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Tuesday, 30 August 2011

फिर तेरी याद नए गीत सुनाने आई-बेखबर १९६५

कुछ भूले बिसरे गीत ऐसे भी हैं जो कम प्रसिद्द संगीतकारों द्वारा बनाये गए मगर

उन्हें सुनकर आपको ऐसा लगेगा की किसी नियमित रूप से सुनाई देने वाले नाम

ने इन्हें बनाया हो. ऐसे गीत अधिकतर आपको गुमनाम फिल्मों में मिलेंगे. आज

आपको एक और भूला हुआ गीत सुनवा रहे हैं.



ये गीत है फिल्म बेखबर से जिसे लिखा राजा मेहँदी अली खान ने और इसका संगीत

बनाया है एस मोहिंदर ने. सरदार मोहिंदर सिंह सरना जो इनका पूरा नाम है, के

संगीत से मैं काफी प्रभावित हूँ. उनके संगीत की गुणवत्ता बहुत ही आला दर्जे की है.

उन्होंने कम फिल्मों में संगीत दिया मगर जितना भी दिया वो अनमोल खजाने जैसा

है.



गीत सुनकर आपको कहीं लगेगा कि ये चित्रगुप्त की धुन है तो कभी लगेगा मदन मोहन

की बंदिश है.





गीत के बोल:



फिर तेरी याद नए गीत सुनाने आई

फिर तेरी याद नए गीत सुनाने आई

दिल की दुनिया में नए दीप जलाने आई

फिर तेरी याद नए गीत सुनाने आई



ये ख्यालों में भी, ख्वाबों में भी, तडपाती है

मुस्कुराती हुयी ये कह के चली आती है

मैं तुझे इश्क के शोलों से बचने आई



फिर तेरी याद नए गीत सुनाने आई



याद-ऐ-महबूब इधर आ, मैं तुझे प्यार करूं

याद-ऐ-महबूब इधर आ, मैं तुझे प्यार करूं

तू अगर जान भी मांगे तो न इनकार करूं

एक दीवाने से प्यार क्यों जताने आई



फिर तेरी याद नए गीत सुनाने आई

दिल की दुनिया में नए दीप जलाने आई

फिर तेरी याद नए गीत सुनाने आई

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Phir teree yad naye geet-Bekhabar 1965

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