शमशाद बेगम की स्पष्ट और गूँज भरी आवाज़ के संगीत प्रेमी कायल
हैं। एक अमर युगल गीत सुनिए किशोर कुमार और शमशाद बेगम
की आवाज़ में। किशोर कुमार और मीना कुमारी पर फिल्माए गए इस
गीत के हजारों दीवाने हैं और आज भी उत्ब्ने ही चाव से इसे सुनते हैं जितने
चाव से वे फिल्म की रिलीज़ के आस पास सुना करते थे। अब तो साधन
बहुत हो गए हैं गीत सुनने के इसलिए पुराने गीतों को अपनी पसंद
अनुसार सुनना आसान हो गया है। ये एक goose bump पैदा करने वाला
गीत है।
गीत के बोल:
किशोर: मेरी नींदों में तुम, मेरे ख़्वाबों में तुम
हो चुके हम तुम्हारी मोहब्बत में गुम
मेरी नींदों में तुम, मेरे ख़्वाबों में तुम
हो चुके हम तुम्हारी मोहब्बत में गुम
शमशाद: मन की बीना की धुन, तू बालम आज सुन
मेरी नज़रों ने तुझ को लिया आज चुन
मन की बिना की धुन, तू बालम आज सुन
मेरी नज़रों ने तुझ को लिया आज चुन
मन की बीना की धुन, तू बालम आज सुन
शमशाद: मेरी दिल की लगी तू, मेरी जिंदगी तू
मेरी हर नज़र है तेरी दास्ताँ
मेरी दिल की लगी तू, मेरी जिंदगी तू
मेरी हर नज़र है तेरी दास्ताँ
किशोर: मेरे दिल की बहारें तुम्ही को पुकारें
तुम्ही से है आबाद मेरा जहां
मेरे दिल की बहारें तुम्ही को पुकारें
तुम्ही से है आबाद मेरा जहां
शमशाद: तू मेरा नाज़ है, मेरा अंदाज़ है, दिल की आवाज़ है
किशोर: मेरी नींदों में तुम, मेरे ख़्वाबों में तुम
हो चुके हम तुम्हारी मोहब्बत में गुम
शमशाद: मन की बीना की धुन, तू बालम आज सुन
मेरी नज़रों ने तुझ को लिया आज चुन
मन की बीना की धुन, तू बालम आज सुन
मेरी नज़रों ने तुझ को लिया आज चुन
मन की बीना की धुन, तू बालम आज सुन
शमशाद: दिल पे छाई ख़ुशी है लबों पर हंसी है
खिली है तेरे प्यार की चांदनी
किशोर: घूमती है निगाहें नशा छा रहा है
के दिल गा रहा है तेरी रागिनी
शमशाद: होले होले सजन मेरा कहता है मन
अब तो लागी लगन
किशोर: मेरी नींदों में तुम, मेरे ख़्वाबों में तुम
हो चुके हम तुम्हारी मोहब्बत में गुम
शमशाद: मन की बीना की धुन, तू बालम आज सुन
शमशाद: तुम मेरे हो गए हो तो ये चाँद तारे
ये सारे नज़ारे मेरे हो गए
किशोर: दिल हुआ है दीवाना समा है सुहाना
कहें क्या तेरे प्यार में खो गए
शमशाद: रात गाने लगी गुनगुनाने लगी
नींद छाने लगी
किशोर: मेरी नींदों में तुम, मेरे ख़्वाबों में तुम
हो चुके हम तुम्हारी मोहब्बत में गुम
शमशाद: मन की बीना की धुन, तू बालम आज सुन
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Meri neendon mein tum-Naya Andaz 1956
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Tuesday, 11 January 2011
Sunday, 9 January 2011
कुछ हम भी दीवाने हैं-नया अंदाज़ १९५६
क़व्वाली हम अक्सर पक्के कव्वालों की आवाज़ में सुनना ही
पसंद करते हैं। फ़िल्मी कलाकारों ने भी कव्वालियाँ गाई हैं ।
आज आपको सुनवाते हैं एक कम सुनी हुई कव्वाली जो फिल्म
नया अंदाज़ से ली गाई है। इसे परदे पर और परदे के पीछे दोनों
जगह किशोर कुमार गा रहे हैं
गीत के बोल:
अपना तो ज़माने में बस इतना फ़साना है
अपना तो ज़माने में बस इतना फ़साना है
इतना ही फ़साना है
बस इतना फ़साना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
हमसे तो कोई पूछे वो मस्त नज़र क्या है
हमसे तो कोई पूछे वो मस्त नज़र क्या है
वो मस्त नज़र क्या है
वो मस्त नज़र क्या है
जीने का सहारा है मरने का बहाना है
जीने का सहारा है मरने का बहाना है
मरने का बहाना है
मरने का बहाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
भूले से कभी हमने कातिल ना कहा उनको
भूले से कभी हमने कातिल ना कहा उनको
