गोरी बाजरे के खेत में दिखे या चने के खेत में, गोरी ही रहेगी और हमेशा
सुन्दर और प्यार करने लायक दिखाई देगी। हिंदी फिल्मों की फिलासफ़ी
के अनुसार ऐसा कई गीतों में और दृश्यों में अनुभव किया होगा दर्शक ने।
युग परिवर्तन के साथ साथ केवल नायक नायिका की वेश भूषा ही बदली
होगी, मूल भाव जस का तस है।
खेत एक समय(आज भी हैं) भांति भांति के क्रियाकलापों का केंद्र हुआ करते
थे। इसमें कूटनीति की चर्चा, मसाला कुटाई की चर्चा से लगा कर भावनाओं की
कुटाई तक कई मसले हल किये जाते रहे। अब इतने महत्पूर्ण पहलू का दोहन
अगर कवि और गीतकार नहीं करेंगे तो ये तो खेत और खलिहान की उपेक्षा वाली
बात हो जाएगी न।
आपको पिछले वर्ष एक गीत सुनवाया था फिल्म चाचा जिंदाबाद से जिसमें एक
पंक्ति है-बाजरे के खेत में सुरतिया दिखा जा गोरी।
आज आपको चने के खेत पर केंद्रित गीत सुनवा रहे हैं। इसे आप कृषि प्रधान
या पर्यावरण प्रेमी गीत की संज्ञा प्रदान कर सकते हैं। फिल्म का नाम है अंजाम
जिसमें शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित की प्रमुख भूमिकाएं हैं। गीत गाया
है खटिया पटिया गीतों से चर्चा में आई गायिका पूर्णिमा ने। पूर्णिमा ने कई गीत
गाये हैं मगर उनके वे गीत सबसे ज्यादा पसंद किये जाते हैं जिनमें उत्तेजना जगाने
वाला भाव होता है। ये उनकी आवाज़ का ही कमाल है जो सुनने वालों को उनकी
आवाज़ का दीवाना बना देता है, ये पहलू उनकी कई समकालीन गायिकाओं की
आवाज़ से नदारद है।
गीत के बोल:
अठरह बरस की कंवारी कली थी
घूंघट में मुखड़ा छुपा के चली थी
अठरह बरस की कंवारी कली थी
घूंघट में मुखड़ा छुपा के चली थी
फँसी गोरी
फँसी गोरी चने के खेत में
हुई चोरी चने के खेत में
पहले तो जुल्मे ने पकड़ी कलाई
फिर उसने चुपके से ऊँगली दबी
पहले तो जुल्मे ने पकड़ी कलाई
फिर उसने चुपके से ऊँगली दबी
जोरा जोरी
जोरा जोरी चने के खेत में
हुई चोरी चने के खेत में
तू तू तू तू, तू तू तू तू
मेरे आगे पीछे शिकारियों के घेरे
बैठे वहां सारे जवानी के लुटेरे
हाँ, मेरे आगे पीछे शिकारियों के घेरे
बैठे वहां सारे जवानी के लुटेरे
हारी मैं हारी पुकार के
यहाँ वहां देखूं निहार के
यहाँ वहां देखूं निहार के
जोबन पे चुनरी गिरा के चली थी
हाँ, जोबन पे चुनरी गिरा के चली थी
हाथों में कंगना सजा के चली थी
चूड़ी टूटी
चूड़ी टूटी चने के खेत में
जोरा जोरी चने के खेत में
तौबा मेरी तौबा, निगाहें ना मिलाऊँ
ऐसे कैसे सब को कहानी मैं बताऊँ
तौबा मेरी तौबा, निगाहें ना मिलाऊँ
ऐसे कैसे सब को कहानी मैं बताऊँ
क्या क्या हुआ मेरे साथ रे
कोई भी तो आया ना हाथ रे
कोई भी तो आया ना हाथ रे
लहंगे में गोटा जड़ा के चली थी
लहंगे में गोटा जड़ा के चली थी
बालों में गजरा लगा के चली थी
बाली छूटी
बाली छूटी चने के खेत में
ओ जोरा जोरी चने के खेत में
अठरह बरस की कंवारी कली थी
घूंघट में मुखड़ा छुपा के चली थी
फँसी गोरी
फँसी गोरी चने के खेत में
रे हुई चोरी चने के खेत में
पहले तो जुल्मी ने पकड़ी कलाई
फिर उसने चुपके से ऊँगली दबाई
जोरा जोरी
जोरा जोरी चने के खेत में
रे हुई चोरी चने के खेत में
...............................
Chane ke khet mein-Anjaam १९९४
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Tuesday, 25 October 2011
Monday, 12 September 2011
सैयां के साथ मढैया में-ईना मीना डीका १९९४
हर भाषा का अपना अपना आनंद होता है। पानी को पनैया , मढ़िया
को मढैया, इनके साथ सैयां-बलैयां की तुकबंदी हो तो क्या बात है !
