सन १९९२ में कुछ बढ़िया संगीतमय फ़िल्में आयीं। इनमें से एक है
खिलाड़ी श्रृंखला वाली प्रथम फिल्म-खिलाड़ी। अब खिलाडी कौन है ये
मत पूछ लीजियेगा। आपको खिलाडी श्रेणी की एक फिल्म का गीत
सुनवा चुके हैं पहले जंगल में भालू वाला । सामान्य ज्ञान वर्धन के
लिए उसे एक बार और सुन लीजिये अगर आप चाहें। खिलाड़ी फिल्म
सन ९२ की एक बड़ी हिट फिल्म है। इसमें संगीत जतिन-ललित का है।
गीत शुरू होता है इस अंदाज़ में जैसे नायक ने कोई जादुई पुडिया सुंघा
दी हो नायिका को जिससे वो १०० मीटर की दौड़ लगाने लगी।
बहरहाल खूबसूरत वादियों में सफ़ेद कपड़ों की चकाचक धुलाई के
विज्ञापन सा ये गीत सुनने में आनंद देता है।
गीत के बोल:
आ हा हा हा हा, आ हा हा हा हा
आ आ आ हा हा हा हा हा
वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
कैसी उदासी तेरे चेहरे पे छायी
क्या बात है जो तेरी आँख भर आई
कैसी उदासी तेरे चेहरे पे छायी
क्या बात है जो तेरी आँख भर आई
देखो तो क्या नज़ारे हैं
तुम्हारी तरह प्यारे हैं
हंसो ना मेरे लिए तुम
सभी तो ये तुम्हारे हैं ओ जाने जान
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
इन वादियों में यूँ ही मिलते रहेंगे
दिल में वफ़ा के दिए जलते रहेंगे
इन वादियों में यूँ ही मिलते रहेंगे
दिल में वफ़ा के दिए जलते रहेंगे
यह माँगा है दुआओं में
कमी ना हो वफाओं में
रहें तेरी निगाहों में
लिखो ना ये फिजाओं में ओ साजना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
वादा रहा सनम, होंगे जुदा ना हम
चाहे ना चाहे ज़माना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
हमारी चाहतों का मिट ना सकेगा फ़साना
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Wada raha sanam-Khiladi 1992
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Thursday, 20 October 2011
Tuesday, 19 July 2011
घूंघट में चेहरा आपका -घूंघट १९९७
हरिहरन की आवाज़ में एक गीत सुनिए फिल्म घूंघट से जो सन १९९७
में आई थी. इन्द्र कुमार के साथ आयेशा जुल्का की जोड़ी इस फिल्म
में है. गीत देव कोहली ने लिखा है और संगीत है आनंद राज आनंद
का. घूंघट नाम से ये तीसरी फिल्म है जिसका गीत आपको सुनवाया है.
बाकी की दोनों फ़िल्में श्वेत श्याम युग से हैं.
आपके लिए एक प्रश्न है-फिल्म के नायक इन्द्र कुमार क्या वही शख्स है
जो नायिका अरुणा ईरानी का भाई है और फिल्म निर्देशक है ?
