको प्यार से जानम
जानम आई लव यू
इस दिल की तुम धड़कन हो धड़कन में छुपा प्यार हो
इक अरमान हो मेरे दिल की आस हो मेरी साँसों की झंकार हो
इस दिल की तुम चाहत हो चाहत में छुपा राज़ हो
सरगम हो तुम मेरी इक नगमा हो तुम मेरे दिल की आवाज़ हो
जानम आई लव यू
प्यारा समां ये दिल है जवां आज चुप हैं ज़मीं आसमां
नज़रें जो मिलीं ये कलियां खिलीं बन गई इक नई दास्तां
हो, ये मस्तियां यारा ये शोखियां मुझे लगने लगी हैं
अब तुम जो मिले मुझे ऐसा लगा जैसे बहार आ गई
आशा आई लव यू
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Kal maine khuli ankh se-Jeena marna tere sang 1992
Thursday, 14 July 2011
सुनो तो मेरी आशा-संतान १९९३
आपको फिल्म संतान का एक गीत जुबां जुबां पे होगी सुनवाया था. अब
सुनिए उसी फिल्म से एक और युगल गीत. पिछले गीत के गायक थे
कुमार सानू और इस गीत के गायक हैं अभिजीत. पार्टी में गीत गा कर
हीरो हीरोइन को फुसला रहा है. दीपक तिजोरी और नीलम मुख्य कलाकार
हैं इस गीत में. गीत समीर ने लिखा है और धुन बनाई है आनंद मिलिंद ने.
गीत में गायिका भी दूसरी है और इनका नाम है-साधना सरगम .
गीत में द्रश्यावली बहुत सुन्दर है और विडियो बहुत स्पष्ट है इस गीत का.
फिल्म उत्तर भारतीय है मगर इस गीत में नृत्य दक्षिण भारत की फिल्मों
वाले अंदाज़ में हो रहा है. फिल्म के दर्शक मुफ्त में दुनिया की सैर ऐसे ही
गीतों के माध्यम से करते हैं.
गीत के बोल:
आशा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
बताऊँ क्या समझ लो
निगाहों वाली भाषा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
बताऊँ क्या समझ लो
निगाहों वाली भाषा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
ऑंखें तेरी मेरी जान जादू भरी
तू तो लगे है मुझे कोई परी
हो, ऑंखें तेरी मेरी जान जादू भरी
तू तो लगे है मुझे कोई परी
बातें तेरी जानेमन अच्छी लगे
तेरी कसम ये मुझे सच्ची लगे
यूँ रहो न गम आओ पास तुम
चोरी से काजल चुरा लूं
मेरे हमनशीं आरजू है यही
तुमको आँचल मैं बना लूं
अब तो कहीं चैन नहीं ज़रा सा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
बताऊँ क्या समझ लो
निगाहों वाली भाषा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
तौबा मेरी क्या करून छेड़े हवा
ऐसे में न हो कहीं कोई खता
हो, तौबा मेरी क्या करून छेड़े हवा
ऐसे में न हो कहीं कोई खता
देखी नहीं मैंने तो ऐसी अदा
छाने लगा बिन पिए कोई नशा
हमको सठिया ऐसे हाल में देखे कहीं न ज़माना
बेकरार दिल मानता नहीं छोडो करो न बहाना
आओ यहाँ दे दूं तुम्हें दिलासा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
बताऊँ क्या समझ लो
निगाहों वाली भाषा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
.......................................
Suno to meri Asha-Santaan 1993
सुनिए उसी फिल्म से एक और युगल गीत. पिछले गीत के गायक थे
कुमार सानू और इस गीत के गायक हैं अभिजीत. पार्टी में गीत गा कर
हीरो हीरोइन को फुसला रहा है. दीपक तिजोरी और नीलम मुख्य कलाकार
हैं इस गीत में. गीत समीर ने लिखा है और धुन बनाई है आनंद मिलिंद ने.
गीत में गायिका भी दूसरी है और इनका नाम है-साधना सरगम .
गीत में द्रश्यावली बहुत सुन्दर है और विडियो बहुत स्पष्ट है इस गीत का.
फिल्म उत्तर भारतीय है मगर इस गीत में नृत्य दक्षिण भारत की फिल्मों
वाले अंदाज़ में हो रहा है. फिल्म के दर्शक मुफ्त में दुनिया की सैर ऐसे ही
गीतों के माध्यम से करते हैं.
