हिंदी फिल्मों में अचंभित करने वाली पोशाकें अक्सर हेलन ने
ही पहनी हैं। आज की अभिनेत्रियाँ कितना भी पतले वस्त्रों में
सज संवर लें मगर वे सब पुराने दौर की हेलन की बराबरी नहीं
कर सकती। हेलन ने बहुत ही सहजता और गरिमा के साथ इन
गीतों को प्रस्तुत किया जो आम नायिकाओं के बस के बाहर पहले
भी था और अब भी है। या तो नायिकाएं सहज होने का प्रयत्न
करने लगतीं या फिर नृत्य करने का। दोनों काम एक साथ
बमुश्किल किसी किसी नायिका से हो पाते। दरअसल चपलता
और सहजता ये दोनों गुण एक साथ बहुत ही कम देखे जाते
हैं। ऐसे ही मामले में हम लोग विलक्षण शब्द का प्रयोग
करते हैं।
ओ पी रल्हन के निर्देशन में बनी तलाश में एक हेलन का पर
फिल्माया और आशा का गाया गीत है जो उस ज़माने के हिसाब
से काफी आगे था और ये कर्णप्रिय भी है। गीत के बोल लिखे हैं
मजरूह सुल्तानपुरी ने और धुन बनाई है एस डी बर्मन ने। संभव
है इस गीत में एस डी के पुत्र पंचम का भी कुछ योगदान हो, क्यूंकि
वे लम्बे समय अपने पिता के सहायक रहे। पिछले गीत में आपने
खरगोश की पूँछ देखी थी इस गीत में तो ऐसा लगता है मानो कोई
नारंगी रंग का बड़ा सा पक्षी नायिका के सर पर बिठा रखा हो। अब
आप ही बताइए ऐसी विचित्र स्तिथियों में डांस करना क्या बच्चों
का खेल है ? गौर फरमाएं इस गीत को देख कर किसी दर्शक को
लास वेगास और पैरिस की याद आ रही है। संभव है कि निर्देशक
ने किसी विलायती फिल्म में किसी क्लब डांसर का कॉसट्यूम
देख कर हूबहू हिंदी फिल्म की नायिका को पहना दिया हो।
गीत में सभी कुछ लाजवाब है-बोल, संगीत , गायकी, नृत्य
और प्रस्तुतीकरण।
गीत के बोल:
हा हा हा हा हा हा हा हा
हा हा हा हा
हं हं हं हं हं हं हं हं हं हं
हं हं हं हं
हाय हैंडसम
यहाँ बैठ सकती हूँ ?
माफ़ कीजियेगा
हाय प्रिंस
अकेले हो
शाद्दी नहीं की
प्यार भी नहीं
आ हा हा हा हा हा
इन्होने अभी तक प्यार भी नहीं किया
ऊं हूँ हूँ हूँ
कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही
पर चोरी से कोई देखे ना कहीं
कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही
ऐ,पर चोरी से कोई देखे ना कहीं
अरे पगले, नज़र मिला, जहाँ मिले तुझे कोई हसीं
कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही
पर चोरी से कोई देखे ना कहीं
कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही
ऐ ऐ ऐ ऐ ऐ
पर चोरी से कोई देखे ना कहीं
आ मैं तुझे बतला दूँ ये प्यार का रस्ता चलना
आ मैं तुझे बतला दूँ ये प्यार का रस्ता चलना
रंगीन होंठ किसी के छू कर बिन शोलों के जलना
रंगीन होंठ किसी के छू कर बिन शोलों के जलना
आँख में आँखें डाल के कुछ ना कहना और मचलना
अरे हा, अरे हा, हा, हा रे
आ के सम्भाले कोई तो फिर ना सम्भलना
अरे पगले, नज़र मिला, जहाँ मिले तुझे कोई हसीं
कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही
ऐ,पर चोरी से कोई देखे ना कहीं
आज ही अपने दिल में रख ले तू कोई हसीना
आज ही अपने दिल में रख ले तू कोई हसीना
फिर झूम के ज़ुल्फ़ों के साये में रोज़ नज़र से पीना
फिर झूम के ज़ुल्फ़ों के साये में रोज़ नज़र से पीना
सीख ले मरना आज किसी पे ले के धड़कता सीना
अरे हा, अरे हा, हा, हा रे
मरना ना सीखा तूने तो फिर क्या जीना
अरे पगले, नज़र मिला, जहाँ मिले तुझे कोई हसीं
कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही
ऐ,पर चोरी से कोई देखे ना कहीं
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Kar Le Pyar Kar Le Ke Din Hain Yahi-Talaash 1969
Tuesday, 14 December 2010
कर ले प्यार कर ले के दिन हैं यही -तलाश १९६९
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