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Thursday, 27 October 2011

वो एक निगाह क्या मिली-हाफ टिकट १९६२

फिल्म हाफ टिकट जो सन १९६२ की फिल्म है उसने सभी पीढ़ी और आयु वर्ग
के दर्शकों को आनंदित किया और आज भी कर रही है। किशोर कुमार गज़ब के
कलाकार थे। उन्हें संपूर्ण कलाकार यूँ ही नहीं बोला जाता है। कल ही किसी चैनल
के विज्ञापन पर देखा कि किशोर की फ़िल्में दिखलाई जाने वाली हैं। उनकी फिल्मों
का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

फिल्म में किशोर कुमार के साथ मधुबाला हैं। खलनायक के रोल में हैं प्राण जिनका
काम पूरी फिल्म में नायक का पीछा करना है। उसी पीछा करो अभियान के तहत
नायक और खलनायक एक थिएटर के मंच पर पहुँच जाते हैं। बचा ले मुझे की गुहार
लगाता नायक नर्तकी से मदद के लिए कह रहा है और पूरी नाच मण्डली नायक को
बचाने में सहयोग करने लगती है। किशोर कुमार और लता मंगेशकर का गाया ये
युगल गीत देखने और सुनने दोनों में आनंद देता है। नर्तकी की भूमिका में हैं हेलन।

सलिल चौधरी ने अपने मूड और पसंद के मुताबिक एक विलायती ख़ुशबू वाली देसी
धुन तैयार की है। उन्हें फ्यूज़न बहुत पसंद था और जटिल स्वर लहरियों की रचना
उनकी आदत सा बन चुका था। गीत के बोल शैलेन्द्र कि लेखनी से निकले हैं।



गीत के बोल:

ता रा रा रा रा रा रा रा ता रा रा रा रा
आ हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
आ हा हा हा हा हा हा

वो मेरे पीछे हाथ धो के पड़ा है
बचल ले मुझे बचा ले मुझे
वो मेरे पीछे हाथ धो के पड़ा है
बचल ले मुझे बचा ले मुझे

वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
ज़रा वो मुस्कुरा दिए शमाएँ जैसे जल गयीं
ज़रा वो मुस्कुरा दिए शमाएँ जैसे जल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं

आ हा हा हा हा हा हा हा
हा हा हा हा हा हा
हे हे हे हे हे हे
हा हा हा हा हा हा

कबसे दिल को इस घडी का इंतजार था
शाम सहर मेरा प्यार बेक़रार था
कबसे दिल को इस घडी का इंतजार था
शाम सहर मेरा प्यार बेक़रार था,
हे हे, सितारा वो चमक उठा तो किस्मतें बदल गयीं
सितारा वो चमक उठा तो किस्मतें बदल गयीं

वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं

मीता मीठा लाइलाज एक दर्द था
क्या बताऊँ दिल को मेरे कैसा मर्ज़ था
मीता मीठा ला-इलाज़ एक दर्द था
क्या बताऊँ दिल को मेरे कैसा मर्ज़ था
हे हे, मरीज-ए-इश्क जी सकेंगे हालतें संभल गयीं
मरीज-ए-इश्क इसपे जी सकेंगे हालतें संभल गयीं

वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा
हा हा हा हा हा हा हा
he हा हा हा हा हा हा हा
हा हा हा हा हा

जी फिरा के यार में कैसी बेकसी
कैसे पास आयें राह सूझती ना थी
जी फिरा के यार में कैसी बेकसी
कैसे पास आयें राह सूझती ना थी
तेरा हज़ार शुक्रिया मुसीबतें वो ताल गयीं
तेरा हज़ार शुक्रिया मुसीबतें वो ताल गयीं

वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
ज़रा वो मुस्कुरा दिए शमाएँ जैसे जल गयीं
ज़रा वो मुस्कुरा दिए शमाएँ जैसे जल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
वो इक निगाह क्या मिली तबीयतें मचल गयीं
............................................
Wo ek nigah-Half Ticket 1962

