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Saturday, 23 July 2011

मेरी आन भगवान-तूफ़ान और दिया १९५६

फिल्म तूफान और दिया से अगला गीत पेश है गीता दत्त की आवाज़ में

इसके बोल लिखे हैं भरत व्यास ने और धुन बनाई है वसंत देसाई ने.

एक बच्चा परदे पर दिखाई दे रहा है उसका नाम मुझे मालूम नहीं है.

बच्चे के साथ में हैं अभिनेत्री नंदा.



भगवान से प्रार्थना कर के कुछ माँगा जा रहा है, क्या माँगा जा रहा है

गीत सुन के जानिये. फिल्मों में प्रार्थना वाले गीत बहुतेरे हैं और इनमें

से अधिकांश गीतकार शैलेन्द्र, कविवर प्रदीप या पंडित भरत व्यास रचित हैं.









गीत के बोल:



मेरी आन भगवान

मेरी आन भगवान कण कण से लड़ी है जो

तुझसे भी आज लड़ेगी

मेरी बात तुम्हें रखनी पड़ेगी

मेरी आन भगवान



देख अपनों का दुख जो छिपाओगे मुख

इससे आपस की रार बढ़ेगी

मेरी बात तुम्हें रखनी पड़ेगी



मेरी आन भगवान



हमने तो सुना है बड़ों के मुख से

अपने बालकों से तुमको भी प्यार है

फिर क्यों भूलते हो सबके पिता

कुछ हमारा भी तुमपे अधिकार है

लड़खड़ाते हैं पाँव और देख रहे तुम

क्या ये नय्या भंवर में अड़ेगी

मेरी बात तुम्हें रखनी पड़ेगी



मेरी आन भगवान



मेरी पलकों का तोड़ किनारा

लगी बहने आँसुओं की धारा

तेरी धरती बहेगी तेरा अम्बर बहेगा

बह जाएगा आसन तुम्हारा

मेरी सुन के भगवान जो दिया नहीं ध्यान

तो जबान मेरी ज़िद पे चढ़ेगी

मेरी बात तुम्हें रखनी पड़ेगी



मेरी आन भगवान

...................................

Meri aan bhagwan-Toofan aur diya 1956

Friday, 20 May 2011

मुरलिया बाजे री जमुना के तीर-तूफ़ान और दिया १९५६

आइये एक बार फिर से हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर
की तरफ चलें। इस बार आपको सन ५६ की एक फिल्म
तूफ़ान और दिया से एक मधुर भजननुमा गीत सुनवाते हैं।
भक्त मीरा बाई की रचना है यह और इसका संगीत तैयार किया है
वसंत देसाई ने। इस रचना को समय समय पर कई कलाकारों
ने अपनी आवाज़ और अपने अंदाज़ में गाया है जिनमें से
एक जगजीत सिंह की पत्नी चित्रा सिंह भी हैं।


गीत परदे पर गा रही हैं अभिनेत्री नंदा। वसंत देसाई का संगीत
है फिल्म में और इस ब्लॉग पर यह फिल्म का तीसरा गीत है।
गीत सीधा और सरल सा है और इसे आसानी से गुनगुनाया जा
सकता है। गायिका हैं लता मंगेशकर।



गीत के बोल:

मुरलिया बाजे री जमुना के तीर
मुरलिया बाजे री जमुना के तीर

मुरली सुनत मेरो मन हर लीनो
मुरली सुनत मेरो मन हर लीनो
चीत धरत नहीं धीर
चीत धरत नहीं धीर

कारो कन्हैया कारी कमरिया
कारो कन्हैया कारी कमरिया
कारो जमुना को नीर
कारो जमुना को नीर

मुरलिया बाजे री जमुना के तीर
मुरलिया बाजे री जमुना के तीर

मीरा के प्रभु गिरधर नागर
मीरा के प्रभु गिरधर नागर
चरण कमल पे सीर
चरण कमल पे सीर

कारो कन्हैया कारी कमरिया
कारो कन्हैया कारी कमरिया
कारो जमुना को नीर
कारो जमुना को नीर