गीत के बोल:
आशा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
बताऊँ क्या समझ लो
निगाहों वाली भाषा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
बताऊँ क्या समझ लो
निगाहों वाली भाषा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
ऑंखें तेरी मेरी जान जादू भरी
तू तो लगे है मुझे कोई परी
हो, ऑंखें तेरी मेरी जान जादू भरी
तू तो लगे है मुझे कोई परी
बातें तेरी जानेमन अच्छी लगे
तेरी कसम ये मुझे सच्ची लगे
यूँ रहो न गम आओ पास तुम
चोरी से काजल चुरा लूं
मेरे हमनशीं आरजू है यही
तुमको आँचल मैं बना लूं
अब तो कहीं चैन नहीं ज़रा सा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
बताऊँ क्या समझ लो
निगाहों वाली भाषा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
तौबा मेरी क्या करून छेड़े हवा
ऐसे में न हो कहीं कोई खता
हो, तौबा मेरी क्या करून छेड़े हवा
ऐसे में न हो कहीं कोई खता
देखी नहीं मैंने तो ऐसी अदा
छाने लगा बिन पिए कोई नशा
हमको सठिया ऐसे हाल में देखे कहीं न ज़माना
बेकरार दिल मानता नहीं छोडो करो न बहाना
आओ यहाँ दे दूं तुम्हें दिलासा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
बताऊँ क्या समझ लो
निगाहों वाली भाषा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
.......................................
Suno to meri Asha-Santaan 1993
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Tuesday, 14 June 2011
चाँद तारे तोड़ लाऊँ-यस बॉस १९९७
शाहरुख़ खान जब ९० के दशक में फिल्मों में आये
तो जल्दी ही नई पीढ़ी के प्रतिनिधि बन गये। चाँद तारे
तोड़ लाने वाली बात तो सदियों पुरानी है मगर गीत
में कुछ और भी है। जो भी चाहूं वो मैं पाऊँ -के ज़रिये
शायद वे अपने आने वाले सुनहरे भविष्य की तरफ
इशारा कर रहे हैं। गीत लगता है मानो उनके लिए ही
बनाया गया हो। उन्होंने सफलता का एक नया
इतिहास जो रचा बाद में।
किसी सार्वजनिक जगह पर बैठ के प्यानो बजाने का काम
केवल फिल्मों में ही संभव है। गीत कर्णप्रिय है और इसे गा
रहे हैं अभिजीत जिन्होंने किशोर कुमार के गीतों के कवर
वर्जन गा गा कर अपने कैरियर की शुरुआत की थी।
गीत के बोल:
जो भी चाहूं वो मैं पाऊँ
ज़िन्दगी में जीत जाऊं
चाँद तारे तोड़ लाऊँ
सारी दुनिया पर मैं छाऊँ
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
चाँद तारे तोड़ लाऊँ
सारी दुनिया पर मैं छाऊँ
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
यार तू भी सुन ज़रा
आरजू मेरी है क्या
मैं क्या बन जाना चाहता हूँ
मैं कहाँ ख़राब हूँ
मैं तो लाजवाब हूँ
मैं ये मनवाना चाहता हूँ
मान जा ऐ खुदा
इतनी सी है दुआ
मैं बन जाऊं सबसे बड़ा
मैं बन जाऊं सबसे बड़ा
मेरे पीछे, मेरे आगे
हाथ जोड़े दुनिया भागे
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
शान से रहूँ सदा
मुझपे लोग हों फ़िदा
हसीनाएं भी दिल हों खोती
दिल का ये कमल खिले
सोने का महल मिले
बरसने लगे हीरे मोती
मान जा ऐ खुदा
इतनी सी है दुआ
मैं ज्यादा नहीं मांगता
मैं ज्यादा नहीं मांगता
सारी दौलत सारी ताकत
सारी दुनिया पर हुकूमत
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
...........................................