Tuesday, 12 July 2011

ओ मेरा दिल ओ मेरी जाँ-आब-ए-हयात १९५५

सरदार मालिक के किसी भी गीत को सुने अरसा हो गया ।
१९५५ की फिल्म आब-ए-हयात से आज दूसरा गीत सुनवा
रहे हैं आपको। इस गीत के बोल लिखे हैं हसरत जयपुरी
ने और संगीत तैयार किया है सरदार मालिक ने। गीत को
स्मृति बिश्वास पर फिल्माया गया है। कोरस वाले गीत की
गीता दत्त प्रमुख गायिका हैं ।

स्मृति बिश्वास ने अपनी नृत्य प्रतिभा का खूब प्रदर्शन किया
है इस गीत में. एक अच्छा तेज़ गति वाला गीत है ये
मगर इसे प्रसिद्धि नहीं मिल पायी . पूरे २ घंटे की कसरत
के बाद इसके बोल लिखे जा सके हैं. उम्मीद है आपको ये ज़रूर
पसंद आएगा. अगर पसंद आये तो अपना चटका अवश्य लगायें
बजाये Ctrl+C करके अपने नोटपैड पर Ctrl+V करने के.



गीत के बोल:

मेरा दिल आ हा हा
ओ मेरी जाँ ओ हो हो
ओ मेरा दिल ओ मेरी जाँ चाहे ले ले
चाहे ले ले
इक प्यार ज़रा सा दे दे
ओ इक प्यार ज़रा सा दे दे

ओ मेरा दिल ओ मेरी जाँ चाहे ले ले
चाहे ले ले
इक प्यार ज़रा सा दे दे
ओ इक प्यार ज़रा सा दे दे
ओ दे दे दे दे दे दे दे दे दे दे
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला

ये पहली पहली चाहत
ये बहकी बहकी हालत
ये पहली पहली चाहत
ये बहकी बहकी हालत
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
तू फूल है मैं हूँ रंगत
तू फूल है मैं हूँ रंगत
ये झूमी झूमी जन्नत
ये झूमी झूमी जन्नत
प्यार की, ये परी तेरे दर पे खड़ी
प्यार की, ये परी तेरे दर पे खड़ी
आ इधर आ हा हा
ओ जादूगर ओ हो हो
आ इधर ओ जादूगर मतवाले
ला इश्क़ की दुनिया दे दे
ओ ला इश्क़ की दुनिया दे दे

ओ मेरा दिल ओ मेरी जाँ चाहे ले ले
चाहे ले ले
इक प्यार ज़रा सा दे दे, दे दे
इक प्यार ज़रा सा दे दे
ओ दे दे दे दे दे दे दे दे दे दे
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला

अनमोल खुशी की लड़ियाँ
मुश्किल से मिले ये घड़ियाँ
अनमोल खुशी की लड़ियाँ
मुश्किल से मिले ये घड़ियाँ
दो रोज़ के ये अफ़साने
दो रोज़ के ये अफ़साने
कल क्या हो ख़ुदा ही जाने
कल क्या हो ख़ुदा ही जाने
महरबाँ नौजवां
महरबाँ नौजवां
ये समा फिर कहाँ
जान-ए-मन आ हा हा
मेरा बन ओ हो हो
जान-ए-मन मेरा बन अलबेले
अलबेले
तू झूम के हाँ तो कह दे
ओ तू झूम के हाँ तो कह दे

ओ मेरा दिल ओ मेरी जाँ चाहे ले ले
चाहे ले ले
इक प्यार ज़रा सा दे दे, दे दे
इक प्यार ज़रा सा दे दे
ओ दे दे दे दे दे दे दे
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला

ये रात का फ़ैला दामन
हर तारा दिल की धड़कन
ये रात का फ़ैला दामन
हर तारा दिल की धड़कन
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ना ताज हुकूमत मांगूं
ना ताज हुकूमत मांगूं
मैं तुझसे मोहब्बत मांगूं
मैं तुझसे मोहब्बत मांगूं
चांदनी
रात है
चांदनी रात है
तू मेरे साथ है

