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Saturday, 29 October 2011

तौबा तौबा तौबा -पासपोर्ट १९६१

कुछ फ़िल्में भूली बिसरी कहलाती हैं तो कुछ भूली भटकी और बची-खुची
फिल्मों को गुम भुला दी गई फ़िल्में बोला जाता है। बोलने के तरीके बस
जुदा हैं सबके, आशय उनका एक ही रहता है।

एक गुमनाम इस फिल्म पासपोर्ट से एक थोड़ा लोकप्रिय गीत सुनवाया
था आपको पहले। इसी फिल्म से गीता दत्त का गाया अगला गीत सुनते हैं
जो हेलन पर फिल्माया गया है। जनता एक मदिरालय में एकत्रित है और
इसमें एक नर्तकी नृत्य कौशल दिखलाते हुए गा रही है। हेलन को ऐसे दृश्यों
में आपने कई फिल्मों में देखा होगा। ऐसे गीतों के लिए पहले के समय में
गीता दत्त की आवाज़ को प्राथमिकता दी जाती थी वो स्थान बाद में आशा भोंसले
की आवाज़ ने ले लिया।

गीत लिखा है कमर जलालाबादी ने बाद इसकी धुन बनाई है संगीतकार जोड़ी
कल्याणजी-आनंदजी ने। कल्याणजी आनंदजी ने अपनी शुरूआती फिल्मों
में गीता दत्त से उन्होंने कुछ गीत अवश्य गवाए। गीत में आपको गुज़रे
ज़माने के मशहूर खलनायक के. एन. सिंह और चरित्र अभिनेता नजीर हुसैन
भी दिखलाई दे जायेंगे।





गीत के बोल:

तौबा तौबा तौबा
हॉय तौबा मेरी मान
तौबा तौबा तौबा
ओ तौबा मेरी मान
ले के मेरे दिल को
बनो ना बेईमान
हो ले के मेरे दिल को
बनो ना बेईमान

तौबा तौबा तौबा
हो तौबा मेरी मान
तौबा तौबा तौबा
हो तौबा मेरी मान
ले के मेरे दिल को
बनो ना बेईमान
हो ले के मेरे दिल को
बनो ना बेईमान

जाने चमन की रंगीन बहारें
किस को पुकारें, किसको पुकारें
जाने चमन की रंगीन बहारें
किस को पुकारें, किसको पुकारें
देखी है ऐसी बहारें कहाँ

तौबा तौबा तौबा
हो तौबा मेरी मान
तौबा तौबा तौबा
हो तौबा मेरी मान
ले के मेरे दिल को
बनो ना बेईमान
हो ले के मेरे दिल को
बनो ना बेईमान


दुनिया में लाखों बांके जवान हैं
मेरी अदा पे सब मेहरबान हैं
दुनिया में लाखों बांके जवान हैं
मेरी अदा पे सब मेहरबान हैं
तुमसे ही ज़ालिम को दिल क्यूँ दिया

तौबा तौबा तौबा
हो तौबा मेरी मान
तौबा तौबा तौबा
हो तौबा मेरी मान
ले के मेरे दिल को
बनो ना बेईमान
हो ले के मेरे दिल को
बनो ना बेईमान

हम ने तुम्हीं से आँख मिलायी
महफ़िल में क्यूँ ये तन्हाई
हम ने तुम्हीं से आँख मिलायी
महफ़िल में क्यूँ ये तन्हाई
हम हैं तुम्हारे तुम्हारी कसम

तौबा तौबा तौबा
हो तौबा मेरी मान
तौबा तौबा तौबा
हो तौबा मेरी मान
ले के मेरे दिल को
बनो ना बेईमान
हो ले के मेरे दिल को
बनो ना बेईमान
................................
Tauba tauba ho-Passport 1961