Chand taare tod laoon-Yes Boss 1997
तो जल्दी ही नई पीढ़ी के प्रतिनिधि बन गये। चाँद तारे
तोड़ लाने वाली बात तो सदियों पुरानी है मगर गीत
में कुछ और भी है। जो भी चाहूं वो मैं पाऊँ -के ज़रिये
शायद वे अपने आने वाले सुनहरे भविष्य की तरफ
इशारा कर रहे हैं। गीत लगता है मानो उनके लिए ही
बनाया गया हो। उन्होंने सफलता का एक नया
इतिहास जो रचा बाद में।
किसी सार्वजनिक जगह पर बैठ के प्यानो बजाने का काम
केवल फिल्मों में ही संभव है। गीत कर्णप्रिय है और इसे गा
रहे हैं अभिजीत जिन्होंने किशोर कुमार के गीतों के कवर
वर्जन गा गा कर अपने कैरियर की शुरुआत की थी।
गीत के बोल:
जो भी चाहूं वो मैं पाऊँ
ज़िन्दगी में जीत जाऊं
चाँद तारे तोड़ लाऊँ
सारी दुनिया पर मैं छाऊँ
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
चाँद तारे तोड़ लाऊँ
सारी दुनिया पर मैं छाऊँ
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
यार तू भी सुन ज़रा
आरजू मेरी है क्या
मैं क्या बन जाना चाहता हूँ
मैं कहाँ ख़राब हूँ
मैं तो लाजवाब हूँ
मैं ये मनवाना चाहता हूँ
मान जा ऐ खुदा
इतनी सी है दुआ
मैं बन जाऊं सबसे बड़ा
मैं बन जाऊं सबसे बड़ा
मेरे पीछे, मेरे आगे
हाथ जोड़े दुनिया भागे
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
शान से रहूँ सदा
मुझपे लोग हों फ़िदा
हसीनाएं भी दिल हों खोती
दिल का ये कमल खिले
सोने का महल मिले
बरसने लगे हीरे मोती
मान जा ऐ खुदा
इतनी सी है दुआ
मैं ज्यादा नहीं मांगता
मैं ज्यादा नहीं मांगता
सारी दौलत सारी ताकत
सारी दुनिया पर हुकूमत
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
बस इतना सा ख्वाब है
...........................................
Chand taare tod laoon-Yes Boss 1997
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Friday, 3 June 2011
जिंदा हैं हम तो-जोश २०००
फिल्म जोश(२०००) के चार गीत आपको सुनवा दिए हैं। फिल्म के संगीत
पर काफी चर्चा हम कर चुके हैं। केवल इस गीत के ऊपर थोड़ी लालटेन
चमकाएंगे। नितिन रैकवार के हिंगलिश गीत को गाया है अभिजीत,
जोली मुखर्जी और हेमा सरदेसाई ने। इसमें से जोली और हेमा ऊंची
पट्टी पर गाने वाले गायक हैं। अभिजीत ने भी कई गीत ऊंची पट्टी
पर गाये हैं मगर वे ऊंची पट्टी वालों की जमात में शामिल नहीं किये
जाते। एक आवाज़ और है इस गीत में-अलका याग्निक की जो दूसरे
अंतरे के समय प्रकट होती हैं।
गोवा की संस्कृति से ओतप्रोत ये गीत पुराने गोवा और आधुनिक गोवा
के बदलावों के बीच सेतु का काम सा करता दिखाई देता है। गीत के
बोलों पर ज्यादा दिमाग ना खपायें, खाली धुन का आनंद लेकर काम
चलाया जा सकता है। रे रे रे री रा रा गाने वाला गायक ऐसी आवाजें
निकाल रहा है जैसे उसको कब्जियत की शिकायत हो । कुल मिला के
गीत आकर्षक है और देखने में बढ़िया लगता है अपने नृत्य की वजह
से। आप अगर आवाज़ बंद करके सुनेंगे इस गीत को तो लगेगा किसी
बहुराष्ट्रीय कंपनी के उत्पाद का विज्ञापन देख रहे हों। आपको विभिन्न देशों
के जीव इस गीत में थिरकते नज़र आयेंगे। मिस्त्र की सुंदरी सी वेशभूषा
में युवती के साथ टावेल लपेटे चश्मा लगाये अपना हिन्दुस्तानी भाई
भी नज़र आएगा इस गीत में। गीत काफी महंगे सेट पर फिल्माया गया
है और इसका फिल्मांकन उत्तम कोटि का है।
गीत में नायक को पुरानी यादों के साये में घिरा हुआ दिखाया जाता है।
उत्सवी माहौल में वो दुखी है और अपने बचपन को याद कर रहा है।
गीत के बोल :
जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया
जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया
ओ रम्भा... ओ सम्भा...
