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Thursday, 14 July 2011

सुनो तो मेरी आशा-संतान १९९३

आपको फिल्म संतान का एक गीत जुबां जुबां पे होगी सुनवाया था. अब
सुनिए उसी फिल्म से एक और युगल गीत. पिछले गीत के गायक थे
कुमार सानू और इस गीत के गायक हैं अभिजीत. पार्टी में गीत गा कर
हीरो हीरोइन को फुसला रहा है. दीपक तिजोरी और नीलम मुख्य कलाकार
हैं इस गीत में. गीत समीर ने लिखा है और धुन बनाई है आनंद मिलिंद ने.
गीत में गायिका भी दूसरी है और इनका नाम है-साधना सरगम .

गीत में द्रश्यावली बहुत सुन्दर है और विडियो बहुत स्पष्ट है इस गीत का.
फिल्म उत्तर भारतीय है मगर इस गीत में नृत्य दक्षिण भारत की फिल्मों
वाले अंदाज़ में हो रहा है. फिल्म के दर्शक मुफ्त में दुनिया की सैर ऐसे ही
गीतों के माध्यम से करते हैं.





गीत के बोल:

आशा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
बताऊँ क्या समझ लो
निगाहों वाली भाषा

सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
बताऊँ क्या समझ लो
निगाहों वाली भाषा

सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा

ऑंखें तेरी मेरी जान जादू भरी
तू तो लगे है मुझे कोई परी
हो, ऑंखें तेरी मेरी जान जादू भरी
तू तो लगे है मुझे कोई परी

बातें तेरी जानेमन अच्छी लगे
तेरी कसम ये मुझे सच्ची लगे
यूँ रहो न गम आओ पास तुम
चोरी से काजल चुरा लूं
मेरे हमनशीं आरजू है यही
तुमको आँचल मैं बना लूं
अब तो कहीं चैन नहीं ज़रा सा

सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
बताऊँ क्या समझ लो
निगाहों वाली भाषा

सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा

तौबा मेरी क्या करून छेड़े हवा
ऐसे में न हो कहीं कोई खता
हो, तौबा मेरी क्या करून छेड़े हवा
ऐसे में न हो कहीं कोई खता
देखी नहीं मैंने तो ऐसी अदा
छाने लगा बिन पिए कोई नशा
हमको सठिया ऐसे हाल में देखे कहीं न ज़माना
बेकरार दिल मानता नहीं छोडो करो न बहाना
आओ यहाँ दे दूं तुम्हें दिलासा

सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा
बताऊँ क्या समझ लो
निगाहों वाली भाषा

सुनो तो मेरी आशा
कहे क्या दिल प्यासा

.......................................
Suno to meri Asha-Santaan 1993

Saturday, 4 June 2011

साजना मैं सदा तेरे साथ हूँ-जवानी १९८४

लता मंगेशकर ने बहुत सी पीढ़ी की अभिनेत्रियों के लिए गीत गाये
हैं। उनमें से कुछ तो भाग्यशाली हैं कि पदार्पण फिल्म में ही लता के
गीत उनको परदे पर होंठ हिलाने के लिए मिल गये। इस गीत में हालाँकि
आवाज़ अभिनेत्री के लिहाज़ से काफी ज्यादा परिपक्व सुनाई देती है मगर
गीत कि कसावट उस प्रभाव को कम कर देती है। ये गीत ध्वनि प्रभावों की
वजह से मुझे पसंद है। आइये सुनें अभिनेत्री नीलम और अभिनेता करण शाह
पर फिल्माया गया फिल्म जवानी का गीत जो सन १९८४ में रिलीज़ हुई थी।
इस फिल्म के गीत काफी लोकप्रिय हुए थे।

नीलम की उम्र उस समय काफी कम थी और स्कूल के बच्चे वाली ताजगी
उनके चेहरे पर आप देख सकते हैं। एक्टिंग के लिए कम और अपनी लम्बी
गर्दन व केश राशी के लिए पहचानी गयीं नीलम ने बहुत सी फिल्मों में काम
किया मगर वे प्रमुख पंक्ति की अभिनेत्रियों में कभी नहीं शामिल हो पायीं।

इस गीत में उनके चेहरे के भाव नई अभिनेत्री के हिसाब से कहीं बेहतर
हैं और उनकी एक खूबी है-निश्छल मुस्कान जिसके सहारे उन्होंने
काफी लम्बा सफ़र तय कर लिया बोलीवुड में। सरल से बोलों वाले
गीत को लिखा है गुलशन बावरा ने और धुन बनाई है आर डी बर्मन ने।




गीत के बोल:

साजना मैं सदा तेरे साथ हूँ
ये जहाँ हो या वो जहाँ
साजना मैं सदा तेरे साथ हूँ
ये जहाँ हो या वो जहाँ
साजना

आ जा चलें वहां
पहरें ना हो जहाँ
ना हो दुश्मन कोई
आ जा चलें वहां
पहरें ना हो जहाँ
ना हो दुश्मन कोई
ऐसे जहाँ में ही
जा के बसायेंगे
छोटा सा एक आशियाँ

साजना मैं सदा तेरे साथ हूँ
ये जहाँ हो या वो जहाँ
साजना

मेरी निगाहों में
तू ही रहे सदा
मैंने बस ये चाह
मेरी निगाहों में
तू ही रहे सदा
मैंने बस ये चाह
तेरी लगन मुझे
मेरी लगन तुझे
ये लगन यूँ रहे जवान

साजना मैं सदा तेरे साथ हूँ
ये जहाँ हो या वो जहाँ
साजना

तेरे बिना मेरी
मेरे बिना तेरी
ज़िन्दगी है अधूरी
तेरे बिना मेरी
मेरे बिना तेरी
ज़िन्दगी है अधूरी
बाहें हों बाहों में
प्यार की राहों में
चलता चले ये कारवां


साजना मैं सदा तेरे साथ हूँ
ये जहाँ हो या वो जहाँ
साजना मैं सदा तेरे साथ हूँ
ये जहाँ हो या वो जहाँ
साजना
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Saajna main sada tere sath hoon-Jawani 1984
 
 
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