Social Icons

Saturday, 28 May 2011

ये काफिला है प्यार का-लेख १९४९

फिल्म आशिक के गीत से एक और युगल गीत याद आया आशा भोंसले
और मुकेश का गाया हुआ। आशा है आपने नहीं सुना होगा इसे पहले और
आप इसे एक बार अवश्य ही सुनना चाहेंगे। मोतीलाल और सुरैया अभिनीत
फिल्म लेख से ये गीत लिया गया है। कमर जलालाबादी के लिखे बोलों को
सुरों में पिरोया है संगीतकार कृष्ण दयाल ने। फ़िल्मी गीतों के काफिले
अक्सर प्यार के ही हुआ करते हैं और ये काफिले काफी पुराने हैं। गीतकार
कमर जलालाबादी का लिखा गीत बहुत दिन बाद शामिल किया है ब्लॉग पर।
संगीतकार कृष्ण दयाल के कुछ और गीत हम शामिल करेंगे आगे इस
ब्लॉग पर, टटोलते रहिये हिंदी फिल्म संगीत का खज़ाना





गीत के बोल:

ये क़ाफ़िला है प्यार का चलता ही जाएगा
ये क़ाफ़िला है प्यार का चलता ही जाएगा

ये क़ाफ़िला है प्यार का चलता ही जाएगा
जी भर के हँस ले गा ले ये दिन फिर न आएगा
ये क़ाफ़िला है प्यार का चलता ही जाएगा

इस क़ाफ़िले के साथ हँसी भी है अश्क़ भी
इस क़ाफ़िले के साथ हँसी भी है अश्क़ भी
गाएगा कोई और कोई आँसू बहाएगा
इस क़ाफ़िले के साथ हँसी भी है अश्क़ भी
गाएगा कोई और कोई आँसू बहाएगा

ये क़ाफ़िला है प्यार का चलता ही जाएगा

राही गुज़र न जाएं
राही गुज़र न जाएं मुहब्बत के दिन कहीं
आँखें तरस रही हैं कब आँखें मिलाएगा
आँखें तरस रही हैं कब आँखें मिलाएगा
राही गुज़र न जाएं मुहब्बत के दिन कहीं
आँखें तरस रही हैं कब आँखें मिलाएगा

ये क़ाफ़िला है प्यार का चलता ही जाएगा

इस क़ाफ़िले में
इस क़ाफ़िले में वस्ल भी है और जुदाई भी
इस क़ाफ़िले में वस्ल भी है और जुदाई भी
तू जो भी माँग लेगा तेरे पास आएगा
तू जो भी माँग लेगा तेरे पास आएगा
इस क़ाफ़िले में वस्ल भी है और जुदाई भी
तू जो भी माँग लेगा
तू जो भी माँग लेगा तेरे पास आएगा

ये क़ाफ़िला है प्यार का चलता ही जाएगा
............................
Ye kafila hai pyar ka-Lekh 1949

No comments:

Post a Comment

 
 
www.lyrics2nd.blogspot.com