इतना मुस्का नको मारो हमें, ऐसी बातों से डर लगता हमें
तुम प्यार कैसे, बोलो करेगा, डरता है क्यूँ मारिया
आईला साला हमपे मरता है ये, लगता है लव हमको करता है ये
यूँ न डरेगा, हम तो कहेगा, तुम सा नहीं मारिया
जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया
रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु
ओ साहिबा तुम भुलाना नहीं, दिल में आ के दूर जाना नहीं
दिल जो लिया है, दिल भी दिया है, बेवफा हम नहीं
ओ दिल जो तोड़ेगा हम कुछ कर जायेगा, लगता है हम तो मर जायेगा
तुमसे मोहब्बत, हमको है कितना, कैसे कहें मारिया
ओ रम्भा... ओ सम्भा.... रु रु....
रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु
जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया
..............................
Zinda hain hum to-Josh 2000
पर काफी चर्चा हम कर चुके हैं। केवल इस गीत के ऊपर थोड़ी लालटेन
चमकाएंगे। नितिन रैकवार के हिंगलिश गीत को गाया है अभिजीत,
जोली मुखर्जी और हेमा सरदेसाई ने। इसमें से जोली और हेमा ऊंची
पट्टी पर गाने वाले गायक हैं। अभिजीत ने भी कई गीत ऊंची पट्टी
पर गाये हैं मगर वे ऊंची पट्टी वालों की जमात में शामिल नहीं किये
जाते। एक आवाज़ और है इस गीत में-अलका याग्निक की जो दूसरे
अंतरे के समय प्रकट होती हैं।
गोवा की संस्कृति से ओतप्रोत ये गीत पुराने गोवा और आधुनिक गोवा
के बदलावों के बीच सेतु का काम सा करता दिखाई देता है। गीत के
बोलों पर ज्यादा दिमाग ना खपायें, खाली धुन का आनंद लेकर काम
चलाया जा सकता है। रे रे रे री रा रा गाने वाला गायक ऐसी आवाजें
निकाल रहा है जैसे उसको कब्जियत की शिकायत हो । कुल मिला के
गीत आकर्षक है और देखने में बढ़िया लगता है अपने नृत्य की वजह
से। आप अगर आवाज़ बंद करके सुनेंगे इस गीत को तो लगेगा किसी
बहुराष्ट्रीय कंपनी के उत्पाद का विज्ञापन देख रहे हों। आपको विभिन्न देशों
के जीव इस गीत में थिरकते नज़र आयेंगे। मिस्त्र की सुंदरी सी वेशभूषा
में युवती के साथ टावेल लपेटे चश्मा लगाये अपना हिन्दुस्तानी भाई
भी नज़र आएगा इस गीत में। गीत काफी महंगे सेट पर फिल्माया गया
है और इसका फिल्मांकन उत्तम कोटि का है।
गीत में नायक को पुरानी यादों के साये में घिरा हुआ दिखाया जाता है।
उत्सवी माहौल में वो दुखी है और अपने बचपन को याद कर रहा है।
गीत के बोल :
जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया
जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया
ओ रम्भा... ओ सम्भा...
इतना मुस्का नको मारो हमें, ऐसी बातों से डर लगता हमें
तुम प्यार कैसे, बोलो करेगा, डरता है क्यूँ मारिया
आईला साला हमपे मरता है ये, लगता है लव हमको करता है ये
यूँ न डरेगा, हम तो कहेगा, तुम सा नहीं मारिया
जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया
रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु
ओ साहिबा तुम भुलाना नहीं, दिल में आ के दूर जाना नहीं
दिल जो लिया है, दिल भी दिया है, बेवफा हम नहीं
ओ दिल जो तोड़ेगा हम कुछ कर जायेगा, लगता है हम तो मर जायेगा
तुमसे मोहब्बत, हमको है कितना, कैसे कहें मारिया
ओ रम्भा... ओ सम्भा.... रु रु....
रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु
जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से,
नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से
दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो ,
ओ मारिया ओ मारिया
..............................
