आपको फिल्म विलेज गर्ल के दो गीत सुनवाए थे पहले, आशा है
पसंद आये होंगे. अब सुनते हैं तीसरा गीत. ये भी नूरजहाँ की मधुर
और बुलंद आवाज़ में है. नायिका इतनी बेचैन है कि सीढ़ी चढ कर
घास फूस के बने मचान के ऊपर बैठ गयी है और गा रही है-बैठी हूँ
तेरी याद का लेकर सहारा.
गीत के बोल:
बैठी हूँ तेरी याद का ले कर के सहारा
आ जाओ के चमके मेरी क़िस्मत का सितारा
दिन रात जला करती हूँ फ़ुरकत में तुम्हारी
हर साँस धुआँ बनके निकलता है हमारा
आ जाओ के चमके मेरी क़िस्मत का सितारा
चुप चाप सहे जाती हूँ मैं दर्द की चोटें
ले ले के जिये जाती हूँ मैं नाम तुम्हारा
आ जाओ के चमके मेरी क़िस्मत का सितारा
अक्सर मेरी आँखों ने तुझे नींद में ढूँडा
उठ उठ के तुझे दिल ने कई बार पुकारा
आ जाओ के चमके मेरी क़िस्मत का सितारा
........................................
Baithi hoon teri yaad ka-Village girl 1945
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Saturday, 23 July 2011
Tuesday, 19 July 2011
ये कौन हँसा किसने सितारों को-विलेज गर्ल १९४५
मैडम नूरजहाँ (जी हैं जैसे कि नूरजहाँ की आवाज़ के दीवाने उनको
पुकारते हैं), की आवाज़ में अगला गीत सुनिए फिल्म विलेज गर्ल से.
बोल एक बार फीस वाली साहब के हैं और संगीत श्याम सुन्दर का.
मैडम का संबोधन आपने और किसी गायिका के लिए नहीं सुना होगा.
कितनी मैडमें आयीं और गयीं मगर हिंदी उर्दू सिनेमा संगीत के इतिहास
में केवल एक ही मैडम हैं-वो हैं नूरजहाँ.
ये फिल्म अविभाजित भारत के फिल्म जगत बम्बई में बनायीं गयी थी.
विभाजन के बाद कई फ़िल्मी हस्तियाँ दूसरे देश में चली गयीं उनमें एक
नूरजहाँ भी हैं.
गीत के बोल:
ये कौन
ये कौन हँसा किसने सितारों को हँसाया
चुपके से मेरे नैनों की गलियों में आया
ये कौन
ये कौन हँसा किसने सितारों को हँसाया
चुपके से मेरे नैनों की गलियों में आया
ये कौन
रहता है मेरी आँखों में आशाओं का मेला
रहता है मेरी आँखों में आशाओं का मेला
सपनों में हुआ करता है बालम से झमेला, होय
सपनों में हुआ करता है बालम से झमेला
नैनों की मधुर बीना पे
नैनों की मधुर बीना पे क्या राग सुनाया
चुपके से मेरे नैनों की गलियों में आया
ये कौन
ये कौन हँसा किसने सितारों को हँसाया
चुपके से मेरे नैनों की गलियों में आया
ये कौन
भाती नहीं है अब मुझे सावन की जवानी
भाती नहीं है अब मुझे सावन की जवानी
होंठों पे सदा रहती है साजन की कहानी, होय
होंठों पे सदा रहती है साजन की कहानी
इस प्रेम मिलन ने
इस प्रेम मिलन ने मुझे दीवाना बनाया
चुपके से मेरे नैनों की गलियों में आया
ये कौन
ये कौन हँसा किसने सितारों को हँसाया
चुपके से मेरे नैनों की गलियों में आया
ये कौन
........................................
Ye kaun hansa-Village Girl 1945
पुकारते हैं), की आवाज़ में अगला गीत सुनिए फिल्म विलेज गर्ल से.