ये जहाँ आ हा हा
है तेरा ओ हो हो
ये जहाँ है तेरा दिलवाले
दिलवाले
क़दमों में जगह ही दे दे
ओ क़दमों में जगह ही दे दे

ओ मेरा दिल ओ मेरी जाँ चाहे ले ले
चाहे ले ले
इक प्यार ज़रा सा दे दे, दे दे
इक प्यार ज़रा सा दे दे
ओ दे दे दे दे दे दे दे
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
...........................
O mera dil o meri jaan-Aab-e-Hayat 1955

Monday, 27 June 2011

कौन किसी को बांध सका-कालिया १९८१

कुछ चीज़ों का कुदरती साथ होता है, कुछ का होता अदरकी साथ और
कुछ का हम जबरन बना दिया करते हैं। चोली दामन का साथ एक
जग-जाहिर उदाहरण है। बम्बई के वड़ापाव की ही बात ली जाये। बिना
वडे का पाव या बिना पाव का वडा बम्बई, जिसे हम अब मुंबई कहते हैं,
के निवासियों को थोड़ा अटपटा सा लगता है। ये तो क्षेत्र विशेष का
उदाहरण हो गया।

एक उदाहरण और-कुछ लोगों का मानना है कि मौसंबी के जूस में
ग्लूकोज़ का होना ज़रूरी है। एक ज़माना था जब लगभग हर बीमार
को मौसंबी के रस में ग्लूकोज़ मिला के दिया जाता। अब जो जनता
शौकिया तौर पर बाज़ार में जा कर जूस पीती उसे ग्लूकोज़ नहीं
मिलता तो पूछती-इसमें गुल्लू-कोज़ नहीं मिलाया ?

फिल्मों में भी ऐसे आवश्यक तत्त्व होते हैं। आज आपको अमिताभ की
फिल्म का एक गीत सुनवाते हैं इसमें जो कलाकार परदे पर गीत गा रहा
है उसका नाम है-राम शेट्टी। ये जनाब आपको ८० के दशक की लगभग
हर उस फिल्म में जिसमें अमिताभ ने काम किया है, मिल जायेंगे।

एक समय था जब अमिताभ की फिल्मों में महमूद होते, कभी उनकी
फिल्मों में मुकरी होते। आज आप महसूस करेंगे उनके साथ दो शख्सों
की उपस्थिति-परेश रावल और शरद सक्सेना। समय समय पर ऐसे
आवश्यक तत्वों में बदलाव होता रहा। अमिताभ के पूरे फ़िल्मी
कैरियर को अगर ४ खण्डों में बांटा जाये तो हर दौर की कुछ अलग
विशेषताएं आपको मिलेंगी। इसपर विस्तृत चर्चा फिर कभी।

गीत सुना जाये जिसे लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और धुन बनाई
राहुल देव बर्मन ने। गायक कलाकार हैं मोहम्मद रफ़ी।



गीत के बोल:

कौन किसी को बांध सका
हाँ, कौन किसी को बाँध सका
सय्याद तो एक दीवाना है
तोड़ के पिंजरा एक न एक दिन
पंछी को उड़ जाना है

कौन किसी को बांध सका
सय्याद तो एक दीवाना है
तोड़ के पिंजरा एक न एक दिन
पंछी को उड़ जाना है

अंगड़ाई ले कर के जागी है नौजवानी
अंगड़ाई ले कर के जागी है नौजवानी
सपने नये हैं और ज़ंजीर है पुरानी
पहरेदार फ़ांके से
बरसो राम धड़ाके से
होशियार भई सब होशियार
रात अंधेरी, रुत बरखा और
ग़ाफ़िल सारा ज़माना है
तोड़ के पिंजरा एक न एक दिन
पंछी को उड़ जाना है

