दो साल पीछे चलते हैं। आपने सन १९५५ का गीत
सुन लिया है अब आपको "किलासिक सैड सोंग"
सुनवाते हैं। हमारे एक मित्र शंकर जयकिशन के
भक्त हैं जो अक्सर 'किलासिक गीत' सुनवाते हैं हमें
जब भी उनके निवास का दौरा करो। पेशे से वो
मास्टर जो हैं, तो हाथ में गिलास ले कर बच्चों की
किलास भी लेते हैं। उनका मानना है इस गीत को सुनने
से अच्छे अच्छों की ऑंखें साफ़ हो जाती हैं। ऊपर
गिलास से आशय 'पानी के गिलास' से हैं श्रीमान ।
फिल्म आह एक महत्वकांक्षी फिल्म थी जिसके साथ
बॉक्स ऑफिस ने बेरुखी दिखाई जबकि फिल्म में एक
से बढ़कर एक मधुर गीत हैं । फिल्म इतिहास में कई
ऐसी फ़िल्में हैं जो बड़े बड़े नाम और हिट संगीत
होने के बावजूद दर्शकों द्वारा नकार दी गयीं। नर्गिस
और राज कपूर पर फिल्माए गए गीत संगीत प्रेमी
कई वजहों से चाव से देखते हैं । ये गीत हसरत का
लिखा हुआ है और गायक हैं-मुकेश, लता मंगेशकर।
गीत की पंक्ति-'रो रो के गम भी हारा' सुनकर ये यकीन
हो जाता है कि आशा और लता गायकी में भी बहनें हैं।
ऐसे बहुत कम वाकिये हैं जिनमें दोनों बहनों की आवाजों
में अंतर कर पाना मुश्किल हो जाता है।
मैं तो बस गीत के उस लॉन्ग शोट का विशेष रूप से
मुरीद हूँ जिसमे नायिका कहती है "घबराए हाय रे दिल"
और कैमरा घबरा के दूर भाग जाता है। देखिये १.३२
पर विडियो ।
गीत के बोल:
आ जा रे
आ जा रे, अब मेरा दिल पुकारा
रो रो के ग़म भी हारा
बदनाम ना हो प्यार मेरा, आ जा रे
आ जा रे, अब मेरा दिल पुकारा
रो रो के ग़म भी हारा
बदनाम ना हो प्यार मेरा, आ जा रे
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
हं हं हं हं हं हं हं हं हं हं
मौत मेरी तरफ़ आने लगी
जान तेरी तरफ़ जाने लगी
बोल शाम-ए-जुदाई क्या करे
बोल शाम-ए-जुदाई क्या करे
आस मिलने की तड़पाने लगी
आ जा रे, अब मेरा दिल पुकारा
रो रो के ग़म भी हारा
बदनाम ना हो प्यार मेरा, आ जा रे
हो ओ ओ, घबराये हाय ये दिल
हो ओ ओ, घबराये हाय ये दिल
सपनों में आ के कभी मिल
सपनों में आ के कभी मिल
आ जा रे, अब मेरा दिल पुकारा
रो रो के ग़म भी हारा
बदनाम ना हो प्यार मेरा, आ जा रे
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
हं हं हं हं हं हं हं हं हं हं
आपने बीमार-ए-ग़म को देख ले
हो सके तो तू हमको देख ले
तूने देखा ना होगा ये समा
तूने देखा ना होगा ये समा
कैसे जाता है दम को देख ले
आ जा रे, अब मेरा दिल पुकारा
रो रो के ग़म भी हारा
बदनाम ना हो प्यार मेरा, आ जा रे
Thursday, 2 December 2010
आ जा रे अब मेरा दिल पुकारा-आह १९५३
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