पारस फिल्म से तीसरा गीत पेश है जो कि एक युगल गीत है
मुकेश और लता की आवाजों में। होंठों को फूलों का दर्ज़ा प्रदान
किया है कुछ कवियों ने और गीत रचईताओं ने। पंखुड़ियों से
तुलना सामान्य विशेषण है लेकिन फूल कहना उसके दर्जे को
बढ़ाना है। वही हाल है जब नायिका आँखों के दो तारों की बात
करती है। गीतकार ने दोनों के लिए एक स्टार से विशेषण का
इस्तेमाल किया हैं। संतुलन ऐसे ही बनाया जाता है ।
प्यार अँधा होता है और बहरा होता है ये साबित करने के कुछ
प्रतीकों की ज़रुरत पढ़ती है कभी कभी। प्यार में हरी घास भी
पालक पनीर नज़र आने लग जाती है। ये वो खुश-खुमारी है
जिसके आगे अच्छे अच्छे पानी भर लेते हैं। प्यार में लॉजिक
इत्यादि नहीं चला करते हैं। इस मामले में अक्सर भैंस का
आकार अकल से बड़ा ही मालूम पढता है।
गीत कि धुन इमानदारी से कहूं तो- आकर्षक है और ये आनंदित
करने वाला गीत है। गीत का फिल्मांकन भी उम्दा किस्म का है।
इसके अलावा इस गीत में सभी elements मौजूद हैं फ़िल्मी
गीत के, नायक नायिका ने स्नान भी कर लिया है गीत में।
कल्याणजी आनंदजी भाई ने देसी ख़ुशबू वाले संगीत के सहारे
अपनी गाडी इतनी दूर तक दौडाई कि अति शास्त्रीयता की खुमारी
से ग्रसित संगीतकार भी दांतों तले ऊँगली दबाते नज़र आये।
गीत के बोल:
तेरे होंठों के दो फूल प्यारे-प्यारे
तेरे होंठों के दो फूल प्यारे-प्यारे
मेरे प्यार की बहारों के नज़ारे
अब मुझे चमन से क्या लेना, क्या लेना
तेरी आँखों के दो तारे प्यारे-प्यारे
मेरी रातों के चमकते सितारे
अब मुझे गगन से क्या लेना, क्या लेना
तेरे होंठों के दो फूल प्यारे-प्यारे
तेरी काया कंचन-कंचन किरणों का है जिसमें बसेरा
तेरी साँसें महकी-महकी तेरी ज़ुल्फ़ों में ख़ुशबू का डेरा
तेरा महके अंग-अंग जैसे सोने में सुगंध
मुझे चंदन-वन से क्या लेना, क्या लेना
तेरी आँखों के दो तारे प्यारे-प्यारे
मेरी रातों के चमकते सितारे
मैने देखा जबसे तुझको मेरे सपने हुए सिंदूरी
तुझे पा के मेरे जीवन-धन हर कमी हुई मेरी पूरी
पिया एक तेरा प्यार मेरे सोलह सिंगार
मुझे अब दर्पण से क्या लेना, क्या लेना
तेरे होंठों के दो फूल प्यारे-प्यारे
मेरे प्यार की बहारों के नज़ारे
तेरा मुखड़ा दमके-चमके जैसे सागर पे चमके सवेरा
तेरी बाँहें प्यार के झूले तेरी बाँहों में झूले मन मेरा
तेरी मीठी हर बात
तेरी मीठी हर बात
रस की है बरसात
हमें अब सावन से क्या लेना, क्या लेना
तेरे होंठों के दो फूल प्यारे-प्यारे
तेरी आँखों के दो तारे प्यारे-प्यारे
अब मुझे चमन से क्या लेना, क्या लेना
अब मुझे गगन से क्या लेना, क्या लेना
हमें क्या लेना, क्या लेना
हमें क्या लेना, क्या लेना
.................................
