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Thursday, 2 June 2011

जब कान्हा की मीठी मुरलिया बजे-नाग देवता १९६१

आइये थोड़ा धार्मिक हो जाएँ। भजन सुनें फिल्म नाग देवता से जो
सन १९६१ की फिल्म है। सुमन कल्याणपुर की आवाज़ वाले इस गीत
फिल्माया गया है शशिकला पर। ये एक पौराणिक फिल्म है जिसमें
महिपाल मुख्या भूमिका में हैं। शांतिलाल सोनी फिल्म के निर्देशक हैं
और संगीत दिया है एस एन त्रिपाठी ने। गीत का विडियो यू ट्यूब पर
उपलब्ध ज़रूर है। इसे देखने के लिए ये लिंक क्लिक करना पड़ेगा।
जब कान्हा की मीठी मुरलिया-विडियो






गीत के बोल:

हो, जब कान्हा की मीठी मुरलिया बजे
जब कान्हा की मीठी मुरलिया बजे
किसी को रिझाये किसी को तडपाये
किसी को रिझाये किसी को तडपाये

जब कान्हा की मीठी मुरलिया बजे

पनघट पे नैनों से कर के इशारा
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ हो ओ ओ
नटखट सांवरिया ने मुझको पुकारा
हो ओ ओ बैरन मुरलिया ने जादू सा डाला
बैरन मुरलिया ने जादू सा डाला
कान्हा का बाण हाय तान तान मारा
मैं तो रह गई पनघट पे खड़ी की खड़ी
चला भी नहीं जाये रुका भी नहीं जाये
हाय मैं तो रह गई पनघट पे कड़ी की कड़ी
चला भी नहीं जाये रुका भी नहीं जाये

जब कान्हा की मीठी मुरलिया बजे

मैं भी जो होती कान्हा की बांसुरिया
मैं भी जो होती कान्हा की बांसुरिया
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ हो ओ ओ
हो ओ ओ संग संग मुझे भी रखते सांवरिया
संग संग मुझे भी रखते सांवरिया
हाथों में सजती मैं होंठों से लगती
हाथों में सजती मैं होंठों से लगती
मुझपे जो पढ़ती मोहन की नजरिया
मेरे मन में हैं क्या क्या उमंगें खड़ी
बताई ना जाये छुपायी भी ना जाये
बताई ना जाये छुपायी भी ना जाये

जब कान्हा की मीठी मुरलिया बजे
हा आ आ आ आ आ आ आ मुरलिया बजे
हा आ आ आ आ आ आ आ मुरलिया बजे
हा आ आ आ आ आ आ आ आ आ
मुरलिया बजे
....................................
Jab kanha ki meethi muraliya baje-Naag Devta 1961

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