बोल एक बार फीस वाली साहब के हैं और संगीत श्याम सुन्दर का.
मैडम का संबोधन आपने और किसी गायिका के लिए नहीं सुना होगा.
कितनी मैडमें आयीं और गयीं मगर हिंदी उर्दू सिनेमा संगीत के इतिहास
में केवल एक ही मैडम हैं-वो हैं नूरजहाँ.
ये फिल्म अविभाजित भारत के फिल्म जगत बम्बई में बनायीं गयी थी.
विभाजन के बाद कई फ़िल्मी हस्तियाँ दूसरे देश में चली गयीं उनमें एक
नूरजहाँ भी हैं.
गीत के बोल:
ये कौन
ये कौन हँसा किसने सितारों को हँसाया
चुपके से मेरे नैनों की गलियों में आया
ये कौन
ये कौन हँसा किसने सितारों को हँसाया
चुपके से मेरे नैनों की गलियों में आया
ये कौन
रहता है मेरी आँखों में आशाओं का मेला
रहता है मेरी आँखों में आशाओं का मेला
सपनों में हुआ करता है बालम से झमेला, होय
सपनों में हुआ करता है बालम से झमेला
नैनों की मधुर बीना पे
नैनों की मधुर बीना पे क्या राग सुनाया
चुपके से मेरे नैनों की गलियों में आया
ये कौन
ये कौन हँसा किसने सितारों को हँसाया
चुपके से मेरे नैनों की गलियों में आया
ये कौन
भाती नहीं है अब मुझे सावन की जवानी
भाती नहीं है अब मुझे सावन की जवानी
होंठों पे सदा रहती है साजन की कहानी, होय
होंठों पे सदा रहती है साजन की कहानी
इस प्रेम मिलन ने
इस प्रेम मिलन ने मुझे दीवाना बनाया
चुपके से मेरे नैनों की गलियों में आया
ये कौन
ये कौन हँसा किसने सितारों को हँसाया
चुपके से मेरे नैनों की गलियों में आया
ये कौन
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Ye kaun hansa-Village Girl 1945
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Thursday, 2 June 2011
किस तरह भूलेगा दिल-विलेज गर्ल १९४५
आपको फिल्म विलेज गर्ल का एक गीत सुनवाया था ४-५ दिन पहले।
अब दूसरा गीत सुनिए जो खासा लोकप्रिय हुआ। नूरजहाँ की दिलकश
आवाज़ और मोहक अदाओं भरा ये गीत सदा जवान गीतों की श्रेणी
में आता है। प्यार समर्पण और इबादत का दूसरा नाम है, गीत की
अंतिम पंक्तियाँ इसी बात को समर्थन देती प्रतीत होती हैं। दिल तोड़ने
वाले के लिए दुआएं निकल रही हैं।
गीत के बोल:
किस तरह भूलेगा दिल
उनका ख़याल आया हुआ
जा नहीं सकता अभी
शीशे में बाल आया हुआ
ओ घटा काली घटा, अब के बरस तू ना बरस
ओ घटा काली घटा, अब के बरस तू ना बरस
मेरे प्रीतम को अभी परदेस है भाया हुआ
किस तरह भूलेगा दिल उनका ख़याल आया हुआ
आ चमन से, हे ऐ ऐ ऐ
आ चमन से दूर बुलबुल
जाके रोयें, रोयें साथ साथ
तेरा दिल भी चोट है मेरी तरह खाया हुआ
तेरा दिल भी चोट है मेरी तरह खाया हुआ
किस तरह भूलेगा दिल उनका ख़याल आया हुआ
ख़ुश रहे दुनिया में वो जिसने है तोड़ा दिल मेरा
दे रहा है ये दुआ आँखों में अश्क आया हुआ
किस तरह भूलेगा दिल उनका ख़याल आया हुआ
..................................
