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Monday, 25 July 2011

कल मैने खुली आँख से इक-जीना मरना तेरे संग १९९२

गीत क्यूँ सुने जाते हैं ? ये विचार कई बार दिमाग में कौंधता है.
इसका जवाब सही सटीक अभी तक नहीं मिल पाया, हाँ, कारण बहुत
से आपको गिनवा दिए जायेंगे. शायद सामान्य बोलचाल से हट कर जो
कुछ होता है उसकी तरफ दिमाग आकर्षित होता है. सामान्य से हटकर
शोरगुल भी होता है जिसकी तरफ न चाहते हुए भी ध्यान चला जाता है.

गीत मनोरंजन का जरिया तो हैं ही. आइये इसी बात पर एक गीत सुन
लिया जाए फिल्म जीना मरना तेरे संग से जिसमें खुली आँख सीक सपना
देखा जा रहा है. सपना लिखा है समीर ने और उसमें ध्वनियों के बल दिए
हैं अभिजीत और अनुराधा पौडवाल ने संगीतकार दिलीप सेन समीर सेन के
निर्देशन पर.





कल मैने खुली आँख से इक सपना देखा
भोला प्यारा चाँद सा एक मुखड़ा देखा
है वो लाखों में एक हसीना दिल मेरा जिसने है छीना
कहते हैं सब उसको प्यार से आशा
आशा आई लव यू

मैने भी इक प्यारा प्यारा सपना देखा
पर सपने में अलबेला एक लड़का देखा
जादू किया है उसने दिल छीन लिया है उसने
कहते हैं सब उसको प्यार से जानम
जानम आई लव यू

इस दिल की तुम धड़कन हो धड़कन में छुपा प्यार हो
इक अरमान हो मेरे दिल की आस हो मेरी साँसों की झंकार हो
इस दिल की तुम चाहत हो चाहत में छुपा राज़ हो
सरगम हो तुम मेरी इक नगमा हो तुम मेरे दिल की आवाज़ हो
जानम आई लव यू

प्यारा समां ये दिल है जवां आज चुप हैं ज़मीं आसमां
नज़रें जो मिलीं ये कलियां खिलीं बन गई इक नई दास्तां
हो, ये मस्तियां यारा ये शोखियां मुझे लगने लगी हैं
अब तुम जो मिले मुझे ऐसा लगा जैसे बहार आ गई
आशा आई लव यू
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Kal maine khuli ankh se-Jeena marna tere sang 1992

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