डकैत समस्या पर कई फ़िल्में बनी हैं हिंदी सिनेमा जगत में।
इनमें से अधिकतर फ़िल्में ७० के दशक में बनीं और खूब चलीं।
८० के दशक में रोमांटिक फिल्मों का दौर आया और बाकी के
सारे विषय पीछे छूट गये। इस दौर में कुछ फ़िल्में लीक से हट कर
भी बनीं जिनमें से अधिकतर बॉक्स ऑफिस की पटरी से ज़ल्दी
उतर भी गयीं। ऐसी ही एक फिल्म है-डकैत जिसमे सनी देओल ने
डकैत की भूमिका निभाई। फिल्म परेश रावल के जीवंत अभिनय
के लिए याद की जाती है तो दूसरी वजह इसके मधुर गीत हैं।
प्रस्तुत गीत में नायिका नायक से फ़रियाद कर रही है, उसे विद्रोह
के रास्ते से सामान्य जीवन की तरफ लाने की संगीतमय कोशिश।
गीत में अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्री ने बढ़िया अभिनय किया है। गीत
कर्णप्रिय है और इसे आप कभी कभार अवश्य सुन सकते हैं।
गीत के बोल:
वो तेरी दुनिया नहीं
वो तेरी महफ़िल नहीं
उस तरफ मत जा
उधार, रस्ता तो है मंजिल नहीं
वो तेरी दुनिया नहीं
वो तेरी महफ़िल नहीं
उस तरफ मत जा
उधर, रस्ता तो है मंजिल नहीं
वो तेरी दुनिया नहीं
वो तेरी महफ़िल नहीं
हर कसम को तोड़ कर
हर एक वादा तोड़ कर
हर कसम को तोड़ कर
हर एक वादा तोड़ कर
जा रहा है आज तू
नफरत से सबको छोड़ कर
क्या मेरी, क्या मेरी
क्या मेरी चाहत भी तेरे
प्यार के काबिल नहीं
उस तरफ मत जा
उधर, रस्ता तो है मंजिल नहीं
वो तेरी दुनिया नहीं
वो तेरी महफ़िल नहीं
गीत बुलबुल का है ये
कोयल की मीठी कूक है
ज़िन्दगी है फूल
तेरे हाथ में बन्दूक है
तू मेरा, तू मेरा
तू मेरा साजन है, साजन
तू कोई कातिल नहीं
उस तरफ मत जा
उधर, रस्ता तो है मंजिल नहीं
वो तेरी दुनिया नहीं
वो तेरी महफ़िल नहीं
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Wo teri duniya nahin-Dacait 1987
Sunday, 5 June 2011
वो तेरी दुनिया नहीं-डकैत १९८७
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