इनको दालैयाँ, सबजैयाँ के साथ रोटियाँ, पूड़ैयाँ और पराठैयाँ खाते खाते
सुनें तो और भी आनंद आएगा।
फिल्मों के खटिया-पटिया गीतों को सुनने में भी अलग प्रकार का आनंद
अनुभव में आता है। इन गीतों की धुन आकर्षक बनाई जाती है
ताकि ये लोगों की जुबां पे आसानी से चढ़ जाएँ। आइये सुनें एक
चटैया-मढैया गीत जो फिल्म 'ईना मीना डीका' से लिया गया
है। इसे फिल्माया गया है ऋषि कपूर और जूही चावला पर। ये गीत
काफी लोकप्रिय हुआ था। गायिका पूर्णिमा की आवाज़ का
इस्तेमाल बॉलीवुड के संगीतकारों ने ऐसे खटीया पटिया वाले कई
गीत बनाने में की है। कुमार सानू साथ में गा रहे हैं। समीर के
लिखे बोलों को धुन में बंधा है आनंद मिलिंद ने। आनंद मिलिंद ९०
के दशक में काफी सक्रिय रहे। ध्यान से इस गीत को सुनें तो आप
पाएंगे अनजान पुत्र समीर की साहित्यिक बुनियाद काफी मजबूत है।
गीत के बोल:
सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजिया में
सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
कलैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
ऐ, सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
मुश्किल से मौका मेरे हाथ आये,
हाँ, मुश्किल से मौका मेरे हाथ आये
करके बहाना कहीं दूर जाये
बेदर्दी कब से पड़ा मेरे पीछे
बैयाँ पकड़ के ज़बरदस्ती खींचे
लपक झपक के लड़ैया में
लड़ैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
हाँ, सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
नाज़ुक बड़ी है जवानी की डोरी
नाज़ुक बड़ी है जवानी की डोरी
माने ना कहना करे जोराजोरी
नस नस में मस्ती चढ़े हौले हौले
मौसम सुहाना जिया मोरा डोले
जब जुगनू चमके तलैया में
तलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
कलैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
ऐ,सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये लड़ैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
हाँ, बड़ा मज़ा आये रजैया में
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Saiyan ke saath madhaiya mein-Eena Meena Deeka 1994
को मढैया, इनके साथ सैयां-बलैयां की तुकबंदी हो तो क्या बात है !
इनको दालैयाँ, सबजैयाँ के साथ रोटियाँ, पूड़ैयाँ और पराठैयाँ खाते खाते
सुनें तो और भी आनंद आएगा।
फिल्मों के खटिया-पटिया गीतों को सुनने में भी अलग प्रकार का आनंद
अनुभव में आता है। इन गीतों की धुन आकर्षक बनाई जाती है
ताकि ये लोगों की जुबां पे आसानी से चढ़ जाएँ। आइये सुनें एक
चटैया-मढैया गीत जो फिल्म 'ईना मीना डीका' से लिया गया
है। इसे फिल्माया गया है ऋषि कपूर और जूही चावला पर। ये गीत
काफी लोकप्रिय हुआ था। गायिका पूर्णिमा की आवाज़ का
इस्तेमाल बॉलीवुड के संगीतकारों ने ऐसे खटीया पटिया वाले कई
गीत बनाने में की है। कुमार सानू साथ में गा रहे हैं। समीर के
लिखे बोलों को धुन में बंधा है आनंद मिलिंद ने। आनंद मिलिंद ९०
के दशक में काफी सक्रिय रहे। ध्यान से इस गीत को सुनें तो आप
पाएंगे अनजान पुत्र समीर की साहित्यिक बुनियाद काफी मजबूत है।
गीत के बोल:
सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजिया में
सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
कलैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
ऐ, सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
मुश्किल से मौका मेरे हाथ आये,
हाँ, मुश्किल से मौका मेरे हाथ आये
करके बहाना कहीं दूर जाये
बेदर्दी कब से पड़ा मेरे पीछे
बैयाँ पकड़ के ज़बरदस्ती खींचे
लपक झपक के लड़ैया में
लड़ैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
हाँ, सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
नाज़ुक बड़ी है जवानी की डोरी
नाज़ुक बड़ी है जवानी की डोरी
माने ना कहना करे जोराजोरी
नस नस में मस्ती चढ़े हौले हौले
मौसम सुहाना जिया मोरा डोले
जब जुगनू चमके तलैया में
तलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
कलैया में
टूट गई चूड़ी कलैया में
कलैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
ऐ,सैयां के साथ मढैया में
मढैया में
बड़ा मज़ा आये लड़ैया में
बड़ा मज़ा आये रजैया में