Thursday, 27 October 2011

वो एक निगाह क्या मिली-हाफ टिकट १९६२

फिल्म हाफ टिकट जो सन १९६२ की फिल्म है उसने सभी पीढ़ी और आयु वर्ग
के दर्शकों को आनंदित किया और आज भी कर रही है। किशोर कुमार गज़ब के
कलाकार थे। उन्हें संपूर्ण कलाकार यूँ ही नहीं बोला जाता है। कल ही किसी चैनल
के विज्ञापन पर देखा कि किशोर की फ़िल्में दिखलाई जाने वाली हैं। उनकी फिल्मों
का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

फिल्म में किशोर कुमार के साथ मधुबाला हैं। खलनायक के रोल में हैं प्राण जिनका
काम पूरी फिल्म में नायक का पीछा करना है। उसी पीछा करो अभियान के तहत
नायक और खलनायक एक थिएटर के मंच पर पहुँच जाते हैं। बचा ले मुझे की गुहार
लगाता नायक नर्तकी से मदद के लिए कह रहा है और पूरी नाच मण्डली नायक को
बचाने में सहयोग करने लगती है। किशोर कुमार और लता मंगेशकर का गाया ये
युगल गीत देखने और सुनने दोनों में आनंद देता है। नर्तकी की भूमिका में हैं हेलन।

सलिल चौधरी ने अपने मूड और पसंद के मुताबिक एक विलायती ख़ुशबू वाली देसी
धुन तैयार की है। उन्हें फ्यूज़न बहुत पसंद था और जटिल स्वर लहरियों की रचना
उनकी आदत सा बन चुका था। गीत के बोल शैलेन्द्र कि लेखनी से निकले हैं।



गीत के बोल:

ता रा रा रा रा रा रा रा ता रा रा रा रा
आ हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
आ हा हा हा हा हा हा

वो मेरे पीछे हाथ धो के पड़ा है
बचल ले मुझे बचा ले मुझे
वो मेरे पीछे हाथ धो के पड़ा है
बचल ले मुझे बचा ले मुझे

वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
ज़रा वो मुस्कुरा दिए शमाएँ जैसे जल गयीं
ज़रा वो मुस्कुरा दिए शमाएँ जैसे जल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं

आ हा हा हा हा हा हा हा
हा हा हा हा हा हा
हे हे हे हे हे हे
हा हा हा हा हा हा

कबसे दिल को इस घडी का इंतजार था
शाम सहर मेरा प्यार बेक़रार था
कबसे दिल को इस घडी का इंतजार था
शाम सहर मेरा प्यार बेक़रार था,
हे हे, सितारा वो चमक उठा तो किस्मतें बदल गयीं
सितारा वो चमक उठा तो किस्मतें बदल गयीं

वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं

मीता मीठा लाइलाज एक दर्द था
क्या बताऊँ दिल को मेरे कैसा मर्ज़ था
मीता मीठा ला-इलाज़ एक दर्द था
क्या बताऊँ दिल को मेरे कैसा मर्ज़ था
हे हे, मरीज-ए-इश्क जी सकेंगे हालतें संभल गयीं
मरीज-ए-इश्क इसपे जी सकेंगे हालतें संभल गयीं

वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा
हा हा हा हा हा हा हा
he हा हा हा हा हा हा हा
हा हा हा हा हा

जी फिरा के यार में कैसी बेकसी
कैसे पास आयें राह सूझती ना थी
जी फिरा के यार में कैसी बेकसी
कैसे पास आयें राह सूझती ना थी
तेरा हज़ार शुक्रिया मुसीबतें वो ताल गयीं
तेरा हज़ार शुक्रिया मुसीबतें वो ताल गयीं

वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
ज़रा वो मुस्कुरा दिए शमाएँ जैसे जल गयीं
ज़रा वो मुस्कुरा दिए शमाएँ जैसे जल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
............................................
Wo ek nigah-Half Ticket 1962

Wednesday, 20 July 2011

ये रात भी है जवान-डॉक्टर एक्स १९७१

सोनिक ओमी की जोड़ी द्वारा बनायीं गई एक धुन वाला गीत सुनते हैं.
फिल्म का नाम आपने शायद ही सुना हो-डॉक्टर एक्स. इस फिल्म के
गीत भी एक्स रे के माध्यम से ढूँढने पढते हैं. दुर्लभ जो हैं. हेलन पर
फिल्माए गए काफी गीत आप सुन चुके होंगे. इसको भी सुनिए. इसमें
भी वो सब मसाला है जो एक कैबरे गीत में होना चाहिए. आकर्षक
संगीत, झकास बोल और आशा भोंसले की आवाज़.




