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Saturday, 6 August 2011

चाकू चले तेरे लिए बाजारों में-ज़लज़ला १९८८

पुरानी ज़लज़ला से गीत सुन लिया आपने, अब नए ज़लज़ले से मिलवाते
हैं आपको। बहुसितारा और बिलकुल फ्लॉप फिल्म से एक युगल गीत पेश
है किशोर कुमार और कविता कृष्णमूर्ती की आवाजों में।

इस गीत में आपको राजीव कपूर और विजयेता पंडित। तलवार भांजने वाले
चरित्र अभिनेताओं के नाम हैं-पिंचू कपूर और बीरबल। कुछ कोमेडी कुछ
तोड़ी मरोड़ी के मिश्रण वाला ये गीत पचास टका आनंद देता है और पचास
टका बोरियत। गीत इन्दीवर का लिखा हुआ है और धुन है आर डी बर्मन की ।
इन्दीवर की कलम की धार इस गीत में भी बरकरार है-मुलाहिजा फरमाएं
गीत के पहले और दूसरे अंतरे में कविता की आवाज़ वाले हिस्सों पर।





गीत के बोल:

अरे चाकू चले तेरे लिए बाज़ारों में
जंग छिड़े तेरे लिए दो यारों में

तूफ़ान तेरी जवानी
हुस्न है वो बाला
अरे दिलवालों की दुनिया में
आया है है है ज़लज़ला , ज़लज़ला

हो, चाकू चले मेरे लिए बाज़ारों में
जंग छिड़े मेरे लिए दो यारों में
बदकिस्मत इश्क का ये चल निकला सिलसिला
अरे दिलवालों की दुनिया में
आया है है है ज़लज़ला , ज़लज़ला

दुनिया के तीरों से
चलती शमशीरों से
तुझको बचा के मैं लाया
मेरा जिगर देख
दिल देख मेरा तू
कबसे ये दिल तुझपे आया

हो, दुनिया से मुझको बचा लाया
लेकिन मुझे कौन तुझसे कौन बचाएगा
तूने जो कर दी कोई मेहरबानी
जवानी पे दाग लग जायेगा
घर कैसे जाऊंगी
मैं तो मर जाऊंगी
अरे घरवालों की दुनिया में
आएगा आ आ ज़लज़ला, ज़लज़ला

हो, होंठों को बालों को
कानों को गालों को
दूर से देखा करूंगा
प्यार का परमिट मिलेगा ना जब तक
तब तक ना तुझको छुऊँगा
हो मैं भी हसीं
और तू भी जवान जानी
बज जाये कब तेरी घंटी
मुझको छुएगा ना छेड़ेगा तू
इसकी भी क्या है गारंटी
पहले मैं नाम जोडूंगा
फिर इतना प्यार करूंगा
अरे दुनिया की आबादी में
आएगा गा गा ज़लज़ला, ज़लज़ला

अरे चाकू चले मेरे लिए बाज़ारों में
जंग छिड़े मेरे लिए दो यारों में

अरे तूफ़ान तेरी जवानी
हुस्न है वो बाला
अरे दिलवालों की दुनिया में
आया है है है ज़लज़ला , ज़लज़ला
ज़लज़ला , ज़लज़ला
........................................
Are chaku chale tere liye-Zalzala 1988

Thursday, 21 July 2011

रात छोटी बात बड़ी-संजय १९९५

सन १९९५ में जो मधुर गीत बने उनमें से एक है फिल्म संजय से.
श्याम सुरेन्द्र के संगीत निर्देशन वाले इस गीत को लिखा है अनवर
सागर ने और गाया है उदित नारायण, कविता कृष्णामूर्ति ने. ये
फिल्म का सबसे चर्चित गीत भी है. ९० के दशक में कविता की
आवाज़ परिपक्व हो चली और निखर भी गयी. उदित नारायण को
भी इस दशक में काफी गीत गाने का मौका मिला.

अनजान सी फिल्म संजय में अयूब खान और साक्षी शिवानंद की
जोड़ी है. ९० के दशक ने संगीत के मामले में कम से कम उत्तर
भारत और दक्षिण भारत को नज़दीक ला दिया . इधर की ध्वनियाँ
उधर सुनाई देने लगीं.



गीत के बोल:

हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ

रात छोटी बात बड़ी
हे, रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

नैन मिले दे और समझा दे
नैन मिले दे और समझा दे
इम्तिहान की है ये घडी

रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

हो, नैन मिले दे और समझा दे
नैन मिले दे और समझा दे
इम्तिहान की है ये घडी

फूल से ज्यादा नरम और
आग से ज्यादा गरम
फूल से ज्यादा नरम और
आग से ज्यादा गरम
दिल अगर जिद पे आ जाये
तोड़ देता है भरम

आज संगम हो जाने दे
आज संगम हो जाने दे
धडकनों में जंग छिड़ी

रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
हाँ, रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