हाँ, बड़ा मज़ा आये रजैया में
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Saiyan ke saath madhaiya mein-Eena Meena Deeka 1994
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Tuesday, 11 January 2011
जब तक रहेगा समोसे में आलू-मिस्टर और मिसेज़ खिलाडी १९९७
आलू, भालू, कचालू की तुकबंदी वाला ये गीत अगर आपने अपने
रेडियो पर नहीं सुना तो पडोसी के रेडियो पर अवशय ही एक बार
सुन लिया होगा। जैसा कि हम बतला चुके हैं कि खिलाडी श्रेणी की
फ़िल्में बहुत आयीं बीच में। ऐसी फिल्मों के आने के बाद गीतों की
एक और श्रेणी निर्मित हो गई-खिलाडी हिट्स। प्रस्तुत गीत वैसे
एक हिट गीत माना जाता है, आप या मैं ना मानें तो भी इसकी
सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गीतकार हैं आनंद बक्षी और
संगीत है अन्नू मालिक का। इस तेज़ मसाले(गति) वाले फ़िल्मी
समोसे(गीत) को खाया(गाया) है अभिजीत और पूर्णिमा ने। गीत
चर्चित होता है तो गीत के में तरह तरह कि टिप्पणियां भी सुनने
पढने को मिलती हैं । फिल्म के सेहतमंद निर्देशक डेविड धवन को
ये गीत इतना पसंद आया कि उन्होंने फिल्म कि नायिका का नाम
ही शालू रख दिया। कोई इस गीत को outrageous(अपमानजनक,
अत्याचारी, चौंकाने वाला) कहता है तो कोई इसे funny कहता है।
आप जो चाहे इसे कह सकते हैं।
गीत के बोल:
जब तक रहेगा समोसे में आलू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
हाय चटनी बिना लागे समोसा फीका
चटनी भी आएगी कर ले भरोसा
हाय चटनी बिना लागे समोसा फीका
चटनी भी आएगी कर ले भरोसा
मैं तेरी इडली हूँ तू मेरा डोसा
हो जाए फिर गरम एक बोसा
ना ना अरे ना ना अरे ना ना अरे ना ना
हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
तेरे लिए की है सबसे लड़ाई
क्या देखता है पकड़ ले कलाई
तेरे लिए की है सबसे लड़ाई
तो क्या देखता है पकड़ ले कलाई
रे मेरी मोहब्बत तुझे खींच लायी
मेरे बाप का तू गया बन जमाई
ना ना अरे ना ना अरे ना ना अरे ना ना
हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
.........................................
Jab tak rahega samose mein aaloo-Mr. & Mrs. Khiladi 1997
रेडियो पर नहीं सुना तो पडोसी के रेडियो पर अवशय ही एक बार
सुन लिया होगा। जैसा कि हम बतला चुके हैं कि खिलाडी श्रेणी की
फ़िल्में बहुत आयीं बीच में। ऐसी फिल्मों के आने के बाद गीतों की
एक और श्रेणी निर्मित हो गई-खिलाडी हिट्स। प्रस्तुत गीत वैसे
एक हिट गीत माना जाता है, आप या मैं ना मानें तो भी इसकी
सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गीतकार हैं आनंद बक्षी और
संगीत है अन्नू मालिक का। इस तेज़ मसाले(गति) वाले फ़िल्मी
समोसे(गीत) को खाया(गाया) है अभिजीत और पूर्णिमा ने। गीत
चर्चित होता है तो गीत के में तरह तरह कि टिप्पणियां भी सुनने
पढने को मिलती हैं । फिल्म के सेहतमंद निर्देशक डेविड धवन को
ये गीत इतना पसंद आया कि उन्होंने फिल्म कि नायिका का नाम
ही शालू रख दिया। कोई इस गीत को outrageous(अपमानजनक,
अत्याचारी, चौंकाने वाला) कहता है तो कोई इसे funny कहता है।
आप जो चाहे इसे कह सकते हैं।
गीत के बोल:
जब तक रहेगा समोसे में आलू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
हाय चटनी बिना लागे समोसा फीका
चटनी भी आएगी कर ले भरोसा
हाय चटनी बिना लागे समोसा फीका
चटनी भी आएगी कर ले भरोसा
मैं तेरी इडली हूँ तू मेरा डोसा
हो जाए फिर गरम एक बोसा
ना ना अरे ना ना अरे ना ना अरे ना ना
हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
तेरे लिए की है सबसे लड़ाई
क्या देखता है पकड़ ले कलाई
तेरे लिए की है सबसे लड़ाई
तो क्या देखता है पकड़ ले कलाई
रे मेरी मोहब्बत तुझे खींच लायी
मेरे बाप का तू गया बन जमाई
ना ना अरे ना ना अरे ना ना अरे ना ना
हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ हाँ अरे हाँ
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
तेरा रहूँगा ओ मेरी शालू
जब तक रहेगा समोसे में आलू
चिपकी रहेगी तुझसे ये शालू
.........................................
Jab tak rahega samose mein aaloo-Mr. & Mrs. Khiladi 1997
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