आपको पिछली एक पोस्ट में बतलाया था फ़िल्मी अभिनेत्रियों और
विज्ञापनी अभिनेत्रियों में फर्क। एक विज्ञापन की याद आती है
जिसमें एक बालक कहता है-ये दिल मांगे ढोर । ये मेरा तर्जुमा
नहीं, एक 'बंटे का सोडा' पीने वाले परिचित का है। मोर के नाम से
एक लम्बी गहरे कत्थई रंग की सिगरेट आया करती थी उन दिनों।
उसके अलावा मोर नाम से एक साबुन भी आया करता था।
अभी तक आपने व्हिस्की में सोडा मिलते सुना होगा अब सुनिए सोडे
में व्हिस्की मिलते हुए। ये गाना शायद गैर फ़िल्मी है और कोई ऋषि सिंह
साहब गा रहे हैं और रचना नाम की शख्सियत नाच रही हैं इस गीत की
ताल पर।
इसके बोल आपकी समझ में आ जाएँ तो मेरी मदद करें।
Indi Pop song, Rishi Singh, Rachana, Soda song
Friday, 21 January 2011
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