फिल्म नैया का एक गीत आपको सुनवाया था, अब सुनिए इस फिल्म का
सबसे लोकप्रिय गीत. किसी फिल्म के अलोकप्रिय गीत पहले इसलिए सुनवाए
जाते हैं ताकि आपका अनसुने मधुए गीतों से परिचय हो जाए.
प्रस्तुत गीत येसुदास की आवाज़ में एकल गीत है. नाव में चप्पू चलाते हुए
नायक गीत गा रहा है. गीत संगीत दोनों रवींद्र जैन के हैं. इस गीत में नाविक
नायिका को धन्यवाद दे रहा है जिसकी वजह से उसकी टूटी फूटी नाव सज गयी
है. रवींद्र जैन ने येसुदास को पर्याप्त अवसर दिए गाने के उसी तरह बप्पी लहरी
ने भी येसुदास से कई कर्णप्रिय गीत गवाए. इस मामले में इन दोनों को धन्यवाद
देना ज़रूरी है. येसुदास बेहद प्रतिभाशाली गायक हैं जिनका नाम दक्षिण भारत में
फ़िल्मी हो या कर्नाटक संगीत दोनों क्षेत्र में आदर के साथ लिया जाता है.
रवींद्र जैन की टीम में बांसुरी वादक बेहद सुरीले हैं. इस गीत में भी बांसुरी की
तानें मनमोहक हैं. रवींद्र जैन ने संगीत में अपनी अलग शैली विकसित की और
उनके कुछ गीतों में ध्वनि संयोजन जटिल भी मिलेगा आपको. और वो जटिलता
सलिल चौधरी की याद दिला देती है.
एक अच्छा विडियो गीत प्रकृति के बीच शीर्षासन, व्यायाम, ऊंची इमारतों पर
उठक बैठक किये बिना भी बनाया जा सकता है.
ओ गोरिया रे, ओ गोरिया रे
तेरे आने से सज गई हमरी ये टूटी फूटी नाव
ओ तेरे आने से सज गई हमरी ये टूटी फूटी नाव
ओ गोरिया रे, ओ गोरिया रे
तेरे आने से सज गई हमरी ये टूटी फूटी नाव
ओ तेरे आने से सज गई हमरी ये टूटी फूटी नाव
नैया तो हमारा घर आँगना
इसी से ही पाना और माँगना
नैया तो हमारा घर आँगना
इसी से ही पाना और माँगना
गोरी ये दुआएं देना ज़रूर
माँझी से नैया हो नहीं दूर
हो गोरिया रे, ओ गोरिया रे
तेरे आने से सज गई हमरी ये टूटी फूटी नाव
ओ तेरे आने से सज गई हमरी ये टूटी फूटी नाव
सब को किनारे पहुँचायेगा
माँझी तो किनारा तभी पायेगा
सब को किनारे पहुँचायेगा
माँझी तो किनारा तभी पायेगा
गहरी नदी का ओर न छोर
लहरों से ज़्यादा मनवा में शोर
ओ गोरिया रे, ओ गोरिया रे
तेरे आने से सज गई हमरी ये टूटी फूटी नाव
ओ तेरे आने से सज गई हमरी ये टूटी फूटी नाव
अपना तो नित यही काम है
आने जाने वालों को सलाम है
अपना तो नित यही काम है
आने जाने वालों को सलाम है
कभी कभी आना इस नाव में
इक घर तेरा है मेरे गाँव में
ओ गोरिया रे, ओ गोरिया रे
तेरे आने से सज गई हमरी ये टूटी फूटी नाव
ओ तेरे आने से सज गई हमरी ये टूटी फूटी नाव
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O goriya re-Naiya 1979
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Wednesday, 20 July 2011
Monday, 11 July 2011
तेरा कुछ खोया हो तो ढूंढ दें -नैया १९७९
फ़िल्म नैया सन १९७९ की फ़िल्म है. इस फ़िल्म के गीत मुझे अच्छे
लगते हैं, कोई विशेष वजह नहीं, बस यूँ ही . आज इस फ़िल्म से
आपको एक बिलकुल अनसुना सा गीत सुनवाते हैं येसुदास का गाया
हुआ. बोल और संगीत रवीन्द्र जैन के हैं. येसुदास के साथ आवाज़ है
सुरेश वाडकर की.
प्रशांत नंदा के साथ आप ज़रीना वहाब को इस फ़िल्म के गीत में देखेंगे.
बलदेव खोसा उस कलाकार का नाम है जो बाद में परदे पर अवतरित होता
है. दोनों फिल्म में सहनायक हैं. दूल्हे के भेस में हैं दिनेश ठाकुर .
कुछ कलाकारों की उपस्थिति से फिल्म ऑफ-बीट सी लगने लगती है.
दिनेश ठाकुर की उपस्थिति भी ऐसा ही काम करती है जानकार दर्शकों के
लिए.
ज़रीना वहाब शायद फ़िल्म इतिहास की उन चुनिन्दा अभिनेत्रियों में से हैं
जिहोनें बहुत से नायकों के साथ फिल्मों में काम किया जिनमें कुछ अनजान
से चेहरे और उस समय के उभरते नायक भी हैं.
गीत कर्णप्रिय है और इसका फिल्मांकन भी बांध के रखने वाला है.