कौन किसी को बांध सका
सय्याद तो एक दीवाना है
तोड़ के पिंजरा एक न एक दिन
पंछी को उड़ जाना है

हो ओ ओ ओ हो ओ हो ओ
खिड़की से रुकता है झोंका कहीं हवा का ?
हिल जायें दीवारें ऐसा करो धमाका
खिड़की से रुकता है झोंका कहीं हवा का ?
हिल जायें दीवारें ऐसा करो धमाका
बोले ढोल ताशे से
बरसो राम धड़ाके से
होशियार भई सब होशियार
देख के भी न, कोई देखे
ऐसा कुछ रंग जमाना है

तोड़ के पिंजरा, एक न एक दिन, पंछी को उड़ जाना है
कौन किसी को बाँध सका, सय्याद तो इक दीवाना है
तोड़ के पिंजरा, एक न एक दिन, पंछी को उड़ जाना है

कह दो शिकारी से फंदा लगा के देखे
कह दो शिकारी से फंदा लगा के देखे
अब जिसमें हिम्मत हो रस्ते में आ के देखे
निकला शेर हाँके से
बरसो राम धड़ाके से
होशियार भई सब होशियार
जाने वाले को जाना है और
सीना तान के जाना है
तोड़ के पिंजरा एक न एक दिन
पंछी को उड़ जाना है

कौन किसी को बांध सका
सय्याद तो एक दीवाना है
तोड़ के पिंजरा एक न एक दिन
पंछी को उड़ जाना है

कौन किसी को बांध सका
सय्याद तो एक दीवाना है
तोड़ के पिंजरा एक न एक दिन
पंछी को उड़ जाना है
................................
Kaun kisi ko bandh saka-Kaalia 1981

Saturday, 18 December 2010

कसमे वादे प्यार वफ़ा सब बातें हैं-उपकार १९६७

बहुत दिन हो गए आपको प्रेरणा और प्रेरणादायक गीतों के
बारे में कुछ बताये हुए। कुछ गीत वे होते हैं जिनसे श्रोता
प्रेरणा लेते हैं। कुछ गीत ऐसे होते हैं जिनसे संगीतकार
प्रेरणा लेते हैं। आज हम ऐसे गीत के बारे में बात करेंगे
जो संगीतकारों के संभावित आदान प्रदान से तैयार हुआ।

एक फिल्म आई थी सन १९६७ में- उपकार जिसका ये गीत-
कसमे वादे प्यार वफ़ा सब बातें हैं बातों का क्या-बहुत ही
लोकप्रिय हुआ था। इस गीत को तमिल भाषा में संगीतकार
इलाया राजा ने भी तैयार किया-Kanavu Kaanum । दोनों
गीत आपके लिए प्रस्तुत हैं। तमिल भाषा मुझे नहीं आती मगर
इतना अंदाजा लगाया जा सकता है की गीत के बोल ज़रूर सत्य
वचन जैसे ही होंगे।

ऐसा समझा जाता है कि दोनों संगीतकार एक दूसरे से प्रेरित
हुए। जैसे भौतिकी में होता है-mutual induction वैसे ही इस
संगीत के असर को हम कह सकते हैं-mutual inspiration।

फिल्म उपकार का गीत परदे पर गा रहे हैं प्रसिद्ध खलनायक
और चरित्र अभिनेता-प्राण । नैराश्य के भावों को उन्होंने
बहुत ही उम्दा ढंग से प्रदर्शित किया है। गीत इन्दीवर की
कलम से निकला है। इस गीत के लिए सन १९६८ में गायक
मन्ना डे को सर्वश्रेष्ठ गायक का राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिया गया।

फिल्म उपकार का विडियो गीत:



तमिल फिल्म "ningal kedavai(Neengal Kettavai)-1984" का विडियो गीत:
Lyrics:Kaviyarasu Vairamuthu, Music:Ilaiyaraja, Singer-Yesudas



हिंदी गीत के बोल:

