विलायत के नज़ारों वाला फिल्म चरस का गीत पेश है। इस गीत
की शुरुआत में गीतकार की आवाज़ है। जी हाँ ये भारी सी पंजाबी
लहजे वाली आवाज़ आनंद बक्षी की है। इन्होने कुछ फ़िल्मी गीत भी
गाये हैं । बाकी दो आवाजें आप बखूबी पहचानते हैं-लता और रफ़ी की।
परदे पर जो जोड़ी है वो श्रीमान देओल और श्रीमती देओल की है। ये
श्रीमान श्रीमती इस फिल्म के आने के बाद ही बने थे। प्रस्तुत गीत एक
सुपर हिट गीत है और अभी भी रेडियो पर नियमित रूप से बजता सुनाई
देता है।
गीत के बोल:
आनंद बक्षी: दिल इंसान का एक तराजू
जो इन्साफ को तोले
अपनी जगह पर प्यार है कायम
धरती अम्बर डोले
सब से बड़ा सच एक जगत में
भेद अनेक जो खोले
प्रेम बिना जीवन सूना
ये पागल प्रेमी बोले
लता :कि आ जा तेरी याद आयी
कि आ जा तेरी याद आयी
कि आ जा तेरी याद आयी
ओ बालम हरजाई
कि आ जा तेरी याद आयी
रफ़ी:कि आ जा तेरी याद आयी
कि आ जा तेरी याद आयी
कि आ जा तेरी याद आयी
ओ बालम हरजाई
कि आ जा तेरी याद आयी
लता: ज़ालिम कितनी देर लगा दी
तुमने आते आते
अब आये जो अब ना आते
तो हम जान से जाते
दिल दीवाना दीवाने को हम कैसे समझाते
देते राम दुहाई
कि आ जा तेरी याद आयी
रफ़ी: फुर्सत भी है मौसम भी है
मन है रंग रलियों में
छुप गयी है तू खुशबू बन के
शायद इन कलियों में
मैंने तुझको कितना ढूँढा आवारा गलियों में
यह आवाज़ लगाई
कि आ जा तेरी याद आयी
लता: मस्त हवा ने बात कोई
ऐसी कह दी कानों में
जैसे कोई मदिरा भर दे
खाली पैमानों में
तड़पा डाला आज मचलते दिल के अरमानों ने
रुत ने ली अंगडाई
कि आ जा तेरी याद आयी
कि आ जा तेरी याद आयी
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Aa jaa teri yaad aayi-Charas 1976
Sunday, 19 December 2010
आ जा तेरी याद आई-चरस १९७६
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