गीत के बोल :
तेरा कुछ खोया हो तो ढूंढ दें
दिल न दुखा मान भी जा
गीता रानी, गीता रानी हंस दे ज़रा
हंस दे ओ गीता रानी हंस दे ज़रा
तेरा कुछ खोया हो तो ढूंढ दें
कभी दिल टूटा हो तो जोड़ दें
दिल न दुखा मान भी जा
गीता रानी, गीता रानी हंस दे ज़रा
हंस दे ओ गीता रानी हंस दे ज़रा
सावन में आवन का न्यौता
भेजा है मनभावन को
न्यौता भेजा है मनभावन को
हो ओ ओ हमने तो एक देव को सौंपा
तेरे रूप के चन्दन को
गोरी तेरे रूप के चन्दन को
हैरान सा सजन तेरा
गीता रानी, गीता रानी हंस दे ज़रा
हंस दे ओ गीता रानी हंस दे ज़रा
एक माझी के घर से तू गोरी
राजमहल में जाएगी
जाएगी, राजमहल में जाएगी
हो ओ ओ जो सुख हमने सपने में देखे
वो सारे सुख पायेगी
पायेगी ,वो सारे सुख पायेगी
देना नहीं हमको भुला
गीता रानी, गीता रानी हंस दे ज़रा
हंस दे ओ गीता रानी हंस दे ज़रा
मैं दूंगा तुझे कजरा बिंदिया
मैं रचा दूंगा मेहँदी महावर
खुद को बंधक रख के लूँगा
सोना करूंगा वो तुझपे निछावर
हाथों की चूड़ियाँ
मैं दूंगा
पाँव के बिछुआ
मैं दूंगा
क्या चुनरी साडी
मैं दूंगा
मैं दूंगा, मैं दूंगा, मैं दूंगा, हे
मिल के तुझे देंगे सजा
गीता रानी, गीता रानी हंस दे ज़रा
हंस दे ओ गीता रानी हंस दे ज़रा
तेरा कुछ खोया हो तो ढूंढ दें
कभी दिल टूटा हो तो जोड़ दें
हमरा कहा मान भी जा
गीता रानी गीता रानी हंस दे ज़रा
हंस दे ओ गीता रानी हंस दे ज़रा
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Tera kuchh khoya ho to-Naiya 1979
लगते हैं, कोई विशेष वजह नहीं, बस यूँ ही . आज इस फ़िल्म से
आपको एक बिलकुल अनसुना सा गीत सुनवाते हैं येसुदास का गाया
हुआ. बोल और संगीत रवीन्द्र जैन के हैं. येसुदास के साथ आवाज़ है
सुरेश वाडकर की.
प्रशांत नंदा के साथ आप ज़रीना वहाब को इस फ़िल्म के गीत में देखेंगे.
बलदेव खोसा उस कलाकार का नाम है जो बाद में परदे पर अवतरित होता
है. दोनों फिल्म में सहनायक हैं. दूल्हे के भेस में हैं दिनेश ठाकुर .
कुछ कलाकारों की उपस्थिति से फिल्म ऑफ-बीट सी लगने लगती है.
दिनेश ठाकुर की उपस्थिति भी ऐसा ही काम करती है जानकार दर्शकों के
लिए.
ज़रीना वहाब शायद फ़िल्म इतिहास की उन चुनिन्दा अभिनेत्रियों में से हैं
जिहोनें बहुत से नायकों के साथ फिल्मों में काम किया जिनमें कुछ अनजान
से चेहरे और उस समय के उभरते नायक भी हैं.
गीत कर्णप्रिय है और इसका फिल्मांकन भी बांध के रखने वाला है.
गीत के बोल :
तेरा कुछ खोया हो तो ढूंढ दें
दिल न दुखा मान भी जा
गीता रानी, गीता रानी हंस दे ज़रा
हंस दे ओ गीता रानी हंस दे ज़रा
तेरा कुछ खोया हो तो ढूंढ दें
कभी दिल टूटा हो तो जोड़ दें
दिल न दुखा मान भी जा
गीता रानी, गीता रानी हंस दे ज़रा
हंस दे ओ गीता रानी हंस दे ज़रा
सावन में आवन का न्यौता
भेजा है मनभावन को
न्यौता भेजा है मनभावन को
हो ओ ओ हमने तो एक देव को सौंपा
तेरे रूप के चन्दन को
गोरी तेरे रूप के चन्दन को
हैरान सा सजन तेरा
गीता रानी, गीता रानी हंस दे ज़रा
हंस दे ओ गीता रानी हंस दे ज़रा
एक माझी के घर से तू गोरी
राजमहल में जाएगी
जाएगी, राजमहल में जाएगी
हो ओ ओ जो सुख हमने सपने में देखे
वो सारे सुख पायेगी
पायेगी ,वो सारे सुख पायेगी
देना नहीं हमको भुला
गीता रानी, गीता रानी हंस दे ज़रा
हंस दे ओ गीता रानी हंस दे ज़रा
मैं दूंगा तुझे कजरा बिंदिया
मैं रचा दूंगा मेहँदी महावर
खुद को बंधक रख के लूँगा
सोना करूंगा वो तुझपे निछावर
हाथों की चूड़ियाँ
मैं दूंगा
पाँव के बिछुआ
मैं दूंगा
क्या चुनरी साडी
मैं दूंगा
मैं दूंगा, मैं दूंगा, मैं दूंगा, हे
मिल के तुझे देंगे सजा
गीता रानी, गीता रानी हंस दे ज़रा
हंस दे ओ गीता रानी हंस दे ज़रा
तेरा कुछ खोया हो तो ढूंढ दें
कभी दिल टूटा हो तो जोड़ दें
हमरा कहा मान भी जा
गीता रानी गीता रानी हंस दे ज़रा
हंस दे ओ गीता रानी हंस दे ज़रा
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Tera kuchh khoya ho to-Naiya 1979
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Yesudas,
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