हो, नैन मिले दे और समझा दे
नैन मिले दे और समझा दे
इम्तिहान की है ये घडी

हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ

उस जगह दिल आ पहुंचा है
अपनी मंजिल है जहाँ
उस जगह दिल आ पहुंचा है
अपनी मंजिल है जहाँ
आज आगे बढ़ जायेगा
जिंदगी का कारवां
बेखुदी के इस आलम में
बेखुदी के इस आलम में
सात सुर की लगी झड़ी

रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

हो, नैन मिले दे और समझा दे
नैन मिले दे और समझा दे
इम्तिहान की है ये घडी

रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी
हाँ, रात छोटी बात बड़ी
क्यूँ है मुझसे दूर खड़ी

हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ
.................................
Raat Chhoti baat badi-Sanjay 1995

Sunday, 10 July 2011

हिंदी फ़िल्म में बरसात ६- रिमझिम रिमझिम-१९४२ ऐ लव स्टोरी १९९३

बारिश के मौसम में एक गीत और याद आ गया. सन १९४२ की
फ़िल्मी प्रेम कथा से अगला गीत पेश है.

फ़िल्मी बरसात वाला ये गीत अनिल कपूर और मनीषा कोइराला
पर फ़िल्माया गया है.



गीत के बोल:

रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
चलते हैं, चलते हैं

बजता है जलतरंग टीन की छत पे जब
मोतियों जैसा जल बरसे
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी
जिसके लिए हम तरसे
हो हो हो,
बजता है जलतरंग टीन की छत पे जब
मोतियों जैसा जल बरसे
बूंदों की ये छड़ी लायी है वो घडी
जिसके लिए हम तरसे

हा हा हा रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं


बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ,
सारी दिशायें सोयी हैं
सपनों के गाँव में भीगी सी छाव में
दो आत्माएं खोयी हैं

हो बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ,
सारी दिशायें सोयी हैं

सपनों के गाँव में भीगी सी छाव
में दो आत्माएं खोयी हैं


रिमझिम रिमझिम ,ला ला
रुमझुम रुमझुम , ला ला
भीगी भीगी रुत में ,हा हा
तुम हम हम तुम

हो चलते हैं, चलते हैं


आयी हैं देखने झीलों के आईने,
बालों को खोले घटाएं
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ,
आओ यहीं रह जायें
हो हो हो आयी हैं देखने झीलों के आईने,
बालों को खोले घटाएं
राह है धुंआ धुंआ जायेंगे हम कहाँ,
आओ यहीं रह जायें


रिमझिम रिमझिम,रिमझिम
रुमझुम रुमझुम,रुमझुम
भीगी भीगी रुत में, हे हे
तुम हम हम तुम
हो चलते हैं, चलते हैं

रिमझिम रिमझिम
रिमझिम रिमझिम
रुमझुम रुमझुम
रुमझुम रुमझुम
भीगी भीगी रुत में
भीगी भीगी रुत में
हो चलते है, चलते है
...................................
Rimjhim rimjhim-1942 A Love Story

Friday, 8 July 2011

दिल ने कहा चुपके से-१९४२ ऐ लव स्टोरी १९९३

सामान्य विवरण के साथ अगला गीत सुनिए फिल्म
१९४२ एक प्रेम कथा से.

नायिका: मनीषा कोइराला
गायिका-कविता कृष्णमूर्ति
गीतकार- जावेद अख्तर
संगीतकार- राहुल देव बर्मन



गीत के बोल :

दिल ने कहा चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से

क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
प्यार हुआ चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से
क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन

प्यार हुआ चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से

तितलियों से ये सुना
तितलियों से ये सुना
मैंने किस्सा बाग़ का
बाग़ में थी एक कली
शर्मीली अनछुई
एक दिन, मनचला भंवरा आ गया
खिल उठी वो कली पाया रूप नया
पूछती थी कली के मुझे क्या हुआ
फूल हँसे चुपके से
प्यार हुआ चुपके से

मैंने बादल से कभी
हो, मैंने बादल से कभी
ये कहानी थी सुनी
पर्वतों की एक नदी
मिलने सागर से चली
झूमती घूमती
हो, नाचती डोलती
खो गयी अपने सागर में जा के नदी
देखने प्यार की ऐसी जादूगरी
चाँद खिला चुपके से
प्यार हुआ चुपके से

क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन

प्यार हुआ चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से
क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती गगन
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
.................................
Dil ne kaha chupke se-1942 a love story

Tuesday, 5 July 2011

तेरे बिना ओ मेरे सनम-लक्ष्य १९९४

लक्ष्य नाम से दो फ़िल्में याद हैं। एक तो ये है जिसका गीत आपको
सुनवा रहे हैं आज। दूसरी अभी ६-७ साल पहले आई थी। कुमार सानू
और कविता कृष्णमूर्ति का गाया ये मधुर गीत शायद आपको सुनने
को ना मिला हो। युग बदलने के साथ माधुर्य कहीं गोल ना हो गया हो,
ऐसी शंकाओं को झुठलाता ये गीत यही साबित करता है कि कभी भी
पूरे कुवें में भांग पढ़ी नहीं मिलेगी आपको, थोड़ी कसर बाकी रह ही जाती
है। गीत लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने । फिल्म में रोनित रॉय और
प्रियंका प्रमुख भूमिकाओं में हैं।