कसमे वादे प्यार वफ़ा सब बातें हैं बातों का क्या
कसमे वादे प्यार वफ़ा सब बातें हैं बातों का क्या
कोई किसी का नहीं ये झूठे नाते हैं नातों का क्या

कसमे वादे प्यार वफ़ा सब बातें हैं बातों का क्या

होगा मसीहा आ आ आ
होगा मसीहा सामने तेरे
फिर भी न तू बच पायेगा
तेरा अपना, आ आ आ आ आ
तेर अपना खून ही आखिर
तुझको आग लगायेगा
आसमान में, ऐ ऐ
आसमान मे उड़ने वाले मिट्टी में मिल जायेगा

कसमे वादे प्यार वफ़ा सब, बातें हैं बातों का क्या

सुख में तेरे, ऐ ऐ ऐ
सुख में तेरे साथ चलेंगे
दुख में सब मुख मोड़ेंगे
दुनिया वाले, ऐ ऐ ऐ ऐ
दुनिया वाले तेरे बनकर
तेरा ही दिल तोड़ेंगे
देते हैं, ऐ ऐ
देते हैं भगवान को धोखा, इनसान को क्या छोड़ेंगे

कसमे वादे प्यार वफ़ा सब, बातें हैं बातों का क्या
..........................................
Kasme Vaade Pyar Wafa Sab Batein Hain-Upkar 1967

Tuesday, 7 December 2010

गम छोड़ के मनाओ रंगरेली -गुमनाम १९६५

फिल्म गुमनाम से एक गीत पेश है जो कि समुद्र किनारे
फिल्माया गया है और ढेर सारे कलाकारों को आप इस गीत
में देखेंगे उनमे से एक हैं हेलन जो कि परदे पर इस गीत को
गा रही हैं। जिस प्रोडक्ट का वर्णन पिछली पोस्ट में किया गया
था वो इधर उपलब्ध नहीं है मगर ये शोर्ट ड्रेस वाला एक सोबर
गीत है जिसे आप देख कर आनंदित होंगे।

फिल्म का नाम ही बस गुमनाम है। ये अपने समय की एक
प्रसिद्ध होरर फिल्म थी । बहु सितारा फिल्म के इस गीत में
आपको नंदा, प्राण और मदन पुरी दिखाई देंगे हेलन के अलावा।

गीत में बैगपाइपर नाम के वाद्य का इस्तेमाल किया गया है।
गीत लिखा है हसरत जयपुरी ने और धुन बनाई है शंकर जयकिशन
ने। गायिका की आवाज़ आप पहचानते ही होंगे।



गीत के बोल:

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली

जीना उसका जीना है जो हँसते गाते जी ले
जुल्फों की घनघोर घटा में नैन के सागर पी ले
जीना उसका जीना है जो हँसते गाते जी ले
जुल्फों की घनघोर घटा में नैन के सागर पी ले

जो करना है आज ही कर लो कल को किसने देखा
आई है रंगीन बहारें ले के दिन रंगीले।

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली

मैं अलबेली चिंगारी हूँ नाचूं और लहराओं
दामन दामन फूल खिलाऊँ और खुशियाँ बरसाऊँ
मैं अलबेली चिंगारी हूँ नाचूं और लहराओं
दामन दामन फूल खिलाऊँ और खुशियाँ बरसाऊँ


दुनियावालों तुम क्या जानो जीने की ये बातें
आओ मेरे नज़दीक तो मैं ये बातें समझाऊँ

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली

जो भी होगा हम देखेंगे गम से क्यूँ घबराएँ
इस दुनिया के बाग़ में लाखों पंछी आये जाएँ
जो भी होगा हम देखेंगे गम से क्यूँ घबराएँ
इस दुनिया के बाग़ में लाखों पंछी आये जाएँ

ऐश के बन्दों ऐश करो तुम छोडो ये ख़ामोशी
लोग हुए हैं जिंदादिल हैं जो चाहे कर जाएँ

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
....................................................................
Gham Chhod Ke Manao Rangreli-Gumnaam 1965
 
 
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