मुरलिया बाजे री जमुना के तीर
मुरलिया बाजे री जमुना के तीर

Wednesday, 19 January 2011

हमने जो देखे सपने-परिवार १९६७

फिल्म बंदिनी के गीत से एक मधुर गीत और याद आया.
हालाँकि इसे ब्लॉग पर शामिल किया जा चूका है मगर
रिवीज़न करते हुए इसे एक बार और सुन लेते हैं.
बाकी का विवरण इधर है-फिल्म परिवार का गीत




गाने के बोल:

हमने जो देखे सपने
हमने जो देखे सपने,
सच हो गए वो अपने
ओ मेरे साजना दिन आ गए हैं प्यार के
मेरे साजना दिन आ गए करार के

हम ने जो देखे सपने,
सच हो गए वो अपने
हो मेरे साजना

ऐसे ही सदा सजधज के मेरी
आँखों में रहो जवान तुम
ऐसे ही सदा सजधज के मेरी
आँखों में रहो जवां तुम
मैं साया बन के साथ चलूँ
मैं साया बन के साथ चलूँ
मुझे ले चलो जहाँ तुम

हमने जो देखे सपने,
सच हो गए वो अपने
हो मेरे साजना

हम जनम जनम के साथी हैं
पूजा है प्रीत हमारी
हम जनम जनम के साथी हैं
पूजा है प्रीत हमारी
इस जनम भी तुमको पा ही लिया
इस जनम भी तुमको पा ही लिया
मैं हो गई तुम्हारी

हमने जो देखे सपने,
सच हो गए वो अपने
हो मेरे साजना दिन आ गए हैं प्यार के
मेरे साजना दिन आ गए करार के
हमने जो देखे सपने,
सच हो गए वो अपने
हो मेरे साजन
.............................
Hamne jo dekhe sapne-Parivar 1967

Friday, 10 December 2010

वादियाँ मेरा दामन १ -अभिलाषा १९६८

अब कुछ डाक्युमेंट्री वाले अंदाज़ में विवरण हो जाए
तो कैसा रहे। तो शुरू किया जाए-ये फिल्म अमित बोस ने
डायरेक्ट की है। इस फिल्म की कहानी सतीश भटनागर
ने लिखी है। इस फिल्म में संजय खान हीरो हैं और नंदा
हेरोइन। संजय खान के चरित्र का नाम अरुण है तो नंदा
के चरित्र का नाम रितु। संजय खान जैसा कि आप जानते
ही होंगे नायक फिरोज खान के छोटे भाई हैं। संजय से
छोटा एक और भाई है जिसका नाम है-अकबर खान।
अभिनेत्री नंदा के भाई बहनों की जानकारी नहीं है। गीत
में आप एक कार भी देखेंगे बड़ी सी, जिसका मॉडल पता
नहीं है, गूगल पर सर्च करना पड़ेगा। एक पहाड़ी सी दिखने
रही है जिसपर नायक नायिका दिखाई दे रहे हैं। थोड़े
बहुत संवाद बोलने के बाद नायक गाना गाने लगता है।
नायिका को संवाद का आखिरी हिस्सा पसंद नहीं आया
और वो उससे दूर भाग खड़ी होती है। ज़ाहिर सी बात है कि
अपने मुंह मियां मिट्ठू कोई बनेगा तो कहाँ से सुहाएगा
किसी को। अब आपको गीत के बाकी विवरण देखना हो
तो जैसे डाक्युमेंट्री के अंत में आते हैं उसी अंदाज़ में गाने
के टैग पढ़ डालिए, आपको मालूम पढ़ जायेगा कि गीत में
किस किस ने अपना योगदान दिया है । सर्वप्रथम आएगा
फिल्म किस सन में प्रकट हुई, फिर आएगा गीतकार का नाम,
उसके बाद गायक, नायिका, संगीतकार और अंत में मिलेगा
फिल्म के नायक का नाम।