Zinda hain hum to-Josh 2000
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Tuesday, 11 January 2011
जब तक रहेगा समोसे में आलू-मिस्टर और मिसेज़ खिलाडी १९९७
आलू, भालू, कचालू की तुकबंदी वाला ये गीत अगर आपने अपने
रेडियो पर नहीं सुना तो पडोसी के रेडियो पर अवशय ही एक बार
सुन लिया होगा। जैसा कि हम बतला चुके हैं कि खिलाडी श्रेणी की
फ़िल्में बहुत आयीं बीच में। ऐसी फिल्मों के आने के बाद गीतों की
एक और श्रेणी निर्मित हो गई-खिलाडी हिट्स। प्रस्तुत गीत वैसे
एक हिट गीत माना जाता है, आप या मैं ना मानें तो भी इसकी
सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गीतकार हैं आनंद बक्षी और
संगीत है अन्नू मालिक का। इस तेज़ मसाले(गति) वाले फ़िल्मी
समोसे(गीत) को खाया(गाया) है अभिजीत और पूर्णिमा ने। गीत
चर्चित होता है तो गीत के में तरह तरह कि टिप्पणियां भी सुनने
पढने को मिलती हैं । फिल्म के सेहतमंद निर्देशक डेविड धवन को
ये गीत इतना पसंद आया कि उन्होंने फिल्म कि नायिका का नाम
ही शालू रख दिया। कोई इस गीत को outrageous(अपमानजनक,
अत्याचारी, चौंकाने वाला) कहता है तो कोई इसे funny कहता है।
आप जो चाहे इसे कह सकते हैं।
गीत के बोल:
जब तक रहेगा समोसे में आलू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
हाय चटनी बिना लागे समोसा फीका
चटनी भी आएगी कर ले भरोसा
हाय चटनी बिना लागे समोसा फीका
चटनी भी आएगी कर ले भरोसा
मैं तेरी इडली हूँ तू मेरा डोसा
हो जाए फिर गरम एक बोसा
ना ना अरे ना ना अरे ना ना अरे ना ना
हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
तेरे लिए की है सबसे लड़ाई
क्या देखता है पकड़ ले कलाई
तेरे लिए की है सबसे लड़ाई
तो क्या देखता है पकड़ ले कलाई
रे मेरी मोहब्बत तुझे खींच लायी
मेरे बाप का तू गया बन जमाई
ना ना अरे ना ना अरे ना ना अरे ना ना
हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
.........................................
Jab tak rahega samose mein aaloo-Mr. & Mrs. Khiladi 1997
रेडियो पर नहीं सुना तो पडोसी के रेडियो पर अवशय ही एक बार
सुन लिया होगा। जैसा कि हम बतला चुके हैं कि खिलाडी श्रेणी की
फ़िल्में बहुत आयीं बीच में। ऐसी फिल्मों के आने के बाद गीतों की
एक और श्रेणी निर्मित हो गई-खिलाडी हिट्स। प्रस्तुत गीत वैसे
एक हिट गीत माना जाता है, आप या मैं ना मानें तो भी इसकी
सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गीतकार हैं आनंद बक्षी और
संगीत है अन्नू मालिक का। इस तेज़ मसाले(गति) वाले फ़िल्मी
समोसे(गीत) को खाया(गाया) है अभिजीत और पूर्णिमा ने। गीत
चर्चित होता है तो गीत के में तरह तरह कि टिप्पणियां भी सुनने
पढने को मिलती हैं । फिल्म के सेहतमंद निर्देशक डेविड धवन को
ये गीत इतना पसंद आया कि उन्होंने फिल्म कि नायिका का नाम
ही शालू रख दिया। कोई इस गीत को outrageous(अपमानजनक,
अत्याचारी, चौंकाने वाला) कहता है तो कोई इसे funny कहता है।
आप जो चाहे इसे कह सकते हैं।
गीत के बोल:
जब तक रहेगा समोसे में आलू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
हाय चटनी बिना लागे समोसा फीका
चटनी भी आएगी कर ले भरोसा
हाय चटनी बिना लागे समोसा फीका
चटनी भी आएगी कर ले भरोसा
मैं तेरी इडली हूँ तू मेरा डोसा
हो जाए फिर गरम एक बोसा
ना ना अरे ना ना अरे ना ना अरे ना ना
हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
तेरे लिए की है सबसे लड़ाई
क्या देखता है पकड़ ले कलाई
तेरे लिए की है सबसे लड़ाई
तो क्या देखता है पकड़ ले कलाई
रे मेरी मोहब्बत तुझे खींच लायी
मेरे बाप का तू गया बन जमाई
ना ना अरे ना ना अरे ना ना अरे ना ना
हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
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Jab tak rahega samose mein aaloo-Mr. & Mrs. Khiladi 1997
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Tuesday, 23 November 2010
मेरे ख्यालों की मलिका-जोश २०००
ये कुछ कुछ युवाओं के सपने जैसा है । एक आम युवा के अन्दर कैसी
