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Monday, 30 January 2012

कभी हंसी और कभी रहम-भला मानुस १९७९

आज आपको एक टाई-खींचू गीत सुनवाते हैं। नायिका बहुत ही प्यार से
नायक के गले में बंधी टाई खींच रही है जैसे कोई चरवाहा अपनी
प्यारी भैंस के गले में बंधी रस्सी खींचता है। गीत है फिल्म भला मानुस
से जिसके दो चर्चित गीत आपको सुनवा चुके हैं पहले ।

हिंदी फिल्मों में ऐसे गीत कम हैं जिसमें नायिका नायक की टांग खींचती
नज़र आती है। शायद पुरुष प्रधान मानसिकता ये करने से रोकती है ।

गीत मनोरंजक है इसलिए टिप्पणी भी रोचक होने से पाठक का आनंद
डेढ़ गुना हो जाता है। गीत शायद ही अपने कभी सुना या देखा हो।
खैर, अगर आप आर डी बर्मन भक्त हैं तो मैं आपकी तसल्ली के लिए
अपना चैनल बदल लेता हूँ और कहता हूँ -वह क्या छुपा नगीना है।
इसका फिल्मांकन भी ज़बरदस्त है । गायकी ज़बरदस्त है, संगीत
ज़बरदस्त है, नायक ज़बरदस्त है, नायिका ज़बरदस्त है। उनकी अदाकारी
ज़बरदस्त है और गीत में दिख रहे बाकी के कलाकार भी ज़बरदस्त है।
और तो और शायद आपको मालूम हो फिल्म "ज़बरदस्त" में भी
आर डी बर्मन का ही ज़बरदस्त म्युज़िक है।



कभी हंसी और कभी रहम आता है तेरे हाल पे
कभी हंसी और कभी रहम आता है तेरे हाल पे
मेड इन यू एस ऐ का लेबल लगा है देसी माल पे
मेड इन यू एस ऐ का लेबल लगा है देसी माल पे

अरे, कभी हंसी और कभी रहम आता है तेरे हाल पे
मेड इन यू एस ऐ का लेबल लगा है देसी माल पे

असली पर नकली का पर्दा क्या डाला है साले
झूठी चमक में और कोई होंगे फँस जाने वाले
असली पर नकली का पर्दा क्या डाला है साले
झूठी चमक में और कोई होंगे फँस जाने वाले

रंग ये तू दिखाना किसी और को
मैं तो प्यार से एक तमाचा दूँगी तेरे गाल पे

कभी हंसी और कभी रहम आता है तेरे हाल पे
मेड इन यू एस ऐ का लेबल लगा है देसी माल पे

देश है अब आज़ाद हमारा मिली हमें आजादी
अब हम अपनी मर्ज़ी से ही करेंगे अपनी शादी
देश है अब आज़ाद हमारा मिली हमें आजादी
अब हम अपनी मर्ज़ी से ही करेंगे अपनी शादी
नारियां अब किसी बात में कम नहीं, हो हो हो
ऐसे नचवायेंगी मर्दों को तबले की ताल पे

कभी हंसी और कभी रहम आता है तेरे हाल पे
कभी हंसी और कभी रहम आता है तेरे हाल पे
मेड इन यू एस ऐ का लेबल लगा है देसी माल पे
हा हा हा
.....................................
Kabhi hansi aur kabhi raham-Bhala manus 1979

Friday, 27 January 2012

गुमसुम क्यूँ है सनम-भला मानुस १९७९

एक फिल्म आई थी कसमे वादे जिसके निर्देशक रमेश बहल थे। फिल्म
के साउंड ट्रेक यानि एल. पी. पर एक गाना उपलब्ध है आशा भोंसले का
गाया हुआ जो फिल्म में आपको कहीं नज़र नहीं आएगा। फिल्म कसमे वादे
में रणधीर कपूर और नीतू सिंह की जोड़ी है। रणधीर कपूर ने एक फिल्म
प्रोड्यूस की 'भला-मानुस' जिसमें उन्होंने ये गीत ले लिया। गीत का वीडिओ
देख कर लगता है मानो ये ज्यों का त्यों फिल्म में फिट कर दिया गया हो।

गायक की आवाज़ को वाद्य यन्त्र की तरह कैसे इस्तेमाल किया जाता है उसका
एक बढ़िया उदाहरण है ये गीत। गुलशन बावरा के लिखे गीत की धुन बनाई है
राहुल देव बर्मन ने। तबियत से इस गीत की धुन तैयार की गई है। मगर हर
कर्णप्रिय गीत की नियति "प्राण जाये पर वचन न जाये " के गीत "चैन से
हमको कभी " जैसी नहीं होती है जो फिल्म में से निकाले जाने के बाद भी
बेहद लोकप्रिय और अमर हो जाये।



गीत के बोल:

हो गुमसुम क्यों है सनम
अब ज़रा मान जा
प्यार का ये मौसम है
ऐसे में दिल न जला

गुमसुम क्यों है सनम
अब ज़रा मान जा
प्यार का ये मौसम है
ऐसे में दिल न जला

गुमसुम क्यों है सनम
गुमसुम क्यों है सनम

जाने बूझे नज़र चुराए
दिल की बातें समझ न पाए
ओ सितमगर देख अब तो, हो जा मेहरबान
जाने बूझे नज़र चुराए
दिल की बातें समझ न पाए
ओ सितमगर देख अब तो, हो जा मेहरबान
दर्द दिया है तो दे दे दवा

गुमसुम क्यों है सनम
अब ज़रा मान जा
प्यार का ये मौसम है
ऐसे में दिल न जला

गुमसुम क्यों है सनम
गुमसुम क्यों है सनम

कब से है बेक़रार ये दिल
कब से कहती हूँ झूम के मिल
ओ अनादी बन खिलाड़ी ले ले बाहों में
कब से है बेक़रार ये दिल
कब से कहती हूँ झूम के मिल
ओ अनादी बन खिलाड़ी ले ले बाहों में
कैसे पिया से मेरा पला पडा
गुमसुम क्यों है सनम
अब ज़रा मान जा
प्यार का ये मौसम है
ऐसे में दिल न जला

गुमसुम क्यों है सनम
गुमसुम क्यों है सनम
.............................................
Gum sum kyun hai sanam-Bhala manus 1979
 
 
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