आपको जब पिछले दफे देस परदेस का गीत सुनाया था तब एक मित्र का
जिक्र किया था जिन्होंने रोते-धोते ज़माने के गीत ब्लॉग पर प्रस्तुत करने
की सलाह दी थी. उनकी सलाह अमल में लायी गयी लेकिन क्या किया
जाए फ़िल्मी मसाले पर इतने ब्लॉग और वेबसाइट उपलब्ध हैं कि पाठक
के सामने समस्या होती है क्या पढ़े और क्या न पढ़े. पूरे अंतरजाल पर
इतना गहरा जाल है साईट और ब्लॉग का कि विषय चुनाव भी एक समस्या
सरीखा हो जात है - आलू प्याज के भाव पढ़ें या ताजे घोटालों का विवरण.
अब सुनते हैं फिल्म देस परदेस से दूसरा गीत जो लता मंगेशकर ने गाया है
अभिनेत्री टीना मुनीम के लिए. संगीतकार राजेश रोशन ने जितने भी लता
के एकल गीत बनाये हैं उनमें से सबसे बढ़िया ५६ चुन लीजिए और इसको
आप उस सूची में ज़रूर पाएंगे. गीत लिखा है अमित खन्ना ने. विडियो में
से एक अंतरा नदारद है .
गीत 'स्टेज' पर गाया जा रहा है अतः इसे इसी श्रेणी में रख लेते हैं. आगे
चल के उप-श्रेणियाँ भी बना लेंगे-४ फीट का स्टेज, १० फीट ऊंचा स्टेज इत्यादि
गीत के बोल:
आप कहें और हम न आयें, ऐसे तो हालात नहीं, ओ
मँज़िल पे पहुँचेंगे कैसे, आपका जब तक साथ नहीं, ओ
आप कहें और हम न आयें, ऐसे तो हालात नहीं, ओ
चाहने वालों की आज दुनिया में चाहने वाले आ गए
उल्फ़त की मय आँखों से लो आज पिलाने आ गए
आप पियें और आप न झूमें आपके बस की बात नहीं, ओ
मँज़िल पे पहुँचेंगे कैसे आपका जब तक साथ नहीं
कसा हुआ है तीर हुस्न का, ज़रा सम्भल के रहियेगा
नज़र नज़र को मारेगी तो, कातिल हमें न कहियेगा
चाल चली है सोच के हमने इस खेल में अपनी मात नहीं, ओ
पास आ के ये आपके हमें होने लगा एहसास है
दम है तो बस आपके दमसे आप ही से साँस है
बयान करें जो हाल-ए-दिल को ऐसे कोई जज़्बात नहीं, ओ
आप कहें और हम न आयें, ऐसे तो हालात नहीं
मँज़िल पे पहुँचेंगे कैसे, आपका जब तक साथ नहीं
....................................
Aap kahen aur ham na aayen-Des Pardes 1978
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Tuesday, 19 July 2011
Sunday, 21 November 2010
सासू तीरथ ससुरा तीरथ-सौतन १९८३
आपने तरह तरह के तीर्थ स्थलों के बारे में सुना होगा और गए भी
होंगे शायद कुछ जगहों पर। हिंदी फिल्मों में कुछ अलग तीरथ भी
मिला। राजेश खन्ना और टीना मुनीम पर फिल्माया गया रोचक
और मनोरंजक गीत देखिये सावन कुमार टाक की फिल्म सौतन से।
वैसे भी राजेश खन्ना पर फिल्माए गए अधिकतर गीत जीवंत लगते हैं।
ये एक हिट फिल्म है और शायद राजेश खन्ना की सबसे सफल
फिल्मों में से एक। सावन कुमार टाक ने बहुतेरे फ़िल्मी गीत लिखे हैं।
उनके कई गीत सुन कर लगता है जैसे वे कोई पेशेवर फ़िल्मी गीतकार हों।
तुकबंदी के मामले में वे कहीं कहीं आनंद बक्षी से होड़ करते नज़र आते हैं।
गीत के बोल:
अरे सासू तीरथ, अरे ससुरा तीरथ
सासू तीरथ, ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
अरे दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है
सासू तीरथ, ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
अरे दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है
बीबी जब रूठे तो याद आती है साली
बीबी जब रूठे तो याद आती है साली
साली जीजा को प्यारी है, वो गोरी हो या काली
लेकिन अपनी किस्मत में तो साला है ना साली है
अरे चारों धाम घरवाली है
चारों धाम घरवाली है
अरे सासू तीरथ, अरे ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
अरे दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है
बीबी तो अच्छी वो होती जो नखरे वाली
बीबी तो अच्छी वो होती जो नखरे वाली
दूजों से प्यारी लगती है देती है जब जब गाली
त्वाडी तो सानू पता नहीं
त्वाडी तो सानू पता नहीं
पर साडी ते मखणा वाली है
अरे चारों धाम घरवाली है
चारों धाम घरवाली है
अरे सासू तीरथ, अरे ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
ae दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है
बोलो घरवाली की जय
बोलो मखणा वाली की जय
बोलो अपनी भी,.......नहीं नहीं नहीं
घरवाली की......जय
होंगे शायद कुछ जगहों पर। हिंदी फिल्मों में कुछ अलग तीरथ भी
मिला। राजेश खन्ना और टीना मुनीम पर फिल्माया गया रोचक
और मनोरंजक गीत देखिये सावन कुमार टाक की फिल्म सौतन से।
वैसे भी राजेश खन्ना पर फिल्माए गए अधिकतर गीत जीवंत लगते हैं।
ये एक हिट फिल्म है और शायद राजेश खन्ना की सबसे सफल
फिल्मों में से एक। सावन कुमार टाक ने बहुतेरे फ़िल्मी गीत लिखे हैं।
उनके कई गीत सुन कर लगता है जैसे वे कोई पेशेवर फ़िल्मी गीतकार हों।
तुकबंदी के मामले में वे कहीं कहीं आनंद बक्षी से होड़ करते नज़र आते हैं।
गीत के बोल:
अरे सासू तीरथ, अरे ससुरा तीरथ
सासू तीरथ, ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
अरे दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है
सासू तीरथ, ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
अरे दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है
बीबी जब रूठे तो याद आती है साली
बीबी जब रूठे तो याद आती है साली
साली जीजा को प्यारी है, वो गोरी हो या काली
लेकिन अपनी किस्मत में तो साला है ना साली है
अरे चारों धाम घरवाली है
चारों धाम घरवाली है
अरे सासू तीरथ, अरे ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
अरे दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है
बीबी तो अच्छी वो होती जो नखरे वाली
बीबी तो अच्छी वो होती जो नखरे वाली
दूजों से प्यारी लगती है देती है जब जब गाली
त्वाडी तो सानू पता नहीं
त्वाडी तो सानू पता नहीं
पर साडी ते मखणा वाली है
अरे चारों धाम घरवाली है
चारों धाम घरवाली है
अरे सासू तीरथ, अरे ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
ae दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है
बोलो घरवाली की जय
बोलो मखणा वाली की जय
बोलो अपनी भी,.......नहीं नहीं नहीं
घरवाली की......जय
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