गीत के बोल:

वादियाँ मेरा दामन रास्ते मेरी बाहें
जाओ मेरे सिवा तुम कहाँ जाओगे।
वादियाँ मेरा दामन रास्ते मेरी बाहें
जाओ मेरे सिवा तुम कहाँ जाओगे।

वादियाँ मेरा दामन

जब चुराओगे तन तुम किसी बात से
जब चुराओगे तन तुम किसी बात से
शाख-ए-गिल छेड़ देगी मेरे हाथ से
अपनी ही ज़ुल्फ़ को और उलझोगे

वादियाँ मेरा दामन रास्ते मेरी बाहें
जाओ मेरे सिवा तुम कहाँ जाओगे।

वादियाँ मेरा दामन

जबसे मिलने लगीं तुमसे राहें मेरी

जबसे मिलने लगीं तुमसे राहें मेरी
चाँद सूरज बनी दो निगाहें मेरी
तुम कहीं भी रहो तुम नज़र आओगे।

वादियाँ मेरा दामन रास्ते मेरी बाहें
जाओ मेरे सिवा तुम कहाँ जाओगे।

वादियाँ मेरा दामन
...................................................

Wadiyan Mera Daaman-Abhilasha 1968

Tuesday, 7 December 2010

गम छोड़ के मनाओ रंगरेली -गुमनाम १९६५

फिल्म गुमनाम से एक गीत पेश है जो कि समुद्र किनारे
फिल्माया गया है और ढेर सारे कलाकारों को आप इस गीत
में देखेंगे उनमे से एक हैं हेलन जो कि परदे पर इस गीत को
गा रही हैं। जिस प्रोडक्ट का वर्णन पिछली पोस्ट में किया गया
था वो इधर उपलब्ध नहीं है मगर ये शोर्ट ड्रेस वाला एक सोबर
गीत है जिसे आप देख कर आनंदित होंगे।

फिल्म का नाम ही बस गुमनाम है। ये अपने समय की एक
प्रसिद्ध होरर फिल्म थी । बहु सितारा फिल्म के इस गीत में
आपको नंदा, प्राण और मदन पुरी दिखाई देंगे हेलन के अलावा।

गीत में बैगपाइपर नाम के वाद्य का इस्तेमाल किया गया है।
गीत लिखा है हसरत जयपुरी ने और धुन बनाई है शंकर जयकिशन
ने। गायिका की आवाज़ आप पहचानते ही होंगे।



गीत के बोल:

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली

जीना उसका जीना है जो हँसते गाते जी ले
जुल्फों की घनघोर घटा में नैन के सागर पी ले
जीना उसका जीना है जो हँसते गाते जी ले
जुल्फों की घनघोर घटा में नैन के सागर पी ले

जो करना है आज ही कर लो कल को किसने देखा
आई है रंगीन बहारें ले के दिन रंगीले।

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली

मैं अलबेली चिंगारी हूँ नाचूं और लहराओं
दामन दामन फूल खिलाऊँ और खुशियाँ बरसाऊँ
मैं अलबेली चिंगारी हूँ नाचूं और लहराओं
दामन दामन फूल खिलाऊँ और खुशियाँ बरसाऊँ


दुनियावालों तुम क्या जानो जीने की ये बातें
आओ मेरे नज़दीक तो मैं ये बातें समझाऊँ

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली

जो भी होगा हम देखेंगे गम से क्यूँ घबराएँ
इस दुनिया के बाग़ में लाखों पंछी आये जाएँ
जो भी होगा हम देखेंगे गम से क्यूँ घबराएँ
इस दुनिया के बाग़ में लाखों पंछी आये जाएँ

ऐश के बन्दों ऐश करो तुम छोडो ये ख़ामोशी
लोग हुए हैं जिंदादिल हैं जो चाहे कर जाएँ

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
....................................................................
Gham Chhod Ke Manao Rangreli-Gumnaam 1965