गीत के बोल:

ये रात भी है जवान
सुन ले दिल की जुबान
ओ जानेजान
शराबी है समां तुझसे

ये रात भी है जवान
सुन ले दिल की जुबान
ओ जानेजान
शराबी है समां तुझसे, हिक

ओऊ, ओऊ

मेरी अदाओं पे लुटाया
लाखों ने दिल
मेरी ही राहों में पे बिछाया
लाखों ने दिल
मेरी अदाओं पे लुटाया
लाखों ने दिल
मेरी ही राहों में पे बिछाया
लाखों ने दिल
दिल में मेरे तू ही समाया

शराबी है समां तुझसे,
आ हा आ हा हे

ये रात भी है जवान
सुन ले दिल की जुबान
ओ जानेजान
शराबी है समां तुझसे, ह्यक

मैंने तो खुद को निखारा
तेरे लिए
गोरे बदन को संवारा
तेरे लिए
आये हाय, मैंने तो खुद को निखारा
तेरे लिए
गोरे बदन को संवारा
तेरे लिए
तेरी नशीली निगाहों ने मारा
शराबी है समां तुझसे,
आ हा आ हा हे

ये रात भी है जवान
सुन ले दिल की जुबान
ओ जानेजान
शराबी है समां तुझसे,
आ हा आ हा हे

ये रात भी है जवान
सुन ले दिल की जुबान
ओ जानेजान
शराबी है समां तुझसे, ह्यक
............................
Ye raat bhi hai jawan-Doctor X 1971

Monday, 11 July 2011

दिल से दिल टकराये-लव मैरिज १९५९

गायक-गीता दत्त, मोहम्मद रफ़ी
गीतकार-शैलेन्द्र
संगीतकार-शंकर जयकिशन
फिल्म-लव मैरिज
वर्ष-१९५९




गीत के बोल:

दिल से दिल टकराये,
फिर दोनों घबराये
सब्र की डोरी टूट गई तो
लव मैरिज कर लाये
लव मैरिज कर लाये

दिल से दिल टकराये
फिर दोनों घबराये
सब्र की डोरी टूट गई तो
लव मैरिज कर लाये
लव मैरिज कर लाये

दिल से दिल टकराये
फिर दोनों घबराये
सब्र की डोरी टूट गई तो
लव मैरिज कर लाये
लव मैरिज कर लाये

वो उत्तर के पंछी थे
और वो दक्षिण की मैना
ली ली ली ली ली ली ली ली ली या
वो उत्तर के पंछी थे
और वो दक्षिण की मैना
एक रोज़ एक बाग़ में
यूँ ही लड़ गये नैना
एक रोज़ एक बाग़ में
यूँ ही लड़ गये नैना
दिल दे के घर आये
घर आ कर पच्छताये
सब्र की डोरी टूट गई तो
लव मैरिज कर लाये
लव मैरिज कर लाये

सब्र की डोरी टूट गई तो
लव मैरिज कर लाये
लव मैरिज कर लाये

कब तक छत पर लेट कर
करते तारों से बातें
ली ली ली ली ली ली ली ली ली या
कब तक छत पर लेट कर
करते तारों से बातें
नींद चली गई रूठ के
कैसे कटतीं रातें
नींद चली गई रूठ के
कैसे कटतीं रातें
अपनों से शरमाये
ग़ैरों से कतराये
सब्र की डोरी टूट गई तो
लव मैरिज कर लाये
लव मैरिज कर लाये