कातिल ना कहा उनको
दिल जिनकी अदाओं का खामोश निशाना है
दिल जिनकी अदाओं का खामोश निशाना है
खामोश निशाना है
खामोश निशाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
ये राज़ है उल्फत का
दुनिया इसे क्या जाने
ये राज़ है उल्फत का
दुनिया इसे क्या जाने
ये राज़ है उल्फत का
दुनिया इसे क्या जाने
दुनिया इसे क्या जाने
नज़रों का चूर्ण ही नज़रों का मिलाना है
नज़रों का चूर्ण ही नज़रों का मिलाना है
नज़रों का मिलाना है
नज़रों का मिलाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
इन शोख हसीनों पर हम और लुटायें क्या
इन शोख हसीनों पर हम और लुटायें क्या
हम और लुटायें क्या
कुछ पास नहीं अपने एक दिल का खज़ाना है
कुछ पास नहीं अपने एक दिल का खज़ाना है
एक दिल का खज़ाना है
एक दिल का खज़ाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
मंजिल है कहना ऐ दिल हम इश्क का मारों की
मंजिल है कहना ऐ दिल हम इश्क का मारों की
हम इश्क का मारों की
हम जा के जहाँ बैठें वो अपना ठिकाना है
हम जा के जहाँ बैठें वो अपना ठिकाना है
वो अपना ठिकाना है
वो अपना ठिकाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
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Kuchh ham bhi deewane hain-Naya Andaz 1956
पसंद करते हैं। फ़िल्मी कलाकारों ने भी कव्वालियाँ गाई हैं ।
आज आपको सुनवाते हैं एक कम सुनी हुई कव्वाली जो फिल्म
नया अंदाज़ से ली गाई है। इसे परदे पर और परदे के पीछे दोनों
जगह किशोर कुमार गा रहे हैं
गीत के बोल:
अपना तो ज़माने में बस इतना फ़साना है
अपना तो ज़माने में बस इतना फ़साना है
इतना ही फ़साना है
बस इतना फ़साना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
हमसे तो कोई पूछे वो मस्त नज़र क्या है
हमसे तो कोई पूछे वो मस्त नज़र क्या है
वो मस्त नज़र क्या है
वो मस्त नज़र क्या है
जीने का सहारा है मरने का बहाना है
जीने का सहारा है मरने का बहाना है
मरने का बहाना है
मरने का बहाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
भूले से कभी हमने कातिल ना कहा उनको
भूले से कभी हमने कातिल ना कहा उनको
कातिल ना कहा उनको
दिल जिनकी अदाओं का खामोश निशाना है
दिल जिनकी अदाओं का खामोश निशाना है
खामोश निशाना है
खामोश निशाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
ये राज़ है उल्फत का
दुनिया इसे क्या जाने
ये राज़ है उल्फत का
दुनिया इसे क्या जाने
ये राज़ है उल्फत का
दुनिया इसे क्या जाने
दुनिया इसे क्या जाने
नज़रों का चूर्ण ही नज़रों का मिलाना है
नज़रों का चूर्ण ही नज़रों का मिलाना है
नज़रों का मिलाना है
नज़रों का मिलाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
इन शोख हसीनों पर हम और लुटायें क्या
इन शोख हसीनों पर हम और लुटायें क्या
हम और लुटायें क्या
कुछ पास नहीं अपने एक दिल का खज़ाना है
कुछ पास नहीं अपने एक दिल का खज़ाना है
एक दिल का खज़ाना है
एक दिल का खज़ाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
मंजिल है कहना ऐ दिल हम इश्क का मारों की
मंजिल है कहना ऐ दिल हम इश्क का मारों की
हम इश्क का मारों की
हम जा के जहाँ बैठें वो अपना ठिकाना है
हम जा के जहाँ बैठें वो अपना ठिकाना है
वो अपना ठिकाना है
वो अपना ठिकाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
कुछ हम भी दीवाने हैं
कुछ दिल भी दीवाना है
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Kuchh ham bhi deewane hain-Naya Andaz 1956
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