Sunday, 28 November 2010

मेरी निगाह ने क्या काम-मोहब्बत इसको कहते हैं १९६५

एक गंभीर किस्म का रोमांटिक गीत पेश है। फिल्म
'मोहब्बत इसको कहते हैं' का एक रोमांटिक युगल गीत
आपको सुनवाया जा चुका है। अब सुनिए रफ़ी की
आवाज़ में एकल गीत। संतुलन, तहजीब और दायरे
के भीतर घूमते इस गीत में सभी कुछ इतने आहिस्ता
से कहा जा रहा है कि किसी को तनिक भी अटपटा ना
लगे और बात भी बान जाए। परदे पर इस गीत को
मराठी सिनेमा के नामचीन कलाकार रमेश देव गा रहे हैं
और हमारे रोमांटिक हीरो शशि कपूर बिस्तर पर
पड़े पड़े सुन रहे हैं। गीत शायद अभिनेत्री नंदा के लिए
गाया जा रहा है। गीत में फ्लेश बैक का दृश्य खूबसूरती
से इस्तेमाल किया गया है जिसमे शशि कपूर और नंदा
लगभग गीत की एक एक पंक्ति पर अभिनय करते नज़र
आ रहे हैं।




गीत के बोल:


मेरी निगाह ने क्या काम लाजवाब किया
मेरी निगाह ने क्या काम लाजवाब किया

उन्हीं को लाखों हसीनों में इंतेखाब किया

मेरी निगाह ने क्या

वो आये घर में बाहर आ के रुक गई जैसे
वो आये घर में बाहर आ के रुक गई जैसे
फिजा में फूलों की डाली सी झुक गई जैसे

कुछ इस अदा से किसी शोख ने हिजाब किया
कुछ इस अदा से किसी शोख ने हिजाब किया

मेरी निगाह ने क्या

वो ज़ुल्फ़-ए-नाज़ खुली खुल के कुछ ढलक सी गई
सितारे टूट पड़े चांदनी छलक सी गई
जो मैंने चेहरा-ए-जाना को बेनकाब किया

मेरी निगाह ने क्या काम लाजवाब किया
मेरी निगाह ने क्या

के मेरे गीत में वो रंग है नजाकत है
के मेरे गीत में वो रंग है नजाकत है
के सब उसी निगाह-ए-नाज़ की इनायत है
के मुझ से जर्रे को चमका के आफ़ताब किया

मेरी निगाह ने क्या काम लाजवाब किया
उन्हीं को लाखों हसीनों में इंतेखाब किया

Monday, 22 November 2010

लिखा है तेरी आँखों में-तीन देवियाँ १९६५

अभिनेत्री नंदा और भारतीय नारी की छबि एक दूसरे के पर्याय लगते
थे रुपहले परदे पर। एक फिल्म आई थी सन में -तीन देवियाँ। इस फिल्म
में देव आनंद के साथ तीन देवियों ने काम किया था। ये हैं-नंदा, कल्पना और
सिमी ग्रेवाल। फिल्म में कुछ यूँ होता है की तीनों देवियाँ देव आनन्द पर फ़िदा
हो जाती हैं और शायद तीनों पर देव आनंद। अब समस्या तीन में से एक को चुनने
की है। फिल्म के अंत में फिल्म का नायक देव आनंद एक मनोवैज्ञानिक के पास
जाता है। वहां उसे समाधान मिल जाता है। भुट्टा खाने वाली अभिनेत्री ही उसकी
पसंद मालूम पढ़ती है। ज्ञात हो फिल्म के एक दृश्य में देव आनंद और नंदा भुट्टे
का आनंद लेते नज़र आते हैं। भुट्टे का आनंद लेने के साथ दोनों एक गीत गाते हैं।
आइये वही गीत सुनें। हिंदी फिल्म जगत का ये सबसे मधुर भुट्टा-गीत है। वैसे
कई गीत हैं जो बाजरे के खेत में भी फिल्माए गए हैं। निर्देशक अमरजीत का जवाब
नहीं जिन्होंने भुट्टे(मकई) के खेत को भी खूबसूरत बना डाला। मजरूह के बोल,
एस. डी. बर्मन का संगीत और आवाजें लता, किशोर की हैं।