दिल से दिल टकराये
फिर दोनों घबराये
सब्र की डोरी टूट गई तो
लव मैरिज कर लाये
लव मैरिज कर लाये

दिल से दिल टकराये
फिर दोनों घबराये
सब्र की डोरी टूट गई तो
लव मैरिज कर लाये
लव मैरिज कर लाये
...............................
Dil se dil takraye-Love Marriage 1959

Tuesday, 14 December 2010

कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही -तलाश १९६९

हिंदी फिल्मों में अचंभित करने वाली पोशाकें अक्सर हेलन ने
ही पहनी हैं। आज की अभिनेत्रियाँ कितना भी पतले वस्त्रों में
सज संवर लें मगर वे सब पुराने दौर की हेलन की बराबरी नहीं
कर सकती। हेलन ने बहुत ही सहजता और गरिमा के साथ इन
गीतों को प्रस्तुत किया जो आम नायिकाओं के बस के बाहर पहले
भी था और अब भी है। या तो नायिकाएं सहज होने का प्रयत्न
करने लगतीं या फिर नृत्य करने का। दोनों काम एक साथ
बमुश्किल किसी किसी नायिका से हो पाते। दरअसल चपलता
और सहजता ये दोनों गुण एक साथ बहुत ही कम देखे जाते
हैं। ऐसे ही मामले में हम लोग विलक्षण शब्द का प्रयोग
करते हैं।

ओ पी रल्हन के निर्देशन में बनी तलाश में एक हेलन का पर
फिल्माया और आशा का गाया गीत है जो उस ज़माने के हिसाब
से काफी आगे था और ये कर्णप्रिय भी है। गीत के बोल लिखे हैं
मजरूह सुल्तानपुरी ने और धुन बनाई है एस डी बर्मन ने। संभव
है इस गीत में एस डी के पुत्र पंचम का भी कुछ योगदान हो, क्यूंकि
वे लम्बे समय अपने पिता के सहायक रहे। पिछले गीत में आपने
खरगोश की पूँछ देखी थी इस गीत में तो ऐसा लगता है मानो कोई
नारंगी रंग का बड़ा सा पक्षी नायिका के सर पर बिठा रखा हो। अब
आप ही बताइए ऐसी विचित्र स्तिथियों में डांस करना क्या बच्चों
का खेल है ? गौर फरमाएं इस गीत को देख कर किसी दर्शक को
लास वेगास और पैरिस की याद आ रही है। संभव है कि निर्देशक
ने किसी विलायती फिल्म में किसी क्लब डांसर का कॉसट्यूम
देख कर हूबहू हिंदी फिल्म की नायिका को पहना दिया हो।
गीत में सभी कुछ लाजवाब है-बोल, संगीत , गायकी, नृत्य
और प्रस्तुतीकरण।



गीत के बोल:

हा हा हा हा हा हा हा हा
हा हा हा हा
हं हं हं हं हं हं हं हं हं हं
हं हं हं हं

हाय हैंडसम
यहाँ बैठ सकती हूँ ?
माफ़ कीजियेगा

हाय प्रिंस
अकेले हो
शाद्दी नहीं की
प्यार भी नहीं

आ हा हा हा हा हा
इन्होने अभी तक प्यार भी नहीं किया
ऊं हूँ हूँ हूँ

कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही
पर चोरी से कोई देखे ना कहीं
कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही
ऐ,पर चोरी से कोई देखे ना कहीं
अरे पगले, नज़र मिला, जहाँ मिले तुझे कोई हसीं

कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही
पर चोरी से कोई देखे ना कहीं
कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही
ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
पर चोरी से कोई देखे ना कहीं

