फिल्म बंदिनी के इस गीत के लिए भी किसी विवरण की
आवश्यकता नहीं है क्यूंकि ये गीत अपने आप में अपने
अनूठेपन का विवरण देता सुनाई पढता है। फिल्म सिनेमा
इतिहास के सबसे उम्दा विरह गीतों में से एक है ये।
गीत के बोल:
ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना
ओ हो ओ ओ ओ
ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना
ये घाट तू ये बाट कहीं भूल न जाना
जाने वाले हो सके तो लौट के आना
बचपन के तेरे मीत तेरे संग के सहारे
बचपन के तेरे मीत तेरे संग के सहारे
ढूँढेंगे तुझे गली-गली सब ये ग़म के मारे
पूछेगी हर निगाह कल तेरा ठिकाना
हो ओ ओ ओ
जाने वाले हो सके तो लौट के आना
हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ
दे दे के ये आवाज़ कोई हर घड़ी बुलाए
दे दे के ये आवाज़ कोई हर घड़ी बुलाए
फिर जाए जो उस पार कभी लौट के न आए
है भेद ये कैसा कोई कुछ तो बताना
हो ओ ओ ओ
जाने वाले हो सके तो लौट के आना
ये घाट तू ये बाट कहीं भूल न जाना
हो ओ ओ ओ
जाने वाले हो सके तो लौट के आना
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O jaanewale ho sake to-Bandini 1963
Wednesday, 19 January 2011
ओ जानेवाले हो सके तो लौट के आना-बंदिनी १९६३
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