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Monday, 27 December 2010

कसमे वादे निभाएंगे हम-कसमे वादे १९७८

गुलशन बावरा की लेखनी भी कमाल की है। उन्होंने भी अपने बुजुर्ग गीतकारों
के मानिंद सरलता को अपना हथियार बनाया गीत लेखन के मामले में।
उनके लिखे कुछ गीत काव्यात्मक उपमाओं से परिपूर्ण हैं तो कुछ
बेहद सरल बोल चाल की भाषा वाले। सरलता की वजह से उनके कई
गीत श्रोताओं को गुनगुनाने में आसानी होती है। एक ऐसा ही गीत
सुनिए जिसके लिए उम्दा किस्म की धुन तैयार की थी राहुल देव बर्मन ने
फिल्म कसमे वाडे के लिए. गीत गा रहे हैं लता और किशोर। इसे
फिल्माया गया है अमिताभ बच्चन और राखी पर। ये फिल्म का सबसे
लोकप्रिय गीत है। वैसे तो इस फिल्म का संगीत खूब बजा है। रिलीज़ के वक़्त
इसके सभी गाने सुनाई देते थे जिसमे एक स्वयं संगीतकार की आवाज़ में
गाया हुआ गीत भी शामिल है जिसे हम आगे सुनेंगे इस ब्लॉग पर।





गीत के बोल:

हो ओ, हो ओ हो हो, हे हे
हो हो हो, हे हे हे


कसमें वादे निभाएंगे हम
मिलते रहेंगे जनम जनम

देखा मैंने तुझको तो मुझे ऐसा लगा
बरसों का सोया हुआ, प्यार मेरा जगा
तू हैं दिया, मैं हूँ बाती,
आ जा मेरे जीवन साथी

कसमें वादे निभाएंगे हम
मिलते रहेंगे जनम जनम

चेहरों से हो अनजाने हम, दिल तो दिल को पहचाने
कभी प्यार नहीं मरता है, पागल प्रेमी ही जाने
आ जाती हैं लैब पे खुद ही, भूली बिसरी बात

कसमें वादे निभाएंगे हम
मिलते रहेंगे जनम जनम

तू हैं मेरे जीने का सहारा, सदियों पुराना है साथ हमारा
तू हैं दिया, मैं हूँ बाती,
आ जा मेरे जीवन साथी

कसमें वादे निभाएंगे हम
मिलते रहेंगे जनम जनम

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