Kis tarah bhoolega dil-Village girl 1945
अब दूसरा गीत सुनिए जो खासा लोकप्रिय हुआ। नूरजहाँ की दिलकश
आवाज़ और मोहक अदाओं भरा ये गीत सदा जवान गीतों की श्रेणी
में आता है। प्यार समर्पण और इबादत का दूसरा नाम है, गीत की
अंतिम पंक्तियाँ इसी बात को समर्थन देती प्रतीत होती हैं। दिल तोड़ने
वाले के लिए दुआएं निकल रही हैं।
गीत के बोल:
किस तरह भूलेगा दिल
उनका ख़याल आया हुआ
जा नहीं सकता अभी
शीशे में बाल आया हुआ
ओ घटा काली घटा, अब के बरस तू ना बरस
ओ घटा काली घटा, अब के बरस तू ना बरस
मेरे प्रीतम को अभी परदेस है भाया हुआ
किस तरह भूलेगा दिल उनका ख़याल आया हुआ
आ चमन से, हे ऐ ऐ ऐ
आ चमन से दूर बुलबुल
जाके रोयें, रोयें साथ साथ
तेरा दिल भी चोट है मेरी तरह खाया हुआ
तेरा दिल भी चोट है मेरी तरह खाया हुआ
किस तरह भूलेगा दिल उनका ख़याल आया हुआ
ख़ुश रहे दुनिया में वो जिसने है तोड़ा दिल मेरा
दे रहा है ये दुआ आँखों में अश्क आया हुआ
किस तरह भूलेगा दिल उनका ख़याल आया हुआ
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Kis tarah bhoolega dil-Village girl 1945
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Saturday, 21 May 2011
सैयां सलोने से नैन मिला के-विलेज गर्ल १९४५
जोर का झटका धीरे से। आपको सन १९५० के भी पीछे लिए
चलते हैं। आज आपको विलेज गर्ल अर्थात 'गाँव की गोरी' फिल्म
का गीत सुनवाते हैं। वली साहब के गीत की धुन तैयार की
है संगीतकार श्याम सुन्दर ने। गाने और वाद्य संयोजन में
पंजाबियत बरकरार है। श्याम सुन्दर पंजाबी मूल के संगीतकार
थे। शेम सुन्दर ने कम फिल्मों में संगीत दिया मगर वे अपनी
अलग छाप छोड़ गये फिल्म जगत पर। गाना मेहँदी और लीपापोती
की रस्म के बाद गियर बदलता है और एक मस्त गीत सुनाई देने
लगता है। जिस कलाकार को मेहँदी लगायी जा रही है उसका नाम
है नूरजहाँ जिनके कई गीत आपने सुने होंगे। नजीर नाम के शख्स
दूल्हा बने हैं और घोड़ी के आगे नाचने वाली कलाकार का नाम है
गीता निजामी। गीत गाया है अमीर बाई कर्नाटकी ने। इस ब्लॉग पर
श्याम सुन्दर का ये गीत सुनिए आपको उनके संगीत को पहचानने
में मदद मिलेगी-ऐसे रसिया का-ढोलक ।
नूरजहाँ के हाव भाव देख कर ऐसा लग रहा है की उनको मेहँदी लगवाने
में आनंद आ रहा है। उल्लेखनीय है कि ये फिल्म नूरजहाँ की शुरुआती
कुछ फिल्मों में से एक है।
गीत के बोल:
सैयां सलोने से नैन
सैयां सलोने से नैन, मिला के, प्रीत लगा के
हाय, जान गई
सैयां सलोने से नैन
मेरी जान गई जान गई जान गई
मेरी जान गई जान गई जान गई
सैयां सलोने से नैन
सैयां सलोने से नैन, मिला के, प्रीत लगा के
हाय, जान गई
सैयां सलोने से नैन
हो, रावी किनारे
रावी किनारे मोरा छोटा सा गाँव
रावी किनारे मोरा छोटा सा गाँव
पतझड़ की धूप छांव
तारों की छांव
पतझड़ की धूप छाँव
तारों की छांव
सूनी नगरिया बसो मोरे राजा हो
मोरे सैयां हो
मेरी जान गई जान गई जान गई
मेरी जान गई जान गई जान गई
सैयां सलोने से नैन
सैयां सलोने से नैन, मिला के, प्रीत लगा के
हाय, जान गई
सैयां सलोने से नैन
हो नैनों के गाँव
नैनों के गाँव में आजा रे बालम
नैनों के गाँव में आजा रे बालम
सपनों की दुनिया बसा जा रे बालम
सपनों की दुनिया बसा जा रे बालम
फिर मुझको गरवा लगा मोरे राजा हो
मोरे सैयां हो
मेरी जान गई जान गई जान गई
मेरी जान गई जान गई जान गई
सैयां सलोने से नैन
....................................