गीत के बोल:

तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम

ये दिल जान-ए-जाना
माने नहीं दीवाना, तेरी कसम

तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम

ये दिल जान-ए-जाना
माने नहीं दीवाना, तेरी कसम

तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम

आ जा मैं कब से आँखें लगाये
राहों में बैठी पलकें बिछाए
ऐसा ना होगा कि जो तू पुकारे
और हम ना आयें चाहत के मारे
आये हो जान-ए-जाना तो आ के नहीं जाना
मेरी कसम

तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
हो ओ ओ ओ ओ ओ
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम

अब तो लगी को तू ही बुझाये
लग जा गले से तो चैन आये
ऐसी सिमट जाऊं बाँहों में तेरी
घुल जाएँ साँसें साँसों में तेरी
ज़माने से छुपा लूं मैं दिल में बसा लूं
तुझको सनम

तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम

ये दिल जान-ए-जाना
माने नहीं दीवाना, तेरी कसम

तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम
तेरे बिना ओ मेरे सनम
रह ना सकेंगे हम

...............................
Tere bina o mere sanam-Laqshya 1994

Thursday, 9 December 2010

डोला रे डोला रे-देवदास २००२

पिछले गीत के शब्द 'डोलते ' से एक और गीत दिमाग में
डोल गया है। उसे याद करके कुछ शब्द यहाँ ढोल रहा हूँ।

संजय लीला भंसाली की देवदास। हमें पहले पी सी बरुआ
की देवदास, बिमल रॉय की देवदास ही मालूम थीं। एक और
आ गई। हमने देख भी ली। १९५५ की देवदास के २ गीत और
१९३५ की देवदास का एक गीत आपको सुनवा चुके हैं इस
ब्लॉग पर।

गीत बॉलीवुड के दो दौरों की सुन्दर अभिनेत्रियों पर फिल्माया
गया है और इनमे से एक अभिनेत्री दूसरी की आंटीजी सरीखी
दिखलाई दे रही है। गायन के मामले में भी कुछ ऐसा ही है।
इसे गाया है कविता कृष्णमूर्ति और श्रेया घोषाल ने। श्रेया
का शायद ये तीसरा या चौथा हिंदी फ़िल्मी गीत है। गीत में
एक पुरुष आवाज़ भी है और गायक का नाम है-के. के.।

फिल्म ने एक शब्द को खूब प्रसिद्ध किया-"इश"। ये शब्द
हालाँकि एक दूसरे गीत में है, लेकिन इसका जिक्र करना
ज़रूरी था। नहीं करेंगे तो भैया इस पोस्ट की लम्बाई कैसे
बढेगी। वैसे लम्बी पोस्ट पढता कौन है आजकल इसीलिए
छोटी पोस्ट बनाते हैं।

दूसरे कुछ दिन से बादाम पिस्ता अखरोट खाने को नहीं मिल
रहे हैं इसलिए दिमाग ज्यादा चल नहीं रहा है और सर्दी भी आ
गई है जिससे दिमाग सिकुड़ने लगा है। इतना विवरण ठीक है
या और छापूं ?




गीत के बोल:

अभी याद नहीं आ रहे हैं
शायद कल परसों तक याद आ जाएँ...
__________________________
याद आ गए ये लीजिये.........11 Dec 2010

हे डोला रे डोला रे डोला हे डोला रे
ओ माही
हे डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला
मन डोला रे डोला
हे डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला
मन डोला रे डोला
लग जाने दो नजरिया गिर जाने दो बिजुरिया
लग जाने दो नजरिया गिर जाने दो बिजुरिया
बांध के मैं घुंघरू
पहन के मैं पायल
ओ बांध के मैं घुंघरू
पहन के मैं पायल
ओ झूम के नाचूंगी घूम के नाचूंगी

ओ डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला
ओ डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला

देखो जी देखो देखो कैसी यह जानकर है
इनकी आँखों में देखो पिया जी का प्यार है
इनकी आवाज़ में हो ये कैसे खनकार है
पिया की यादों में ये जिया बेक़रार है
माथे की बिंदिया में वो है
पलकों के निंदिया में वो है
तेरे तो तन मन में है
तेरे भी धड़कन में वो है
चूड़ी की छन छन में वो है
कंगन की खन खन में वो है
चूड़ी की छन छन में वो है
कंगन की खन खन में वो है
बांध के मैं घुंघरू हाँ पहन के मैं पायल
झूम के नाचूंगी घूम के नाचूंगी

डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला
डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला

तुमने मुझको दुनिया दे दी
मुझको अपनी खुशिया दे दी
उनसे कभी ना होना दूर
हाँ मांग में भर लेना सिन्दूर
उनकी बाहों का तुम हो फूल
मैं हूँ क़दमों की बस धूल
बांध के मैं घुंघरू पहन के मैं पायल
बांध के मैं घुंघरू पहन के मैं पायल
झूम के नाचूंगी घूम के नाचूंगी

डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला
डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला
........................................................................................
Dola re dola re dola-Devdas 2002
 
 
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