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Monday, 10 January 2011

तुम हो मेरे दिल की धड़कन-मंजिल १९७९

अमिताभ बच्चन की हिट फ़िल्में जनता को याद हैं। कुछ फ्लॉप
फ़िल्में भी हैं उनकी, जिनके मधुर गीत अक्सर इधर उधार बजा
करते हैं। परंपरा के अनुसार हम आपको उनकी कम देखी गई
फिल्म से कम सुना हुआ गीत सुनवाते हैं। ये गीत योगेश का लिखा,
किशोर कुमार का गाया हुआ और आर. डी. बर्मन द्वारा संगीतबद्ध है।
अब आप ये मत पूछियेगा कि परदे पर तानपुरा दिख रहा है और
गीत में गिटार की आवाज़ आ रही है। ये एक आधुनिक तानपुरा है
जो गिटार की आवाज़ निकालता है। तबला भी विशेष है जिसमें से
कांगो-बांगो की आवाज़ निकलती है।




गीत के बोल:

तुम हो मेरी दिल की धड़कन
तुम बिन लगे ना मन
तुम को ही ढूँढा करते हैं
हर पल मेरे दो नयन

तुम हो मेरी दिल की धड़कन
तुम बिन लगे ना मन
तुम को ही ढूँढा करते हैं
हर पल मेरे दो नयन

तुम जो नहीं तो कैसी ख़ुशी
मायूसियों में डूबी है ज़िन्दगी
मुझे तुम बिन हर पलछिन
दस्ता हैं सूनापन

तुम हो मेरे दिल की धड़कन
तुम बिन लगे ना मन
तुम को ही ढूँढा करते हैं
हर पल मेरे दो नयन

तुम्हें जो देखा तो पलकों तले
लाखों दिए से देखो जलने लगे
मेरा तन मन मेरा जीवन
तुमसे ही है मगन

तुम हो मेरी दिल की धड़कन
तुम बिन लगे ना मन
तुम को ही ढूँढा करते हैं
हर पल मेरे दो नयन

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Tum ho meri dil ki dhadkan-Manzil 1979
 
 
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