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Saturday, 22 January 2011

मोहे लागी रे-सुहाग रात १९६८

शुरू के ४-५ सेकंड तक ये गीत वी. शांताराम के स्कूल की उपज लगता है
उसके बाद थोड़ी देर के लिए शुद्ध बम्बैया फ़िल्मी हो जाता है। ऐसी स्विचिंग
गीत में चलती रहती है। तेज गति के गीत पर नृत्य भी काफी तेज़ वाला है।


गीत फिल्माया गया है राजश्री और जीतेंद्र पर। इन्दीवर के लिखे और लता
के गाये इस गीत के संगीतकार हैं कल्याणजी आनंदजी । इस फिल्म के गीत
काफी बजे हैं और २-३ गीत अभी भी चलन में हैं जिनको हम आगे सुनेंगे।
फिलहाल इस मोहक नृत्य वाले गीत का आनंद उठाइए।



गीत के बोल:

मोहे लागी रे
मोहे लागी रे लागी रे लागी
जुल्मी उमरिया संवरिया
हाय हाय
सवारिय मैं गिर गिर जाऊं
सवारिय मैं गिर गिर जाऊं

मोहे रोको रे
मोहे रोको रे रोको रे रोको
हो गई बावरिया सांवरिया
ऊई
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं

लागे जबसे ये नैन
गया जियरा का चैन
हाय, तबसे ये नैना ना लागे
लागे जबसे ये नैन
गया जियरा का चैन
हाय, तबसे ये नैना ना लागे
बहकी बहकी है चाल
है अभी से ये हाल
जाने क्या होगा क्या होगा आगे
जाने क्या होगा क्या होगा आगे

मो पे डारो ना
मो पे डारो ना डारो ना डारो
ऐसी नजरिया सांवरिया
हाय
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं

देखो आई बाहर
उसपे तेरा ये प्यार
कैसे अपने जिया को सम्भालूँ
देखो आई बाहर
उसपे तेरा ये प्यार
कैसे अपने जिया को सम्भालूँ

माना लाखों में एक
पर तू ऐसे ना देख
ठहरो आँचल में नैना छुपा लूं
ठहरो आँचल में नैना छुपा लूं
हाय देखे रे
हाय देखे रे देखे रे देखे
सारी नगरिया सांवरिया
दिया
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं

तेरा मेरा ये मेल
कई सदियों का खेल
तू है काया तो मैं तेरी छाया
तेरा मेरा ये मेल
कई सदियों का खेल
तू है काया तो मैं तेरी छाया

ओ बहारों के फूल मुझको जाना ना भूल
चली आऊंगी जब भी बुलाया
मैं तो प्यासी रे
मैं तो प्यासी रे प्यासी रे प्यासी
प्रीत की बदरिया सांवरिया

सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं

मोहे लागी रे लागी रे लागी
जुल्मी उमरिया संवरिया
हा हा हा
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं
सांवरिया मैं गिर गिर जाऊं
......................................
Mohe laagi re laagi re-Suhag Raat 1968

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