Tere honthon ke do phool-Paaras 1971
Showing posts with label Paaras. Show all posts
Showing posts with label Paaras. Show all posts
Saturday, 25 June 2011
सजना के सामने मैं तो रहूंगी-पारस १९७१
यकायक, अचानक, तुरंत फुरंत जब कोई गीत याद आता है
है तो उसे सुनवाने कि इच्छा हो ही जाती है। अभिनेत्री राखी
को आपने अधिकांश चलचित्रों में भारतीय नारी की पोषाक
और वेश भूषा में ही देखा होगा। आज आपको एक ऐसा गीत
सुनवाते हैं जिसमें वे विलायती बाला जैसी नज़र आती हैं।
इन्दीवर के लिखे गीत को गा रही हैं आशा भोंसले और गीत
की तर्ज़ बनाई है कल्याणजी आनंदजी ने।
गीत के बोल :
सजना के सामने मैं तो रहूंगी चुप, चुप
आ हा, सजना के सामने मैं तो रहूंगी चुप
बोल उठी अँखियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
बोल उठी अँखियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
अंखियों में छ गया नशा भीगा भीगा
अंखियों में छ गया नशा भीगा भीगा
जान गई सखियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
जान गई !
ओ रातों को, रातों को ?
आ हा रातों को
रातों को उड़ उड़ के कहती है निंदिया
ऐ री लागेगी कब मेरे माथे पे बिंदिया
मन की अभी तक मन में छुपी है
फ़ैल गई, फ़ैल गई बतियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
सजना के
सजना के सामने मैं तो रहूंगी चुप, चुप
हो ओ ऐसी लगी
कैसी लगी ?
हा हा ऐसी लगी
ऐसी लगी आग मेरे सीने में प्रीत की
हाय याद आये घडी घडी अनदेखे मीत की
दिन तो गुज़रूंगी कर कर के बतियाँ
गुजरी ना
गुजरी ना रतियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
क्या होगा ?
सजना के सामने मैं तो रहूंगी चुप, चुप
हा चोरी चोरी
चोरी चोरी ?
आ हा चोरी चोरी
चोरी चोरी सपने में आता है कोई
फिर उसके ख्यालों में रहूँ खोयी खोयी
बान के दीवानी लिख दी जो मैंने
पकड़ी गई
पकड़ी गई पतियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
सजना के
सजना के सामने मैं तो रहूंगी चुप, चुप
आ हा सजना के सामने मैं तो रहूंगी चुप
बोल उठी अँखियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
बोल उठी अँखियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
बोल उठी अँखियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
...............................
Sajna ke samne main to rahoongi-Paaras 1971
है तो उसे सुनवाने कि इच्छा हो ही जाती है। अभिनेत्री राखी
को आपने अधिकांश चलचित्रों में भारतीय नारी की पोषाक
और वेश भूषा में ही देखा होगा। आज आपको एक ऐसा गीत
सुनवाते हैं जिसमें वे विलायती बाला जैसी नज़र आती हैं।
इन्दीवर के लिखे गीत को गा रही हैं आशा भोंसले और गीत
की तर्ज़ बनाई है कल्याणजी आनंदजी ने।
गीत के बोल :
सजना के सामने मैं तो रहूंगी चुप, चुप
आ हा, सजना के सामने मैं तो रहूंगी चुप
बोल उठी अँखियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
बोल उठी अँखियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
अंखियों में छ गया नशा भीगा भीगा
अंखियों में छ गया नशा भीगा भीगा
जान गई सखियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
जान गई !
ओ रातों को, रातों को ?
आ हा रातों को
रातों को उड़ उड़ के कहती है निंदिया
ऐ री लागेगी कब मेरे माथे पे बिंदिया
मन की अभी तक मन में छुपी है
फ़ैल गई, फ़ैल गई बतियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
सजना के
सजना के सामने मैं तो रहूंगी चुप, चुप
हो ओ ऐसी लगी
कैसी लगी ?
हा हा ऐसी लगी
ऐसी लगी आग मेरे सीने में प्रीत की
हाय याद आये घडी घडी अनदेखे मीत की
दिन तो गुज़रूंगी कर कर के बतियाँ
गुजरी ना
गुजरी ना रतियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
क्या होगा ?
सजना के सामने मैं तो रहूंगी चुप, चुप
हा चोरी चोरी
चोरी चोरी ?