Saiyan salone se nain-Village girl 1945
चलते हैं। आज आपको विलेज गर्ल अर्थात 'गाँव की गोरी' फिल्म
का गीत सुनवाते हैं। वली साहब के गीत की धुन तैयार की
है संगीतकार श्याम सुन्दर ने। गाने और वाद्य संयोजन में
पंजाबियत बरकरार है। श्याम सुन्दर पंजाबी मूल के संगीतकार
थे। शेम सुन्दर ने कम फिल्मों में संगीत दिया मगर वे अपनी
अलग छाप छोड़ गये फिल्म जगत पर। गाना मेहँदी और लीपापोती
की रस्म के बाद गियर बदलता है और एक मस्त गीत सुनाई देने
लगता है। जिस कलाकार को मेहँदी लगायी जा रही है उसका नाम
है नूरजहाँ जिनके कई गीत आपने सुने होंगे। नजीर नाम के शख्स
दूल्हा बने हैं और घोड़ी के आगे नाचने वाली कलाकार का नाम है
गीता निजामी। गीत गाया है अमीर बाई कर्नाटकी ने। इस ब्लॉग पर
श्याम सुन्दर का ये गीत सुनिए आपको उनके संगीत को पहचानने
में मदद मिलेगी-ऐसे रसिया का-ढोलक ।
नूरजहाँ के हाव भाव देख कर ऐसा लग रहा है की उनको मेहँदी लगवाने
में आनंद आ रहा है। उल्लेखनीय है कि ये फिल्म नूरजहाँ की शुरुआती
कुछ फिल्मों में से एक है।
गीत के बोल:
सैयां सलोने से नैन
सैयां सलोने से नैन, मिला के, प्रीत लगा के
हाय, जान गई
सैयां सलोने से नैन
मेरी जान गई जान गई जान गई
मेरी जान गई जान गई जान गई
सैयां सलोने से नैन
सैयां सलोने से नैन, मिला के, प्रीत लगा के
हाय, जान गई
सैयां सलोने से नैन
हो, रावी किनारे
रावी किनारे मोरा छोटा सा गाँव
रावी किनारे मोरा छोटा सा गाँव
पतझड़ की धूप छांव
तारों की छांव
पतझड़ की धूप छाँव
तारों की छांव
सूनी नगरिया बसो मोरे राजा हो
मोरे सैयां हो
मेरी जान गई जान गई जान गई
मेरी जान गई जान गई जान गई
सैयां सलोने से नैन
सैयां सलोने से नैन, मिला के, प्रीत लगा के
हाय, जान गई
सैयां सलोने से नैन
हो नैनों के गाँव
नैनों के गाँव में आजा रे बालम
नैनों के गाँव में आजा रे बालम
सपनों की दुनिया बसा जा रे बालम
सपनों की दुनिया बसा जा रे बालम
फिर मुझको गरवा लगा मोरे राजा हो
मोरे सैयां हो
मेरी जान गई जान गई जान गई
मेरी जान गई जान गई जान गई
सैयां सलोने से नैन
....................................
Saiyan salone se nain-Village girl 1945
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