चुम्बकीय प्रभाव के बिना मानव शरीर बेकार है। ये सिद्धांत लगभग
जीवन के हर क्षेत्र में महसूस कर सकते हैं आप। कितनी अभिनेत्रियाँ
आयीं और गयीं लेकिन सफलता और प्रसिद्धि कुछ के खाते में ही लिखी
थी।
भानुरेखा गणेशन उन भाग्यशाली अभिनेत्रियों में से एक हैं जिन्हें दर्शकों
ने पहली फिल्म सावन भादो से ही सर आँखों पर बिठाया। रेखा की ख़ास
बात ये है कि उनके सामान्य से लगने वाले गीत भी आकर्षक लगने लगते
हैं। ये उस चुम्बकीय प्रभाव कि वजह से है जो उन्हें ईश्वरीय देन है। गौर तलब
है हम केवल इस प्रभाव की बात कर रहे हैं। अभिनय के मामले में रेखा में
बहुत आगे चल के सुधर आया जब वे बॉलीवुड के सबसे प्रसिद्ध महानायक
के साथ फिल्मों में दिखाई देना शुरू हुयीं।
आनंद बक्षी के लिखे दार्शनिक से गीत की धुन बनाई है राहुल देव बर्मन ने।
गीत के बोल:
झूम झूम आ हा, झूम झूम आ हा
झूम झूम आ हा, झूम झूम आ हा
झूम झूम आ हा, झूम झूम आ हा
झूम झूम आ हा, झूम झूम आ हा
झूम झूम आ हा आ हा आ हा आ हा
आ हा
कल की फिकर करेगा जो वो दीवाना होगा
कल की फिकर करेगा जो वो दीवाना होगा
ज़िन्दगी है आज का दिन कल मर जाना होगा
कल की फिकर करेगा जो वो दीवाना होगा
ज़िन्दगी है आज का दिन कल मर जाना होगा
जीने का शौक है तो ज़िन्दगी को लूट लो
जीने का शौक है तो ज़िन्दगी को लूट लो
पीने का शौक है सागर किसी का छीन लो
इस जवानी की तरह एक कहानी की तरह
इस जवानी की तरह एक कहानी की तरह
झूम झूम आ हा, झूम झूम आ हा
कल ये सागर होगा ना ये पैमाना होगा
ज़िन्दगी है आज का दिन कल मर जाना होगा
ज़िन्दगी है आज का दिन कल मर जाना होगा
मिल जाता यार तो ये प्यार हम ना लूटते
मिल जाता यार तो ये प्यार हम ना लूटते
हम दिल ना तोड़ते जो दिल ना टूटते
के करें हम क्या करें
क्या जियें हम क्या मारें
के करें हम क्या करें
क्या जियें हम क्या मारें
झूम झूम आ हा, झूम झूम आ हा
ये खिलौने तोड़ के दिल बहलाना होगा
ये खिलौने तोड़ के दिल बहलाना होगा
ज़िन्दगी है आज का दिन कल मर जाना होगा
ज़िन्दगी है आज का दिन कल मर जाना होगा
कल की फिकर करेगा जो वो दीवाना होगा
ज़िन्दगी है आज का दिन कल मर जाना होगा
ज़िन्दगी है आज का दिन कल मर जाना होगा
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Kal ki fikar karega-Bhola bhala 1978
Thursday, 20 January 2011
झूम झूम आहा ...कल की फिकर-भोला भाला १९७८
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