आपको पुरानी तराना फिल्म का एक भी गीत नहीं सुनाया है अभी तक।
आज आपको इस हिट मुज़िकल फिल्म से एक गीत सुनवाते हैं जो
सुबह सुबह के किसी रेडियो प्रोग्राम में आपने ज़रूर सुना होगा।
कुछ haunting(भूतिया नहीं) melodies अक्सर बिना किसी वजह से
याद आ जाती हैं और आप उनको गुनगुनाने लग जाते हैं। ये भी एक ऐसा
ही युगल गीत है। इस गीत में बहुत स्कोप है आहें भरने का विशेषकर प्रेमी
युगल के लिए। प्रेम धवन के सरल से मगर प्रभावी बोलों को एक
आकर्षक धुन पर तैराया है संगीतकार अनिल बिस्वास ने। अनिल बिश्वास
जैसे कुशल चितेरे फिल्म संगीत जगत में कम ही हुए हैं। हिंदी गीत जो आज हम
आज सुनते हैं उसके स्वरुप को व्यवस्थित करने का श्री अनिल बिस्वास को
ही जाता है। गीत में सौम्यता को शुरू से आखिर तक कायम रखने की कला
में अनिल बिश्वास सिद्धहस्त थे। गीत फिल्माया गया है दो नामी कलाकारों
पर-दिलीप कुमार और मधुबाला।
गीत के बोल:
नैन मिले नैन हुए बाँवरे
नैन मिले नैन हुए बाँवरे
चैन कहाँ मोहे सजन संवरे
नैन हुए बाँवरे
नैन मिले नैन हुए बाँवरे
नैन मिले नैन हुए बाँवरे
देखते ही देखते मैं खो गई
देखते ही देखते मैं खो गई
जागते ही जागते मैं सो गई
जागते ही जागते मैं सो गई
अब कभी मैं जागना ना चाहूँ रे
अब कभी मैं जागना ना चाहूँ रे
नैन हुए बावरे
चलते चलते पाँव मेरे थम गये
चलते चलते पाँव मेरे थम गये
तुम मिले तो दिल के सारे ग़म गये
तुम मिले तो दिल के सारे ग़म गये
मिल गयी ज़ुल्फ़ों की ठंड़ी छाँव रे
मिल गयी ज़ुल्फ़ों की ठंड़ी छाँव रे
नैन हुए बावरे
धड़कने दिल की छुपाऊँ किस तरह
ऐ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
धड़कने दिल की छुपाऊँ किस तरह
लाज का घूँघट उठाऊँ किस तरह
लाज का घूँघट उठाऊँ किस तरह
किस तरह साजन तेरी बन जाऊँ रे
किस तरह साजन तेरी बन जाऊँ रे
नैन हुए बावरे
नैनों से नैना तेरे कुछ कह गये
ऐ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
नैनों से नैना तेरे कुछ कह गये
प्यार की लहरों में दो दिल बह गये
प्यार की लहरों में दो दिल बह गये
अब रुके ना प्रीत की ये नाव रे
अब रुके ना प्रीत की ये नाव रे
नैन हुए बावरे
नैन मिले नैन हुए बावरे
चैन कहाँ मोहे सजन साँवरे
नैन हुए बावरे
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Nain mile nain hue banwre-Tarana 1951
Saturday, 21 May 2011
नैन मिले नैन हुए बाँवरे-तराना १९५१
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