आपको एक मधुर और लोकप्रिय गीत सुनवाते हैं फिल्म जंगली से।
इस फिल्म से दूसरा गीत पेश कर रहे हैं ब्लॉग पर। लता मंगेशकर
की आवाज़ में ये गीत फिल्माया गया है सायरा बानो पर। नायिका गीत
के माध्यम से नायक से मोहब्बत कबूल फरमाने की गुज़ारिश कर रही
है। युवा सायरा बानो और युवावस्था की आखिरी सीढ़ी पर खड़े
वाले शम्मी की ये फिल्म जनता द्वारा बेहद पसंद की गई, विशेषकर
इसके गीतों की वजह से। हसरत जयपुरी का लिखा हुआ गीत है और
संगीत शंकर जयकिशन ने तैयार किया है। गीत के अंतरे में लता की
आवाज़ को आप सुरों की ऊंची पट्टी पर पहुँचते पाएंगे। ये केवल एक
दो शब्दों तक ही सीमित है मगर काफी कष्टदायी होता है किसी भी
गायक गायिका के लिए। वैसे भी हिंदी फिल्म संगीतकारों ने लता
मंगेशकर से काफी ऊंची पट्टी वाले गाने गवाए हैं। सलिल चौधरी
साहब उस काम में उस्ताद रहे हैं और उन्होंने एक से बढ़कर एक
सुर खींचने वाले गाने लता को दिए। चलिए गीत सुना जाये, इस मुद्दे
पर चर्चा फिर कभी। गीत थोड़े अलग अंदाज़ में गाया गया है
और आप पाएंगे जैसे खुद सायरा ही ये गीत परदे पर गा रही हों।
गीत के बोल:
एहसान तेरा होगा मुझ पर
दिल चाहता है वो कहने दो, मुझे
तुमसे मुहब्बत हो गई है मुझे
पलकों की छाँव में रहने दो
एहसान तेरा होगा मुझ पर
दिल चाहता है वो कहने दो, मुझे
तुमसे मुहब्बत हो गई है मुझे
पलकों की छाँव में रहने दो
एहसान तेरा होगा मुझ पर
तुमने मुझको हँसना सिखाया
तुमने मुझको हँसना सिखाया
रोने कहोगे रो लेंगे अब
आँसू का हमारे ग़म ना करो
वो बहते तो बहने दो, मुझे
तुमसे मुहब्बत हो गई है मुझे
पलकों की छाँव में रहने दो
एहसान तेरा होगा मुझ पर
चाहे बना दो, चाहे मिटा दो,
चाहे बना दो, चाहे मिटा दो,
मर भी गए तो देंगे दुआएँ
उड़-उड़ के कहेंगी खाक सनम
ये दर्द-ए-मुहब्बत सहने दो, मुझे
तुमसे मुहब्बत हो गई है मुझे
पलकों की छाँव में रहने दो
एहसान तेरा होगा मुझ पर
दिल चाहता है वो कहने दो, मुझे
तुमसे मुहब्बत हो गई है मुझे
पलकों की छाँव में रहने दो
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Ehsan tera hoga mujh par 1-Junglee 1961
Saturday, 18 June 2011
ऐहसान तेरा होगा मुझ पर १ -जंगली १९६१
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