गीत के बोल:
हा आ आ आ आ
हा आ आ आ आ
घूंघट में चेहरा आपका
कुछ इस तरह से खो गया
घूंघट में चेहरा आपका
कुछ इस तरह से खो गया
झगडा है जैसे चाँद का
बादलों से हो गया
घूंघट में चेहरा आपका
कुछ इस तरह से खो गया
झगडा है जैसे चाँद का
बादलों से हो गया
घूंघट में चेहरा आपका
कुछ इस तरह से खो गया
नज़रें मेरी नज़र से
मेरी जान मिलाओ
कोई गीत मैं बना लूं
धुन ऐसी गुनगुनाओ
नज़रें मेरी नज़र से
मेरी जान मिलाओ
कोई गीत मैं बना लूं
धुन ऐसी गुनगुनाओ
सुनो, ले के तुम्हें अपनी बाँहों में
घूंघट मैं खोल दूं
दिल कह रहा है किसी भी तरह
तेरा चेहरा मैं देख लूं
जादू, जादू सा दिल पे आपके
एक ही नज़र में हो गया
झगडा है जैसे चाँद का
बादलों से हो गया
घूंघट में चेहरा आपका
कुछ इस तरह से खो गया
कई बार मैंने सोचा
और सोच कर ये जाना
बिन देखे ही तुझे क्यूँ
मैं हो गया दीवाना
कई बार मैंने सोचा
और सोच कर ये जाना
बिन देखे ही तुझे क्यूँ
मैं हो गया दीवाना
हे्लो, ऐसी खफा सी क्यूँ बैठी हो
घूंघट को ओढ़ के
तुमको मिलेगा क्या इतना बताओ तो
दिल मेरा तोड़ के
घूंघट, हाँ हाँ
घूंघट नहीं ये आपका
दुश्मन ये मेरा हो गया
कुछ इस तरह से हो गया
झगडा है जैसे चाँद का
बादलों से हो गया
घूंघट में चेहरा आपका
कुछ इस तरह से खो गया
..........................
Ghoonghat mein chehra aap ka-Ghoonghat 1997
में आई थी. इन्द्र कुमार के साथ आयेशा जुल्का की जोड़ी इस फिल्म
में है. गीत देव कोहली ने लिखा है और संगीत है आनंद राज आनंद
का. घूंघट नाम से ये तीसरी फिल्म है जिसका गीत आपको सुनवाया है.
बाकी की दोनों फ़िल्में श्वेत श्याम युग से हैं.
आपके लिए एक प्रश्न है-फिल्म के नायक इन्द्र कुमार क्या वही शख्स है
जो नायिका अरुणा ईरानी का भाई है और फिल्म निर्देशक है ?
गीत के बोल:
हा आ आ आ आ
हा आ आ आ आ
घूंघट में चेहरा आपका
कुछ इस तरह से खो गया
घूंघट में चेहरा आपका
कुछ इस तरह से खो गया
झगडा है जैसे चाँद का
बादलों से हो गया
घूंघट में चेहरा आपका
कुछ इस तरह से खो गया
झगडा है जैसे चाँद का
बादलों से हो गया
घूंघट में चेहरा आपका
कुछ इस तरह से खो गया
नज़रें मेरी नज़र से
मेरी जान मिलाओ
कोई गीत मैं बना लूं
धुन ऐसी गुनगुनाओ
नज़रें मेरी नज़र से
मेरी जान मिलाओ
कोई गीत मैं बना लूं
धुन ऐसी गुनगुनाओ
सुनो, ले के तुम्हें अपनी बाँहों में
घूंघट मैं खोल दूं
दिल कह रहा है किसी भी तरह
तेरा चेहरा मैं देख लूं
जादू, जादू सा दिल पे आपके
एक ही नज़र में हो गया
झगडा है जैसे चाँद का
बादलों से हो गया
घूंघट में चेहरा आपका
कुछ इस तरह से खो गया
कई बार मैंने सोचा
और सोच कर ये जाना
बिन देखे ही तुझे क्यूँ
मैं हो गया दीवाना
कई बार मैंने सोचा
और सोच कर ये जाना
बिन देखे ही तुझे क्यूँ
मैं हो गया दीवाना
हे्लो, ऐसी खफा सी क्यूँ बैठी हो
घूंघट को ओढ़ के
तुमको मिलेगा क्या इतना बताओ तो
दिल मेरा तोड़ के
घूंघट, हाँ हाँ
घूंघट नहीं ये आपका
दुश्मन ये मेरा हो गया
कुछ इस तरह से हो गया
झगडा है जैसे चाँद का
बादलों से हो गया
घूंघट में चेहरा आपका
कुछ इस तरह से खो गया
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Ghoonghat mein chehra aap ka-Ghoonghat 1997
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