आ हा चोरी चोरी
चोरी चोरी सपने में आता है कोई
फिर उसके ख्यालों में रहूँ खोयी खोयी
बान के दीवानी लिख दी जो मैंने
पकड़ी गई
पकड़ी गई पतियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
सजना के
सजना के सामने मैं तो रहूंगी चुप, चुप
आ हा सजना के सामने मैं तो रहूंगी चुप
बोल उठी अँखियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
बोल उठी अँखियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
बोल उठी अँखियाँ तो क्या होगा
हाय हाय क्या होगा
...............................
Sajna ke samne main to rahoongi-Paaras 1971
Labels:
1971,
Asha Bhosle,
Indeewar,
Kalyanji Anandji,
Paaras,
Rakhi,
Sanjeev Kumar
Tuesday, 23 November 2010
मन मेरा तुझको माँगे -पारस १९७१
बिना विवरण के गीत सुन लीजिये एक फिल्म पारस(१९७१) से।
यह गायिका सुमन कल्याणपुर का एक लोकप्रिय गीत है।
गायिका : सुमन कल्याणपुर
गीतकार: इन्दीवर
संगीतकार: कल्याणजी आनंदजी।
गीत के बोल:
मन मेरा तुझको माँगे, दूर दूर तू भागे
मन मेरा तुझको माँगे और दूर दूर तू भागे
मैं ऐसी उलझी सैयाँ
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
ओ हो, ओ हो हो
कहो ये प्रीत कैसी, नयी ये रीत कैसी
के भँवरा कली से लजाये
जवानी जले ऐसे, हज़ारों दिये जैसे
पतंगा न क्यूँ पास आये
जलती रही दिल में, मैं पाई तेरी छैयाँ
मैं ऐसी उलझी सैयाँ
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
मन मेरा तुझको माँगे दूर दूर तू भागे
मैं ऐसी उलझी सैयाँ
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
ओ हो, ओ हो हो
बदल के उजाले हैं तेरे हवाले
सम्भाले बिना कौन तेरे
तू बाँहों में उठा ले
तू सीने में छुपा ले
बहुत ग़म खड़े मुझको घेरे
सहारा लिया तेरा, छुड़ाये तू ही बैयाँ
मैं ऐसी उलझी सैयाँ
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
मन मेरा तुझको माँगे, दूर दूर तू भागे
मैं ऐसी उलझी सैयाँ
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
यह गायिका सुमन कल्याणपुर का एक लोकप्रिय गीत है।
गायिका : सुमन कल्याणपुर
गीतकार: इन्दीवर
संगीतकार: कल्याणजी आनंदजी।
गीत के बोल:
मन मेरा तुझको माँगे, दूर दूर तू भागे
मन मेरा तुझको माँगे और दूर दूर तू भागे
मैं ऐसी उलझी सैयाँ
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
ओ हो, ओ हो हो
कहो ये प्रीत कैसी, नयी ये रीत कैसी
के भँवरा कली से लजाये
जवानी जले ऐसे, हज़ारों दिये जैसे
पतंगा न क्यूँ पास आये
जलती रही दिल में, मैं पाई तेरी छैयाँ
मैं ऐसी उलझी सैयाँ
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
मन मेरा तुझको माँगे दूर दूर तू भागे
मैं ऐसी उलझी सैयाँ
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
ओ हो, ओ हो हो
बदल के उजाले हैं तेरे हवाले
सम्भाले बिना कौन तेरे
तू बाँहों में उठा ले
तू सीने में छुपा ले
बहुत ग़म खड़े मुझको घेरे
सहारा लिया तेरा, छुड़ाये तू ही बैयाँ
मैं ऐसी उलझी सैयाँ
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
मन मेरा तुझको माँगे, दूर दूर तू भागे
मैं ऐसी उलझी सैयाँ
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
तेरा प्यार बना है देखो भूल भुलैया
Labels:
1971,
Indeewar,
Kalyanji Anandji,
Paaras,
Rakhi,
Sanjeev Kumar,
Suman Kalyanpur
Subscribe to:
Posts (Atom)