भावनाएं उमड़ती हैं उसे दर्शाने का बेहतरीन प्रयास किया गया है इस
गीत में। चंद्रचूड सिंह ने अभिनय भी ठीक किया है इस गीत में। अभिजीत
की आवाज़ में ये मधुर गीत फिल्म जोश से है। इसे समीर ने लिखा है और
अन्नू मलिक ने संगीतबद्ध किया है।
कहते हैं प्यार अँधा होता है, वाकई, आपके ऊपर कोई झूठे बेर की गुठली
थूक दे तो वो भी फूल के माफिक लगती है। इस गीत का फिल्मांकन बढ़िया
है और यदा कदा मैं इसको देख लिया करता हूँ।
गीत के बोल:
मेरे ख्यालों की मलिका,
मेरे ख्यालों की मलिका
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे,
थाम ले आ के बैय्याँ
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे, छैय्याँ
मेरे ख्यालों की मलिका, मेरे ख्यालों की मलिका
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे, थाम ले आ के बैय्याँ
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे, छैय्याँ
आये फूलों के रस में नहा के,
लाई भीनी सी ख़ुशबू चुरा के
आये फूलों के रस में नहा के,
लाई भीनी सी ख़ुशबू चुरा के
तेरी आँखों में है हल्का सा नशा,
तेरा रूप मेरी नजरूं में बसा
मेरे ख्यालों की मलिका,
मेरे ख्यालों की मलिका
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे,
थाम ले आ के बैय्याँ
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे, छैय्याँ
जादू छाया है तेरा जादू,
काबू, दिल पे नहीं है काबू
जादू छाया है तेरा जादू,
काबू, दिल पे नहीं है काबू
सपनों की परी इतना तो बता,
रहती है कहाँ, तेरा नाम है क्या
मेरे ख्यालों की मलिका
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे,
थाम ले आ के बैय्याँ
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे, छैय्याँ
मेरे ख्यालों की मलिका
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे,
थाम ले आ के बैय्याँ
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे, छैय्याँ
.................................
Mere khayalon ki malika-Josh 2000
भावनाएं उमड़ती हैं उसे दर्शाने का बेहतरीन प्रयास किया गया है इस
गीत में। चंद्रचूड सिंह ने अभिनय भी ठीक किया है इस गीत में। अभिजीत
की आवाज़ में ये मधुर गीत फिल्म जोश से है। इसे समीर ने लिखा है और
अन्नू मलिक ने संगीतबद्ध किया है।
कहते हैं प्यार अँधा होता है, वाकई, आपके ऊपर कोई झूठे बेर की गुठली
थूक दे तो वो भी फूल के माफिक लगती है। इस गीत का फिल्मांकन बढ़िया
है और यदा कदा मैं इसको देख लिया करता हूँ।
गीत के बोल:
मेरे ख्यालों की मलिका,
मेरे ख्यालों की मलिका
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे,
थाम ले आ के बैय्याँ
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे, छैय्याँ
मेरे ख्यालों की मलिका, मेरे ख्यालों की मलिका
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे, थाम ले आ के बैय्याँ
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे, छैय्याँ
आये फूलों के रस में नहा के,
लाई भीनी सी ख़ुशबू चुरा के
आये फूलों के रस में नहा के,
लाई भीनी सी ख़ुशबू चुरा के
तेरी आँखों में है हल्का सा नशा,
तेरा रूप मेरी नजरूं में बसा
मेरे ख्यालों की मलिका,
मेरे ख्यालों की मलिका
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे,
थाम ले आ के बैय्याँ
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे, छैय्याँ
जादू छाया है तेरा जादू,
काबू, दिल पे नहीं है काबू
जादू छाया है तेरा जादू,
काबू, दिल पे नहीं है काबू
सपनों की परी इतना तो बता,
रहती है कहाँ, तेरा नाम है क्या
मेरे ख्यालों की मलिका
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे,
थाम ले आ के बैय्याँ
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे, छैय्याँ
मेरे ख्यालों की मलिका
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे,
थाम ले आ के बैय्याँ
चारों तरफ तेरी छैय्याँ रे, छैय्याँ
.................................
Mere khayalon ki malika-Josh 2000
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