आपको एक और मधुर गीत सुनवाते हैं, ये उन गुमनाम सी फिल्मों
में छुपे हुए नायाब रातों में से एक है। एक आध बार आपके कान में
इसकी ध्वनि ज़रूर पड़ी होगी। मुकेश और कमल बारोट की आवाज़
में ये युगल गीत है फिल्म मैडम जोरो से। सन १९६२ की फिल्म ने
कुछ ख़ास करिश्मा नहीं किया बॉक्स ऑफिस पर। फिल्म के प्रमुख
कलाकार आज़ाद, नादिरा, हेलन और भगवान हैं। बुलो सी रानी फिल्म
के संगीतकार हैं जिन्होंने ४० के दशक से लगाकर ६० के दशक तक
अपनी उपस्थिति बनाये रखी हिंदी फिल्म संगीत के क्षेत्र में और कई
कर्णप्रिय नगमे दिए सौगात स्वरुप श्रोताओं को।
गीत के बोल:
हम भी खो गये हैं
दिल भी खो गया है
कहते हैं प्यार जिसको
शायद वो हो गया है
हम भी खो गये हैं
दिल भी खो गया है
कहते हैं प्यार जिसको
शायद वो हो गया है
दिल हमको ढूंढता है
हम दिल को ढूंढते हैं
मंजिल पे हम खड़े हैं
मंजिल को ढूंढते हैं
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
दिल हमको ढूंढता है
हम दिल को ढूंढते हैं
मंजिल पे हम खड़े हैं
मंजिल को ढूंढते हैं
कहते हैं प्यार जिसको
शायद वो हो गया है
हम भी खो गये हैं
दिल भी खो गया है
कहते हैं प्यार जिसको
शायद वो हो गया है
क्या चीज़ है मोहब्बत
समझेगा क्या ज़माना
इतनी सी है कहानी
इतना सा है फ़साना
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
क्या चीज़ है मोहब्बत
समझेगा क्या ज़माना
इतनी सी है कहानी
इतना सा है फ़साना
कहते हैं प्यार जिसको
शायद वो हो गया है
हम भी खो गये हैं
दिल भी खो गया है
कहते हैं प्यार जिसको
शायद वो हो गया है
हम भी खो गये हैं
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Ham bhi kho gaye hain-Madam Zorro 1962
Saturday, 28 May 2011
हम भी खो गये हैं-मैडम जोरो १९६२
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