राज किरण के नाम से एक गीत याद आ गया।
मधुर गीत है ये और इसे गाया है स्वयं संगीत
निर्देशक ने।
कम बजट वाली फिल्मों में से एक मनोकामना
सन १९७९ की फिल्म है। कल्पना अय्यर से मुखातिब
राज किरण समुद्र किनारे खड़े हुए ये गीत गा रहे हैं।
इस गीत को संगीत प्रेमी अच्छे रोमांटिक गीतों
में गिन लेते हैं। मैंने अच्छे(तथाकथित) संगीत प्रेमी
शब्द प्रयोग नहीं किया है ! कल्पना आयर को आपने
खलनायिका या डांसर की भूमिका में ही देखा होगा।
इसमें उन्हें नायिका की भूमिका में देख के आश्चर्य
तो नहीं हो रहा आपको ? छरहरी काया और तीखे
नाक नक्श वाली कल्पना की बतौर नायिका पारी लम्बी
नहीं खिंची। इन्दीवर के लिखे गीत को स्वरबद्ध किया
और गाया है बप्पी लहरी ने ।
गीत के बोल:
प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए
तुम्हारा प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए
मुझको हर घडी दीदार चाहिए
तुम्हारा प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए
रूप रंग पर सदियों से मरता आया
सदियों से ये ज़माना
मैं मन की सुन्दरता देखूं
प्यार का मैं दीवाना
तुम्हारा प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए
तूफ़ान में बाँहों की पतवार चाहिए
तुम्हारा प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए
मेरे सिवा तुम और किसी को
दिल में ना आने दोगी
फूलों की तो बात ही क्या है
काँटों के साथ चलोगी
तुम्हारा प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए
दिन रात वफ़ा का इकरार चाहिए
तुम्हारा प्यार चाहिए मुझे जीने के लिए
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Saturday, 4 December 2010
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