गीत के बोल:

लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना
लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना
अगर इसे समझ सको, मुझे भी समझाना

लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना

जवाब सा किसी तमन्ना का,
लिखा तो है मगर अधूरा सा
अरे ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
जवाब सा किसी तमन्ना का,
लिखा तो है मगर अधूरा सा
हो ओ ओ कैसी न हो मेरी हर बात अधूरी,
अभी हूँ आधा दीवाना

लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना
अगर इसे समझ सको, मुझे भी समझाना

लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना

जो कुछ नहीं तो ये इशारे क्यूँ,
ठहर गए मेरे सहारे क्यूँ
अरे ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
जो कुछ नहीं तो ये इशारे क्यूँ,
ठहर गए मेरे सहारे क्यूँ

थोड़ा सा हसीनों का सहारा ले के चलना,
है मेरी आदत रोज़ाना

लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना
अगर इसे समझ सको, मुझे भी समझाना
लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना

यहाँ वहाँ फ़िज़ा में आवारा,
अभी तलक़ ये दिल है बेचारा
अरे ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
यहाँ वहाँ फ़िज़ा में आवारा,
अभी तलक़ ये दिल है बेचारा

हो ओ ओ, दिल को तेरे तो हम ख़ाक ना समझे
तुझी को हमने पहचाना

लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना
अगर इसे समझ सको, मुझे भी समझाना
लिखा है तेरी आँखों में, किसका अफ़साना

Sunday, 21 November 2010

कजरे बदरवा रे-पति पत्नी १९६६

पिछला गीत आपने सुना पिता का, अब पुत्र की एक मधुर
रचना सुन लीजिये। घरेलू सी दिखने वाली अभिनेत्री नंदा पर ये
गीत फिल्माया गया है। नंदा ६० के दशक में दिखाई देना शुरू हुयीं
और ७० के पूर्वार्ध तक नियमित रूप से दिखती रही फिर अचानक
से गायब हो गयीं। इस फिल्म में वे शायद संजीव कुमार की पत्नी
की भूमिका कर रही हैं। गीत आनंद बक्षी ने लिखा है और इसे लता
मंगेशकर गा रही हैं। हल्का सा ईको प्रभाव इस गीत को खूबसूरती
प्रदान कर रहा है। बदरवा बोलते-बोलते आवाज़ गूंजती हुई हवा
में घुल जाती है।



गीत के बोल:

कजरे बदरवा रे
कजरे बदरवा रे
मर्ज़ी तेरी है क्या ज़ालिमा
ऐसे न बरस जुल्मी
कह न दूं किसी को मैं बालमा

कजरे बदरवा

कहीं गिर जाए न बिंदिया
कहीं उड़ जाए न निंदिया
हो ओ, कहीं गिर जाए न बिंदिया
कहीं उड़ जाए न निंदिया
काली काली आने वाली
काली काली आने वाली
बरखा की रात है

कजरे बदरवा

रिमझिम वाली चुनरिया
ओढ़े हुए आई बदरिया
हो, रिमझिम वाली चुनरिया
ओढ़े हुए आई बदरिया
झूमें ऐसे गोरी जैसे
झूमें ऐसे गोरी जैसे
सजना के साथ में

कजरे बदरवा

इस भीगी भीगी हवा ने
कानों में कहा क्या न जाने
हो ओ, इस भीगी भीगी हवा ने
कानों में कहा क्या न जाने
मैं शरमाई मैं घबरायी
मैं शरमाई मैं घबरायी
ऐसी कोई बात है

कजरे बदरवा
...........................
Kajre Badarwa re-Pati Patni 1966
 
 
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