आ मैं तुझे बतला दूँ ये प्यार का रस्ता चलना
आ मैं तुझे बतला दूँ ये प्यार का रस्ता चलना
रंगीन होंठ किसी के छू कर बिन शोलों के जलना
रंगीन होंठ किसी के छू कर बिन शोलों के जलना
आँख में आँखें डाल के कुछ ना कहना और मचलना
अरे हा, अरे हा, हा, हा रे
आ के सम्भाले कोई तो फिर ना सम्भलना
अरे पगले, नज़र मिला, जहाँ मिले तुझे कोई हसीं

कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही
ऐ,पर चोरी से कोई देखे ना कहीं

आज ही अपने दिल में रख ले तू कोई हसीना
आज ही अपने दिल में रख ले तू कोई हसीना
फिर झूम के ज़ुल्फ़ों के साये में रोज़ नज़र से पीना
फिर झूम के ज़ुल्फ़ों के साये में रोज़ नज़र से पीना
सीख ले मरना आज किसी पे ले के धड़कता सीना
अरे हा, अरे हा, हा, हा रे
मरना ना सीखा तूने तो फिर क्या जीना
अरे पगले, नज़र मिला, जहाँ मिले तुझे कोई हसीं

कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही
ऐ,पर चोरी से कोई देखे ना कहीं
................................................
Kar Le Pyar Kar Le Ke Din Hain Yahi-Talaash 1969

Tuesday, 7 December 2010

गम छोड़ के मनाओ रंगरेली -गुमनाम १९६५

फिल्म गुमनाम से एक गीत पेश है जो कि समुद्र किनारे
फिल्माया गया है और ढेर सारे कलाकारों को आप इस गीत
में देखेंगे उनमे से एक हैं हेलन जो कि परदे पर इस गीत को
गा रही हैं। जिस प्रोडक्ट का वर्णन पिछली पोस्ट में किया गया
था वो इधर उपलब्ध नहीं है मगर ये शोर्ट ड्रेस वाला एक सोबर
गीत है जिसे आप देख कर आनंदित होंगे।

फिल्म का नाम ही बस गुमनाम है। ये अपने समय की एक
प्रसिद्ध होरर फिल्म थी । बहु सितारा फिल्म के इस गीत में
आपको नंदा, प्राण और मदन पुरी दिखाई देंगे हेलन के अलावा।

गीत में बैगपाइपर नाम के वाद्य का इस्तेमाल किया गया है।
गीत लिखा है हसरत जयपुरी ने और धुन बनाई है शंकर जयकिशन
ने। गायिका की आवाज़ आप पहचानते ही होंगे।



गीत के बोल:

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली

जीना उसका जीना है जो हँसते गाते जी ले
जुल्फों की घनघोर घटा में नैन के सागर पी ले
जीना उसका जीना है जो हँसते गाते जी ले
जुल्फों की घनघोर घटा में नैन के सागर पी ले

जो करना है आज ही कर लो कल को किसने देखा
आई है रंगीन बहारें ले के दिन रंगीले।

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली

मैं अलबेली चिंगारी हूँ नाचूं और लहराओं
दामन दामन फूल खिलाऊँ और खुशियाँ बरसाऊँ
मैं अलबेली चिंगारी हूँ नाचूं और लहराओं
दामन दामन फूल खिलाऊँ और खुशियाँ बरसाऊँ


दुनियावालों तुम क्या जानो जीने की ये बातें
आओ मेरे नज़दीक तो मैं ये बातें समझाऊँ

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली

जो भी होगा हम देखेंगे गम से क्यूँ घबराएँ
इस दुनिया के बाग़ में लाखों पंछी आये जाएँ
जो भी होगा हम देखेंगे गम से क्यूँ घबराएँ
इस दुनिया के बाग़ में लाखों पंछी आये जाएँ

ऐश के बन्दों ऐश करो तुम छोडो ये ख़ामोशी
लोग हुए हैं जिंदादिल हैं जो चाहे कर जाएँ

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
....................................................................
Gham Chhod Ke Manao Rangreli-Gumnaam 1965
 
 
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